कानपुर में एयरफोर्स कर्मी की पत्नी ने लगाए ऐसे गंभीर आरोप! बेडरूम में कैमरा, फिर सामने आई चौंकाने वाली कहानी... 4 पर FIR
उत्तर प्रदेश के कानपुर से वैवाहिक विवाद और कथित उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है। जाजमऊ क्षेत्र में रहने वाले एक एयरफोर्स कर्मी के खिलाफ उसकी पत्नी ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि शादी के बाद से ही उसे ससुराल में परेशान किया जा रहा था और वैवाहिक जीवन के दौरान उसके साथ कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिनसे वह मानसिक रूप से परेशान हो गई।
महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसके पति, सास और दो देवरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
25 जनवरी 2023 को हुई थी शादी
महिला की मां के मुताबिक, उनकी सबसे छोटी बेटी की शादी जाजमऊ निवासी एक युवक से तय हुई थी। बताया गया कि युवक दिल्ली में एयरफोर्स में नौकरी करता था। परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार बेटी की शादी की तैयारियां कीं और 25 जनवरी 2023 को दोनों का विवाह हुआ।
महिला के परिवार का दावा है कि शादी में करीब 40 लाख रुपये खर्च किए गए थे। परिवार को उम्मीद थी कि बेटी का वैवाहिक जीवन सामान्य तरीके से चलेगा, लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही महिला ने अपनी बहनों के सामने पति के साथ वैवाहिक संबंधों को लेकर परेशानी की बात बतानी शुरू कर दी।
परिवार के अनुसार, जब उन्हें बेटी की परेशानी का पता चला तो उन्होंने ससुराल पक्ष से बातचीत कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया। आरोप है कि इसी दौरान सास की ओर से कार को लेकर शिकायत की गई और कहा गया कि शादी में कार नहीं दी गई।
परिवार ने बातचीत से मामला सुलझाने की कोशिश की
महिला के परिवार का कहना है कि शुरुआत में उन्होंने विवाद को बढ़ाने के बजाय आपसी बातचीत से हल करने का प्रयास किया। दोनों परिवारों के बीच पंचायत भी हुई। परिवार को उम्मीद थी कि बातचीत के बाद पति-पत्नी के बीच चल रही परेशानी कम हो जाएगी और वैवाहिक जीवन सामान्य हो सकेगा।
पंचायत के बाद महिला को दिल्ली स्थित उसके पति के किराए के मकान में भेजा गया। महिला ने आरोप लगाया कि वहां पहुंचने के बाद भी उसकी परेशानी खत्म नहीं हुई और उसे एक अलग तरह की स्थिति का सामना करना पड़ा।
बेडरूम में कैमरा लगाए जाने का आरोप
महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि दिल्ली स्थित पति के किराए के घर के बेडरूम में कैमरे लगाए गए थे। महिला का दावा है कि उसकी सास मोबाइल फोन के माध्यम से उन कैमरों की लाइव गतिविधियां देखती थी।
महिला के मुताबिक, जब उसे इस बात की जानकारी हुई तो उसने पति के सामने आपत्ति जताई। उसका कहना है कि उसने अपनी निजता को लेकर सवाल उठाया और कैमरे हटाने की मांग की।
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया है कि इसके बाद विवाद और बढ़ गया। महिला के अनुसार, पति ने कथित तौर पर अपनी शारीरिक कमजोरी से संबंधित बात स्वीकार की और उस पर अपने भाई के साथ संबंध बनाने का दबाव बनाया।
महिला का आरोप है कि उसने इस मांग का विरोध किया और ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद कथित रूप से उसके साथ मारपीट की गई। महिला के मुताबिक, घटना के बाद उसे ट्रेन से मायके भेज दिया गया।
इन आरोपों की पुष्टि फिलहाल पुलिस जांच के स्तर पर नहीं हुई है। पुलिस मामले में शिकायतकर्ता के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
पुलिस आयुक्त से लगाई न्याय की गुहार
बेटी की स्थिति को देखते हुए उसकी मां ने मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की। महिला की मां पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के सामने पेश हुईं और पूरे मामले की शिकायत की।
परिवार की ओर से आरोपी पति के मेडिकल परीक्षण की मांग भी की गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने महिला थाने को मामले की जांच के निर्देश दिए।
परिवार का कहना है कि वे चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
पति, सास और दो देवरों के खिलाफ FIR
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला की शिकायत और शुरुआती जांच के आधार पर उसके पति, सास और दो देवरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में कुल चार लोगों को आरोपी बनाया गया है।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के अनुसार, पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। जांच के दौरान शिकायतकर्ता के बयान, परिवार के सदस्यों से मिली जानकारी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जाएगा।
पुलिस यह भी जांच करेगी कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और घटनाओं से संबंधित कोई डिजिटल या अन्य साक्ष्य उपलब्ध है या नहीं। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कैमरे के आरोप की भी होगी जांच
मामले में बेडरूम में कैमरे लगाए जाने का आरोप विशेष रूप से गंभीर है। यदि किसी व्यक्ति की निजी जानकारी या गतिविधियों को उसकी अनुमति के बिना रिकॉर्ड अथवा प्रसारित किया गया हो, तो इससे संबंधित कानूनी पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।
हालांकि, केवल शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि वास्तव में कैमरे लगाए गए थे या नहीं, उनका इस्तेमाल किस तरह किया जाता था और उनसे संबंधित कोई डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध है या नहीं।
इसी तरह महिला द्वारा पति की कथित शारीरिक कमजोरी और उस पर बनाए गए दबाव को लेकर लगाए गए आरोपों की भी जांच की जाएगी। पुलिस मेडिकल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तथ्यों की पुष्टि कर सकती है।
दहेज को लेकर भी लगाए गए आरोप
महिला के परिवार की ओर से शादी में करीब 40 लाख रुपये खर्च किए जाने और शादी के बाद कार को लेकर कथित मांग का भी उल्लेख किया गया है। ऐसे आरोपों की जांच के लिए पुलिस शादी से जुड़े खर्च, लेनदेन और परिवार के बीच हुई बातचीत समेत अन्य तथ्यों को देख सकती है।
पुलिस के सामने चुनौती यह होगी कि शिकायत में बताए गए घटनाक्रम को उपलब्ध साक्ष्यों से मिलाकर देखा जाए। इसमें दोनों पक्षों के बयान महत्वपूर्ण होंगे।
जांच पूरी होने के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि महिला की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है, लेकिन आरोपों की अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है। आरोपी पक्ष की ओर से इस मामले में क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, यह भी जांच के दौरान महत्वपूर्ण होगा।
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में फिलहाल किसी भी आरोप को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।
महिला के परिवार ने न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होगा कि शादी के बाद महिला के साथ वास्तव में क्या परिस्थितियां बनीं, कैमरे लगाए जाने के आरोप में कितनी सच्चाई है और अन्य लगाए गए आरोपों की पुष्टि किस हद तक होती है।
यह रिपोर्ट पुलिस में दर्ज शिकायत और उपलब्ध जानकारी में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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