आखिर दुपट्टे के साथ क्या हुआ? चलते वाहन में महिला के साथ हुआ खौफनाक हादसा, देखें होश उड़ा देने वाला वीडियो देखें
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के हल्दौर क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। दवा लेने के लिए अपने बेटे के साथ वाहन से जा रही एक महिला का दुपट्टा अचानक वाहन के पहिए और एक्सल में फंस गया। चलते पहिए के साथ दुपट्टा तेजी से खिंचने लगा और महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसा इतना भयावह था कि महिला की जान नहीं बचाई जा सकी।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और मामले की जांच शुरू की। इस घटना ने एक बार फिर दोपहिया और खुले वाहनों पर सफर करते समय ढीले कपड़ों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बेटे के साथ दवा लेने जा रही थी महिला
जानकारी के मुताबिक, हल्दौर क्षेत्र की रहने वाली करीब 55 वर्षीय महिला अपने बेटे के साथ दवा लेने के लिए जा रही थी। दोनों एक बाइक-ठेली पर सवार थे।
परिवार के लिए यह एक सामान्य सफर था। महिला अपने बेटे के साथ अस्पताल की ओर जा रही थी। लेकिन रास्ते में अचानक उसके दुपट्टे का एक हिस्सा वाहन के पहिए की तरफ चला गया।
हवा चलने के कारण दुपट्टा पीछे की ओर लहराया और वाहन के घूमते हुए हिस्से के संपर्क में आ गया। इससे पहले कि महिला या उसका बेटा कुछ समझ पाते, दुपट्टा वाहन के एक्सल में फंस गया।
कुछ ही सेकंड में हुआ भयानक हादसा
जैसे ही दुपट्टा वाहन के घूमते हुए हिस्से में फंसा, वह तेजी से खिंचने लगा। चलते पहिए की गति के कारण कपड़ा लगातार लिपटता गया।
दुपट्टा महिला के गले के आसपास कसता चला गया और अचानक उस पर बेहद तेज दबाव पड़ा। हादसा इतना गंभीर था कि महिला को संभलने या खुद को बचाने का मौका नहीं मिला।
आसपास मौजूद लोगों ने घटना देखी तो वे भी स्तब्ध रह गए। तुरंत मदद करने की कोशिश की गई और पुलिस को सूचना दी गई।
परिवार में मचा कोहराम
घटना की जानकारी मिलते ही महिला के परिजन मौके पर पहुंचे। अचानक हुई मौत से परिवार में मातम छा गया।
जिस बेटे के साथ महिला दवा लेने के लिए घर से निकली थी, उसी सफर के दौरान उसकी आंखों के सामने यह दर्दनाक हादसा हो गया।
घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में भी शोक का माहौल है। लोगों का कहना है कि किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि एक साधारण दुपट्टा इतना बड़ा खतरा बन सकता है।
दुपट्टा कैसे बन गया जानलेवा?
दुपट्टा, साड़ी, गमछा या अन्य लंबे और ढीले कपड़े चलते वाहनों पर विशेष खतरा पैदा कर सकते हैं। अगर कपड़े का कोई हिस्सा पहिए, चेन, एक्सल या इंजन के घूमते हुए हिस्से में फंस जाए तो वह बहुत तेजी से खिंच सकता है।
ऐसी स्थिति में कपड़ा व्यक्ति को वाहन की ओर खींच सकता है और गंभीर चोट लग सकती है।
विशेष रूप से बाइक, स्कूटर, बाइक-ठेली, ट्रैक्टर और दूसरे खुले वाहनों पर पीछे बैठने वाले लोगों को अपने कपड़ों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे हादसे
दुपट्टे या लंबे कपड़ों के वाहन में फंसने से हादसे पहले भी सामने आते रहे हैं। कई मामलों में लोग वाहन से गिरकर घायल हो जाते हैं, जबकि कुछ घटनाएं जानलेवा भी साबित होती हैं।
इन घटनाओं के बावजूद अक्सर लोग सफर के दौरान अपने दुपट्टे या साड़ी को खुला छोड़ देते हैं। तेज हवा चलने पर कपड़ा आसानी से पहिए की तरफ जा सकता है।
यह एक रोंगटे खड़ा कर देने वाली और स्तब्ध कर देने वाली दुर्घटना है. सहसा यक़ीन नहीं होता कि दुपट्टे से कट कर सर, धड़ से अलग भी हो सकता है...
