जिस राज ने ‘CID’ को अचानक बंद कराया, अब 7 साल बाद खुला पर्दा! दया ने किया बड़ा खुलासा, लता मंगेशकर भी क्यों पहुंची थीं चैनल के खिलाफ?
मुंबई: टीवी की दुनिया में कई क्राइम शो आए और चले गए, लेकिन ‘CID’ ने दर्शकों के बीच जो पहचान बनाई, वह आज भी कायम है। ACP प्रद्युमन, दया और अभिजीत जैसे किरदारों ने इस शो को घर-घर में लोकप्रिय बनाया। 1998 में शुरू हुआ यह शो करीब दो दशक तक दर्शकों का मनोरंजन करता रहा और 2018 में इसके बंद होने के बाद फैंस काफी निराश हुए थे।
साल 2024 में ‘CID’ ने एक बार फिर टीवी पर वापसी की। शो की वापसी ने पुराने दर्शकों की यादें ताजा कर दीं। हालांकि, इसके पहले सीजन के बंद होने को लेकर वर्षों से सवाल उठते रहे कि आखिर इतने लोकप्रिय शो को अचानक बंद करने की नौबत क्यों आई।
अब शो में दया का किरदार निभाने वाले अभिनेता दयानंद शेट्टी ने 2018 में शो के ऑफ एयर होने को लेकर अपनी बात रखी है। उनके मुताबिक, शो के बंद होने के पीछे केवल रचनात्मक कारण नहीं थे, बल्कि इसके पीछे अंदरूनी मतभेद और प्रोड्यूसर को बदलने का फैसला भी बड़ी वजह बना।
2016 से शुरू हो गई थी परेशानी
दयानंद शेट्टी के मुताबिक, ‘CID’ की टीम और शो के प्रोडक्शन हाउस के बीच लंबे समय से बेहद मजबूत रिश्ता था। कलाकार और प्रोड्यूसर एक-दूसरे के साथ काफी सहज थे और वर्षों तक साथ काम करते रहे।
अभिनेता के मुताबिक, परेशानी करीब 2016 में शुरू हुई, जब चैनल की तरफ से शो के प्रोड्यूसर को बदलने की बात सामने आई। कलाकार इस बदलाव के लिए तैयार नहीं थे।
दयानंद ने बताया कि कलाकारों का प्रोडक्शन हाउस के साथ वर्षों पुराना रिश्ता था। ऐसे में जब अचानक प्रोड्यूसर बदलने का फैसला सामने आया तो कलाकारों को यह बात पसंद नहीं आई।
धीरे-धीरे यह मामला इतना बढ़ गया कि चैनल और कलाकारों के बीच मतभेद पैदा हो गए और इसका असर शो पर भी पड़ा।
कलाकारों और प्रोड्यूसर के बीच था खास रिश्ता
दयानंद शेट्टी ने बातचीत में बताया कि ‘CID’ की टीम सामान्य टीवी शो की तरह केवल कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर काम नहीं कर रही थी। कलाकारों और प्रोड्यूसर के बीच लंबे समय से भरोसे का रिश्ता था।
उनके मुताबिक, कई कलाकार वर्षों से एक ही टीम के साथ काम कर रहे थे। आपसी समझ इतनी मजबूत थी कि काम को लेकर कई चीजें भरोसे और पुराने संबंधों के आधार पर चलती थीं।
इसी वजह से जब चैनल ने प्रोड्यूसर बदलने की बात कही तो कलाकारों को लगा कि शो के पुराने माहौल और टीम में बड़ा बदलाव किया जा रहा है।
दयानंद के मुताबिक, कलाकारों का विरोध इसी वजह से था कि वे उस प्रोड्यूसर के साथ वर्षों से काम कर रहे थे और बदलाव को सहजता से स्वीकार नहीं कर पा रहे थे।
शो के बंद होने के पीछे ‘इंटरनल पॉलिटिक्स’ का दावा
दयानंद शेट्टी ने शो के बंद होने की वजह बताते हुए इसे ‘इंटरनल पॉलिटिक्स’ से जोड़ा।
उनके मुताबिक, चैनल और प्रोडक्शन टीम के बीच पैदा हुए मतभेद धीरे-धीरे गंभीर होते गए। इसका असर कलाकारों पर भी पड़ा और आखिरकार शो को बंद करने की स्थिति बनी।
हालांकि, यह दयानंद शेट्टी की ओर से साझा किया गया उनका अनुभव और दावा है। किसी टीवी शो के बंद होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं और अलग-अलग समय पर चैनल की ओर से अलग वजहें भी सामने आती रही हैं।
