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सोना-चांदी खरीदने से पहले ठहरिए! कीमतों में फिर आया ऐसा तूफानी मोड़, अब अगला कदम क्या होगा?



नई दिल्ली: सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए अगस्त का महीना काफी उतार-चढ़ाव भरा नजर आ रहा है। पिछले कुछ दिनों में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में तेज हलचल देखने को मिली है। कभी सोना तेजी से ऊपर जाता है तो अगले ही दिन मुनाफावसूली के कारण दबाव में आ जाता है। चांदी में भी इसी तरह की अस्थिरता देखने को मिल रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी फिर नई ऊंचाई की तरफ जाएंगे या बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी?

हालिया अंतरराष्ट्रीय बाजार के आंकड़ों के मुताबिक 14 अगस्त को सोने की कीमत में करीब 0.7 फीसदी की तेजी आई और स्पॉट गोल्ड लगभग 4,379.95 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद सितंबर में फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद कम होने से सोने को सहारा मिला।

लेकिन इससे पहले 13 अगस्त को सोने में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट भी देखी गई थी। यानी बाजार में तेजी के साथ-साथ अचानक मुनाफावसूली का जोखिम भी बना हुआ है।

तीन दिनों में सोने-चांदी ने बदला बाजार का मूड

अगस्त के दूसरे सप्ताह में भारतीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। एक रिपोर्ट के अनुसार तीन दिनों के भीतर सोने की कीमत में करीब 6,600 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी में करीब 16,200 रुपये प्रति किलोग्राम तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।

इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में precious metals की मजबूत मांग, डॉलर में कमजोरी और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की तलाश जैसे कारण बताए गए।

लेकिन तेजी के बाद बाजार में मुनाफावसूली भी शुरू हुई। 14 अगस्त की रिपोर्टों के मुताबिक सोने में फिर मजबूती आई, जबकि इससे पहले की गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया था।

आखिर क्यों लगातार बदल रही है सोने की कीमत?

सोने की कीमत केवल भारत में मांग और सप्लाई से तय नहीं होती। अंतरराष्ट्रीय बाजार, अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरें, महंगाई, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और दुनिया में चल रही राजनीतिक परिस्थितियां इसकी कीमत पर बड़ा असर डालती हैं।

जब निवेशकों को आर्थिक या भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती दिखाई देती है, तो सोने की मांग बढ़ सकती है। सोने को लंबे समय से safe-haven asset माना जाता है।

हालिया बाजार विश्लेषण में भी सोने की कीमत पर महंगाई, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और भू-राजनीतिक घटनाओं के प्रभाव को महत्वपूर्ण बताया गया है।

यही वजह है कि दुनिया में तनाव बढ़ने पर सोने की कीमत को सहारा मिल सकता है। दूसरी तरफ अगर ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें बदलती हैं या निवेशक मुनाफा वसूलने लगते हैं तो कीमत में अचानक गिरावट भी आ सकती है।

अमेरिकी ब्याज दरों का सोने पर सीधा असर

सोने की कीमतों के लिए अमेरिका की monetary policy बेहद महत्वपूर्ण है।

जब अमेरिकी ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो ब्याज देने वाली संपत्तियां निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक हो सकती हैं। इसके उलट जब ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ती है तो सोने को फायदा मिल सकता है।

हालिया अमेरिकी महंगाई आंकड़ों के बाद सितंबर में Federal Reserve की दर बढ़ाने की संभावना कम हुई। इसी वजह से डॉलर पर दबाव आया और सोने को मजबूती मिली।

हालांकि बाजार अभी भी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और Federal Reserve के अगले संकेतों पर नजर रख रहा है।

चांदी क्यों बन रही है निवेशकों की पसंद?

चांदी को केवल precious metal समझना पूरी कहानी नहीं है। इसका औद्योगिक इस्तेमाल भी काफी व्यापक है।

सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल उपकरण और कई industrial applications में चांदी का इस्तेमाल होता है। इसलिए चांदी की कीमत पर investment demand के साथ industrial demand का भी प्रभाव पड़ता है।

इसी वजह से चांदी कई बार सोने की तुलना में ज्यादा तेजी और ज्यादा गिरावट दोनों दिखा सकती है।

हालिया अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी ने मजबूत उतार-चढ़ाव दिखाया है। 14 अगस्त को gold और silver दोनों में सप्ताह के दौरान बढ़त दर्ज की गई।

भारत में क्या है स्थिति?

भारत में सोने और चांदी के स्थानीय दाम शहर, purity, टैक्स, मेकिंग चार्ज और ज्वेलर के आधार पर अलग हो सकते हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय spot price को सीधे दुकान के retail jewellery rate के बराबर नहीं माना जाना चाहिए।

15 अगस्त को चेन्नई में 22 कैरेट सोने के भाव में प्रति sovereign 160 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार वहां 22 कैरेट सोना करीब 14,420 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना करीब 12,000 रुपये प्रति ग्राम बताया गया। उसी रिपोर्ट में चांदी का भाव करीब 255 रुपये प्रति ग्राम बताया गया।

दूसरे शहरों में कीमतें अलग हो सकती हैं।

निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल

सोने-चांदी में तेजी देखकर कई निवेशक यह सोचने लगते हैं कि अभी खरीदना चाहिए या कीमत गिरने का इंतजार करना चाहिए।

लेकिन किसी भी commodity के बारे में यह निश्चित रूप से कहना मुश्किल है कि अगले दिन कीमत ऊपर जाएगी या नीचे।

हाल में सोने में तेज तेजी के बाद profit booking देखने को मिली थी। 13 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना दो महीने के उच्च स्तर से नीचे आया था।

इसलिए केवल तेजी देखकर पूरी रकम एक साथ निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।

क्या सोना फिर रिकॉर्ड स्तर की तरफ जा सकता है?

