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पत्नी से फोन पर हुई आखिरी बातचीत… फिर 32 साल के नीरज के साथ क्या हुआ? बागपत की घटना ने खड़े किए कई सवाल



बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत से पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद के बाद एक 32 वर्षीय युवक की मौत का बेहद दुखद मामला सामने आया है। बागपत कोतवाली क्षेत्र के देशराज मोहल्ले में हुई इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतक की पहचान नीरज के रूप में हुई है, जो स्थानीय भाजपा नेता सहदेव का बेटा बताया जा रहा है।

परिजनों के मुताबिक, नीरज पिछले कुछ समय से पत्नी के मायके चले जाने और उसके वापस घर नहीं लौटने को लेकर परेशान था। परिवार का दावा है कि पति-पत्नी के बीच पहले से मतभेद चल रहे थे और हाल के दिनों में विवाद बढ़ गया था। घटना से पहले भी नीरज की पत्नी से फोन पर बातचीत हुई थी। इसी बातचीत को लेकर परिवार की ओर से कई बातें सामने आई हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इन दावों को अंतिम रूप से सही नहीं माना है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

इस घटना ने पति-पत्नी के बीच बढ़ते विवाद, पारिवारिक तनाव और संवाद टूटने जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर दोनों के बीच विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और घटना से पहले ऐसी कौन-कौन सी परिस्थितियां बनीं, जिनके बाद यह दुखद घटना हुई।

2022 में हुई थी नीरज और अंजली की शादी

जानकारी के अनुसार, नीरज की शादी वर्ष 2022 में गौरीपुर जवाहरनगर निवासी अंजली से हुई थी। शादी के बाद दोनों का वैवाहिक जीवन सामान्य रहा या नहीं, इसे लेकर परिवार की ओर से अलग-अलग बातें सामने आई हैं। परिजनों का कहना है कि शादी के कुछ समय बाद दोनों के बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर मतभेद होने लगे थे।

धीरे-धीरे ये मतभेद विवाद में बदलते गए। दोनों के बीच कई बार कहासुनी होने की बात कही जा रही है। दंपती की करीब दो साल की एक बेटी भी है, जिसका नाम शानवी बताया गया है। वहीं, नीरज की पत्नी अंजली के करीब आठ महीने की गर्भवती होने की बात भी सामने आई है।

ऐसे में इस घटना ने परिवार के सामने एक बेहद कठिन स्थिति पैदा कर दी है। एक तरफ दो साल की बच्ची ने अपने पिता को खो दिया, वहीं दूसरी ओर परिवार में आने वाले बच्चे के जन्म से पहले ही पिता की मौत हो गई।

पत्नी के मायके जाने के बाद बढ़ी परेशानी

परिवार के अनुसार, कुछ दिन पहले पति-पत्नी के बीच फिर से विवाद हुआ था। इसके बाद अंजली अपने मायके चली गई थी। नीरज कथित तौर पर चाहता था कि उसकी पत्नी वापस घर लौट आए और दोनों के बीच चल रहा विवाद बातचीत के जरिए खत्म हो जाए।

परिजनों का दावा है कि नीरज लगातार पत्नी को वापस आने के लिए मनाने की कोशिश कर रहा था। वह फोन पर बातचीत कर रहा था और रिश्ते को बचाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन जब पत्नी वापस आने के लिए तैयार नहीं हुई तो उसकी परेशानी और बढ़ गई।

परिवार की ओर से यह भी कहा गया है कि करीब दो दिन पहले पति-पत्नी के बीच हुए विवाद की सूचना पुलिस तक पहुंची थी। इस दौरान पुलिस की ओर से भी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

घटना से पहले पत्नी से हुई थी फोन पर बातचीत

घटना से पहले नीरज और उसकी पत्नी के बीच फोन पर बातचीत होने की जानकारी सामने आई है। परिवार का कहना है कि इस बातचीत के दौरान नीरज ने पत्नी से अपने मन की नाराजगी जाहिर की थी।

