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दो दिन की गिरावट के बाद अचानक पलटा बाजार! सेंसेक्स 331 अंक उछला, लेकिन IT शेयरों के पीछे छिपा है बड़ा राज



भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को लगातार दो कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद आखिरकार तेजी लौट आई। बाजार खुलने के साथ ही निवेशकों की नजर IT शेयरों पर रही और दिन बढ़ने के साथ खरीदारी मजबूत होती गई। कारोबार खत्म होने तक BSE Sensex 330.92 अंक यानी 0.43% चढ़कर 77,264.51 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 में 84.80 अंक यानी 0.35% की बढ़त दर्ज हुई और इंडेक्स 24,175.65 पर बंद हुआ।

लेकिन बाजार की इस तेजी के पीछे सिर्फ खरीदारी का उत्साह नहीं था। इसके पीछे वैश्विक टेक कंपनियों से मिले सकारात्मक संकेत, खासकर Nvidia के मजबूत नतीजों और AI से जुड़ी मांग को लेकर बढ़ी उम्मीदों की बड़ी भूमिका रही। भारतीय IT कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी हुई और Nifty IT इंडेक्स करीब 3.5% उछल गया।

दो दिन की गिरावट के बाद बाजार ने ली राहत की सांस

पिछले दो कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयर बाजार दबाव में रहा था। ऐसे माहौल में शुक्रवार की तेजी ने निवेशकों को कुछ राहत दी। कारोबार के दौरान Sensex एक समय 424 अंक से ज्यादा ऊपर चला गया था। हालांकि बाद में कुछ बढ़त कम हुई और आखिर में यह 330.92 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ।

Nifty भी दिन के दौरान 24,288 के आसपास के ऊपरी स्तर तक पहुंचा था। हालांकि बाजार पूरी तरह मजबूत स्थिति में नहीं था, क्योंकि कई सेक्टरों में गिरावट भी देखने को मिली।

यानी बाजार में तेजी जरूर आई, लेकिन तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं थी।

IT शेयरों ने किया सबसे बड़ा कमाल

शुक्रवार के कारोबार की सबसे बड़ी कहानी IT सेक्टर रहा। Nifty IT इंडेक्स में करीब 3.51% की तेजी दर्ज की गई। इंडेक्स के लगभग सभी प्रमुख शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।

TCS, Tech Mahindra, Infosys और HCL Technologies जैसे बड़े नाम निवेशकों की पसंद बने रहे।

TCS के शेयर में करीब 4.16% की तेजी आई, जबकि Tech Mahindra लगभग 3.53% ऊपर रहा। Infosys में लगभग 2.99% और HCL Technologies में करीब 2.66% की बढ़त देखने को मिली। Coforge और LTIMindtree जैसे शेयरों में भी मजबूत तेजी रही।

इससे साफ है कि बाजार में शुक्रवार को IT सेक्टर ने नेतृत्व किया।

Nvidia की खबर का भारत पर इतना असर क्यों?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अमेरिकी कंपनी Nvidia के नतीजों का भारतीय IT शेयरों से क्या संबंध है?

दरअसल, Nvidia दुनिया की प्रमुख AI और सेमीकंडक्टर कंपनियों में से एक है। कंपनी के मजबूत नतीजों और सकारात्मक भविष्य के संकेतों से वैश्विक निवेशकों के बीच AI इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी पर खर्च बढ़ने की उम्मीद मजबूत हुई।

इसका फायदा भारतीय IT कंपनियों को भी मिल सकता है, क्योंकि भारत की कई बड़ी IT कंपनियां वैश्विक कंपनियों को टेक्नोलॉजी, क्लाउड, AI और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराती हैं।

यही वजह रही कि Nvidia से जुड़े सकारात्मक संकेतों के बाद भारतीय IT शेयरों में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की।

TCS और Infosys पर खास नजर

शुक्रवार को TCS और Infosys जैसे दिग्गज शेयरों ने बाजार की तेजी में बड़ी भूमिका निभाई।

TCS के शेयर में 4% से ज्यादा की तेजी ने Nifty को मजबूती दी। Infosys भी लगभग 3% चढ़ा। Tech Mahindra और HCL Technologies में भी खरीदारी देखने को मिली।

इन कंपनियों के शेयरों में तेजी केवल एक दिन की बाजार भावना का परिणाम है या आने वाले दिनों में IT सेक्टर में बड़ा बदलाव आने वाला है—यह सवाल अब निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

खासकर AI के बढ़ते इस्तेमाल ने भारतीय IT कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। लेकिन दूसरी तरफ AI के कारण पारंपरिक IT सेवाओं पर पड़ने वाले संभावित दबाव को लेकर भी बाजार में चिंता बनी हुई है।

हर सेक्टर में नहीं आई तेजी

शुक्रवार को बाजार में तेजी जरूर रही, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर कंपनी और हर सेक्टर के शेयर बढ़े।

बैंकिंग, FMCG, ऑटो, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे कुछ सेक्टर दबाव में रहे।

यानी बाजार में पैसा मुख्य रूप से चुनिंदा सेक्टरों और शेयरों में गया।

IT के अलावा फार्मा, मेटल, हेल्थकेयर और मीडिया सेक्टर में भी मजबूती देखने को मिली। दूसरी तरफ कई बैंकिंग और कंज्यूमर आधारित शेयरों में कमजोरी रही।

Reliance और HDFC Bank ने क्यों नहीं दिया साथ?

