मंच पर अचानक गूंजा ‘फूलों का तारों का…’, फिर CM मोहन यादव ने खोला बड़ा राज; 1.25 करोड़ बहनों के खातों में पहुंचे करोड़ों रुपये
मैहर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 अगस्त को मैहर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लाड़ली बहनों के बीच अलग ही अंदाज में नजर आए। मंच से मुख्यमंत्री ने प्रसिद्ध गीत “फूलों का तारों का, सबका कहना है...” की पंक्तियां सुनाकर महिलाओं के साथ भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक कड़ी को जोड़ा। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की लाड़ली बहनों के खातों में योजना की राशि ट्रांसफर की और रक्षाबंधन के अवसर पर अतिरिक्त राशि को उपहार के तौर पर देने की घोषणा की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और प्रदेश की बहनों के बीच रिश्ता केवल किसी योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भरोसे और अपनत्व का संबंध है। उन्होंने कहा कि राखी का त्योहार साल में एक बार आता है, लेकिन सरकार हर महीने लाड़ली बहनों के खातों में राशि भेजकर उनके साथ इस रिश्ते को लगातार मजबूत कर रही है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान मैहर में बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। इस मौके पर महिलाओं पर पुष्प वर्षा भी की गई और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित किया गया। कार्यक्रम में कई विभागों की प्रदर्शनियां भी लगाई गई थीं, जिनका मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया।
लाड़ली बहनों के खातों में पहुंची राशि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि लाड़ली बहना योजना के तहत प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता दी जा रही है। 19 अगस्त के कार्यक्रम में करीब 2148 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई। इसके साथ ही सावन और रक्षाबंधन के अवसर पर 250 रुपये की अतिरिक्त राशि को उपहार के तौर पर दिया गया।
इस तरह पात्र महिलाओं को नियमित 1500 रुपये के साथ अतिरिक्त 250 रुपये मिलने से इस अवसर पर उन्हें कुल 1750 रुपये का लाभ मिला। सरकार का कहना है कि इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य महिलाओं को परिवार में आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनाना और उनकी जरूरतों में मदद करना है।
मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक दस्तावेजों में भी लाड़ली बहना योजना का उद्देश्य महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन, स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार तथा परिवार में उनकी निर्णायक भूमिका को मजबूत करना बताया गया है।
मंच से गूंजा ‘फूलों का तारों का...’
कार्यक्रम का सबसे भावुक पल तब आया, जब मुख्यमंत्री ने बहनों के लिए मशहूर गीत “फूलों का तारों का सबका कहना है...” की पंक्तियां सुनाईं। मुख्यमंत्री ने इसे भाई-बहन के स्नेह और विश्वास से जोड़ते हुए कहा कि आज उनके दोनों हाथों में प्रेम का धागा है और वह खुद को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की करोड़ों बहनों का आशीर्वाद सरकार को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने बहनों से यह भी कहा कि जब उनके खातों में राशि पहुंचे तो वे अपने भाइयों को मिठाई खिलाएं और तिलक करें। उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि वह इसे अपना आशीर्वाद मानेंगे।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं और बहनों में परिवार को संभालने और त्याग करने की अद्भुत क्षमता होती है। उन्होंने भारतीय परिवार व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि परिवार की मजबूती में मां और बहनों का योगदान सबसे बड़ा है।
‘हम हर महीने मनाते हैं राखी का उत्सव’
मुख्यमंत्री ने कहा कि राखी का त्योहार वर्ष में एक बार आता है, लेकिन लाड़ली बहना योजना के माध्यम से सरकार हर महीने बहनों के साथ एक तरह का उत्सव मनाती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनाव के समय जो वादा किया था, उसे निभाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल में हुई कैबिनेट बैठक में लाड़ली बहनों को आने वाले वर्षों तक राशि देने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक सरकार की कोशिश है कि आर्थिक सहायता केवल तत्काल जरूरत पूरी करने तक सीमित न रहे, बल्कि महिलाएं इसका इस्तेमाल अपनी आय बढ़ाने के लिए भी करें।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई महिलाएं इस राशि से सिलाई मशीन खरीदती हैं, ब्यूटी पार्लर शुरू करती हैं और छोटे कारोबार में पैसा लगाती हैं। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिल सकती है।
कांग्रेस पर सीएम मोहन यादव का हमला
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी सरकार लाड़ली बहनों के खातों में राशि भेजती है, कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं पर महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बहनों को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने लाड़ली बहनों से अपील की कि वे राजनीतिक दलों के बयानों को ध्यान में रखें और चुनाव के समय अपना निर्णय स्वयं लें।
हालांकि यह बयान मुख्यमंत्री के राजनीतिक संबोधन का हिस्सा था और कार्यक्रम में सरकार की योजनाओं के साथ विपक्ष पर भी निशाना साधा गया।
सनातन संस्कृति और परिवार व्यवस्था का जिक्र
मैहर में मां शारदा की धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थान सनातन आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने मां शारदा के भक्त आल्हा की लोककथा और मैहर की धार्मिक परंपराओं का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति में परिवार को सबसे महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। यहां केवल इंसानों को ही नहीं, बल्कि पेड़-पौधों, नदियों, पहाड़ों और प्रकृति को भी परिवार का हिस्सा मानने की परंपरा रही है।
