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UPSC CDS Exam: सेंटर पहुंचा तो सामने आया सबसे बड़ा झटका, सिर्फ 3 मिनट बाकी थे… फिर दिल्ली पुलिस ने जो किया, देखकर करेंगे सलाम!



संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) परीक्षा किसी भी अभ्यर्थी के लिए सिर्फ एक परीक्षा नहीं होती। इसके पीछे महीनों और कई बार वर्षों की मेहनत, अनुशासन और देश की सेवा करने का सपना जुड़ा होता है। ऐसे में परीक्षा के दिन छोटी सी गलती भी पूरे साल की मेहनत पर पानी फेर सकती है। कुछ ऐसा ही रविवार को दिल्ली में CDS परीक्षा देने पहुंचे एक अभ्यर्थी के साथ होने वाला था। वह परीक्षा केंद्र तक पहुंच तो गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उसे पता चला कि वह गलत सेंटर पर आ गया है।

समय तेजी से बीत रहा था। परीक्षा केंद्र में प्रवेश बंद होने का वक्त करीब आ चुका था और अभ्यर्थी के पास अपने सपने को बचाने के लिए महज कुछ मिनट बचे थे। बताया गया कि जब उसे अपनी गलती का पता चला, तब परीक्षा शुरू होने में सिर्फ तीन मिनट का समय बाकी था। ऐसे में सही परीक्षा केंद्र तक पहुंचना लगभग नामुमकिन जैसा लग रहा था।

लेकिन इसी मुश्किल घड़ी में दिल्ली पुलिस की एक टीम ने मोर्चा संभाला और अभ्यर्थी को सही परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए तत्काल कदम उठाया। पुलिसकर्मियों की तत्परता की वजह से अभ्यर्थी समय रहते सही सेंटर तक पहुंच सका और उसकी परीक्षा देने की उम्मीद टूटने से बच गई।

गलत स्कूल पहुंच गया था अभ्यर्थी

दिल्ली पुलिस की ओर से सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में पूरी घटना की झलक देखने को मिलती है। वीडियो में बताया गया कि UPSC-CDS परीक्षा देने के लिए पहुंचे अभ्यर्थी को अंतिम समय में पता चला कि वह गलत स्कूल में पहुंच गया है।

अभ्यर्थी का नाम पंकज बताया गया है। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के बाद जब उसे अपनी गलती का अहसास हुआ तो उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि वह बेहद कम समय में सही केंद्र तक कैसे पहुंचे।

आमतौर पर परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित समय के बाद प्रवेश की अनुमति नहीं होती। ऐसे में अगर पंकज सही सेंटर तक समय पर नहीं पहुंच पाते, तो उनकी पूरे साल की तैयारी बेकार हो सकती थी। परीक्षा की अगली तारीख का इंतजार करना पड़ता और उनका एक महत्वपूर्ण अवसर हाथ से निकल सकता था।

यही वह समय था जब वहां मौजूद दिल्ली पुलिस की टीम की नजर इस परेशान अभ्यर्थी पर पड़ी।

पुलिस टीम ने नहीं गंवाया एक भी सेकेंड

दिल्ली पुलिस की टीम ने स्थिति को समझते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। नई दिल्ली जिले के थाना नॉर्थ एवेन्यू के एसएचओ रमेश कुमार सिंह और उनकी टीम ने अभ्यर्थी को पुलिस वाहन से उसके सही परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने का फैसला किया।

समय बेहद कम था। पुलिस के सामने भी चुनौती आसान नहीं थी। दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक और परीक्षा केंद्र की दूरी के बीच महज कुछ मिनटों में अभ्यर्थी को वहां पहुंचाना था।

लेकिन पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए अभ्यर्थी को वाहन में बैठाया और सही परीक्षा केंद्र की ओर रवाना हो गई।

वीडियो में एसएचओ को यह बताते हुए सुना जा सकता है कि अभ्यर्थी पंकज के पास सिर्फ तीन मिनट का समय बचा है और वह गलत स्कूल पहुंच गया था। इसके बाद पुलिस टीम उसे सही स्कूल यानी पीएम श्री स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र की ओर लेकर रवाना होती दिखाई देती है।

यह पूरा घटनाक्रम बेहद तेजी से हुआ। एक तरफ परीक्षा का समय नजदीक आ रहा था और दूसरी तरफ पुलिस टीम किसी भी तरह अभ्यर्थी को समय पर केंद्र तक पहुंचाने में जुटी थी।

गेट बंद होने से पहले पहुंचाना था जरूरी

परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश को लेकर निर्धारित नियम होते हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे समय से काफी पहले सेंटर पर पहुंचें, ताकि रास्ते में किसी तरह की परेशानी होने पर भी परीक्षा न छूटे।

पंकज के मामले में सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि उन्होंने समय पर परीक्षा केंद्र के लिए यात्रा तो की, लेकिन गलत स्कूल पहुंच गए। जब तक उन्हें अपनी गलती का पता चला, तब तक परीक्षा शुरू होने में सिर्फ कुछ मिनट बचे थे।