फिर भी दया का किरदार निभाने वाले अभिनेता का यह बयान उस समय की परिस्थितियों पर एक नया नजरिया जरूर देता है।
लता मंगेशकर को बेहद पसंद था ‘CID’
इस पूरी कहानी का सबसे भावुक हिस्सा महान गायिका लता मंगेशकर से जुड़ा है।
दयानंद शेट्टी के मुताबिक, लता मंगेशकर ‘CID’ की बहुत बड़ी प्रशंसक थीं। वह शो को पसंद करती थीं और इसके कलाकारों के प्रति भी उनका विशेष स्नेह था।
अभिनेता ने बताया कि लता मंगेशकर शो को नियमित रूप से देखती थीं। उन्हें शो के किरदार और कलाकार बेहद पसंद थे।
जब उन्हें पता चला कि ‘CID’ बंद होने जा रहा है तो उन्होंने इस फैसले पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
शो बंद होने की खबर सुनकर नाराज हुई थीं लता मंगेशकर
दयानंद शेट्टी के मुताबिक, ‘CID’ के बंद होने की खबर लता मंगेशकर को बिल्कुल पसंद नहीं आई थी।
उन्होंने दावा किया कि लता मंगेशकर ने शो से जुड़े लोगों और चैनल के अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाई थी। वह यह समझना चाहती थीं कि आखिर इतने लोकप्रिय कार्यक्रम को बंद क्यों किया जा रहा है।
दयानंद के मुताबिक, लता मंगेशकर का मानना था कि जब दर्शक शो को पसंद कर रहे हैं और वह खुद भी उसे देखती हैं, तो फिर इसे बंद करने की जरूरत क्या है।
उन्होंने बताया कि लता जी ने इस मुद्दे पर काफी नाराजगी जताई थी और शो के कलाकारों के पक्ष में अपनी आवाज उठाई थी।
‘CID’ ने बनाई थी अलग पहचान
‘CID’ की सबसे बड़ी ताकत इसके किरदार रहे। ACP प्रद्युमन का सख्त अंदाज, अभिजीत की गंभीर जांच और दया का दमदार व्यक्तित्व दर्शकों को लंबे समय तक बांधे रहा।
दया के किरदार की सबसे चर्चित खासियत उसका दरवाजा तोड़ना रहा। समय के साथ यह शो का ऐसा हिस्सा बन गया जिसे दर्शक आज भी याद करते हैं।
कई डायलॉग और दृश्य बाद में सोशल मीडिया पर मीम्स का हिस्सा भी बने। शो के पुराने एपिसोड आज भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय हैं।
2018 में बंद होने के बाद फैंस हुए मायूस
जब 2018 में ‘CID’ के बंद होने की खबर सामने आई तो इसके फैंस को बड़ा झटका लगा।
कई दर्शकों ने शो के अचानक बंद होने पर सवाल उठाए। लोग जानना चाहते थे कि इतने लंबे समय से चल रहे कार्यक्रम को आखिर क्यों खत्म किया जा रहा है।
शो बंद होने के बाद भी इसके किरदारों की लोकप्रियता कम नहीं हुई। सोशल मीडिया पर फैंस लगातार पुराने एपिसोड और किरदारों से जुड़ी यादें साझा करते रहे।
दया और अभिजीत की जोड़ी को लेकर दर्शकों में खास उत्साह बना रहा।
छह साल बाद हुई वापसी
लंबे इंतजार के बाद 2024 में ‘CID’ की वापसी हुई। शो के पुराने कलाकारों की मौजूदगी ने दर्शकों में उत्साह बढ़ा दिया।
पुराने दर्शकों को एक बार फिर ACP प्रद्युमन, दया और अभिजीत को साथ देखने का मौका मिला। शो की वापसी के साथ नई कहानियां और नए किरदार भी जोड़े गए।
यह वापसी इस बात का संकेत थी कि वर्षों बाद भी दर्शकों के दिल में इस शो की जगह बनी हुई है।
नए कलाकारों को भी जोड़ा गया
शो की नई पारी में कुछ नए कलाकार भी शामिल हुए। इसी दौरान अभिनेता पार्थ समथान की एंट्री की भी चर्चा हुई।
हालांकि उनका जुड़ाव ज्यादा लंबा नहीं रहा और करीब एक महीने के बाद उन्होंने शो से दूरी बना ली।
इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि पुराने और नए कलाकारों के बीच संतुलन बनाना शो के लिए एक चुनौती थी।
क्या 2018 में शो सच में राजनीति की वजह से बंद हुआ?
