अचानक कांपी धरती… 6.7 की खौफनाक दहशत के बाद सामने आया ऐसा मंजर, जिसने सबको चौंका दिया!
पेरू के दक्षिणी एंडीज इलाके में गुरुवार, 20 अगस्त को आए शक्तिशाली भूकंप ने लोगों के बीच दहशत पैदा कर दी। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 6.7 थी और यह स्थानीय समय के अनुसार दोपहर करीब 1 बजे आया। भूकंप का केंद्र अयाकुचो क्षेत्र की पैरिनाकोचास प्रांत में उपाहुआचो शहर से लगभग 38 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था। USGS ने इसकी गहराई करीब 66.7 किलोमीटर बताई। भूकंप के झटके दक्षिणी पेरू के कई हिस्सों में महसूस किए गए और लोग घबराकर घरों तथा इमारतों से बाहर निकल आए।
शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की तत्काल पुष्टि नहीं हुई थी। लेकिन जैसे-जैसे स्थानीय प्रशासन से जानकारी सामने आई, तस्वीर थोड़ी बदलती नजर आई। बाद की रिपोर्टों में कम से कम दो लोगों के घायल होने और कई इलाकों में मकानों, स्वास्थ्य केंद्रों तथा एक स्कूल को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोग भूकंप के दौरान सुरक्षित स्थान की ओर निकलते समय घायल हुए।
दो अलग-अलग रिपोर्टों में भूकंप की तीव्रता
इस भूकंप को लेकर एक महत्वपूर्ण बात यह रही कि पेरू के स्थानीय भूकंप निगरानी संस्थान और अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वे के आंकड़ों में अंतर दिखाई दिया। पेरू के Instituto Geofísico del Perú (IGP) ने शुरुआती तौर पर भूकंप की तीव्रता 7.2 बताई थी और इसकी गहराई 108 किलोमीटर बताई गई। वहीं USGS ने बाद में इसे 6.7 तीव्रता का भूकंप बताया और केंद्र की गहराई 66.7 किलोमीटर आंकी।
भूकंप की तीव्रता और गहराई को लेकर अलग-अलग संस्थाओं के आंकड़ों में अंतर असामान्य नहीं है। अलग-अलग निगरानी नेटवर्क भूकंप की तरंगों को अलग तरीके से मापते हैं और बाद में उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर प्रारंभिक अनुमान में बदलाव भी किया जा सकता है।
हालांकि, दोनों रिपोर्टों में इस बात पर सहमति रही कि भूकंप काफी शक्तिशाली था और इसका असर दक्षिणी पेरू के बड़े इलाके में महसूस किया गया।
कई इलाकों में महसूस हुए तेज झटके
भूकंप का असर सिर्फ अयाकुचो क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा। झटके इका और अरेक्विपा समेत दक्षिणी पेरू के कई क्षेत्रों में महसूस किए गए। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ स्थानों पर लोगों ने काफी देर तक कंपन महसूस किया और घबराकर खुले स्थानों की ओर रुख किया। भूकंप के झटके लीमा तक भी महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने प्रभावित इलाकों से जानकारी जुटाना शुरू किया। इस तरह की घटनाओं में शुरुआती घंटों में नुकसान का पूरा आकलन करना मुश्किल होता है, क्योंकि दूरदराज के पहाड़ी इलाकों तक राहत और निरीक्षण टीमों को पहुंचने में समय लग सकता है।
कुछ इलाकों में भूस्खलन और चट्टानों के गिरने की भी जानकारी सामने आई। पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण भूकंप के बाद सड़कों और पहाड़ी रास्तों पर मलबा गिरने की आशंका बनी रही।
22 मकान और स्वास्थ्य केंद्रों को नुकसान
बाद में सामने आई जानकारी के अनुसार, अयाकुचो क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में करीब 22 मकानों को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा छह स्वास्थ्य केंद्र और एक स्कूल भी प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई। नुकसान की प्रकृति अलग-अलग जगहों पर अलग रही। कहीं मकानों में दरारें आईं तो कहीं इमारतों के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा।
Coracora में दो लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई। बताया गया कि वे भूकंप के दौरान सुरक्षित स्थान की ओर निकलते समय घायल हुए। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण जारी रखा गया ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और भी नुकसान तो नहीं हुआ है।
ऐसे शक्तिशाली भूकंप के बाद केवल दिखाई देने वाला नुकसान ही चिंता का विषय नहीं होता। इमारतों की संरचनात्मक मजबूती, बिजली की लाइनें, पानी की व्यवस्था, अस्पतालों और सड़कों की स्थिति की भी जांच जरूरी होती है।
गहराई ने कम किया तबाही का खतरा?
