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न डांटा, न गुस्सा किया… मैम ने अपनाया ऐसा अनोखा तरीका कि कुछ सेकंड में शांत हो गई पूरी क्लास, VIDEO हुआ वायरल



सोशल मीडिया पर इन दिनों एक मजेदार और दिल छू लेने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो एक क्लासरूम का है, जहां छोटे-छोटे बच्चे आपस में बातचीत और मस्ती करते नजर आते हैं। क्लास में इतना शोर है कि ऐसा लगता है जैसे बच्चों का ध्यान पढ़ाई से पूरी तरह हट चुका हो। लेकिन तभी उनकी टीचर कुछ ऐसा करती हैं कि बिना डांट, बिना गुस्सा और बिना किसी सख्ती के कुछ ही सेकंड में पूरा माहौल बदल जाता है।

टीचर बच्चों को चुप कराने के लिए न तो जोर से डांटती हैं और न ही किसी बच्चे को अलग खड़ा करती हैं। इसके बजाय वह एक बेहद आसान और मजेदार तरीका अपनाती हैं। वह बच्चों के साथ एक तरह का ‘साइलेंट गेम’ शुरू कर देती हैं। इस गेम में सिर्फ एक शब्द—‘क्लास’—का इस्तेमाल होता है। टीचर जैसे-जैसे अपनी आवाज की गति और वॉल्यूम बदलती हैं, बच्चे भी उनकी आवाज की नकल करते जाते हैं।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि बच्चों को शुरुआत में शायद अंदाजा भी नहीं होता कि यह छोटा-सा खेल कुछ ही पलों में पूरी क्लास को शांत कर देगा।

क्लासरूम में मचा था शोर

वायरल वीडियो की शुरुआत एक सामान्य क्लासरूम की तरह होती है। छोटे बच्चे अपनी सीटों पर बैठे हुए हैं और कई बच्चे आपस में बातचीत करते दिखाई देते हैं। कोई दोस्त से बात कर रहा है, कोई इधर-उधर देख रहा है तो कोई अपनी ही मस्ती में व्यस्त नजर आता है।

ऐसे माहौल में किसी भी शिक्षक के लिए सभी बच्चों का ध्यान एक साथ पढ़ाई की ओर लाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। खासकर छोटे बच्चों के साथ सिर्फ आदेश देकर उन्हें शांत कराना हमेशा आसान नहीं होता।

लेकिन इस वीडियो में टीचर ने बिल्कुल अलग रणनीति अपनाई।

उन्होंने बच्चों को चुप रहने के लिए सीधे नहीं कहा। उन्होंने कोई लंबा भाषण भी नहीं दिया। इसके बजाय उन्होंने मुस्कुराते हुए एक शब्द कहा—‘क्लास…’

पहली बार टीचर ने तेज आवाज में कहा ‘क्लास’

टीचर जैसे ही थोड़ी तेज आवाज में ‘क्लास…’ बोलती हैं, बच्चे भी तुरंत उसी अंदाज में जवाब देते हैं। पूरी क्लास से बच्चों की आवाज एक साथ सुनाई देती है।

बच्चों का जवाब सुनकर टीचर दोबारा वही शब्द बोलती हैं, लेकिन इस बार आवाज पहले से थोड़ी धीमी होती है।

बच्चे भी उनकी आवाज को कॉपी करते हुए धीरे बोलते हैं।

यहीं से इस छोटे से गेम का असली मजा शुरू होता है।

टीचर हर बार अपनी आवाज को थोड़ा और धीमा करती जाती हैं। बच्चे भी बिना किसी अतिरिक्त निर्देश के उनकी नकल करते हुए अपनी आवाज कम करते जाते हैं।

धीरे-धीरे क्लास का शोर कम होने लगता है।

बच्चों ने समझ लिया टीचर का इशारा

इस वीडियो की सबसे प्यारी बात बच्चों का रिएक्शन है। टीचर ने उन्हें यह नहीं बताया कि उन्हें क्या करना है। उन्होंने सिर्फ अपनी आवाज का स्तर बदला और बच्चों ने उसे समझ लिया।

