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प्रेमी ने SSP को फोन कर कहा- ‘उसे मार दिया गया है’… फिर खेत में खुदी 8 फीट गहरी कब्र ने खोल दिया बरेली का खौफनाक राज!



बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से सामने आया एक मामला प्रेम संबंध, परिवार की कथित नाराजगी और एक किशोरी की संदिग्ध मौत से जुड़ा है। अलीगंज थाना क्षेत्र के अनिरुद्धपुर गौटिया गांव में कक्षा 10 की 17 वर्षीय छात्रा की मौत के बाद उसके शव को खेत में दफन किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने करीब आठ फीट गहरी खुदाई के बाद शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुरुआती जांच में मामला प्रेम-प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है और पुलिस इसे हत्या के एंगल से जांच रही है।

मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब किशोरी के प्रेमी ने कथित तौर पर बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को फोन कर उसकी हत्या की आशंका जताई। उसने पुलिस को बताया कि किशोरी की हत्या कर शव को खेत में दफना दिया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और जांच शुरू की गई। इसके बाद जो घटनाक्रम सामने आया, उसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया।

28 जुलाई के बाद अचानक गायब हो गई थी किशोरी

पुलिस और स्थानीय जानकारी के अनुसार, किशोरी 28 जुलाई के बाद से दिखाई नहीं दे रही थी। वह कक्षा 10 में पढ़ती थी और गांव के ही एक युवक से उसके प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है। परिवार को इस संबंध की जानकारी थी और कथित तौर पर इसे लेकर घर में नाराजगी भी थी।

बताया गया है कि परिजनों ने किशोरी को युवक से दूरी बनाने के लिए समझाया था। परिवार की ओर से उसके लिए रिश्ता देखने की बात भी सामने आई। लेकिन किशोरी कथित तौर पर अपने प्रेमी से शादी करने पर अड़ी हुई थी।

इसके बाद 28 जुलाई की रात उसकी मौत हो गई। आरोप है कि घटना के बाद परिवार ने पुलिस को सूचना देने के बजाय शव को खेत में दफना दिया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में वास्तव में क्या हुआ, यह पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगा।

प्रेमी के एक फोन से बदल गई पूरी कहानी

किशोरी के कई दिनों तक संपर्क में नहीं आने के बाद उसके प्रेमी को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद उसने कथित तौर पर सीधे SSP को फोन किया।

उसने पुलिस को जानकारी दी कि उसकी प्रेमिका की हत्या कर दी गई है और शव को खेत में छिपा दिया गया है।

यह सूचना पुलिस के लिए बेहद गंभीर थी। अगर शिकायत सही थी तो मामला केवल गुमशुदगी का नहीं, बल्कि हत्या और शव छिपाने का बन सकता था।

पुलिस ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की और परिवार से संपर्क करने की कोशिश की। इसी दौरान परिवार के व्यवहार और किशोरी के अचानक गायब होने को लेकर कई सवाल खड़े हुए।

परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट क्यों नहीं लिखाई?

जांच में पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यही था कि अगर किशोरी कई दिनों से घर से गायब थी तो उसके परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज कराई?

आम तौर पर किसी नाबालिग के अचानक गायब होने पर परिवार पुलिस को सूचना देता है। लेकिन इस मामले में ऐसी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी। पुलिस को यह बात संदिग्ध लगी।

इसी आधार पर जांच का दायरा परिवार के सदस्यों तक बढ़ाया गया। पुलिस ने किशोरी के चाचा जय प्रकाश से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर किशोरी की हत्या और शव को खेत में दफन करने की जानकारी दी।

हालांकि, पुलिस की ओर से अंतिम निष्कर्ष और सभी आरोपों की कानूनी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

खेत में शुरू हुई घंटों लंबी खुदाई

चाचा से मिली कथित जानकारी के बाद पुलिस ने उस खेत को चिन्हित किया, जहां शव दफन किए जाने की बात सामने आई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अनुमति ली गई। इसके बाद पुलिस, राजस्व अधिकारियों और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में खेत की खुदाई शुरू की गई।

रिपोर्टों के मुताबिक, करीब ढाई घंटे तक खुदाई चली। जमीन के अंदर काफी गहराई पर शव बरामद हुआ। कुछ रिपोर्टों में गहराई करीब आठ फीट बताई गई है। शव की स्थिति खराब हो चुकी थी, इसलिए मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाना पुलिस के लिए बेहद महत्वपूर्ण था।

फॉरेंसिक टीम ने जुटाए अहम सबूत

शव बरामद होने के बाद फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की। टीम ने वहां से जरूरी साक्ष्य जुटाए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किशोरी की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी।

शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले की जांच में सबसे अहम कड़ी हो सकती है, क्योंकि इससे मौत के संभावित कारण और शरीर पर किसी चोट या अन्य निशान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

क्या यह ऑनर किलिंग है?