ऐसे में पुलिस की मदद उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई।

वीडियो में पुलिस अधिकारी यह भी पूछते हुए नजर आते हैं कि क्या वहां कोई और अभ्यर्थी भी है जिसे सहायता की आवश्यकता है। इसके बाद टीम पंकज को लेकर सही केंद्र की तरफ रवाना होती है।

आखिरकार सही सेंटर पर पहुंचा पंकज

पुलिस टीम की कोशिश आखिरकार रंग लाई। अभ्यर्थी को सही परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया गया और उसे परीक्षा में प्रवेश मिल गया।

वीडियो के अंत में एसएचओ यह कहते हुए नजर आते हैं कि पंकज की एंट्री करा दी गई है। यानी जिस अभ्यर्थी के सामने कुछ मिनट पहले परीक्षा छूटने का खतरा मंडरा रहा था, वह आखिरकार परीक्षा देने में सफल रहा।

यह क्षण पंकज के लिए निश्चित तौर पर बेहद राहत भरा रहा होगा। महीनों की मेहनत के बाद परीक्षा के दिन गलत सेंटर पहुंच जाना किसी भी अभ्यर्थी के लिए बेहद तनावपूर्ण स्थिति हो सकती है। लेकिन दिल्ली पुलिस की तत्परता ने इस स्थिति को पूरी तरह बदल दिया।

सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस की हो रही तारीफ

दिल्ली पुलिस की ओर से घटना का वीडियो शेयर किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों की जमकर तारीफ हो रही है। लोग इसे पुलिस की मानवीय भूमिका का उदाहरण बता रहे हैं।

आमतौर पर पुलिस का नाम सुनते ही लोगों के मन में कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक और सुरक्षा जैसी जिम्मेदारियां आती हैं। लेकिन इस घटना ने यह भी दिखाया कि जरूरत पड़ने पर पुलिस आम नागरिक की तत्काल मददगार बन सकती है।

एक अभ्यर्थी के लिए परीक्षा का दिन कितना महत्वपूर्ण होता है, इसे समझते हुए पुलिस टीम ने स्थिति को गंभीरता से लिया और तुरंत मदद उपलब्ध कराई। अगर पुलिस टीम कुछ मिनट भी देरी करती, तो संभव है कि पंकज परीक्षा केंद्र में प्रवेश न कर पाते।

एक छोटी गलती से बर्बाद हो सकता था पूरा साल

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी जानते हैं कि एक परीक्षा के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है। खासकर CDS जैसी परीक्षा के लिए लिखित परीक्षा के साथ-साथ आगे की चयन प्रक्रिया को लेकर भी अभ्यर्थियों को लंबे समय तक तैयारी करनी होती है।

ऐसे में परीक्षा केंद्र की जानकारी को ठीक से जांचना बेहद जरूरी है। एडमिट कार्ड पर दिए गए सेंटर का नाम, पता और लोकेशन पहले से देख लेना चाहिए। परीक्षा वाले दिन आखिरी समय पर पहुंचने के बजाय कम से कम एक-दो घंटे पहले सेंटर के आसपास पहुंचना भी समझदारी है।

पंकज के साथ जो हुआ, वह दूसरे अभ्यर्थियों के लिए भी एक बड़ी सीख है। परीक्षा की तैयारी जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी परीक्षा वाले दिन की प्लानिंग करना भी है।

दिल्ली पुलिस की तत्परता बनी मिसाल

इस पूरी घटना का सबसे अहम पहलू यह है कि जब पंकज का सपना टूटने की कगार पर था, तब दिल्ली पुलिस की टीम ने स्थिति को समझकर तत्काल मदद की। सिर्फ तीन मिनट का समय बचा होने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने प्रयास किया और अभ्यर्थी को सही केंद्र तक पहुंचाया।

परीक्षा केंद्र के गेट बंद होने की उल्टी गिनती और अभ्यर्थी की बेचैनी के बीच पुलिस टीम का यह प्रयास किसी फिल्मी क्लाइमेक्स से कम नहीं था। आखिर में जब पंकज को परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिल गया तो उसकी मेहनत और उम्मीद दोनों बच गईं।

यह घटना उन सभी प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए एक सबक भी है कि सेंटर पर पहुंचने में आखिरी मिनट तक जोखिम नहीं लेना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस की इस तत्परता ने यह संदेश जरूर दिया कि मुश्किल समय में समय पर मिली मदद किसी व्यक्ति के लिए कितनी बड़ी साबित हो सकती है।

पंकज के लिए यह सिर्फ एक परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की कहानी नहीं रही, बल्कि ऐसा अनुभव बन गया जिसे वह शायद लंबे समय तक याद रखेंगे—जब सिर्फ तीन मिनट बचे थे, तब खाकी ने उनके सपने को टूटने से बचा लिया।

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