— Ruby Arun रूबी अरुण (@arunruby08) August 9, 2026
बिजनौर के हल्दौर की 50 वर्षीय सुमन देवी, रेहड़ी पर बैठकर,अपने बेटे के साथ दवा लेने अस्पताल जा रही थीं. हवा से उसकर सुमन देवी का दुपट्टा… pic.twitter.com/f5vw7ulFXd
यही कारण है कि वाहन चलाने या उस पर बैठने से पहले कपड़ों को सुरक्षित तरीके से संभालना बेहद जरूरी है।
ऐसी गलती बिल्कुल न करें
वाहन पर सफर करते समय कुछ छोटी सावधानियां बड़े हादसे को रोक सकती हैं।
दुपट्टे को खुला न छोड़ें: बाइक या किसी खुले वाहन पर बैठते समय दुपट्टे को अच्छी तरह शरीर के आसपास सुरक्षित रखें।
साड़ी का पल्लू संभालकर रखें: साड़ी पहनने वाले यात्रियों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए और पल्लू को पहिए से दूर रखना चाहिए।
गमछा भी सुरक्षित रखें: पुरुषों को भी गमछा या लंबा कपड़ा खुला छोड़कर बाइक पर नहीं बैठना चाहिए।
बच्चों के कपड़ों पर ध्यान दें: बच्चों को बाइक या अन्य खुले वाहनों पर बैठाते समय उनके कपड़ों को पहिए से दूर रखना चाहिए।
कपड़ा फंस जाए तो वाहन तुरंत रोकें: अगर किसी कपड़े का हिस्सा वाहन में फंसने लगे तो घबराकर उसे खींचने की कोशिश न करें। सबसे पहले वाहन रोकना जरूरी है।
हवा के मौसम में और ज्यादा सावधानी
तेज हवा चलने के दौरान दुपट्टे और अन्य ढीले कपड़े आसानी से उड़ सकते हैं। ऐसे मौसम में बाइक या खुले वाहन पर सफर करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
विशेषकर हाईवे या तेज गति वाले रास्तों पर हवा का दबाव ज्यादा होता है। इससे कपड़े पीछे की ओर तेजी से उड़ सकते हैं और वाहन के पहिए तक पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।
पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जानकारी जुटाई। पुलिस वाहन और हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना किस तरह हुई और वाहन की स्थिति क्या थी। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी ले सकती है।
फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार हादसे की मुख्य वजह महिला का दुपट्टा वाहन के एक्सल और घूमते हुए हिस्से में फंसना बताई जा रही है।
हादसे ने खड़े किए कई सवाल
यह घटना सिर्फ एक परिवार के लिए दुखद हादसा नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
लोग हेलमेट, सीट बेल्ट और ट्रैफिक नियमों पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन कपड़ों से जुड़े खतरे को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।
जबकि खुले वाहनों पर ढीले कपड़े भी उतने ही खतरनाक साबित हो सकते हैं। खासकर महिलाओं की साड़ी और दुपट्टा कई बार वाहन के पहिए या चेन में फंस सकता है।
इसलिए वाहन पर बैठते समय कपड़ों को सुरक्षित रखना भी सड़क सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कुछ सेकंड की लापरवाही ने छीन ली जिंदगी
इस घटना की सबसे दर्दनाक बात यही है कि महिला घर से किसी जरूरी काम के लिए निकली थी। उसे अस्पताल जाकर दवा लेनी थी। लेकिन रास्ते में हुई एक अप्रत्याशित घटना ने उसकी जिंदगी छीन ली।
एक सामान्य दुपट्टा, जो रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है, चलते वाहन के संपर्क में आते ही जानलेवा बन गया।
इस घटना से लोगों को सीख लेने की जरूरत है कि सफर के दौरान किसी भी ढीले कपड़े को वाहन के पहिए, चेन या दूसरे घूमते हिस्सों के पास नहीं जाने देना चाहिए।
बिजनौर के हल्दौर क्षेत्र में हुआ यह हादसा बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला है। दवा लेने जा रही महिला का दुपट्टा चलते वाहन के एक्सल में फंस गया और कुछ ही सेकंड में वह गंभीर हादसे का शिकार हो गई।
घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वाहन पर सफर करते समय छोटी-सी लापरवाही भी बहुत भारी पड़ सकती है।
दुपट्टा, साड़ी, गमछा या किसी भी लंबे कपड़े को वाहन के पहिए और मशीनरी से दूर रखना बेहद जरूरी है। खासकर महिलाओं और बच्चों को खुले वाहनों पर बैठाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
नोट: घटना से जुड़े कुछ विवरण प्रारंभिक रिपोर्टों पर आधारित हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद परिस्थितियों की अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकती है।

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