मौत से पहले 33 मिनट की वो आखिरी कॉल! फिर बाग में मिली 5 महीने की गर्भवती युवती की लाश, मांग में लिपस्टिक और पैर में नई बिछिया ने बढ़ाया रहस्य
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक बेहद रहस्यमयी और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। पटारा कस्बे में तिलसाड़ा मोड़ के पास एक बाग में 25 वर्षीय अविवाहित महिला का शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। शव की हालत ने पुलिस और परिवार दोनों के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि महिला के शव पर ऐसी चीजें मिलीं, जो आमतौर पर सुहागन महिलाओं से जुड़ी मानी जाती हैं। महिला की मांग में सिंदूर की जगह लिपस्टिक भरी हुई थी। उसके माथे पर बिंदी लगी थी और पैर की तीसरी उंगली में नई बिछिया पहनाई गई थी। इन परिस्थितियों ने इस मौत को और रहस्यमयी बना दिया है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में महिला के पांच महीने की गर्भवती होने की बात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक उसकी मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई। हालांकि, महिला ने खुद जहर खाया था या उसे किसी साजिश के तहत जहरीला पदार्थ दिया गया, यह जांच का विषय बना हुआ है।
बाग में मिला महिला का शव
बताया जा रहा है कि महिला का शव पटारा कस्बे के तिलसाड़ा मोड़ के पास एक बाग में मिला। शव मिलने की सूचना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
जांच के दौरान पुलिस को महिला के निजी जीवन और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में कई अहम जानकारियां मिलीं। मृतका के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में दो पुरुषों पर अपनी बेटी की हत्या का आरोप लगाया है।
पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पटारा निवासी गोले पांडे और फतेहपुर जिले के जहानाबाद निवासी प्रांजुल पाल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने प्रांजुल पाल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि गोले पांडे की तलाश में अलग-अलग पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
पांच महीने की गर्भवती थी युवती
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा खुलासा पोस्टमॉर्टम के बाद हुआ। जांच में सामने आया कि महिला करीब पांच महीने की गर्भवती थी।
महिला अविवाहित थी, ऐसे में उसकी गर्भावस्था की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ गया है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गर्भ में पल रहे बच्चे का पिता कौन था और महिला की मौत से पहले उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।
इसी कड़ी में पुलिस ने महिला के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच शुरू की। कॉल रिकॉर्ड से पता चला कि घटना वाले दिन भी महिला की दोनों आरोपियों से बातचीत हुई थी।
मौत से पहले दोनों से हुई फोन पर बात
पुलिस के मुताबिक घटना वाले दिन महिला ने प्रांजुल पाल से करीब 1,400 सेकंड यानी लगभग 23 मिनट तक बातचीत की थी। इसके अलावा गोले पांडे से भी उसकी करीब 600 सेकंड यानी 10 मिनट तक फोन पर बात हुई थी।
यही कॉल रिकॉर्ड अब पुलिस की जांच में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि मौत से कुछ समय पहले महिला की दोनों से क्या बातचीत हुई थी और क्या फोन कॉल का उसकी मौत से कोई संबंध है।
पुलिस हिरासत में लिए गए प्रांजुल से भी लगातार पूछताछ कर रही है। उसके बयान और कॉल डिटेल को दूसरे सबूतों से मिलाया जा रहा है।
दोस्त के जरिए मिला था महिला का नंबर
पूछताछ में प्रांजुल ने पुलिस को बताया कि उसके नाना-नानी का घर पटारा के आसपास के एक गांव में है। इसी इलाके में रहने वाले एक दोस्त के माध्यम से उसे महिला का मोबाइल नंबर मिला था।
इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह बातचीत कथित प्रेम संबंध में बदल गई। प्रांजुल कानपुर देहात के रनिया इलाके में एक फैक्ट्री में काम करता है। बताया गया है कि उसकी मासिक आय करीब 12 हजार रुपये है और वह बिधनू में अपने जीजा के घर रहता है।
पुलिस अब प्रांजुल के बयान की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला के साथ उसके संबंध कितने समय से थे।
गोले पांडे से भी थे महिला के संबंध?
जांच में सामने आया है कि महिला के पिता ने गोले पांडे की खेती की जमीन बटाईदारी पर ले रखी थी। बताया जा रहा है कि गोले की पत्नी की कई साल पहले मौत हो चुकी है और उसकी दो बेटियों की शादी हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार गोले पांडे ने महिला को कानपुर मेट्रो में नौकरी दिलाने में मदद की थी। इसके बाद महिला को रामादेवी इलाके में एक किराए के मकान में रखा गया था। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने की बात सामने आई है।
अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला के गोले पांडे के साथ किस तरह के संबंध थे और घटना से पहले दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी।
जहर खाने के बाद अस्पताल ले गया था गोले
मामले का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जहर खाने के बाद महिला को इलाज के लिए हैलेट अस्पताल ले जाने वाला व्यक्ति गोले पांडे ही था।
यही वजह है कि पुलिस की जांच में गोले पांडे की भूमिका पर भी गंभीरता से सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस ने किसी आरोपी को दोषी घोषित नहीं किया है। पुलिस सभी तथ्यों, कॉल रिकॉर्ड, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और आरोपियों के बयानों को आपस में जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।
सिंदूर की जगह लिपस्टिक और नई बिछिया ने बढ़ाया रहस्य
महिला के शव पर बिंदी, पैर में नई बिछिया और मांग में सिंदूर की जगह लिपस्टिक मिलने की बात ने इस मामले को और रहस्यमयी बना दिया है।
आखिर मौत से पहले या बाद में महिला की मांग में लिपस्टिक किसने भरी? पैर में नई बिछिया किसने पहनाई? क्या यह किसी साजिश का हिस्सा था या फिर इसके पीछे कोई और वजह थी? इन सवालों का जवाब अभी पुलिस जांच में सामने आना बाकी है।
परिवार का आरोप है कि महिला की हत्या की गई है, जबकि पोस्टमॉर्टम में जहरीला पदार्थ मौत की वजह बताए जाने की बात सामने आई है। अब जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह तय करना है कि महिला ने खुद जहरीला पदार्थ खाया या उसे किसी ने मजबूर किया अथवा जहरीला पदार्थ खिलाया।
कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
फिलहाल इस मामले में कई सवाल अनसुलझे हैं—
महिला पांच महीने की गर्भवती कैसे हुई और गर्भ में पल रहे बच्चे का पिता कौन था?
घटना वाले दिन दोनों आरोपियों से उसकी लंबी बातचीत क्यों हुई?
जहर खाने के बाद उसे अस्पताल ले जाने की स्थिति कैसे बनी?
महिला की मांग में लिपस्टिक किसने लगाई?
पैर में नई बिछिया किसने पहनाई और क्यों?
शव बाग में कैसे पहुंचा?
क्या महिला ने खुद जहर खाया था या इसके पीछे कोई साजिश थी?
इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की जांच और आगे मिलने वाले साक्ष्यों से ही सामने आएंगे।
फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है और दूसरे आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल और आरोपियों से पूछताछ को जांच का अहम हिस्सा बनाया गया है।
कानपुर के इस रहस्यमयी मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 25 साल की गर्भवती युवती की मौत के पीछे आखिर क्या राज छिपा है? क्या यह प्रेम संबंधों का दुखद अंत था या फिर इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी? पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठ सकेगा।

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