बाजार में सोने को लेकर लंबे समय की तेजी की उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। हालिया Reuters रिपोर्ट में भी कहा गया कि कमजोर डॉलर और वैश्विक परिस्थितियों के बीच सोने में दोबारा दिलचस्पी बढ़ रही है।

लेकिन short term में correction का खतरा बना हुआ है।

सोने की कीमत पहले ही बहुत ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। ऐसे में थोड़ी सी नकारात्मक खबर, डॉलर में मजबूती या निवेशकों की profit booking कीमत में तेज गिरावट ला सकती है।

इसलिए बाजार में तेजी और गिरावट दोनों की संभावना को ध्यान में रखना जरूरी है।

चांदी में भी बड़ा उतार-चढ़ाव संभव

चांदी को लेकर भी यही स्थिति है। 2026 की शुरुआत में चांदी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में 100 डॉलर प्रति औंस के ऊपर छलांग लगाई थी। Reuters ने जनवरी में बताया था कि retail investor और momentum buying के कारण चांदी 100 डॉलर के ऊपर चली गई थी।

इतनी तेज तेजी के बाद चांदी में correction का जोखिम भी स्वाभाविक रूप से बढ़ गया था।

हालिया बाजार आंकड़ों में भी चांदी में बड़े उतार-चढ़ाव दिखाई दे रहे हैं। इसलिए इसे सोने की तरह पूरी तरह stable investment मानना सही नहीं होगा।

शादी और त्योहारी सीजन पर भी नजर

भारत में सोने की मांग का बड़ा हिस्सा jewellery से आता है। शादी और त्योहारों के मौसम में मांग बढ़ने पर retail market में activity तेज हो सकती है।

हालांकि ऊंची कीमतों के कारण ग्राहक कम मात्रा में खरीदारी कर सकते हैं या पुराने सोने को exchange करके नई jewellery खरीदने का विकल्प चुन सकते हैं।

ज्वेलरी खरीदते समय केवल सोने का भाव देखना पर्याप्त नहीं है। ग्राहक को purity, making charges, wastage charges, GST और buyback policy जैसी चीजों को भी समझना चाहिए।

सोना खरीदने वालों के लिए जरूरी सावधानी

अगर कोई व्यक्ति jewellery खरीद रहा है तो उसे BIS hallmark और HUID जैसी जानकारी जरूर जांचनी चाहिए। बिल में purity और अन्य charges स्पष्ट रूप से दर्ज होने चाहिए।

निवेश के लिए सोना खरीदने वालों को jewellery और investment gold में अंतर समझना चाहिए। Jewellery में making charges और अन्य खर्च होते हैं, जबकि investment के दूसरे विकल्पों की लागत और liquidity अलग हो सकती है।

इसी तरह चांदी खरीदते समय भी purity और बिल की जानकारी जांचना जरूरी है।

क्या अभी खरीदारी करनी चाहिए?

इसका एक ही जवाब सभी लोगों के लिए सही नहीं हो सकता।

जिस व्यक्ति को शादी या किसी जरूरी अवसर के लिए सोना खरीदना है, उसके लिए केवल कीमत का अनुमान लगाकर खरीदारी को लंबे समय तक टालना व्यावहारिक नहीं हो सकता।

वहीं investment के लिए खरीदने वाले व्यक्ति को अपनी risk capacity, investment horizon और portfolio diversification को ध्यान में रखना चाहिए।

एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय कुछ निवेशक चरणबद्ध तरीके से निवेश करने की रणनीति अपनाते हैं, लेकिन यह व्यक्तिगत वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

आने वाले दिनों में सोना-चांदी बाजार के लिए अमेरिकी inflation data, Federal Reserve की policy expectations, डॉलर की चाल, global geopolitical tensions, crude oil prices और central-bank buying महत्वपूर्ण factors रहेंगे।

इसके अलावा भारत में रुपये की exchange rate भी घरेलू सोने की कीमत को प्रभावित कर सकती है।

अगर अंतरराष्ट्रीय सोना महंगा होता है और रुपये में कमजोरी आती है तो भारतीय बाजार में कीमतों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

सोना और चांदी इस समय एक बार फिर निवेशकों के रडार पर हैं। अगस्त के दूसरे सप्ताह में दोनों कीमती धातुओं में तेज तेजी के बाद profit booking भी देखने को मिली, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। 14 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 0.7 फीसदी चढ़कर 4,379.95 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचा।

भारत में भी शहर-दर-शहर कीमतों में बदलाव देखने को मिल रहा है। 15 अगस्त को चेन्नई में 22 कैरेट सोने के भाव में 160 रुपये प्रति sovereign की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

अब बाजार की नजर इस बात पर है कि कमजोर डॉलर, ब्याज दरों की उम्मीद और वैश्विक तनाव सोने-चांदी को आगे कितना सहारा देते हैं। हालांकि तेजी की संभावना बनी हुई है, लेकिन ऊंचे स्तरों पर अचानक correction के जोखिम को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

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