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पत्नी से हुई आखिरी बात… फिर कमरे में चला गया नीरज, कुछ देर बाद सामने आया खौफनाक मंजर

 


उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से घरेलू विवाद से जुड़ा एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। यहां पत्नी के साथ चल रहे विवाद के बीच एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान नीरज के रूप में हुई है, जो भाजपा के पूर्व नगर मंत्री डॉ. सहदेव का बेटा बताया जा रहा है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने पत्नी और उसके मायके पक्ष पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला दांपत्य विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है।

परिवार के अनुसार नीरज एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। उसकी शादी करीब तीन साल पहले गौरीपुर जवाहर नगर निवासी अंजलि के साथ हुई थी। दंपती की करीब दो साल की बेटी भी है। बताया गया है कि अंजलि इस समय गर्भवती है। परिवार का कहना है कि पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के बीच साथ रहने को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के बाद पत्नी अपने मायके चली गई थी और वापस आने के लिए तैयार नहीं थी।

पति-पत्नी के बीच लगातार चल रहा था विवाद

मोहल्ला देशराज निवासी डॉ. सहदेव के अनुसार नीरज और अंजलि के बीच काफी समय से मतभेद चल रहे थे। उनका आरोप है कि नीरज ने पत्नी के साथ कभी मारपीट नहीं की। इसके बावजूद दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया।

परिवार का दावा है कि अंजलि अपने मायके में रहना चाहती थी, जबकि नीरज चाहता था कि उसकी पत्नी उसके साथ घर में रहे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कई बार कहासुनी हुई। परिजनों के मुताबिक नीरज पत्नी और अपनी छोटी बेटी के साथ सामान्य पारिवारिक जीवन बिताना चाहता था।

हालांकि, घरेलू विवाद के कारण स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती चली गई। परिवार का कहना है कि नीरज पत्नी के घर वापस आने को लेकर काफी परेशान था।

3 अगस्त के विवाद के बाद मायके चली गई पत्नी

परिजनों के मुताबिक 3 अगस्त को भी पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद अंजलि ने पुलिस को शिकायत दी और अपने मायके चली गई।

परिवार का कहना है कि इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना देकर नीरज को पकड़वाया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की। बाद में उसे एसडीएम कोर्ट से जमानत मिल गई।

जमानत मिलने के बाद नीरज वापस अपने घर पहुंचा। परिवार के मुताबिक घर आने के बाद उसने मोबाइल फोन के माध्यम से पत्नी से बातचीत की। उसने पत्नी को समझाने की कोशिश की और घर लौटने के लिए कहा।

पत्नी से बातचीत के बाद बढ़ी बेचैनी

परिजनों का कहना है कि नीरज पत्नी से यह कह रहा था कि उसने कभी उसके साथ मारपीट नहीं की। परिवार के मुताबिक वह इस बात को लेकर काफी परेशान था कि आखिर पत्नी उसके साथ रहने के लिए तैयार क्यों नहीं है।

नीरज ने पत्नी को समझाने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर बातचीत के बावजूद वह घर लौटने के लिए तैयार नहीं हुई। इसके बाद नीरज अपने कमरे में चला गया।

परिवार के अनुसार कुछ समय बाद जब उसकी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो परिजनों ने उसे देखने के लिए कमरे का रुख किया। वहां की स्थिति देखकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए।

कमरे में मृत मिला नीरज

परिजनों ने नीरज को गंभीर हालत में पाया। उसे तुरंत नीचे लाया गया और उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जिला अस्पताल में मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोगों में चीख-पुकार मच गई। घर में पहले से चल रहे विवाद के बीच हुई इस घटना ने परिवार को पूरी तरह झकझोर दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले से जुड़े लोगों से जानकारी जुटानी शुरू की।

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि घटना से पहले पति-पत्नी के बीच विवाद की जानकारी सामने आई है। हालांकि किसी भी पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को जांच के बाद ही सही माना जाएगा।

परिवार की ओर से पत्नी और उसके मायके पक्ष पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। परिजनों ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने शुरू की जांच

बड़ौत कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारी घटना से पहले हुए विवाद, पत्नी की शिकायत, नीरज के खिलाफ हुई कार्रवाई और जमानत के बाद घर लौटने की परिस्थितियों को भी जांच के दायरे में ले सकते हैं।

कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार चाहल के अनुसार, प्रथम दृष्टया पत्नी से विवाद के बाद युवक की मौत की बात सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस को मृतक के परिवार की ओर से क्या शिकायत मिलती है और जांच के दौरान पत्नी तथा उसके मायके पक्ष के बयान में क्या तथ्य सामने आते हैं।

परिवार में दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी का सवाल

इस घटना के बाद परिवार के सामने भावनात्मक संकट के साथ कई व्यावहारिक सवाल भी खड़े हो गए हैं। नीरज की करीब दो साल की बेटी है, जबकि परिवार के अनुसार उसकी पत्नी गर्भवती है। ऐसे में घटना का असर परिवार के छोटे बच्चों और दोनों पक्षों के रिश्तेदारों पर भी पड़ना तय है।

दंपती के बीच विवाद किस वजह से बढ़ा, दोनों पक्षों के बीच पहले क्या बातचीत हुई थी और पुलिस में दी गई शिकायत में क्या आरोप लगाए गए थे, इन सभी पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।

घरेलू विवाद को लेकर फिर उठे सवाल

बागपत की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि घरेलू विवाद समय रहते सुलझाए न जाएं तो स्थिति कितनी गंभीर हो सकती है। पति-पत्नी के बीच होने वाले मतभेद कई बार परिवार और रिश्तेदारों के बीच तनाव का कारण बन जाते हैं। ऐसे मामलों में बातचीत, परिवार के जिम्मेदार लोगों की मध्यस्थता और जरूरत पड़ने पर उचित कानूनी सहायता महत्वपूर्ण हो सकती है।

हालांकि इस मामले में नीरज की मौत के लिए किसी एक पक्ष को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराना अभी जल्दबाजी होगी। पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दोनों पक्षों के बयान के बाद ही तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच की जाएगी। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और घटना से पहले किन परिस्थितियों में हालात इस कदर बिगड़े।

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