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"तुम्हारा नाम क्या है?"... जवाब मिलते ही गूंज गई गोलियां, कुलगाम में फिर दोहराया गया खौफनाक खेल!



श्रीनगर/कुलगाम। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए एक आतंकी हमले ने एक बार फिर पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आतंकियों ने प्रवासी मजदूरों के एक समूह को निशाना बनाया। पुलिस सूत्रों का दावा है कि हमलावरों ने पहले मजदूरों की पहचान पूछी और उसके बाद दो मजदूरों को समूह से अलग कर उन पर बेहद करीब से गोलियां चला दीं। इस हमले में छत्तीसगढ़ के रहने वाले एक प्रवासी मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान शुरू करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी है। हमलावरों की तलाश के लिए व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

आतंकियों के हमले से दहला कुलगाम

बताया जा रहा है कि कुलगाम में कई प्रवासी मजदूर निर्माण कार्य और अन्य रोजगार से जुड़े काम कर रहे थे। इसी दौरान हथियारबंद आतंकियों ने वहां पहुंचकर मजदूरों को रोक लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने पहले उनसे नाम और पहचान पूछी। इसके बाद दो मजदूरों को अलग कर बेहद नजदीक से गोली मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोलियों की आवाज सुनते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बाकी मजदूर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घायल मजदूर को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

लक्षित हिंसा की आशंका

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटनास्थल पर कई गैर-स्थानीय मजदूर मौजूद थे, लेकिन हमलावरों ने केवल दो मजदूरों को अलग कर निशाना बनाया। इसी आधार पर जांच एजेंसियां इस घटना को लक्षित आतंकी हमला मानकर जांच कर रही हैं।

हालांकि अधिकारियों ने अभी तक जांच पूरी होने से पहले किसी अंतिम निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है। सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल से मिले सभी साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी इनपुट के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही हैं।

जांच एजेंसियों का फोकस संदिग्ध आतंकियों पर

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस हमले में दो आतंकी शामिल थे, जिनमें एक स्थानीय और एक विदेशी आतंकवादी हो सकता है। जांच का मुख्य केंद्र मोहम्मद लतीफ नाम का एक संदिग्ध आतंकी बताया जा रहा है, जिसके बारे में एजेंसियों का दावा है कि वह पिछले वर्ष लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) में शामिल हुआ था।

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस संबंध में सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। आधिकारिक तौर पर किसी व्यक्ति की भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।

पूरे इलाके की घेराबंदी

घटना के तुरंत बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। जंगलों और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया।

सुरक्षा बल आधुनिक निगरानी उपकरणों, ड्रोन और खुफिया सूचनाओं की मदद से आतंकियों की तलाश में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लिया हालात का जायजा

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना के बाद पुलिस महानिदेशक (DGP) नलिन प्रभात और अन्य वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली।

उपराज्यपाल ने सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।

राजनीतिक दलों ने की कड़ी निंदा

घटना की विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी कड़ी निंदा की है। जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JKPCC) के मुख्य प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना अत्यंत निंदनीय और अमानवीय है।

उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी अपने बयान में कहा कि आतंकवादियों के ऐसे नापाक मंसूबों को हर हाल में विफल किया जाना चाहिए। उन्होंने सुरक्षा बलों से आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की अपील भी की।

अन्य राजनीतिक नेताओं ने भी मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायल मजदूर के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

प्रवासी मजदूरों में भय का माहौल

घटना के बाद कुलगाम और आसपास के इलाकों में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों के बीच डर का माहौल है। कई मजदूरों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। स्थानीय प्रशासन मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने और उनकी सुरक्षा संबंधी आशंकाओं को दूर करने का प्रयास कर रहा है।

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे दक्षिण कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

खुफिया एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमलावरों को किसी स्थानीय नेटवर्क से सहायता मिली थी या नहीं। इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों और संभावित घुसपैठ के रास्तों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।

आतंकवाद के खिलाफ जारी अभियान

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और निर्दोष नागरिकों पर हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा बलों ने घाटी में कई आतंकी मॉड्यूल ध्वस्त किए हैं और बड़ी संख्या में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आम नागरिकों और प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाने वाले हमलों का उद्देश्य भय का माहौल पैदा करना होता है, लेकिन ऐसे कृत्यों का प्रभावी जवाब केवल मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, सटीक खुफिया तंत्र और स्थानीय सहयोग से ही दिया जा सकता है।

कुलगाम में हुआ यह आतंकी हमला एक बार फिर यह याद दिलाता है कि आतंकवाद निर्दोष लोगों की जान लेकर भय और अस्थिरता फैलाने की कोशिश करता है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हैं और हमलावरों की तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा तथा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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