प्रेग्नेंसी में सेक्स को लेकर बड़ा सवाल! पेट बढ़ने के बाद कौन सी पोजिशन सुरक्षित, किसमें हो सकता है खतरा? जानें डॉक्टर वाली जरूरी बात
प्रेग्नेंसी किसी भी महिला के जीवन का बेहद खास दौर होता है। इस दौरान शरीर में तेजी से बदलाव होते हैं और हर तिमाही के साथ पेट का आकार, हार्मोन, ऊर्जा और आराम की जरूरत बदलती रहती है। इन बदलावों का असर कपल्स की निजी जिंदगी पर भी पड़ सकता है। खासकर जैसे-जैसे पेट बढ़ता है, सेक्स के दौरान पहले इस्तेमाल की जाने वाली पोजिशन असहज लग सकती है।
ऐसे में कई कपल्स के मन में सवाल आता है कि प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स करना सुरक्षित है या नहीं और अगर सुरक्षित है तो किस तरह की पोजिशन ज्यादा आरामदायक हो सकती है। सामान्य और बिना जटिलता वाली प्रेग्नेंसी में सेक्स कई महिलाओं के लिए सुरक्षित हो सकता है, लेकिन हर प्रेग्नेंसी एक जैसी नहीं होती। इसलिए व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार डॉक्टर की सलाह सबसे महत्वपूर्ण रहती है।
प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स का उद्देश्य सिर्फ शारीरिक संबंध बनाना नहीं, बल्कि दोनों पार्टनर्स के बीच भावनात्मक नजदीकी और सहजता बनाए रखना भी हो सकता है। अगर किसी पोजिशन में दर्द, दबाव या असहजता महसूस हो, तो उसे जारी रखने के बजाय तुरंत रुक जाना बेहतर है।
प्रेग्नेंसी में सेक्स को लेकर क्या बदल जाता है?
गर्भावस्था आगे बढ़ने के साथ महिला के शरीर का संतुलन बदल सकता है। पेट बढ़ने के कारण कुछ पोजिशन में दबाव महसूस हो सकता है। कमर और पीठ में दर्द, थकान, पैरों में भारीपन और शरीर में संवेदनशीलता जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं।
पहली तिमाही में पेट ज्यादा बड़ा नहीं होता, लेकिन हार्मोनल बदलाव और थकान के कारण सेक्स की इच्छा में बदलाव हो सकता है। दूसरी तिमाही में कई महिलाओं को ऊर्जा बेहतर महसूस होती है, जबकि तीसरी तिमाही में पेट का आकार काफी बढ़ जाने के कारण पहले जैसी पोजिशन असुविधाजनक लग सकती हैं।
इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान किसी एक पोजिशन को हर महिला के लिए सही मानना ठीक नहीं है। जिस स्थिति में महिला को आराम मिले और पेट पर अनावश्यक दबाव न पड़े, उसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सेक्स सिर्फ पेनिट्रेशन तक सीमित नहीं
प्रेग्नेंसी के दौरान कपल्स के लिए नजदीकी बनाए रखने के कई तरीके हो सकते हैं। किस करना, गले लगना, एक-दूसरे को स्पर्श करना, ओरल सेक्स या अन्य अंतरंग गतिविधियां भी कपल्स के लिए विकल्प हो सकती हैं।
अगर किसी वजह से पेनिट्रेशन असहज लग रहा हो, तो जरूरी नहीं कि कपल्स अपनी नजदीकी पूरी तरह बंद कर दें। एक-दूसरे की सुविधा और सहमति को प्राथमिकता देते हुए अंतरंगता के दूसरे तरीके अपनाए जा सकते हैं।
इस दौरान सबसे जरूरी है कि महिला अपने शरीर के संकेतों को समझे। दर्द, जलन, रक्तस्राव या किसी अन्य असामान्य परेशानी की स्थिति में गतिविधि रोककर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
1. डॉगी स्टाइल
प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ महिलाओं को पीछे से की जाने वाली ऐसी स्थिति आरामदायक लग सकती है जिसमें पेट पर सीधा वजन या दबाव नहीं पड़ता। इसमें महिला हाथों और घुटनों के सहारे रह सकती है, जबकि पार्टनर पीछे की तरफ रहता है।
हालांकि, प्रेग्नेंसी बढ़ने के साथ पेट का आकार बढ़ता जाता है और हाथों-घुटनों के सहारे लंबे समय तक रहना मुश्किल हो सकता है। ऐसी स्थिति में तकिए या दूसरे सुरक्षित सहारे का इस्तेमाल आराम बढ़ा सकता है।
इस दौरान बहुत ज्यादा गहराई से पेनिट्रेशन से बचना बेहतर माना जाता है, खासकर यदि महिला को अंदर की तरफ दबाव या दर्द महसूस हो।
यह पोजिशन कुछ महिलाओं को पहली और दूसरी तिमाही के शुरुआती हिस्से में अधिक आरामदायक लग सकती है, लेकिन हर महिला का अनुभव अलग हो सकता है।
2. वुमन ऑन टॉप
इस स्थिति में महिला ऊपर रहती है। इसका एक फायदा यह हो सकता है कि महिला अपनी सुविधा के अनुसार शरीर की गति और पेनिट्रेशन की गहराई को नियंत्रित कर सकती है।
अगर किसी स्थिति में ज्यादा दबाव महसूस हो तो महिला तुरंत अपनी पोजिशन बदल सकती है। आराम के लिए पीठ या पैरों को सहारा देना भी मददगार हो सकता है।