पहली बार बच्चे जोर से बोले।

दूसरी बार उनकी आवाज थोड़ी कम हुई।

तीसरी बार और धीमी।

इसके बाद टीचर की आवाज इतनी धीमी हो जाती है कि बच्चों को भी बहुत धीरे से ‘क्लास’ बोलना पड़ता है।

यह पूरी प्रक्रिया किसी मजेदार खेल की तरह दिखाई देती है।

बच्चों को यह महसूस ही नहीं होता कि वह अनुशासन सीख रहे हैं। उन्हें लगता है कि वे टीचर के साथ कोई गेम खेल रहे हैं।

यही इस तरीके की सबसे खास बात है।

कुछ ही सेकंड में बदल गया पूरा माहौल

वीडियो के शुरुआती हिस्से में जहां बच्चों की आवाजें लगातार सुनाई देती हैं, वहीं कुछ ही समय बाद क्लासरूम में लगभग सन्नाटा छा जाता है।

टीचर आखिर में बेहद धीमी आवाज में ‘क्लास’ कहती हैं।

बच्चे भी उसी धीमी आवाज में जवाब देते हैं।

इसके बाद टीचर के चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान दिखाई देती है। वह बिना किसी गुस्से के पूरी क्लास का ध्यान अपनी ओर खींचने में कामयाब हो जाती हैं।

यही छोटा सा पल सोशल मीडिया यूजर्स को सबसे ज्यादा पसंद आ रहा है।

डांट के बजाय अपनाया क्रिएटिव तरीका

क्लासरूम मैनेजमेंट में बच्चों को शांत कराना शिक्षकों के लिए रोजमर्रा की चुनौती हो सकती है। कई बार बच्चे लगातार बातचीत करते रहते हैं और शिक्षक को अपनी आवाज ऊंची करनी पड़ती है।

लेकिन वायरल वीडियो में टीचर ने बिल्कुल उल्टा तरीका अपनाया।

उन्होंने अपनी आवाज ऊंची करने के बजाय उसे धीरे-धीरे कम किया।

इसका असर यह हुआ कि बच्चों को भी ध्यान से सुनना पड़ा। जैसे-जैसे टीचर की आवाज धीमी होती गई, बच्चों को भी उनकी आवाज सुनने के लिए शांत होना पड़ा।

यानी बिना सीधे यह कहे कि ‘चुप हो जाओ’, टीचर ने बच्चों को खुद शांत होने के लिए प्रेरित कर दिया।

वीडियो देखकर लोगों को याद आया अपना स्कूल टाइम

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। कई लोगों ने टीचर के तरीके की तारीफ की तो कुछ ने अपने स्कूल के दिनों को याद किया।

कुछ यूजर्स ने मजाक में कहा कि उनके जमाने में बच्चों को शांत कराने के लिए सिर्फ टीचर की एक नजर ही काफी होती थी।

वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि आज के समय में बच्चों के साथ सख्ती के बजाय इस तरह के रचनात्मक तरीके ज्यादा प्रभावी हो सकते हैं।

कई लोगों ने यह भी कहा कि टीचर का तरीका इसलिए अच्छा लगा क्योंकि इसमें बच्चों को डराया नहीं गया।

‘काश हमारी भी ऐसी टीचर होतीं’

वीडियो के कमेंट सेक्शन में एक तरह की भावना बार-बार दिखाई दे रही है—लोग ऐसी टीचर की तारीफ कर रहे हैं जो बच्चों को डांटने के बजाय उनके साथ जुड़कर उन्हें संभालती हैं।

एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि अगर उनके स्कूल में भी ऐसी टीचर होतीं तो शायद क्लास में शोर कम करने के लिए डंडे की जरूरत नहीं पड़ती।

एक अन्य यूजर ने लिखा कि बच्चों को डराने के बजाय खेल-खेल में अनुशासन सिखाने का यह तरीका ज्यादा अच्छा है।

हालांकि वीडियो पर किए गए सभी कमेंट्स की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन इतना जरूर है कि क्लिप ने बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।

छोटे बच्चों के लिए क्यों काम कर सकता है ऐसा तरीका?

