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एक साल बाद भी नहीं खुला मनीषा की मौत का राज! 14 अगस्त को CBI रिपोर्ट में क्या सामने आएगा?



भिवानी/ढाणी लक्ष्मण। हरियाणा के भिवानी जिले में शिक्षिका मनीषा की संदिग्ध मौत को आज एक साल पूरा हो गया है, लेकिन इस मामले से जुड़े कई अहम सवाल अब भी अनुत्तरित हैं। एक साल पहले 13 अगस्त 2025 को सिंघानी गांव के पास खेतों में मनीषा का शव मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। परिवार ने शुरुआत से ही उसकी मौत को सामान्य घटना या आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई। समय बीतता गया, जांच एजेंसियां बदलीं और शव का तीन बार पोस्टमार्टम तक कराया गया, लेकिन मनीषा की मौत की अंतिम सच्चाई अब भी परिवार के सामने स्पष्ट नहीं हो सकी है।

मनीषा की पहली बरसी के मौके पर आज उनके गांव ढाणी लक्ष्मण में शोक सभा का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान ग्रामीण, सामाजिक संगठन और परिवार के समर्थक एकत्र होकर मनीषा को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। माहौल में गम के साथ-साथ न्याय की उम्मीद भी दिखाई दे रही है। परिवार के लिए यह केवल बेटी को खोने की पहली बरसी नहीं है, बल्कि उस सवाल का एक साल पूरा होना भी है कि आखिर उनकी बेटी के साथ उस दिन क्या हुआ था।

11 अगस्त को घर से निकली थी मनीषा

मनीषा भिवानी जिले के ढाणी लक्ष्मण गांव की रहने वाली थी और सिंघानी क्षेत्र के एक निजी स्कूल में शिक्षिका के तौर पर काम करती थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 11 अगस्त 2025 को वह घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी। बताया गया कि उसे बाद में नर्सिंग कॉलेज भी जाना था। परिवार से बातचीत के बाद वह वापस घर नहीं लौटी। जब काफी समय बीत गया और उसका कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस से संपर्क किया।

दो दिन तक तलाश के बाद 13 अगस्त को सिंघानी गांव के पास नहर और खेतों के इलाके में एक युवती का शव मिला। बाद में उसकी पहचान मनीषा के रूप में हुई। शव मिलने के बाद परिवार और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। शुरुआती परिस्थितियों ने मामले को बेहद गंभीर बना दिया और हत्या की आशंका को लेकर सवाल उठने लगे। पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू की और घटनास्थल से जुड़े सुरागों तथा सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की।

शव मिलने के बाद बढ़ता गया जनआक्रोश

मनीषा का शव मिलने के बाद परिवार और ग्रामीणों ने पुलिस जांच को लेकर कई सवाल उठाए। उनका आरोप था कि मामले की शुरुआत में जांच को गंभीरता से नहीं लिया गया। परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। कई जगहों पर सड़क जाम किया गया और स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी हुए। मामले ने धीरे-धीरे पूरे हरियाणा में ध्यान खींचा।

आक्रोश बढ़ने के बाद पुलिस प्रशासन पर भी दबाव बढ़ा। मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई और जांच को लेकर सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठे। परिवार लगातार यह मांग करता रहा कि जांच ऐसी एजेंसी से कराई जाए जिस पर उन्हें भरोसा हो।

इसी बीच मनीषा के शव को लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी सामान्य नहीं रही। मामले में तीन बार पोस्टमार्टम कराया गया। पहले भिवानी में, फिर रोहतक पीजीआई में और बाद में दिल्ली एम्स में तीसरी बार पोस्टमार्टम कराया गया। तीन अलग-अलग स्तरों पर मेडिकल जांच होने के बावजूद परिवार के मन में मौजूद कई सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया।

तीन पोस्टमार्टम के बाद भी क्यों नहीं सुलझी गुत्थी?

