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गुरुद्वारे में अचानक मचा हड़कंप! निहंग के भेष में आया शख्स सुखबीर बादल तक पहुंचा, फिर जो हुआ…

 


नांदेड़। महाराष्ट्र के नांदेड़ में शिरोमणि अकाली दल (SAD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर गुरुवार को उस समय हमला हो गया, जब वह गुरुद्वारा माता साहिब कौर में धार्मिक कार्यक्रम के सिलसिले में पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि निहंग के भेष में मौजूद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कृपाण से सुखबीर बादल पर वार करने की कोशिश की। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया और आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया। घटना के दौरान एक पुलिस अधिकारी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।

हमले के बाद सुखबीर बादल को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार उनके बाएं हाथ में चोट लगी है। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को लेकर फिलहाल खतरे की बात नहीं बताई है। घटना के बाद गुरुद्वारा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

इस हमले ने एक बार फिर सुखबीर सिंह बादल की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि इससे पहले दिसंबर 2024 में अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के बाहर भी उन पर हमला करने की कोशिश की गई थी।

गुरुद्वारे में मौजूद थे सुखबीर बादल

जानकारी के मुताबिक सुखबीर सिंह बादल अपने परिवार के साथ नांदेड़ पहुंचे थे। वह गुरुद्वारा माता साहिब कौर में माथा टेकने के लिए गए थे। इसी दौरान अचानक एक व्यक्ति ने उन पर हमला करने की कोशिश की।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी ने निहंग का भेष धारण कर रखा था। जैसे ही उसने कथित तौर पर कृपाण से हमला करने की कोशिश की, सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी तुरंत सक्रिय हो गए। पुलिसकर्मी ने आरोपी को रोकने की कोशिश की, जिसके दौरान वह खुद भी घायल हो गया। इसके बाद अन्य सुरक्षाकर्मियों ने आरोपी को काबू में कर लिया।

घटना के बाद कुछ समय के लिए गुरुद्वारा परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि सुरक्षा कर्मियों की तेजी से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।

सुखबीर बादल के हाथ में लगी चोट

हमले में सुखबीर सिंह बादल के बाएं हाथ में चोट लगने की जानकारी सामने आई है। घटना के तुरंत बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है और फिलहाल किसी बड़े खतरे की बात सामने नहीं आई है।

यह राहत की बात है कि हमला गंभीर रूप नहीं ले सका। सुरक्षा कर्मियों ने आरोपी को समय रहते पकड़ लिया, वरना धार्मिक स्थल पर मौजूद बड़ी संख्या में लोगों के बीच स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती थी।

घटना के बाद पुलिस ने गुरुद्वारे और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किस तरह परिसर में पहुंचा और उसके पास कृपाण कैसे थी।

कौन है आरोपी जसपाल सिंह?

पुलिस ने हमले के आरोपी की पहचान जसपाल सिंह के रूप में की है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उसकी उम्र करीब 62 वर्ष बताई जा रही है। उसे घटना के तुरंत बाद हिरासत में ले लिया गया और उससे पूछताछ की जा रही है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार वह पुणे से जुड़ा वकील रहा है और पिछले कुछ समय से नांदेड़ में रह रहा था।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी का गुरुद्वारा परिसर से पहले से कोई संबंध था या नहीं। एक रिपोर्ट के मुताबिक वह नांदेड़ में गुरुद्वारे से जुड़े सेवक के तौर पर भी रहा था। ऐसे में जांच एजेंसियों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि वह परिसर में नियमित रूप से आता-जाता था या हमले के लिए किसी खास मकसद से वहां पहुंचा था।

‘मन में आया इसलिए हमला कर दिया’ वाले बयान की जांच

पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी की ओर से कथित तौर पर यह कहा गया कि उसे बस ऐसा करने का मन हुआ और उसने हमला कर दिया। हालांकि पुलिस इस जवाब को अंतिम वजह नहीं मान रही है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि हमले के पीछे कोई अन्य कारण हो सकता है।

पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। उसके पुराने रिकॉर्ड, संपर्कों, गतिविधियों और हमले से पहले की गतिविधियों की जांच की जा सकती है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश होगी कि उसने किसी अन्य व्यक्ति के संपर्क में रहकर इस हमले की योजना तो नहीं बनाई थी।

किसी राजनीतिक व्यक्ति पर धार्मिक स्थल के भीतर हमला होने के कारण पुलिस के लिए हमले के मकसद का पता लगाना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।

बहस के बाद अचानक हमला?

