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Viral Video : ट्रेन में इस शख्स ने किया ऐसा कारनामा, पूरा डिब्बा रह गया दंग... फिर जो हुआ उसने सबको चौंका दिया!



सोशल मीडिया पर आए दिन ऐसे वीडियो वायरल होते रहते हैं जो लोगों को हैरान भी करते हैं और हंसने पर भी मजबूर कर देते हैं। इन दिनों इंटरनेट पर एक ऐसा ही वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक यात्री गर्मी से परेशान होकर ऐसा जुगाड़ करता दिखाई देता है कि पूरे डिब्बे में बैठे लोग उसे देखकर दंग रह जाते हैं।

वीडियो में दिखाई देता है कि एक व्यक्ति अपने घर में इस्तेमाल होने वाला साधारण पेडस्टल फ़ैन उठाकर ट्रेन के जनरल कोच में चढ़ जाता है। इसके बाद वह सीट के पास मौजूद ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट में उस पंखे का प्लग लगाने की कोशिश करने लगता है। यह दृश्य देखकर आसपास बैठे यात्रियों की हंसी छूट जाती है, जबकि कुछ लोग हैरानी से उसे देखते रह जाते हैं।

इसी दौरान किसी यात्री ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया और लाखों लोगों तक पहुंच गया।

वीडियो पर लोगों ने किए मजेदार कमेंट्स

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने मजेदार प्रतिक्रियाओं की बाढ़ ला दी। किसी ने लिखा, "भाई गर्मी से परेशान होकर पूरा घर ही ट्रेन में ले आया।"

एक अन्य यूजर ने मजाक करते हुए कहा, "अब अगली बार कोई कूलर और एसी भी लेकर आ जाएगा।"

एक यूजर ने लिखा, "जुगाड़ के मामले में भारतीयों का कोई मुकाबला नहीं कर सकता।"

वहीं कुछ लोगों ने कहा कि अगर पंखा चल भी जाता तो पूरे डिब्बे के यात्रियों को राहत मिल जाती।

हालांकि कई यूजर्स ने इस हरकत को बेहद खतरनाक बताते हुए कहा कि मजाक अपनी जगह है, लेकिन ऐसी लापरवाही किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है।

हंसी के पीछे छिपा है बड़ा खतरा

पहली नजर में यह वीडियो केवल मनोरंजन का साधन लग सकता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार ट्रेन में इस तरह के घरेलू उपकरण चलाने की कोशिश करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।

ट्रेन में दिए गए चार्जिंग पॉइंट सामान्य घरेलू बिजली के उपकरण चलाने के लिए नहीं बनाए जाते। इनका उद्देश्य केवल छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करना होता है।

यदि कोई व्यक्ति इनमें अधिक बिजली खपत वाले उपकरण लगाने की कोशिश करता है, तो इससे पूरे सर्किट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट आखिर किसलिए होते हैं?

भारतीय रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन के कई कोचों में चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध कराए जाते हैं।

इनका उपयोग मुख्य रूप से निम्न उपकरणों के लिए किया जाता है—

  • मोबाइल फोन

  • टैबलेट

  • आईपैड

  • पावर बैंक

  • कुछ कोचों में लैपटॉप

इन चार्जिंग पॉइंट्स की क्षमता सीमित होती है और इन्हें छोटे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को चार्ज करने के हिसाब से डिजाइन किया जाता है।

पेडस्टल फ़ैन क्यों नहीं चलाया जा सकता?