मामले में ऑनर किलिंग की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि पुलिस की शुरुआती जांच में किशोरी के प्रेम संबंध और परिवार की नाराजगी के बीच संबंध सामने आया है।

लेकिन कानूनी रूप से किसी मामले को ऑनर किलिंग साबित करने के लिए सिर्फ प्रेम संबंध और परिवार की नाराजगी पर्याप्त नहीं है। पुलिस को हत्या की परिस्थितियों, आरोपी की भूमिका, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य सबूतों के आधार पर मामला साबित करना होगा।

इसलिए फिलहाल इसे पुलिस द्वारा जांचे जा रहे हत्या के मामले के रूप में देखना उचित होगा।

परिजन हुए फरार

स्थानीय जानकारी के मुताबिक, पुलिस की जांच शुरू होने के बाद किशोरी के परिवार के कुछ सदस्य घर से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और मामले से जुड़े हर व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है।

पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि किशोरी की मौत के समय वहां कौन मौजूद था, शव को खेत तक कौन लेकर गया और गड्ढा किसने खोदा।

इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि क्या घटना से पहले किशोरी और परिवार के बीच कोई विवाद हुआ था।

चाचा की पूछताछ से खुला राज

इस केस में चाचा जय प्रकाश की पूछताछ अहम कड़ी बनकर सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान उसने शव को खेत में दफन किए जाने की जानकारी दी।

इसके बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर खेत की खुदाई कराई और शव बरामद किया।

अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या में कौन-कौन शामिल था और किसकी क्या भूमिका थी। अगर किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

प्रेम संबंध को लेकर परिवार में था विवाद

जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, किशोरी और गांव के युवक के बीच प्रेम संबंध था। परिवार इस रिश्ते से कथित तौर पर नाराज था।

रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि परिवार ने किशोरी को युवक से दूरी बनाने की सलाह दी थी और उसके लिए दूसरा रिश्ता देखने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन किशोरी कथित तौर पर अपने प्रेमी के साथ शादी करना चाहती थी।

यही पारिवारिक विवाद आगे चलकर उसकी मौत से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, इस दावे की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेंगे कई सवाल

शव बरामद होने के बाद अब पुलिस की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर है।

सबसे महत्वपूर्ण सवाल है कि किशोरी की मौत कैसे हुई?

क्या उसके शरीर पर चोट के निशान थे? क्या गला दबाने या किसी अन्य तरीके से हत्या की गई? क्या मौत से पहले उसके साथ मारपीट हुई थी? इन सभी सवालों के जवाब मेडिकल जांच से मिल सकते हैं।

चूंकि शव कई दिनों तक जमीन में दफन रहा था, इसलिए साक्ष्य जुटाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में फॉरेंसिक जांच और उपलब्ध अन्य डिजिटल या परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

प्रेमी की शिकायत क्यों बनी अहम कड़ी?

अगर किशोरी के प्रेमी ने पुलिस को सूचना नहीं दी होती तो संभव है कि यह मामला लंबे समय तक सामने ही नहीं आता। परिवार की ओर से गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं होने के कारण पुलिस के पास तत्काल जांच शुरू करने का कोई सामान्य आधार भी नहीं था।

लेकिन प्रेमी द्वारा दी गई सूचना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच आगे बढ़ाई।

यही कारण है कि अब पुलिस यह भी जांच रही है कि प्रेमी को घटना की जानकारी कैसे मिली और उसने किन परिस्थितियों में पुलिस से संपर्क किया।

गांव में फैली सनसनी

खेत में गहरी कब्र खोदकर शव दफन किए जाने की खबर सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। जिस खेत में सामान्य दिनों में खेती का काम होता था, वही जगह अचानक पुलिस और फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी के कारण जांच का केंद्र बन गई।

लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि, पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की अपील की है।

परिवार और समाज के लिए बड़ा सवाल

यह घटना सिर्फ एक आपराधिक जांच नहीं है, बल्कि समाज के सामने कई गंभीर सवाल भी खड़े करती है।

अगर कोई परिवार किसी नाबालिग की पसंद या प्रेम संबंध से असहमत है तो उसका समाधान बातचीत, परामर्श और कानूनी रास्ते से किया जाना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में हिंसा या हत्या का सहारा लेना अपराध है।

नाबालिगों से जुड़े मामलों में परिवार, स्कूल, समुदाय और प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। बच्चों और किशोरों को सुरक्षित माहौल देने के साथ उनकी समस्याओं को समझना जरूरी है।

पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी सच्चाई

फिलहाल पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटा चुकी है। चाचा से पूछताछ और परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। इसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना में सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि 28 जुलाई की रात आखिर उस घर में क्या हुआ था? किशोरी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसे खेत में इतनी गहराई में क्यों दफन किया गया? प्रेमी के फोन के बाद पुलिस जिस राज तक पहुंची है, उसकी पूरी तस्वीर पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक जांच और पुलिस की आगे की कार्रवाई के बाद ही सामने आएगी।

फिलहाल इतना जरूर सामने आया है कि एक 10वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद उसके शव को खेत में दफन किए जाने का मामला सामने आया है और पुलिस इसे हत्या के एंगल से गंभीरता से जांच रही है। इस मामले में किसी भी आरोपी को दोषी मानने से पहले जांच और अदालत की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।

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