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8वें वेतन आयोग से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ा ऐलान! मोदी सरकार ने दी सबसे बड़ी खुशखबरी

 


नई दिल्ली: केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुविधा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच चर्चाओं के बीच स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने Central Government Health Scheme (CGHS) की पात्रता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। मंत्रालय ने सेवारत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए CGHS का लाभ लेने की पुरानी भौगोलिक सीमा को समाप्त करने का फैसला किया है। यह बदलाव 17 सितंबर 2026 को जारी Office Memorandum (OM) के जरिए किया गया है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के EHS सेक्शन की ओर से जारी OM No. Z.16025/227/2026/CGHS-III/EHS(8421134) में कहा गया है कि सेवारत केंद्रीय कर्मचारियों के लिए CGHS सुविधाएं लेने की पात्रता निर्धारित करने वाली मौजूदा भौगोलिक शर्त को पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

5 किलोमीटर वाली पुरानी व्यवस्था क्या थी?

इस फैसले को समझने के लिए पुरानी व्यवस्था को जानना जरूरी है। 6 अप्रैल 2018 के मंत्रालय के आदेश के तहत कई CGHS कवर शहरों में पात्रता को CGHS Wellness Centre के आसपास लगभग 5 किलोमीटर के दायरे से जोड़ा गया था। ऐसे कर्मचारी जो निर्धारित CGHS क्षेत्र से बाहर रहते या तैनात होते थे, सामान्य तौर पर Central Services (Medical Attendance) Rules, 1944 यानी CS(MA) Rules के तहत चिकित्सा सुविधाएं लेते थे।

इस व्यवस्था की वजह से एक ही शहर या क्षेत्र में रहने वाले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए भी चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था अलग-अलग हो सकती थी। CGHS क्षेत्र के बाहर रहने वाले कर्मचारियों को CGHS के बजाय CS(MA) नियमों के तहत चिकित्सा सुविधा मिलती थी।

अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस भौगोलिक मानदंड को समाप्त कर दिया है। इसका मतलब यह है कि केवल CGHS Wellness Centre से दूरी या CGHS कवरेज वाले शहर में निवास नहीं करने के कारण किसी पात्र सेवारत कर्मचारी को CGHS से बाहर रखने की पुरानी व्यवस्था अब लागू नहीं रहेगी।

किन कर्मचारियों को मिलेगा One-Time Option?

नए आदेश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा One-Time Option है। मंत्रालय के अनुसार ऐसे सेवारत केंद्रीय कर्मचारी जो CGHS की निर्धारित भौगोलिक सीमा से बाहर रहते या तैनात हैं और इसी वजह से वर्तमान में CS(MA) Rules, 1944 के तहत चिकित्सा सुविधा ले रहे हैं, वे CGHS का लाभ लेने के लिए एक बार विकल्प चुन सकते हैं।

हालांकि यह विकल्प स्वतः सभी कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। कर्मचारी को अन्य लागू पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा और निर्धारित CGHS योगदान या subscription का भुगतान करना होगा।

यानी किसी कर्मचारी के लिए केवल यह पर्याप्त नहीं है कि वह CGHS में शामिल होना चाहता है। उसे मंत्रालय के निर्धारित नियमों और पात्रता शर्तों के अनुसार विकल्प का इस्तेमाल करना होगा।

एक बार विकल्प चुना तो फैसला अंतिम

नए नियम में कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि CGHS में शामिल होने का यह विकल्प One-Time होगा। एक बार कर्मचारी ने विकल्प का इस्तेमाल कर दिया तो वह निर्णय अंतिम और बाध्यकारी माना जाएगा, लागू पात्रता शर्तों के अधीन।

इसलिए कर्मचारियों को विकल्प भरने से पहले CGHS और CS(MA) के तहत मिलने वाली सुविधाओं तथा अपनी वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान से समझना होगा। जल्दबाजी में विकल्प चुनने के बजाय विभागीय स्तर पर उपलब्ध आधिकारिक दिशा-निर्देशों को पढ़ना महत्वपूर्ण होगा।