जहां IT शेयरों ने बाजार को ऊपर खींचा, वहीं कुछ बड़े और भारी वजन वाले शेयरों में कमजोरी ने तेजी को सीमित किया।

Reliance Industries के शेयर में करीब 2.2% की गिरावट आई। HDFC Bank भी दबाव में रहा। इसके अलावा Bharti Airtel के शेयर में भी कमजोरी देखने को मिली।

इन बड़े शेयरों में कमजोरी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Sensex और Nifty में इनका वजन काफी ज्यादा है। अगर ये शेयर तेजी के साथ बाजार का साथ दें, तो इंडेक्स में और बड़ी बढ़त देखने को मिल सकती है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली अभी भी चिंता

बाजार में तेजी के बावजूद एक बड़ी चिंता अभी खत्म नहीं हुई है—विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली।

बाजार में विदेशी पूंजी का प्रवाह हमेशा महत्वपूर्ण रहता है। अगर विदेशी निवेशक लगातार भारतीय शेयरों से पैसा निकालते हैं तो बाजार में ऊपर की तेजी टिकाऊ बने रहना मुश्किल हो सकता है।

यही वजह है कि शुक्रवार की तेजी के बावजूद बाजार विशेषज्ञ आगे की दिशा को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं।

एक तरफ IT शेयरों में खरीदारी है, दूसरी तरफ वैश्विक ब्याज दरों और विदेशी निवेश को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

अमेरिकी फेड के फैसले पर टिकी नजर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति भी भारतीय बाजार के लिए महत्वपूर्ण है। अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर फेड का रुख वैश्विक निवेशकों के फैसलों को प्रभावित करता है।

अगर अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने का संकेत मिलता है, तो उभरते बाजारों से विदेशी पूंजी बाहर जाने का दबाव बढ़ सकता है।

इसके उलट अगर ब्याज दरों में नरमी के संकेत मिलते हैं, तो भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है।

इसलिए आने वाले कारोबारी सत्रों में अमेरिकी केंद्रीय बैंक के संकेत बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे।

क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम भी चर्चा में

हाल के दिनों में भारतीय बाजार में नया Closing Auction Session भी चर्चा में रहा है। यह सिस्टम आधिकारिक क्लोजिंग कीमत तय करने में भूमिका निभाता है।

मासिक डेरिवेटिव एक्सपायरी के दौरान इसमें तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला था, जिसके बाद बाजार में इसकी क्षमता और बड़े संस्थागत ऑर्डरों पर असर को लेकर सवाल उठे।

बाजार की हालिया अस्थिरता को देखते हुए यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी चर्चा में रह सकता है।

क्या बाजार की तेजी आगे भी जारी रहेगी?

यही इस समय सबसे बड़ा सवाल है।

शुक्रवार की तेजी निश्चित रूप से निवेशकों के लिए राहत की खबर है, लेकिन इसे बाजार में पूरी तरह ट्रेंड बदलने का संकेत मानना जल्दबाजी होगी।

इसके पीछे कई कारण हैं।

पहला, Sensex और Nifty दोनों ने शुक्रवार को बढ़त दर्ज की, लेकिन पूरे सप्ताह में दोनों इंडेक्स अभी भी गिरावट में रहे। यह लगातार तीसरा साप्ताहिक नुकसान था।

दूसरा, बाजार में कुछ बड़े शेयर अभी भी दबाव में हैं।

तीसरा, वैश्विक ब्याज दरों और विदेशी निवेश को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

इसलिए शुक्रवार की तेजी को फिलहाल एक मजबूत रिकवरी के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन बाजार को आगे बढ़ने के लिए और सकारात्मक संकेतों की जरूरत होगी।

निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?

निवेशकों के लिए शुक्रवार का कारोबार एक महत्वपूर्ण संकेत देता है कि बाजार में गिरावट के बाद चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी लौट सकती है।

खासकर IT सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। AI और टेक्नोलॉजी से जुड़े कारोबार को लेकर बढ़ती उम्मीदों से भारतीय IT कंपनियों को भी फायदा मिल सकता है।

लेकिन निवेशकों को सिर्फ एक दिन की तेजी देखकर जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहिए। बाजार में वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेश, अमेरिकी ब्याज दरों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों का असर आगे भी बना रहेगा।

अब बाजार के लिए अगला बड़ा मोड़ क्या होगा?

शुक्रवार की तेजी ने बाजार को राहत जरूर दी, लेकिन असली परीक्षा अब अगले कारोबारी सत्रों में होगी।

क्या IT शेयरों की तेजी जारी रहेगी?

क्या Sensex फिर से 77,500 के ऊपर मजबूती बनाएगा?

क्या Nifty 24,200 के स्तर को पार करके आगे बढ़ पाएगा?

या फिर विदेशी बिकवाली और वैश्विक संकेत एक बार फिर बाजार की तेजी पर ब्रेक लगा देंगे?

फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। इतना जरूर है कि दो दिनों की गिरावट के बाद IT शेयरों ने बाजार का पूरा माहौल बदल दिया है। Sensex 331 अंक चढ़ा, Nifty 24,175 के ऊपर पहुंचा और IT इंडेक्स करीब साढ़े तीन फीसदी उछला।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि यह तेजी सिर्फ एक दिन की राहत है या भारतीय शेयर बाजार किसी नए दौर की शुरुआत की तैयारी कर रहा है।

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