दयानंद शेट्टी के बयान के बाद यह सवाल फिर सामने आ गया है कि क्या ‘CID’ के बंद होने के पीछे वास्तव में अंदरूनी राजनीति थी।
अभिनेता का दावा है कि प्रोड्यूसर बदलने को लेकर कलाकारों और चैनल के बीच मतभेद पैदा हुए थे। उनके मुताबिक, यही विवाद आगे बढ़ता गया और आखिरकार शो बंद हो गया।
हालांकि इस दावे को दयानंद शेट्टी के व्यक्तिगत अनुभव के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। शो के बंद होने की पूरी वजह को लेकर आधिकारिक तौर पर सामने आए सभी पहलुओं को ध्यान में रखना जरूरी है।
लता मंगेशकर की बात आज भी याद की जाती है
‘CID’ से जुड़े इस पूरे किस्से में लता मंगेशकर का नाम सामने आना इसे और खास बना देता है।
एक तरफ जहां शो के कलाकार अपने कार्यक्रम को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ देश की महान गायिका भी इस शो के समर्थन में खड़ी थीं।
दयानंद के मुताबिक, लता मंगेशकर को शो इतना पसंद था कि वह इसके बंद होने की खबर से बेहद निराश हुई थीं।
यह बात बताती है कि ‘CID’ की लोकप्रियता सिर्फ आम टीवी दर्शकों तक सीमित नहीं थी, बल्कि मनोरंजन जगत की बड़ी हस्तियां भी इससे जुड़ी हुई थीं।
दया के किरदार ने बदल दी दयानंद शेट्टी की पहचान
दयानंद शेट्टी ने ‘CID’ में दया का किरदार इतने लंबे समय तक निभाया कि उनका असली नाम भी कई दर्शकों के लिए पीछे छूट गया।
उनकी स्क्रीन पर मौजूदगी, मजबूत व्यक्तित्व और खास अंदाज ने दया को शो के सबसे यादगार किरदारों में शामिल कर दिया।
आज भी जब ‘CID’ का जिक्र होता है तो दया और उनका दरवाजा तोड़ने वाला अंदाज दर्शकों को तुरंत याद आ जाता है।
सालों बाद सामने आई अंदर की कहानी
2018 में शो बंद होने के समय दर्शकों के बीच कई तरह की चर्चाएं थीं, लेकिन कलाकारों की तरफ से अंदर की परिस्थितियों को लेकर बहुत ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई थी।
अब वर्षों बाद दयानंद शेट्टी के बयान ने उस दौर की कहानी को फिर चर्चा में ला दिया है।
उनके मुताबिक, मामला केवल शो की लोकप्रियता या टीआरपी का नहीं था, बल्कि चैनल, प्रोडक्शन टीम और कलाकारों के बीच पैदा हुए मतभेद भी महत्वपूर्ण थे।
हालांकि अंतिम सच्चाई क्या थी, यह उन लोगों को ज्यादा बेहतर पता होगी जो उस समय सीधे तौर पर शो के फैसलों का हिस्सा थे।
आज भी लोगों के दिल में जिंदा है ‘CID’
‘CID’ का सफर भारतीय टीवी के उन चुनिंदा शोज में शामिल है जिसने लंबे समय तक दर्शकों को जोड़े रखा। शो की कहानियां, किरदार और जांच का अंदाज दर्शकों की यादों का हिस्सा बन गए।
2018 में इसके बंद होने के बाद भी शो की लोकप्रियता बनी रही और आखिरकार 2024 में इसे वापस लाया गया।
दयानंद शेट्टी का ताजा बयान अब एक बार फिर पुराने दौर की यादें ताजा कर रहा है। खासकर लता मंगेशकर का शो के समर्थन में खड़ा होना इस कहानी को और भावुक बना देता है।
कुल मिलाकर, ‘CID’ के 2018 में बंद होने को लेकर दयानंद शेट्टी ने जो कहानी बताई है, उसमें प्रोड्यूसर बदलने को लेकर विवाद और अंदरूनी मतभेद अहम नजर आते हैं। वहीं लता मंगेशकर का शो के लिए आवाज उठाना इस बात का सबूत है कि यह क्राइम शो दर्शकों के साथ-साथ देश की महान हस्तियों के बीच भी कितना लोकप्रिय था। वर्षों बाद भी ‘CID’ और उसके किरदार दर्शकों की यादों में उसी तरह जिंदा हैं।

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