घर में इस्तेमाल होने वाला पेडस्टल फ़ैन लगातार बिजली की खपत करता है। इसी तरह हीटर, इलेक्ट्रिक केतली, इंडक्शन कुकटॉप और अन्य घरेलू उपकरण भी अपेक्षाकृत अधिक बिजली लेते हैं।

यदि इन्हें ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट में लगाने की कोशिश की जाए तो कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं—

  • सर्किट पर अतिरिक्त लोड

  • वायरिंग गर्म होना

  • फ्यूज़ उड़ जाना

  • शॉर्ट सर्किट

  • आग लगने का खतरा

  • अन्य यात्रियों की चार्जिंग व्यवस्था बाधित होना

यही कारण है कि ट्रेन में ऐसे उपकरणों का उपयोग नहीं करना चाहिए।

आग लगने का भी रहता है खतरा

रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक क्षमता वाले उपकरण ट्रेन के सॉकेट में लगाने से वायरिंग पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ सकता है।

अगर किसी कारण से वायरिंग गर्म हो जाए या शॉर्ट सर्किट हो जाए, तो आग लगने जैसी गंभीर स्थिति भी पैदा हो सकती है। ट्रेन जैसे बंद वातावरण में ऐसी घटनाएं बहुत खतरनाक साबित हो सकती हैं क्योंकि वहां बड़ी संख्या में यात्री मौजूद होते हैं।

एक छोटी सी लापरवाही सैकड़ों लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है।

दूसरे यात्रियों को भी होती है परेशानी

अगर कोई यात्री भारी बिजली खपत वाला उपकरण ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट में लगा देता है, तो केवल उसी को नहीं बल्कि दूसरे यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ सकती है।

एक ही सर्किट से जुड़े अन्य चार्जिंग पॉइंट काम करना बंद कर सकते हैं। ऐसे में यात्रियों के मोबाइल या अन्य जरूरी उपकरण चार्ज नहीं हो पाएंगे।

लंबी दूरी की यात्रा में यह स्थिति काफी असुविधाजनक हो सकती है।

ट्रेन में क्या चार्ज करना सुरक्षित माना जाता है?

रेल यात्रा के दौरान केवल उन्हीं उपकरणों को चार्ज करना चाहिए जिनके लिए चार्जिंग पॉइंट बनाए गए हैं।

सुरक्षित रूप से चार्ज किए जा सकने वाले उपकरणों में शामिल हैं—

  • मोबाइल फोन

  • स्मार्टफोन

  • टैबलेट

  • आईपैड

  • पावर बैंक

  • कुछ आधुनिक कोचों में लैपटॉप

इनके अलावा किसी भी घरेलू उपकरण का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मिली सीख

यह वीडियो भले ही लोगों को हंसा रहा हो, लेकिन इसके जरिए एक महत्वपूर्ण संदेश भी सामने आता है।

अक्सर लोग बिना जानकारी के ट्रेन में ऐसे प्रयोग करने लगते हैं जो देखने में मामूली लगते हैं, लेकिन तकनीकी रूप से बेहद खतरनाक हो सकते हैं।

रेलवे की सुविधाओं का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जाना चाहिए।

यात्रा के दौरान रखें इन बातों का ध्यान

  • ट्रेन के चार्जिंग पॉइंट का उपयोग केवल छोटे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के लिए करें।

  • घरेलू फ़ैन, हीटर, केतली या इंडक्शन जैसे उपकरण कभी न लगाएं।

  • यदि किसी चार्जिंग पॉइंट में स्पार्किंग दिखाई दे तो तुरंत रेलवे स्टाफ को सूचना दें।

  • किसी भी तरह की विद्युत व्यवस्था के साथ छेड़छाड़ न करें।

  • अपनी सुरक्षा के साथ-साथ अन्य यात्रियों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

वायरल हो रहा यह वीडियो इंटरनेट पर लोगों का भरपूर मनोरंजन कर रहा है। एक यात्री का ट्रेन में पेडस्टल फ़ैन लेकर चढ़ना और उसे चार्जिंग पॉइंट से चलाने की कोशिश करना निश्चित रूप से अनोखा और हास्यास्पद दृश्य है। हालांकि, इस घटना के पीछे छिपा सुरक्षा संदेश कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

रेल यात्रा के दौरान छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए यात्रियों को हमेशा रेलवे के सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए और चार्जिंग पॉइंट का इस्तेमाल केवल मोबाइल, टैबलेट, पावर बैंक या उपयुक्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए ही करना चाहिए। मनोरंजन अपनी जगह है, लेकिन सुरक्षा से कभी समझौता नहीं करना चाहिए।

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