इस भूकंप को लेकर विशेषज्ञों और अधिकारियों की चर्चाओं में इसकी गहराई का मुद्दा महत्वपूर्ण रहा। IGP के शुरुआती आंकड़ों में भूकंप की गहराई 108 किलोमीटर बताई गई थी, जबकि USGS ने 66.7 किलोमीटर गहराई दर्ज की। गहराई अधिक होने पर सामान्य तौर पर सतह पर आने वाली ऊर्जा का प्रभाव उथले भूकंप की तुलना में अलग हो सकता है। इसी वजह से इतनी अधिक तीव्रता के बावजूद बड़े पैमाने की तबाही सीमित रहने की संभावना बताई गई।
फिर भी इसका मतलब यह नहीं है कि गहरे भूकंप पूरी तरह सुरक्षित होते हैं। उनकी तीव्रता, स्थानीय भूगर्भीय परिस्थितियां, इमारतों की गुणवत्ता और आबादी की स्थिति जैसे कई कारक नुकसान की मात्रा तय करते हैं।
सुनामी का नहीं था खतरा
पेरू के तटीय देश होने के कारण भूकंप के बाद एक बड़ा सवाल सुनामी को लेकर भी उठता है। हालांकि इस घटना के बाद सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई। पेरू की नौसेना की हाइड्रोग्राफिक और नेविगेशन एजेंसी ने भी सुनामी के खतरे को खारिज किया।
इससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को कुछ राहत मिली। हालांकि अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और स्थानीय स्तर पर आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सक्रिय रखा।
पेरू में क्यों आते हैं इतने भूकंप?
पेरू दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां भूकंपीय गतिविधियां लगातार बनी रहती हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह इसकी भौगोलिक स्थिति है। पेरू प्रशांत महासागर के आसपास फैले बेहद सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र 'रिंग ऑफ फायर' में स्थित है।
प्रशांत रिंग ऑफ फायर घोड़े की नाल जैसी आकृति वाला विशाल भूगर्भीय क्षेत्र है, जहां दुनिया के कई सक्रिय ज्वालामुखी और भूकंप क्षेत्र स्थित हैं। पेरू के नीचे नाज़का प्लेट दक्षिण अमेरिकी प्लेट के नीचे खिसक रही है। इस प्रक्रिया को सबडक्शन कहा जाता है। प्लेटों की इसी लगातार गति और टकराव से एंडीज पर्वत श्रृंखला के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
यही वजह है कि पेरू में समय-समय पर शक्तिशाली भूकंप आते रहे हैं। यहां रहने वाले लोगों और प्रशासन को लगातार भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिए तैयार रहना पड़ता है।
2007 का भूकंप आज भी नहीं भूला पेरू
पेरू में भूकंप की बात आते ही वर्ष 2007 की घटना याद आ जाती है। उस साल इका क्षेत्र में 7.9 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था। इस आपदा में लगभग 600 लोगों की जान चली गई थी। बड़ी संख्या में मकान और अन्य ढांचे भी प्रभावित हुए थे।
इसी पुराने अनुभव के कारण 20 अगस्त को आए भूकंप ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी। हालांकि इस बार नुकसान का स्तर 2007 जैसी व्यापक तबाही तक नहीं पहुंचा, लेकिन घटना ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि पेरू में भूकंप का खतरा लगातार बना हुआ है।
एक बार फिर सामने आई तैयारी की जरूरत
20 अगस्त का भूकंप इस बात का उदाहरण है कि शक्तिशाली प्राकृतिक आपदा कभी भी दस्तक दे सकती है। शुरुआती तौर पर नुकसान सीमित नजर आने के बावजूद प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत सर्वे करना पड़ता है। खासकर पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में छोटे नुकसान भी आगे चलकर बड़ी समस्या बन सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप के समय लोगों को घबराकर सीढ़ियों या लिफ्ट की ओर भागने के बजाय सुरक्षित स्थान तलाशना चाहिए। मजबूत मेज या किसी सुरक्षित संरचना के नीचे रहना और खिड़कियों तथा गिरने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखना जरूरी है। भूकंप रुकने के बाद ही सावधानी से बाहर निकलना चाहिए।
फिलहाल पेरू के अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का आकलन कर रहे हैं। 6.7 तीव्रता के इस शक्तिशाली झटके ने भले ही बड़े पैमाने पर तबाही नहीं मचाई, लेकिन दो लोगों के घायल होने, मकानों और सार्वजनिक सुविधाओं के प्रभावित होने से यह साफ है कि खतरा पूरी तरह टला नहीं था। एंडीज की धरती का यह कंपन एक बार फिर याद दिलाता है कि 'रिंग ऑफ फायर' में बसे देशों के लिए भूकंप कोई असामान्य घटना नहीं, बल्कि लगातार मौजूद प्राकृतिक चुनौती है।

कोई टिप्पणी नहीं