1 अक्टूबर से SBI खाताधारकों को बड़ा झटका! ATM से पैसे निकालने से पहले जान लें नया नियम, वरना हर बार कटेंगे 23 रुपये
अगर आपका बैंक खाता देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में है और आपकी सैलरी हर महीने इसी खाते में आती है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। SBI ने अपने सैलरी पैकेज अकाउंट होल्डर्स के लिए दूसरे बैंकों के ATM और ऑटोमेटेड डिपॉजिट कम विड्रॉल मशीन यानी ADWM पर मिलने वाली मुफ्त ट्रांजैक्शन सुविधा में बदलाव किया है। नया नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।
इस बदलाव के बाद सैलरी पैकेज अकाउंट रखने वाले ग्राहकों को दूसरे बैंकों के ATM पर पहले की तरह हर महीने 10 मुफ्त ट्रांजैक्शन नहीं मिलेंगे। अब यह सीमा घटाकर सिर्फ 5 ट्रांजैक्शन प्रति माह कर दी जाएगी। खास बात यह है कि इन पांच ट्रांजैक्शन में केवल पैसे निकालना ही शामिल नहीं होगा, बल्कि बैलेंस चेक करना और मिनी स्टेटमेंट जैसी नॉन-फाइनेंशियल सेवाएं भी गिनी जाएंगी।
यानी अगर किसी ग्राहक ने महीने की शुरुआत में ही दूसरे बैंक के ATM से कई बार बैलेंस चेक कर लिया या मिनी स्टेटमेंट निकाल लिया, तो उसके मुफ्त ट्रांजैक्शन की संख्या तेजी से खत्म हो सकती है। पांच मुफ्त ट्रांजैक्शन पूरे होने के बाद अतिरिक्त इस्तेमाल पर निर्धारित सर्विस चार्ज देना होगा।
10 की जगह अब सिर्फ 5 फ्री ट्रांजैक्शन
SBI के सैलरी पैकेज अकाउंट धारकों के लिए सबसे बड़ा बदलाव मुफ्त ATM ट्रांजैक्शन की संख्या को लेकर है। अभी दूसरे बैंकों के ATM और ADWM पर सैलरी पैकेज खाताधारकों को हर महीने कुल 10 मुफ्त ट्रांजैक्शन की सुविधा मिलती है।
लेकिन 1 अक्टूबर 2026 से यह संख्या आधी होकर 5 रह जाएगी।
यह सीमा सभी तरह के सैलरी पैकेज अकाउंट वेरिएंट पर लागू होगी। साथ ही इसमें फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल दोनों तरह के ट्रांजैक्शन शामिल होंगे।
फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन में मुख्य रूप से ATM से कैश निकालना शामिल है। वहीं नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन में बैलेंस इंक्वायरी, मिनी स्टेटमेंट जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।
इसका मतलब साफ है कि ग्राहक को महीने के दौरान दूसरे बैंक के ATM का इस्तेमाल सोच-समझकर करना होगा। अगर पांच मुफ्त ट्रांजैक्शन खत्म हो गए तो उसके बाद हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगेगा।
पांच ट्रांजैक्शन के बाद कितना लगेगा चार्ज?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पांच मुफ्त ट्रांजैक्शन खत्म होने के बाद ग्राहक की जेब पर कितना असर पड़ेगा?
नए नियम में फ्री लिमिट खत्म होने के बाद चार्ज की दर में बदलाव नहीं किया गया है। यानी अतिरिक्त कैश विड्रॉल करने पर 23 रुपये प्लस GST प्रति ट्रांजैक्शन देना होगा।
वहीं अगर ग्राहक दूसरे बैंक के ATM पर बैलेंस चेक या मिनी स्टेटमेंट जैसी नॉन-फाइनेंशियल सुविधा का इस्तेमाल करता है और उसकी मुफ्त सीमा पहले ही समाप्त हो चुकी है, तो 11 रुपये प्लस GST प्रति ट्रांजैक्शन का शुल्क लगेगा।
उदाहरण के तौर पर अगर किसी ग्राहक ने महीने में दूसरे बैंक के ATM से पांच मुफ्त ट्रांजैक्शन पूरे कर लिए और छठी बार कैश निकालने पहुंचा, तो उस अतिरिक्त कैश निकासी पर 23 रुपये और उस पर लागू GST देना होगा।
इसलिए बार-बार थोड़ी-थोड़ी रकम निकालने वाले ग्राहकों को विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है।
SBI के अपने ATM पर क्या होगा?
