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आयुष्मान कार्ड पर सबसे बड़ा भ्रम हुआ दूर! 6 से कम सदस्य वाले परिवारों के लिए सरकार ने अचानक साफ कर दिया ये नियम



नई दिल्ली: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) को लेकर लंबे समय से चली आ रही एक गलतफहमी को केंद्र सरकार ने दूर कर दिया है। कई लोगों के बीच यह धारणा बनी हुई थी कि जिन परिवारों में छह से कम सदस्य हैं, उन्हें आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं मिलेगा। अब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि परिवार में सदस्यों की संख्या के आधार पर योजना की पात्रता तय नहीं होती।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने लोकसभा में दिए लिखित जवाब में बताया कि आयुष्मान भारत योजना में परिवार के आकार, उम्र या जेंडर के आधार पर कोई न्यूनतम या अधिकतम सीमा तय नहीं की गई है। यानी किसी परिवार में दो सदस्य हों, चार हों, पांच हों या छह से ज्यादा—सिर्फ सदस्यों की संख्या के कारण परिवार को योजना से बाहर नहीं किया जाएगा।

हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए परिवार को सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करना जरूरी है।

6 से कम सदस्य होने पर कार्ड बंद नहीं होगा

आयुष्मान भारत योजना को लेकर सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच काफी समय से यह बात चर्चा में थी कि छह से कम सदस्यों वाले परिवार आयुष्मान कार्ड के लिए पात्र नहीं हैं।

इस वजह से कई परिवारों में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी।

अब केंद्र सरकार ने इस धारणा को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।

सरकार के मुताबिक, परिवार का आकार आयुष्मान भारत योजना की पात्रता निर्धारित करने का आधार नहीं है।

इसका मतलब है कि अगर कोई परिवार योजना के निर्धारित नियमों के तहत पात्र है, तो परिवार में सदस्यों की संख्या कम होने के बावजूद उसे योजना का लाभ मिल सकता है।

परिवार में 2 सदस्य हैं तो भी मिल सकता है लाभ

मान लीजिए किसी पात्र परिवार में केवल दो सदस्य हैं। केवल इस वजह से उन्हें आयुष्मान भारत योजना से बाहर नहीं किया जाएगा।

इसी तरह चार या पांच सदस्यों वाले परिवारों के लिए भी कोई अलग न्यूनतम सदस्य सीमा नहीं है।

योजना का मुख्य आधार परिवार की पात्रता है, न कि उसमें रहने वाले लोगों की संख्या।

यानी लोगों को सबसे पहले यह देखना चाहिए कि उनका परिवार योजना के निर्धारित पात्रता मानदंडों में आता है या नहीं।

पात्रता किस आधार पर तय होती है?

सरकार के अनुसार, आयुष्मान भारत योजना में पात्र परिवारों की पहचान निर्धारित सरकारी मानदंडों के आधार पर की जाती है।

योजना की पात्रता से जुड़े रिकॉर्ड और सरकार द्वारा तय नियमों के अनुसार लाभार्थियों की पहचान की जाती है।

इसलिए सिर्फ यह देखकर कि परिवार छोटा है, किसी व्यक्ति को यह मान लेना नहीं चाहिए कि वह आयुष्मान कार्ड का हकदार नहीं है।

अगर परिवार पहले से योजना में पात्र है, तो केवल सदस्यों की संख्या कम होने के कारण उसका लाभ समाप्त नहीं हो जाता।

70 साल या उससे अधिक उम्र वालों के लिए भी बड़ी सुविधा

आयुष्मान भारत योजना में वरिष्ठ नागरिकों को लेकर भी महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू है।

सरकार के मुताबिक, 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत विशेष सुविधा उपलब्ध है।

पात्र वरिष्ठ नागरिक योजना के तहत स्वास्थ्य कवर का लाभ ले सकते हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य बुजुर्गों को महंगे इलाज से राहत देना है, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें सामने आ सकती हैं।

ऐसे में स्वास्थ्य खर्च का बोझ कम करने के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हर साल ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है।

इसका मतलब है कि पात्र लाभार्थी योजना के अंतर्गत आने वाले उपचार के लिए सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित सीमा तक कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

इलाज से जुड़े खर्च का भुगतान योजना के नियमों के अनुसार किया जाता है, जिससे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर महंगे इलाज का सीधा आर्थिक बोझ कम होता है।

किन अस्पतालों में मिलता है इलाज?

आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज केवल सरकारी अस्पतालों तक सीमित नहीं है।

योजना में शामिल सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी पात्र लाभार्थी इलाज करा सकते हैं।

इससे उन लोगों को फायदा मिलता है जिन्हें अपने इलाके में सरकारी अस्पताल के अलावा किसी निजी अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकती है।

हालांकि, लाभार्थियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि अस्पताल योजना के तहत सूचीबद्ध होना चाहिए और संबंधित उपचार योजना के दायरे में आना चाहिए।

गंभीर बीमारियों के इलाज में मिलती है मदद

आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य केवल सामान्य इलाज तक सीमित नहीं है।

योजना के तहत कई गंभीर बीमारियों और अस्पताल में भर्ती होने वाले उपचारों को कवर किया जाता है।

महंगे इलाज की स्थिति में गरीब परिवारों के लिए यह सहायता बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है।

कई बार किसी गंभीर बीमारी का इलाज परिवार की वर्षों की बचत खत्म कर सकता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने इलाज और रोजमर्रा के खर्च के बीच चुनाव करने की स्थिति पैदा हो सकती है।

ऐसे में स्वास्थ्य बीमा आधारित सरकारी योजना परिवारों के लिए बड़ी राहत बन सकती है।

सरकार ने क्यों दूर किया यह भ्रम?

आयुष्मान भारत योजना को लेकर अलग-अलग तरह की जानकारियां सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर सामने आती रहती हैं।

इन्हीं में से एक धारणा छह सदस्य वाली थी।

कई लोग मान रहे थे कि परिवार में छह से कम सदस्य होने पर आयुष्मान कार्ड का लाभ नहीं मिलेगा।

इस भ्रम की वजह से कुछ लोग पात्र होने के बावजूद योजना का लाभ लेने की कोशिश नहीं करते थे।

अब सरकार के स्पष्टीकरण के बाद यह बात साफ हो गई है कि सदस्यों की संख्या को योजना की पात्रता की न्यूनतम शर्त नहीं बनाया गया है।

छोटा परिवार है तो भी जरूर जांचें पात्रता

सरकार की जानकारी के बाद छोटे परिवारों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे केवल परिवार में सदस्यों की कम संख्या देखकर योजना से बाहर होने का अनुमान न लगाएं।

अगर किसी परिवार में दो, तीन, चार या पांच सदस्य हैं, तो उसे अपने स्तर पर यह जांचना चाहिए कि वह सरकार के निर्धारित पात्रता नियमों के अनुसार योजना का लाभार्थी है या नहीं।

योजना में पात्र होने और परिवार में सदस्यों की संख्या के बीच कोई ऐसी अनिवार्य छह सदस्य वाली शर्त नहीं बताई गई है।

योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना है।

महंगे अस्पताल खर्च की वजह से किसी जरूरतमंद परिवार को इलाज से वंचित न होना पड़े, इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाता है।

सरकार समय-समय पर योजना के नियमों और पात्रता से जुड़े भ्रम को दूर करने के लिए जानकारी जारी करती है।

इसका मकसद लोगों को योजना की वास्तविक व्यवस्था के बारे में जानकारी देना है, ताकि पात्र व्यक्ति किसी गलतफहमी के कारण सरकारी स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रह जाए।

अब 6 सदस्यों वाली गलतफहमी हुई दूर

केंद्र सरकार के ताजा स्पष्टीकरण के बाद आयुष्मान भारत योजना को लेकर एक बड़ा भ्रम दूर हो गया है।

अब स्पष्ट है कि परिवार में छह से कम सदस्य होना आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने से रोकने वाली शर्त नहीं है।

योजना का लाभ परिवार के आकार के बजाय सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंडों के आधार पर मिलता है।

इसलिए जिन परिवारों को अब तक केवल सदस्य संख्या की वजह से यह लगता था कि वे योजना के पात्र नहीं हैं, उनके लिए यह जानकारी बेहद महत्वपूर्ण है।

आयुष्मान भारत योजना को लेकर सबसे जरूरी बात यही है कि परिवार में कितने सदस्य हैं, यह अकेला फैसला करने वाला आधार नहीं है। पात्रता के सरकारी नियम पूरे होने पर छोटे परिवार भी योजना के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं।

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