पूरे परिवार पर लागू होगा फैसला

नए आदेश में परिवार के संबंध में भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। कर्मचारी द्वारा CGHS चुनने का विकल्प उसके पात्र आश्रितों पर भी लागू होगा। परिवार के कुछ सदस्यों को CGHS और कुछ सदस्यों को CS(MA) के तहत रखने की अनुमति नहीं होगी।

इसका अर्थ है कि कर्मचारी का मेडिकल कवरेज परिवार के भीतर दो अलग-अलग व्यवस्थाओं में विभाजित नहीं किया जा सकेगा। मंत्रालय ने इस संबंध में स्पष्ट रूप से कहा है कि दोनों प्रणालियों के बीच परिवार की entitlement को split नहीं किया जा सकता।

CGHS का योगदान देना होगा

CGHS चुनने वाले कर्मचारियों को निर्धारित CGHS contribution/subscription का भुगतान करना होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारी को अपने निवास या पोस्टिंग की जगह से अलग, निर्धारित CGHS योगदान का भुगतान जारी रखना होगा।

इसलिए यह बदलाव CGHS को पूरी तरह मुफ्त स्वास्थ्य योजना में बदलने वाला फैसला नहीं है। कर्मचारी को लागू नियमों के अनुसार निर्धारित subscription देना होगा।

CGHS और CS(MA) का दोहरा लाभ नहीं मिलेगा

सरकार ने दोहरी चिकित्सा सुविधा लेने पर भी स्पष्ट रोक लगाई है। CGHS के तहत आने वाला कर्मचारी या उसका परिवार एक साथ CS(MA) के तहत मेडिकल सुविधा या दावा नहीं कर सकता।

इसके लिए कर्मचारी को undertaking भी देनी होगी कि वह और उसके पात्र परिवार के सदस्य दोनों व्यवस्थाओं से एक साथ लाभ नहीं लेंगे। यदि किसी व्यक्ति ने गलत जानकारी देकर दोनों प्रणालियों से ऐसा लाभ लिया जो नियमों के तहत स्वीकार्य नहीं था, तो उस राशि की recovery की जा सकती है और संबंधित कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।

CGHS क्षेत्र में रहने वालों के लिए अलग नियम

नए आदेश में CGHS-covered area में रहने या तैनात सेवारत केंद्रीय कर्मचारियों के संबंध में भी स्थिति स्पष्ट की गई है। जिन कर्मचारियों का क्षेत्र CGHS के दायरे में आता है, उनके लिए CGHS कवरेज अनिवार्य रहेगा। वे CS(MA) Rules, 1944 के तहत जाने के लिए CGHS से opt out नहीं कर सकते।

यानी नई व्यवस्था का मुख्य लाभ उन कर्मचारियों को मिलने वाला है जो भौगोलिक सीमा के बाहर होने के कारण अब तक CS(MA) के अंतर्गत आते थे।

CGHS इलाज के लिए TA/DA का प्रावधान नहीं

मंत्रालय के नए आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि CGHS Rules के तहत इलाज या दवा प्राप्त करने के लिए यात्रा करने पर TA/DA देय नहीं होगा। यह शर्त भी CGHS का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को ध्यान में रखनी होगी।

इसलिए इसे केवल दूरी की सीमा हटने के रूप में देखने के बजाय कर्मचारियों को इससे जुड़ी सभी शर्तों को समझना होगा।

अगर कर्मचारी विकल्प नहीं चुनता तो क्या होगा?