पहली और दूसरी तिमाही में यह स्थिति कुछ महिलाओं के लिए सुविधाजनक हो सकती है। हालांकि तीसरी तिमाही में पेट का आकार बढ़ने और थकान बढ़ने के कारण यह हर महिला को आरामदायक लगे, यह जरूरी नहीं।
3. स्पूनिंग सेक्स
स्पूनिंग प्रेग्नेंसी के दौरान खास तौर पर बाद के महीनों में आरामदायक विकल्प हो सकता है। इसमें दोनों पार्टनर एक ही दिशा में करवट लेकर रहते हैं और महिला के पेट पर सीधे शरीर का वजन नहीं पड़ता।
दूसरी और तीसरी तिमाही में जब पेट का आकार बढ़ने लगता है, तब करवट लेकर रहना कई महिलाओं को अपेक्षाकृत आरामदायक लग सकता है। पेट या कमर को तकिए का सहारा देने से आराम बढ़ सकता है।
हालांकि अगर करवट लेने से कमर या कूल्हे में दर्द होता है, तो पोजिशन बदलना जरूरी है।
4. स्टैंडिंग सेक्स
शुरुआती प्रेग्नेंसी में कुछ महिलाओं को खड़े होकर अंतरंग होना आसान लग सकता है। महिला दीवार का सहारा लेकर अपना संतुलन बनाए रख सकती है।
लेकिन जैसे-जैसे प्रेग्नेंसी आगे बढ़ती है, शरीर का संतुलन बदल सकता है। पेट का वजन बढ़ने के कारण गिरने का जोखिम भी बढ़ सकता है। इसलिए ऐसी स्थिति में सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व देना चाहिए।
किसी कुर्सी, सीढ़ी या ऊंची जगह पर खड़े होकर ऐसी पोजिशन आजमाना जोखिम भरा हो सकता है। जमीन मजबूत और सुरक्षित होनी चाहिए।
तीसरी तिमाही में बढ़ते पेट और संतुलन की समस्या के कारण यह पोजिशन कई महिलाओं के लिए मुश्किल हो सकती है।
5. सीटेड सेक्स
बैठकर अंतरंग होना भी प्रेग्नेंसी में कई महिलाओं के लिए आरामदायक विकल्प हो सकता है। महिला बिस्तर के किनारे या किसी सुरक्षित सतह पर बैठ सकती है और जरूरत के मुताबिक पीठ के पीछे तकिए का सहारा लिया जा सकता है।
इस स्थिति में कपल्स एक-दूसरे के काफी करीब रह सकते हैं और महिला अपनी सुविधा के अनुसार शरीर की स्थिति बदल सकती है।
यह पोजिशन तीनों तिमाही में अलग-अलग महिलाओं के लिए उपयोगी हो सकती है, लेकिन जैसे-जैसे पेट बढ़ेगा, उसी हिसाब से शरीर की स्थिति में बदलाव करना जरूरी होगा।
कब प्रेग्नेंसी में सेक्स से बचना चाहिए?
हर प्रेग्नेंसी में सेक्स सुरक्षित हो, ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ विशेष परिस्थितियों में डॉक्टर सेक्स से बचने की सलाह दे सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर महिला को गर्भावस्था के दौरान रक्तस्राव हो रहा हो, प्लेसेंटा से जुड़ी समस्या हो, समय से पहले प्रसव का खतरा हो या गर्भावस्था में कोई अन्य जटिलता मौजूद हो, तो डॉक्टर की सलाह के बिना सेक्स करना उचित नहीं है।
अगर पहले से गर्भावस्था में किसी तरह की जटिलता है, तो कपल्स को अपनी इच्छा के अनुसार पोजिशन चुनने के बजाय अपने डॉक्टर से स्पष्ट सलाह लेनी चाहिए।
दर्द या ब्लीडिंग हो तो तुरंत ध्यान दें
प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्स के बाद हल्की असहजता कुछ परिस्थितियों में हो सकती है, लेकिन दर्द, रक्तस्राव, पानी जैसा द्रव निकलना, तेज ऐंठन या किसी अन्य असामान्य लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ऐसी स्थिति में सेक्स रोककर डॉक्टर से संपर्क करना बेहतर है। खासकर यदि दर्द लगातार बना रहे या रक्तस्राव अधिक हो, तो तत्काल चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी हो सकता है।
सबसे जरूरी है महिला का आराम
प्रेग्नेंसी में सेक्स के लिए कोई एक 'परफेक्ट पोजिशन' नहीं होती। जो स्थिति एक महिला को आरामदायक लग सकती है, वही दूसरी महिला के लिए असहज हो सकती है। इसलिए कपल्स को शरीर के संकेतों पर ध्यान देना चाहिए और बातचीत के जरिए तय करना चाहिए कि कौन सा तरीका दोनों के लिए बेहतर है।
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर लगातार बदलता है, इसलिए कुछ महीने पहले आरामदायक रही पोजिशन बाद में मुश्किल लग सकती है। ऐसे में पोजिशन बदलना बिल्कुल सामान्य है।
कुल मिलाकर, सामान्य प्रेग्नेंसी में डॉक्टर की अनुमति और महिला की सहजता के साथ सेक्स कई कपल्स के लिए सुरक्षित हो सकता है। लेकिन किसी भी तरह के दर्द, रक्तस्राव, असामान्य द्रव, तेज ऐंठन या चिकित्सकीय जटिलता की स्थिति में इसे जारी रखने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना सबसे जरूरी है। प्रेग्नेंसी में सबसे अहम चीज किसी खास पोजिशन को अपनाना नहीं, बल्कि महिला की सुरक्षा, आराम, सहमति और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना है।

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