यहां एक जरूरी बात समझना बेहद जरूरी है। नया बदलाव मुख्य रूप से दूसरे बैंकों के ATM और ADWM पर लागू हो रहा है।
SBI के अपने ATM पर लागू मौजूदा सुविधाएं इस बदलाव से अलग हैं। सैलरी पैकेज खाताधारकों के लिए SBI ATM पर मिलने वाली सुविधा में इस बदलाव का वही असर नहीं है जो दूसरे बैंकों के ATM पर होगा।
इसलिए अगर आपके घर या ऑफिस के आसपास SBI का ATM उपलब्ध है, तो जरूरत के हिसाब से उसका इस्तेमाल करना आपके लिए ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है। हालांकि ATM से जुड़ी किसी भी सुविधा का इस्तेमाल करने से पहले अपने खाते की मौजूदा शर्तों को देखना बेहतर रहेगा।
बैलेंस चेक करना भी पड़ सकता है महंगा
ATM इस्तेमाल करने वाले बहुत से लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि हर बार पैसे निकालना ही ट्रांजैक्शन नहीं माना जाता।
कई बार ग्राहक सिर्फ यह देखने के लिए ATM जाता है कि खाते में कितने पैसे हैं। कुछ लोग मिनी स्टेटमेंट निकालते हैं ताकि हाल के लेनदेन की जानकारी मिल सके। लेकिन दूसरे बैंक के ATM पर सैलरी पैकेज खाताधारकों के लिए पांच मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा में फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल दोनों तरह के ट्रांजैक्शन शामिल हैं।
इसलिए केवल बैलेंस चेक करने के लिए बार-बार दूसरे बैंक के ATM का इस्तेमाल करने से भी मुफ्त सीमा जल्दी खत्म हो सकती है।
BSBD खाताधारकों के लिए भी अहम नियम
SBI ने बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट यानी BSBD खाते से जुड़े कैश विड्रॉल नियमों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट रखी है।
BSBD खाताधारकों को हर महीने चार मुफ्त कैश विड्रॉल की सुविधा मिलती है। चार मुफ्त निकासी पूरी होने के बाद अतिरिक्त कैश विड्रॉल पर शुल्क लगाया जाता है।
पांचवीं और उसके बाद की कैश निकासी पर 15 रुपये प्लस GST प्रति ट्रांजैक्शन का शुल्क लागू हो सकता है। यह व्यवस्था कैश निकासी के अलग-अलग माध्यमों, जैसे ATM और ब्रांच चैनल आदि पर लागू होने वाले नियमों के तहत आती है।
हालांकि डिजिटल ट्रांजैक्शन को इस कैश विड्रॉल सीमा के साथ नहीं जोड़ा जाता। यानी जिन ग्राहकों की जरूरतें डिजिटल माध्यम से पूरी हो सकती हैं, वे UPI, IMPS, NEFT, RTGS जैसे विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
कार्डलेस कैश विड्रॉल पर क्या असर पड़ेगा?
SBI के नए बदलाव को लेकर कार्डलेस कैश विड्रॉल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस बदलाव का मुख्य फोकस SBI डेबिट कार्ड से दूसरे बैंक के ATM या ADWM पर किए जाने वाले ट्रांजैक्शन पर है।
इसलिए ग्राहकों को यह समझना जरूरी है कि हर तरह की कैश निकासी को एक ही नियम के तहत नहीं देखा जा सकता। ATM, ADWM, कार्डलेस कैश विड्रॉल और खाते के प्रकार के हिसाब से अलग-अलग शर्तें लागू हो सकती हैं।
आम बचत खाते वालों पर क्या असर होगा?
यह बदलाव मुख्य रूप से SBI Salary Package Account से जुड़े ग्राहकों के लिए है। इसलिए हर SBI ग्राहक को यह नहीं समझना चाहिए कि 1 अक्टूबर से उसके ATM इस्तेमाल के सभी नियम बदल जाएंगे।
सामान्य बचत खातों, BSBD खातों और सैलरी पैकेज खातों के लिए अलग-अलग नियम और शुल्क संरचना हो सकती है। इसलिए ग्राहक को अपने खाते के प्रकार के अनुसार लागू नियमों को देखना चाहिए।
ग्राहकों को अब क्या करना चाहिए?
1 अक्टूबर के बाद दूसरे बैंक के ATM का इस्तेमाल करने वाले सैलरी अकाउंट ग्राहकों को महीने के दौरान अपने ATM ट्रांजैक्शन का हिसाब रखना चाहिए। खासकर छोटे-छोटे अंतराल पर बार-बार कैश निकालने से बचना बेहतर होगा।
अगर संभव हो तो एक साथ जरूरत के मुताबिक कैश निकालने की योजना बनाई जा सकती है। वहीं केवल बैलेंस चेक करने या मिनी स्टेटमेंट निकालने के लिए बार-बार दूसरे बैंक के ATM जाने के बजाय मोबाइल बैंकिंग या अन्य उपलब्ध डिजिटल सुविधाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इसके अलावा, अगर आसपास SBI का ATM उपलब्ध है तो ग्राहक अपने खाते पर लागू SBI ATM सुविधाओं के अनुसार उसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
आखिर क्यों जरूरी है यह बदलाव समझना?
ATM से पैसे निकालना रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। नौकरीपेशा लोगों के लिए तो सैलरी अकाउंट का इस्तेमाल और भी ज्यादा नियमित होता है। ऐसे में मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा 10 से घटकर 5 होना उन ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव है जो दूसरे बैंकों के ATM पर ज्यादा निर्भर रहते हैं।
हालांकि हर ग्राहक पर इसका सीधा आर्थिक असर नहीं पड़ेगा। अगर कोई व्यक्ति महीने में दूसरे बैंक के ATM का इस्तेमाल पांच या उससे कम बार करता है, तो उसे अतिरिक्त शुल्क की चिंता नहीं करनी होगी। परेशानी मुख्य रूप से उन ग्राहकों को हो सकती है जो बार-बार ATM से कैश निकालते हैं या बैलेंस और मिनी स्टेटमेंट जैसी सेवाओं के लिए भी ATM का इस्तेमाल करते हैं।
इसलिए 1 अक्टूबर 2026 से पहले अपने ATM इस्तेमाल की आदत पर नजर डालना समझदारी होगी। जरूरत से ज्यादा ATM ट्रांजैक्शन से बचें और मुफ्त सीमा खत्म होने के बाद लगने वाले शुल्क को ध्यान में रखकर ही दूसरे बैंक के ATM का इस्तेमाल करें।

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