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रात को कमरे में सोई थी AIIMS की नर्स, सुबह दरवाजा नहीं खुला… अंदर का नजारा देखकर उड़ गए सबके होश



सांबा/विजयपुर: जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के विजयपुर थाना क्षेत्र से एक महिला स्वास्थ्यकर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। विजयपुर स्थित एम्स में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत प्रियंका अपने किराये के कमरे में अचेत अवस्था में मिलीं। कमरे के अंदर बिस्तर पर बेसुध पड़ी प्रियंका को पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू कर दी है। मृतका के कमरे से एक इस्तेमाल की गई सिरिंज मिलने की बात सामने आई है, जिसके बाद जांच और भी महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, सिरिंज मिलने मात्र से मौत का कारण स्पष्ट नहीं होता। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर प्रियंका की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

मृतका की पहचान प्रियंका पुत्री अमर सिंह, निवासी हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश के रूप में हुई है। वह वर्तमान में विजयपुर के जमोड़िया मोहल्ले में किराये के मकान में रह रही थीं।

कई महीनों से किराये के मकान में रह रही थीं प्रियंका

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रियंका पिछले कई महीनों से विजयपुर के जमोड़िया मोहल्ले में किराये के मकान में रह रही थीं। वह विजयपुर स्थित एम्स में स्टाफ नर्स के तौर पर कार्यरत थीं। उनके साथ काम करने वाली कुछ अन्य महिला स्टाफ सदस्य भी आसपास के अलग-अलग किराये के मकानों में रहती हैं।

बताया जाता है कि शनिवार शाम प्रियंका रोजमर्रा की तरह अपने कमरे में चली गई थीं। इसके बाद वह अपने कमरे में सोने चली गईं। रविवार सुबह काफी देर तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो आसपास रहने वाली उनकी सहकर्मी महिलाओं को चिंता हुई।

उन्होंने प्रियंका को आवाज लगाई और कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने और कमरे के भीतर से किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद उन्होंने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी।

दरवाजा खटखटाने पर नहीं मिली कोई प्रतिक्रिया

प्रियंका की सहकर्मियों और पड़ोसियों ने काफी प्रयास किया, लेकिन कमरे के भीतर से किसी तरह की आवाज नहीं आई। इसके बाद मामले की सूचना विजयपुर थाना पुलिस को दी गई।

सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी जावेद अहमद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने भी कमरे की स्थिति देखने और अंदर मौजूद प्रियंका की हालत का पता लगाने का प्रयास किया। जब दरवाजा नहीं खुला तो पुलिसकर्मियों ने कमरे का लॉक तोड़कर अंदर प्रवेश किया।

कमरा खुलने के बाद पुलिस के सामने जो दृश्य था, उसने सभी को परेशान कर दिया। प्रियंका अपने बिस्तर पर अचेत अवस्था में पड़ी थीं और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही थीं।

पुलिस ने तुरंत एम्स पहुंचाया

प्रियंका की गंभीर हालत को देखते हुए पुलिस ने बिना समय गंवाए उन्हें उपचार के लिए विजयपुर स्थित एम्स पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की, लेकिन चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

प्रियंका की मौत की खबर सामने आते ही उनके सहकर्मियों और परिचितों में शोक का माहौल बन गया। एक स्वास्थ्य संस्थान में काम करने वाली महिला कर्मचारी का अपने ही कमरे में इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटनास्थल को सुरक्षित किया और कमरे की जांच शुरू की।

कमरे से मिली इस्तेमाल की गई सिरिंज

जांच के दौरान पुलिस को कमरे से एक इस्तेमाल की गई सिरिंज मिलने की जानकारी सामने आई है। यही बरामदगी फिलहाल पुलिस की जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है।

सिरिंज मिलने के बाद पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है कि इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया था और क्या इसका प्रियंका की मौत से कोई संबंध है। हालांकि, इस स्तर पर किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

सिरिंज में किस तरह का पदार्थ था, उसका इस्तेमाल किसने किया और वह कब इस्तेमाल की गई—इन सवालों के जवाब वैज्ञानिक जांच के बाद ही सामने आ सकते हैं। पुलिस ने घटनास्थल से सैंपल एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया की जा रही है।

