शाम 7 बजे के बाद...'विरोध किया तो झूठे केस में फंसाने की धमकी'...इंजीनियरिंग छात्राओं के आरोपों ने खोले कई सवाल
छपरा (बिहार): बिहार के छपरा इंजीनियरिंग कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। कुछ छात्राओं ने आरोप लगाया है कि हॉस्टल के नियमों का उल्लंघन करते हुए एक व्यक्ति, जिसे कॉलेज के प्राचार्य का चालक (ड्राइवर) बताया जा रहा है, शाम के बाद भी गर्ल्स हॉस्टल में प्रवेश करता था। छात्राओं का आरोप है कि उसके व्यवहार से वे असुरक्षित महसूस करती थीं और विरोध करने पर उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती थी।
ध्यान दें: इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों की जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही तथ्यों की अंतिम पुष्टि होगी।
छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप
मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आए दावों के अनुसार, छात्राओं का कहना है कि शाम करीब 7 बजे हॉस्टल के मुख्य द्वार बंद होने के बाद बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक होती है। इसके बावजूद कथित रूप से एक चालक नियमित रूप से हॉस्टल परिसर में आता-जाता था।
छात्राओं का आरोप है कि इस दौरान कुछ छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ जैसी घटनाएं हुईं, जिससे हॉस्टल में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया।
विरोध करने पर धमकी देने का आरोप
छात्राओं का कहना है कि जब उन्होंने कथित तौर पर इस व्यवहार का विरोध किया, तो उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। इन आरोपों के बाद कई छात्राओं ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
शाम 7 बजे के बाद जब हॉस्टल के दरवाजे बंद हो जाते हैं, तब शुरू होता है खौफ का असली खेल!
— AarifSpeaks (@AarifSpeaks) August 3, 2026
Chhapra Engineering College के Girls Hostel में, Principal का Driver हर नियम तोड़कर जबरन घुसता है।
जिन लड़कियों को पढ़ने भेजा गया, वो उसके द्वारा छेड़छाड़ और बदसलूकी का शिकार होती हैं।
जब… pic.twitter.com/ntf3N3QHQm
यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल अनुशासन का उल्लंघन नहीं बल्कि छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला माना जाएगा।
कॉलेज प्रशासन और पुलिस से कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी सामने आने के बाद छात्राओं और अभिभावकों की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि मामले की पूरी जांच कराई जाए और यदि आरोप सही साबित हों तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई
फिलहाल इस मामले में सामने आए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पुलिस और कॉलेज प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोप कितने सही हैं और जिम्मेदार कौन है।
छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा सर्वोपरि होती है। यदि किसी छात्रा को असुरक्षा महसूस होती है या किसी कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगते हैं, तो उनकी निष्पक्ष और त्वरित जांच होना आवश्यक है। साथ ही, किसी भी व्यक्ति को केवल आरोपों के आधार पर दोषी नहीं माना जा सकता; अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही निकाला जाना चाहिए।
यह मामला फिलहाल जांच के दायरे में है और सभी पक्षों के आधिकारिक बयान सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
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