उन्होंने कहा कि भारत के तीज-त्योहार परिवारों को जोड़ने का काम करते हैं। रक्षाबंधन जैसे पर्व केवल भाई-बहन के बीच रिश्ते का उत्सव नहीं हैं, बल्कि परिवार और समाज के बीच भावनात्मक संबंधों को मजबूत करने का माध्यम भी हैं।
नशे के खिलाफ सरकार का अभियान
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में नशे के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य की पीढ़ियों को नशे से बचाने के लिए अभियान चला रही है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश के 19 धार्मिक शहरों में शराब की दुकानों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने परिवारों से अपील की कि बच्चों की पढ़ाई और करियर के साथ उन्हें नशे के दुष्परिणामों के बारे में भी जागरूक किया जाए।
उन्होंने कहा कि नशे की वजह से कई परिवार बर्बाद हो जाते हैं और इसलिए समाज को मिलकर इसके खिलाफ खड़ा होना होगा।
नर्मदा का पानी पहुंचाने का दावा
मैहर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास और सिंचाई से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने नर्मदा का पानी क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए बनाई जा रही नहर परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि योजना में कई मुश्किलें आईं, लेकिन सरकार ने इसे बंद नहीं होने दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के किसानों और गांवों की खुशहाली के लिए पानी पहुंचना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि अब इस क्षेत्र के गांवों तक नर्मदा का पानी पहुंचाने की दिशा में काम पूरा किया गया है।
उन्होंने किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराने और गरीब परिवारों के लिए आवास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की बात भी कही।
मैहर में विकास कार्यों की कई घोषणाएं
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मैहर जिले के लिए कई विकास कार्यों की घोषणाएं भी कीं। इनमें 25 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्टेडियम बनाए जाने की घोषणा प्रमुख रही।
इसके अलावा लिलजी जलाशय के 50 करोड़ रुपये की लागत से नवीकरण, मैहर में बड़ा अस्पताल, 5000 गौवंश की क्षमता वाली बड़ी गौशाला, आईटीआई संस्थान और स्कूलों के उन्नयन की घोषणाएं की गईं।
मुख्यमंत्री ने आल्हा गायकों की समितियों को 25-25 हजार रुपये देने की घोषणा भी की। इन घोषणाओं को स्थानीय स्तर पर धार्मिक, सांस्कृतिक, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल सुविधाओं के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
मैहर में महिला नेतृत्व पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैहर में प्रशासनिक स्तर पर भी महिलाओं की भागीदारी दिखाई दे रही है। उन्होंने महिला अधिकारियों की जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं को नेतृत्व के अवसर मिलना समाज के लिए सकारात्मक बदलाव है।
उन्होंने विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को राजनीति और निर्णय लेने वाली संस्थाओं में पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
हॉकी खिलाड़ियों ने भी खींचा ध्यान
मैहर के कार्यक्रम में स्थानीय प्रतिभाओं को भी महत्व दिया गया। इस मौके पर मैहर की होनहार हॉकी खिलाड़ी अनन्या अवधिया और सुश्री उन्नति पांडे की मौजूदगी रही। इससे कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण के साथ खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने का संदेश भी सामने आया।
मुख्यमंत्री ने खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए आधुनिक स्टेडियम की घोषणा की। माना जा रहा है कि इससे मैहर के युवा खिलाड़ियों को भविष्य में बेहतर प्रशिक्षण और खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
256 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 256 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। इसके साथ ही अलग-अलग विभागों की योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
जनअभियान परिषद की सखियों की ओर से मुख्यमंत्री को विशाल राखी भेंट की गई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके लिए यह अवसर केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि भावनाओं से जुड़ा हुआ है।
‘प्रेम का धागा’ बन गया कार्यक्रम की पहचान
मैहर का यह कार्यक्रम राजनीतिक घोषणाओं और सरकारी योजनाओं के साथ-साथ भावनात्मक संदेश के कारण भी चर्चा में रहा। मुख्यमंत्री ने जहां लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता और राखी का अतिरिक्त उपहार दिया, वहीं गीत के जरिए भाई-बहन के रिश्ते की भावना को सामने रखा।
सरकार की ओर से लाड़ली बहना योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता जारी रखने का दावा किया गया है। दूसरी ओर, कार्यक्रम में की गई नई घोषणाओं से मैहर में खेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पशुपालन और जल संसाधन से जुड़े विकास कार्यों को गति देने का संदेश दिया गया।
कुल मिलाकर 19 अगस्त का मैहर कार्यक्रम लाड़ली बहना योजना, रक्षाबंधन के उपहार, महिला सशक्तिकरण और मैहर के विकास कार्यों के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा। मंच से मुख्यमंत्री का “फूलों का तारों का...” गीत सुनाना कार्यक्रम का सबसे भावुक और यादगार क्षण बना, जबकि 2148 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर और 250 रुपये के अतिरिक्त शगुन ने इसे लाड़ली बहनों के लिए खास बना दिया।

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