यह भी जरूरी है कि सिरिंज मिलने को सीधे किसी दवा, नशीले पदार्थ या मौत के कारण से जोड़कर निष्कर्ष न निकाला जाए। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

एफएसएल टीम ने की कमरे की जांच

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने कमरे की बारीकी से जांच की और वहां से जरूरी साक्ष्य तथा नमूने एकत्र किए।

फोरेंसिक जांच में कमरे की स्थिति, बिस्तर, आसपास रखी वस्तुओं और अन्य संभावित साक्ष्यों को देखा जा सकता है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कमरे में प्रियंका के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी के कोई संकेत थे या नहीं।

इसके अलावा पुलिस घटनास्थल से मिले सामान और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

परिवार को दी गई सूचना

प्रियंका की मौत की सूचना उनके परिजनों को दे दी गई है। पुलिस ने उनके स्वजनों से विजयपुर पहुंचने के लिए कहा है। परिवार के सदस्यों के पहुंचने के बाद शव की पहचान और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।

पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स विजयपुर के शवगृह में रखवाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले की जांच में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इस रिपोर्ट से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि प्रियंका की मौत किस वजह से हुई। यदि शरीर में किसी दवा या अन्य पदार्थ के मौजूद होने की आशंका सामने आती है तो उसके नमूनों की आगे जांच की जा सकती है।

पुलिस कई पहलुओं से कर रही जांच

प्रियंका की संदिग्ध मौत को लेकर पुलिस फिलहाल किसी एक संभावना को आधार बनाकर जांच नहीं कर रही है। पुलिस घटना से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की जांच कर सकती है।

सबसे पहले यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि प्रियंका की मौत स्वाभाविक कारणों से हुई, किसी दवा या पदार्थ के सेवन से हुई, किसी दुर्घटना के कारण हुई या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी।

इसके अलावा पुलिस यह भी जानने का प्रयास करेगी कि शनिवार रात प्रियंका से किस-किस व्यक्ति की बातचीत हुई थी। उनके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं।

सहकर्मियों और आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ के जरिए भी प्रियंका की दिनचर्या और घटना से पहले की परिस्थितियों को समझने का प्रयास किया जा सकता है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

फिलहाल इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्रियंका की मौत आखिर कैसे हुई। कमरे से सिरिंज मिलने के बाद कई तरह की आशंकाएं जरूर पैदा हुई हैं, लेकिन केवल इसके आधार पर मौत की वजह बताना उचित नहीं होगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के परिणाम आने के बाद ही पुलिस को आगे की जांच की दिशा तय करने में मदद मिलेगी। यदि किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका या कोई आपराधिक साक्ष्य सामने आता है, तो पुलिस उसी आधार पर आगे कार्रवाई करेगी।

वहीं, यदि जांच में किसी चिकित्सकीय कारण की पुष्टि होती है तो मामले का स्वरूप अलग हो सकता है।

सहकर्मियों में भी चिंता का माहौल

प्रियंका की मौत की खबर से एम्स विजयपुर में उनके सहकर्मियों के बीच भी चिंता और शोक का माहौल है। एक सहकर्मी का इस तरह अचानक और संदिग्ध परिस्थितियों में चले जाना उनके लिए बेहद दुखद घटना है।

विजयपुर के जमोड़िया मोहल्ले में भी घटना की चर्चा बनी हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, प्रियंका पिछले कई महीनों से वहां रह रही थीं और नियमित रूप से अपने काम पर जाती थीं।

अब पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि शनिवार रात से रविवार सुबह के बीच उनके साथ वास्तव में क्या हुआ।

फिलहाल प्रियंका की मौत एक रहस्य बनी हुई है। कमरे में मिली इस्तेमाल की गई सिरिंज ने जांच को एक अहम दिशा जरूर दी है, लेकिन असली वजह पोस्टमार्टम, एफएसएल रिपोर्ट और पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और अब सभी की नजर इस बात पर है कि आखिर उस बंद कमरे में प्रियंका के साथ क्या हुआ था।

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