परिवार के मुताबिक, नीरज ने बातचीत के दौरान कहा था कि उसने पत्नी के साथ कभी मारपीट नहीं की, इसके बावजूद वह उसके साथ रहने के लिए तैयार क्यों नहीं है। यह बात परिवार की ओर से बताई गई है और पुलिस अभी इस बातचीत तथा उसके संदर्भ की जांच कर रही है।

इसके बाद नीरज अपने कमरे में चला गया। कुछ समय बाद परिवार को घटना की जानकारी हुई। परिजनों में चीख-पुकार मच गई और उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई, हालांकि इस दौरान परिजनों की ओर से शव को मोर्चरी ले जाने को लेकर विरोध भी किया गया। पुलिस ने परिवार को समझाया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

पुलिस ने शुरू की मामले की जांच

बागपत कस्बा चौकी प्रभारी शिवकुमार के मुताबिक, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। इनमें पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद की वास्तविक वजह, पहले हुए विवाद की परिस्थितियां, दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत और घटना से पहले की स्थिति प्रमुख हैं।

जांच एजेंसियां यह भी देख सकती हैं कि दोनों के बीच पहले कभी किसी तरह की शिकायत पुलिस में दर्ज हुई थी या नहीं। इसके अलावा परिवार के आरोपों और दूसरे पक्ष के बयान को भी जांच का हिस्सा बनाया जाना जरूरी है।

परिवार ने लगाए गंभीर आरोप, लेकिन जांच बाकी

नीरज की मौत के बाद उसके परिवार ने पत्नी और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि नीरज लंबे समय से वैवाहिक विवाद को लेकर परेशान था और पत्नी के मायके चले जाने के बाद उसकी मानसिक स्थिति काफी प्रभावित हुई थी।

हालांकि, इन आरोपों को फिलहाल परिवार का पक्ष ही माना जा रहा है। पुलिस जांच में इन आरोपों की पुष्टि होना अभी बाकी है। उपलब्ध जानकारी में पत्नी या उसके मायके पक्ष की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ऐसे मामलों में किसी एक पक्ष के आरोपों के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होता। पुलिस को दोनों पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य, पुरानी शिकायतों और घटना से पहले की परिस्थितियों को निष्पक्ष रूप से देखना होगा।

दो साल की बेटी के सिर से उठा पिता का साया

नीरज की मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है। सबसे ज्यादा असर उसकी करीब दो साल की बेटी शानवी पर पड़ा है, जिसने कम उम्र में अपने पिता को खो दिया। वहीं, पत्नी के गर्भवती होने की जानकारी के कारण परिवार के सामने भविष्य को लेकर भी कई भावनात्मक और सामाजिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि जब पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगे तो परिवार और समाज की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो जाती है। कई बार लगातार तनाव, संवाद की कमी और पारिवारिक मतभेद स्थिति को बेहद गंभीर बना सकते हैं। ऐसे समय में परिवार के भरोसेमंद लोगों, काउंसलर या संबंधित सहायता व्यवस्था से समय रहते मदद लेना महत्वपूर्ण हो सकता है।

कई सवालों के जवाब जांच के बाद मिलेंगे

बागपत की इस घटना में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पति-पत्नी के बीच ऐसा क्या हुआ था कि विवाद इस स्तर तक पहुंच गया। क्या दोनों के बीच लंबे समय से तनाव था? क्या विवाद को सुलझाने की कोशिश हुई थी? पुलिस तक पहले पहुंची शिकायत में क्या हुआ था? घटना से पहले हुई फोन बातचीत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं?

इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम सहित उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आएंगे।

फिलहाल यह स्पष्ट है कि बागपत में एक परिवार ने अपना 32 वर्षीय सदस्य खो दिया है। पीछे उसकी छोटी बेटी और परिवार के अन्य सदस्य रह गए हैं। घटना के बाद लगाए जा रहे आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में पति-पत्नी के बीच विवाद और इस दुखद घटना की पूरी पृष्ठभूमि को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।

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