iPhone के बाद Apple का अगला बड़ा कदम क्या? भारत में होने जा रहा है ऐसा बदलाव, दुनिया की नजरें टिकीं
नई दिल्ली: दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Apple भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों का विस्तार कर सकती है। अभी तक भारत में Apple के उत्पादन की सबसे ज्यादा चर्चा iPhone को लेकर होती रही है, लेकिन अब संकेत मिल रहे हैं कि कंपनी भविष्य में iPhone के अलावा दूसरे डिवाइस की मैन्युफैक्चरिंग भी भारत में बढ़ा सकती है।
अगर ऐसा होता है तो यह भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। इससे देश में सिर्फ मोबाइल फोन बनाने का काम ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि कंपोनेंट, तकनीकी सेवाओं, लॉजिस्टिक्स, इंजीनियरिंग और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
iPhone के बाद दूसरे डिवाइस पर नजर
Apple पिछले कुछ समय से भारत में iPhone का उत्पादन लगातार बढ़ा रहा है। भारत में तैयार किए जा रहे iPhone का एक बड़ा हिस्सा घरेलू बाजार में बिक्री के साथ-साथ दूसरे देशों को भी भेजा जाता है।
अब सरकार की ओर से मिले संकेतों के बाद चर्चा तेज हो गई है कि Apple भारत में iPhone के अलावा iPad और Mac जैसे प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग भी बढ़ा सकता है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि कंपनी की तरफ से अभी iPad या Mac के बड़े पैमाने पर भारत में उत्पादन को लेकर कोई निश्चित तारीख या विस्तृत आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
इसलिए इसे फिलहाल संभावित विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह खबर?
अगर Apple भारत में अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाता है तो इसका सीधा फायदा देश के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिल सकता है।
iPad और Mac जैसे उत्पादों के निर्माण के लिए स्मार्टफोन से अलग तरह की तकनीक, कंपोनेंट और सप्लायर नेटवर्क की जरूरत होती है। ऐसे में Apple के विस्तार के साथ भारत में कई नई कंपनियों और सप्लायर्स के लिए बाजार खुल सकता है।
स्थानीय कंपनियां Apple की ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बनने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं।
चीन से आगे निकलने की कोशिश
दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां पिछले कुछ वर्षों से अपनी सप्लाई चेन को अलग-अलग देशों में फैलाने पर जोर दे रही हैं।
भारत इस बदलाव में एक महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के तौर पर तेजी से उभर रहा है।
Apple के लिए भी भारत का महत्व लगातार बढ़ा है। यहां बड़ी संख्या में युवा उपभोक्ता हैं और देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का बुनियादी ढांचा भी तेजी से विकसित हो रहा है।
अगर कंपनी iPhone के साथ दूसरे डिवाइस भी भारत में बनाने लगती है तो देश की ग्लोबल सप्लाई चेन में भूमिका और मजबूत हो सकती है।
सरकार भी दे रही है मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
भारत सरकार लगातार इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है।
सरकार का लक्ष्य सिर्फ मोबाइल फोन की असेंबली बढ़ाना नहीं है। इसके साथ ही देश में कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन, रिसर्च और डेवलपमेंट को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।
हाल ही में मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए हजारों करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को बढ़ाना और घरेलू कंपनियों की क्षमता को मजबूत करना है।
हजारों रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद
किसी बड़ी टेक कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने का असर केवल उस कंपनी तक सीमित नहीं रहता।
एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क के साथ कई छोटी-बड़ी कंपनियों को काम मिलता है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियां, पैकेजिंग यूनिट, लॉजिस्टिक्स कंपनियां, मशीनरी सप्लायर और सर्विस प्रोवाइडर शामिल होते हैं।
इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह के रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।
अगर Apple भारत में iPhone के अलावा iPad और Mac जैसे उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग शुरू करता है, तो हाई-स्किल इंजीनियरिंग और टेक्निकल जॉब्स के अवसर भी बढ़ने की संभावना है।
सिर्फ असेंबली नहीं, अब डिजाइन पर भी जोर
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का अगला बड़ा लक्ष्य सिर्फ ज्यादा संख्या में उत्पाद बनाना नहीं है।
अब कोशिश यह है कि भारत में बनने वाले उत्पादों में घरेलू स्तर पर तैयार कंपोनेंट की हिस्सेदारी बढ़े।
इसके अलावा भारतीय कंपनियां अपनी तकनीक, डिजाइन और रिसर्च क्षमता विकसित करें, इस पर भी जोर दिया जा रहा है।
अगर Apple जैसे वैश्विक ब्रांड भारत में अपना मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क बढ़ाते हैं तो भारतीय कंपनियों को भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार काम करने का अनुभव मिलेगा।
क्या भारत में बनेंगे iPad और Mac?
यही इस पूरी खबर का सबसे बड़ा सवाल है।
फिलहाल इसका जवाब पूरी तरह निश्चित नहीं है। Apple के भारत में iPhone से आगे मैन्युफैक्चरिंग विस्तार की संभावना को लेकर सकारात्मक संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन कंपनी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि कौन-कौन से उत्पाद, किस प्लांट में और किस समय से बड़े पैमाने पर बनाए जाएंगे।
इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि भारत में अगले कुछ महीनों में iPad या Mac का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
लेकिन इतना जरूर है कि भारत Apple के लिए लगातार महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग हब बनता जा रहा है।
Apple के लिए भारत क्यों बन रहा है खास?
भारत में स्मार्टफोन की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। साथ ही देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को लेकर सरकार की नीतियां भी कंपनियों को आकर्षित कर रही हैं।
भारत में मौजूद बड़ी आबादी, कुशल श्रमबल, बढ़ता डिजिटल बाजार और निर्यात की संभावनाएं इसे कंपनियों के लिए आकर्षक बनाती हैं।
Apple के लिए भारत सिर्फ एक बड़ा बिक्री बाजार नहीं है, बल्कि आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण उत्पादन और निर्यात केंद्र भी बन सकता है।
टेक सेक्टर में आने वाला है बड़ा बदलाव?
अगर Apple का मैन्युफैक्चरिंग विस्तार iPhone से आगे बढ़ता है तो इसका असर भारत के पूरे टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम पर पड़ सकता है।
दूसरी वैश्विक कंपनियां भी भारत में निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित हो सकती हैं। इससे कंपोनेंट निर्माण से लेकर रिसर्च और डेवलपमेंट तक कई क्षेत्रों में नई संभावनाएं पैदा हो सकती हैं।
भारत पहले ही मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ चुका है। अब चुनौती इस सफलता को दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों तक पहुंचाने की है।
Apple का भारत में iPhone से आगे बढ़कर दूसरे डिवाइस की मैन्युफैक्चरिंग करने की संभावित योजना देश के टेक सेक्टर के लिए बड़ी खबर है। अभी iPad या Mac के भारत में उत्पादन की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं हुई है, लेकिन कंपनी के संभावित विस्तार से यह संकेत जरूर मिलता है कि भारत Apple की ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग रणनीति में लगातार महत्वपूर्ण होता जा रहा है।
अगर आने वाले समय में iPad, Mac और दूसरे Apple डिवाइस भी भारत में बड़े पैमाने पर बनने लगते हैं, तो यह देश के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक नए दौर की शुरुआत हो सकती है।

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