मनीषा की मौत का मामला इसलिए भी पेचीदा हो गया क्योंकि जांच के अलग-अलग चरणों में मौत को लेकर अलग-अलग संभावनाएं सामने आईं। शुरुआती परिस्थितियों और पहली जांच के बाद हत्या की आशंका ने जोर पकड़ा। बाद की जांच में जहरीले पदार्थ के सेवन और आत्महत्या की दिशा में भी बात सामने आई। परिवार ने इस संभावना को स्वीकार नहीं किया और लगातार हत्या की आशंका पर कायम रहा।

यही वजह रही कि मामला केवल एक आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह परिवार और ग्रामीणों के लिए न्याय की लंबी लड़ाई बन गया। तीन बार पोस्टमार्टम, फोरेंसिक जांच, पुलिस की पड़ताल और बाद में केंद्रीय जांच एजेंसी के हस्तक्षेप के बावजूद यह सवाल बना रहा कि मनीषा की मौत वास्तव में कैसे हुई।

परिवार का कहना रहा है कि उनकी बेटी की मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां सामने आनी चाहिए और यदि किसी व्यक्ति की भूमिका है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

सरकार ने CBI को सौंपी जांच

लगातार बढ़ते जनआक्रोश और परिवार की मांग के बाद हरियाणा सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI को सौंपने का फैसला किया। CBI ने सितंबर 2025 में मामले की जांच अपने हाथ में ली और इसके बाद टीम ने घटनास्थल, स्कूल और अन्य संबंधित स्थानों की जांच की। एजेंसी ने परिवार सहित कई लोगों से पूछताछ की और उपलब्ध दस्तावेजों तथा सीसीटीवी फुटेज की भी पड़ताल की।

सितंबर 2025 में सामने आई जानकारी के मुताबिक CBI ने 30 से अधिक लोगों से पूछताछ की थी। इसके अलावा घटनास्थल की जांच और फोरेंसिक पड़ताल भी की गई थी। इसके बावजूद उस समय तक मामले में कोई ऐसा निष्कर्ष सामने नहीं आया था जिससे मौत की पूरी गुत्थी सुलझ सके।

एक साल के दौरान परिवार की ओर से लगातार जांच की प्रगति को लेकर सवाल उठाए जाते रहे। मनीषा के पिता संजय कुमार न्याय की मांग को लेकर लगातार अधिकारियों और जांच एजेंसी तक अपनी बात पहुंचाते रहे। जून 2026 में भी न्याय की मांग को लेकर उनके संघर्ष की खबरें सामने आई थीं।

अब 14 अगस्त पर टिकीं सबकी निगाहें

मनीषा की पहली बरसी के ठीक अगले दिन यानी 14 अगस्त 2026 को मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आने की उम्मीद है। जुलाई 2026 में मनीषा के पिता और प्रतिनिधिमंडल की CBI अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। इसके बाद परिवार को बताया गया कि 14 अगस्त को CBI अदालत में मामले की स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगी।

यही वजह है कि इस समय मनीषा के परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की निगाहें 14 अगस्त पर टिकी हुई हैं। परिवार को उम्मीद है कि CBI की रिपोर्ट से जांच की दिशा और अब तक सामने आए तथ्यों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। हालांकि रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आएगा, यह अदालत में पेश होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

एक साल बाद भी परिवार को उसी जवाब का इंतजार

मनीषा की मौत को एक साल पूरा हो गया है। इस दौरान परिवार ने अपनी बेटी को खोने का दर्द तो सहा ही, साथ ही न्याय के लिए लंबी लड़ाई भी लड़ी। तीन पोस्टमार्टम, विरोध प्रदर्शन, पुलिस जांच और CBI की पड़ताल के बाद भी परिवार के लिए सबसे बड़ा सवाल आज भी वही है—मनीषा की मौत आखिर कैसे हुई और उस दिन उसके साथ क्या हुआ था?

आज पहली बरसी पर ढाणी लक्ष्मण में जुट रहे लोग मनीषा को श्रद्धांजलि देंगे और परिवार के साथ खड़े होने का संदेश देंगे। लेकिन इस शोक सभा के बीच हर किसी की नजर अगले दिन होने वाली CBI की रिपोर्ट पर है। एक साल से चले आ रहे इस मामले में 14 अगस्त का दिन यह तय करने में अहम हो सकता है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

फिलहाल मनीषा के परिवार की उम्मीदें CBI की रिपोर्ट से जुड़ी हैं। परिवार चाहता है कि जांच में सामने आने वाले हर तथ्य को निष्पक्ष तरीके से देखा जाए और यदि किसी की भूमिका सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई हो। एक साल बाद भी मनीषा की मौत की गुत्थी पूरी तरह सुलझ नहीं पाई है, इसलिए 14 अगस्त को अदालत में पेश होने वाली CBI की स्टेटस रिपोर्ट इस मामले में अगला बड़ा पड़ाव मानी जा रही है।

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