छोटे बच्चों के साथ पढ़ाई सिर्फ किताबों और निर्देशों तक सीमित नहीं होती। उनका ध्यान आकर्षित करने के लिए शिक्षक को कई बार रचनात्मक तरीके अपनाने पड़ते हैं।

इस वीडियो में भी यही देखने को मिलता है।

जब टीचर बच्चों को सीधे चुप रहने के लिए कहतीं, तो हो सकता है कि कुछ बच्चे थोड़ी देर बाद फिर बातचीत शुरू कर देते। लेकिन आवाज की नकल वाला यह गेम बच्चों के लिए मनोरंजन बन गया।

वे टीचर की आवाज को कॉपी करने में व्यस्त हो गए और इसी प्रक्रिया में पूरी क्लास शांत होती चली गई।

यह तरीका हर बच्चे या हर क्लास में समान रूप से काम करे, यह जरूरी नहीं है। फिर भी यह दिखाता है कि क्लासरूम मैनेजमेंट में रचनात्मकता और सकारात्मक संवाद की कितनी भूमिका हो सकती है।

टीचर की बॉडी लैंग्वेज ने भी खींचा ध्यान

वीडियो में सिर्फ टीचर की आवाज ही महत्वपूर्ण नहीं है। उनका शांत और मुस्कुराता हुआ व्यवहार भी बच्चों को सहज बनाए रखता है।

उन्होंने गुस्सा दिखाने या ऊंची आवाज में आदेश देने के बजाय बच्चों के साथ एक दोस्ताना माहौल बनाया।

बच्चों ने भी इस माहौल को स्वीकार किया और टीचर की बात को खेल की तरह फॉलो किया।

यही कारण है कि वीडियो देखने वाले कई लोग इसे सिर्फ एक वायरल क्लिप नहीं, बल्कि एक छोटा-सा क्लासरूम लर्निंग मोमेंट मान रहे हैं।

सोशल मीडिया पर क्यों वायरल हुआ वीडियो?

सोशल मीडिया पर रोजाना हजारों वीडियो सामने आते हैं, लेकिन हर वीडियो लोगों का ध्यान नहीं खींच पाता। इस क्लिप की खासियत यह है कि इसमें कोई बड़ा विवाद या चौंकाने वाली घटना नहीं है।

इसके बावजूद यह लोगों को पसंद आ रहा है क्योंकि वीडियो में बच्चों की मासूमियत, टीचर की क्रिएटिविटी और एक सकारात्मक क्लासरूम माहौल दिखाई देता है।

आज के दौर में जब सोशल मीडिया पर अक्सर विवादित और नकारात्मक कंटेंट तेजी से वायरल होता है, ऐसे में किसी शिक्षक का बच्चों को प्यार और समझदारी से संभालने वाला वीडियो लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला रहा है।

अनुशासन का नया तरीका दे गया बड़ा संदेश

इस वायरल वीडियो से एक बड़ा संदेश यह भी निकलता है कि अनुशासन का मतलब हमेशा सख्ती या डांट नहीं होता।

कई बार बच्चों को समझने, उनका ध्यान आकर्षित करने और उन्हें किसी गतिविधि में शामिल करने से बेहतर परिणाम मिल सकता है।

इस टीचर ने बच्चों को चुप रहने का आदेश नहीं दिया। उन्होंने ऐसा माहौल बनाया जिसमें बच्चों ने खुद अपनी आवाज धीमी कर ली।

यही वजह है कि कुछ ही सेकंड में शोर से भरी क्लास शांत हो गई।

वीडियो ने जीत लिया इंटरनेट का दिल

फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा में है। कोई इसे मजेदार क्लासरूम ट्रिक बता रहा है, तो कोई टीचर की क्रिएटिविटी की तारीफ कर रहा है।

बच्चों की मासूम आवाजें और टीचर का धीरे-धीरे ‘क्लास’ बोलना वीडियो को और भी प्यारा बना देता है।

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प बात यह है कि टीचर ने बच्चों को शांत करने के लिए अपनी आवाज ऊंची नहीं की, बल्कि उसे धीरे-धीरे कम किया—और बच्चों ने भी उसी लय को अपना लिया।

कुछ ही पलों में शोर खत्म हो गया और क्लासरूम में शांति लौट आई।

यही छोटा-सा तरीका अब इंटरनेट पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और कई लोग इसे बच्चों के साथ सकारात्मक तरीके से जुड़ने का शानदार उदाहरण बता रहे हैं। 

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