जिन कर्मचारियों को नए आदेश के तहत CGHS में आने का One-Time Option उपलब्ध है, लेकिन वे इसका इस्तेमाल नहीं करते, वे जहां लागू हो वहां CS(MA) Rules, 1944 के तहत ही चिकित्सा सुविधा प्राप्त करते रहेंगे।

इसलिए हर कर्मचारी के लिए CGHS में जाना अनिवार्य नहीं किया गया है, यदि वह ऐसा कर्मचारी है जिसे यह विकल्प उपलब्ध कराया गया है। विकल्प उपलब्ध होने के बावजूद उसे इस्तेमाल नहीं करने पर लागू CS(MA) व्यवस्था जारी रह सकती है।

गलत जानकारी देने पर होगी कार्रवाई

स्वास्थ्य मंत्रालय ने नियमों के उल्लंघन को लेकर भी स्पष्ट चेतावनी दी है। यदि कोई कर्मचारी CGHS लाभ प्राप्त करने के लिए गलत, अधूरी, छिपाई गई या भ्रामक जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ लागू नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

इसके अलावा गलत तरीके से प्राप्त चिकित्सा लाभ की वसूली भी की जा सकती है। इसलिए CGHS में विकल्प चुनते समय कर्मचारियों को अपनी जानकारी और परिवार से संबंधित विवरण सही तरीके से उपलब्ध कराने होंगे।

8वें वेतन आयोग से अलग है यह फैसला

यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना भी जरूरी है। CGHS की भौगोलिक पात्रता में यह बदलाव 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के वेतन या भत्तों में बदलाव का आदेश नहीं है। दोनों विषय अलग हैं। मौजूदा खबर स्वास्थ्य सुविधा से संबंधित है और इसका आधार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का 17 सितंबर 2026 का Office Memorandum है।

हालांकि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुविधा उनकी सेवा से जुड़ी महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था है। ऐसे में CGHS की पात्रता के लिए भौगोलिक सीमा हटाने का फैसला उन पात्र कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव है जो अब तक केवल अपने निवास या पोस्टिंग के स्थान के कारण CGHS के दायरे से बाहर थे।

क्या बदला, एक नजर में

पुरानी व्यवस्था: CGHS पात्रता कई क्षेत्रों में Wellness Centre के आसपास निर्धारित भौगोलिक सीमा से जुड़ी थी।

नई व्यवस्था: सेवारत केंद्रीय कर्मचारियों के लिए CGHS पात्रता निर्धारित करने वाला मौजूदा भौगोलिक मानदंड समाप्त किया गया है।

CS(MA) कर्मचारी: जो कर्मचारी केवल भौगोलिक कारण से CS(MA) के अंतर्गत हैं, वे पात्रता पूरी करने पर CGHS के लिए One-Time Option चुन सकते हैं।

परिवार: कर्मचारी का विकल्प उसके पात्र आश्रितों पर भी लागू होगा।

दोहरा लाभ: CGHS और CS(MA) से एक साथ लाभ लेना अनुमत नहीं है।

Subscription: CGHS चुनने वाले कर्मचारी को निर्धारित योगदान देना होगा।

TA/DA: CGHS के तहत इलाज या दवा लेने के लिए यात्रा पर TA/DA देय नहीं होगा।

प्रभावी तारीख: आदेश 17 सितंबर 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू है।

कुल मिलाकर, स्वास्थ्य मंत्रालय का यह फैसला केंद्रीय कर्मचारियों के लिए CGHS पात्रता के नियमों में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। खासकर वे सेवारत कर्मचारी जो CGHS की पुरानी भौगोलिक सीमा से बाहर रहने या तैनात होने के कारण CS(MA) के अंतर्गत आते थे, उनके लिए One-Time Option एक नई संभावना खोलता है। हालांकि विकल्प चुनने से पहले कर्मचारियों को अपने विभाग और CGHS की लागू पात्रता शर्तों की पुष्टि करनी चाहिए, क्योंकि नया आदेश भौगोलिक सीमा हटाता है, लेकिन अन्य सभी लागू नियम और शर्तें समाप्त नहीं करता।

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