शुरुआती जानकारी में यह भी कहा जा रहा है कि हमला करने से पहले किसी बात को लेकर बहस हुई थी। हालांकि विवाद किस बात पर हुआ और किसने बातचीत शुरू की, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

पुलिस इस घटनाक्रम को अलग-अलग कोण से देख रही है। जांचकर्ताओं के लिए यह समझना जरूरी होगा कि क्या आरोपी ने अचानक प्रतिक्रिया में हमला किया या वह पहले से किसी उद्देश्य के साथ वहां मौजूद था।

अगर हमला अचानक हुआ तो इसकी परिस्थितियां अलग होंगी। लेकिन अगर आरोपी पहले से किसी योजना के साथ आया था तो जांच की दिशा और गंभीर हो सकती है।

इसी वजह से पुलिस आरोपी के बयान के साथ-साथ घटनास्थल पर मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटा रही है।

सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी घायल

हमले को रोकने की कोशिश के दौरान सुरक्षा में तैनात एक पुलिस अधिकारी के घायल होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मी ने आरोपी को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप किया।

सुरक्षा कर्मी की इस कार्रवाई से हमला ज्यादा गंभीर होने से बच गया। अगर आरोपी को मौके पर नहीं रोका जाता तो वह दोबारा हमला कर सकता था और वहां मौजूद अन्य लोगों की जान को भी खतरा पैदा हो सकता था।

घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की संभावना है। खासकर ऐसे धार्मिक स्थलों पर जहां बड़े राजनीतिक या सार्वजनिक व्यक्तित्व पहुंचते हैं, वहां प्रवेश और सुरक्षा जांच को लेकर नए सवाल उठ सकते हैं।

इससे पहले स्वर्ण मंदिर के बाहर भी हुआ था हमला

सुखबीर सिंह बादल पर इससे पहले भी हमला करने की कोशिश हो चुकी है। दिसंबर 2024 में अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के बाहर उन पर गोली चलाने की कोशिश की गई थी। उस समय वह श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा सुनाई गई धार्मिक सजा के तहत स्वर्ण मंदिर परिसर के बाहर सेवा कर रहे थे।

हमलावर ने कथित तौर पर उनके पास पहुंचकर गोली चलाने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत उसे काबू कर लिया। गोली सुखबीर बादल को नहीं लगी थी। आरोपी की पहचान नारायण सिंह चौड़ा के रूप में हुई थी।

उस घटना के बाद भी सुखबीर बादल की सुरक्षा को लेकर काफी चर्चा हुई थी। अब नांदेड़ में दोबारा हमला होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

दो हमलों ने बढ़ाई सुरक्षा की चिंता

सुखबीर बादल पर करीब दो वर्षों के भीतर दो अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर हमले की कोशिश सामने आना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर विषय है। दोनों घटनाओं की परिस्थितियां अलग हैं, लेकिन दोनों में धार्मिक स्थल के आसपास सुरक्षा का मुद्दा प्रमुख रहा है।

नांदेड़ की घटना के बाद पुलिस के सामने यह चुनौती होगी कि आरोपी तक सीमित जांच न रखकर हमले की पूरी पृष्ठभूमि को सामने लाया जाए। यह पता लगाना जरूरी होगा कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे कोई और व्यक्ति या समूह था।

फिलहाल ऐसी किसी साजिश की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही इस बारे में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

महाराष्ट्र सरकार ने दिए जांच के निर्देश

हमले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना की जांच के निर्देश दिए हैं और सुखबीर बादल से भी बात की है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

जांच में CCTV फुटेज, घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान और आरोपी से पूछताछ महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा पुलिस आरोपी की पृष्ठभूमि और उसके संपर्कों की भी जानकारी जुटा सकती है।

अब सबसे बड़ा सवाल—हमले के पीछे क्या था मकसद?

नांदेड़ की इस घटना में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर सुखबीर सिंह बादल पर हमला क्यों किया गया। आरोपी की ओर से कथित तौर पर दिया गया शुरुआती जवाब पुलिस को संतुष्ट नहीं कर रहा है। ऐसे में जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इसके पीछे व्यक्तिगत नाराजगी, राजनीतिक कारण, धार्मिक विवाद या कोई अन्य वजह थी।

फिलहाल किसी भी संभावित कारण को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पुलिस की जांच और आगे सामने आने वाले साक्ष्यों से ही यह स्पष्ट होगा कि हमले की असली वजह क्या थी।

इस बीच सुखबीर बादल की हालत को लेकर फिलहाल राहत की खबर है। उन्हें चिकित्सा सहायता दी गई है और शुरुआती जानकारी के अनुसार उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।

नांदेड़ के गुरुद्वारे में हुई इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले प्रमुख राजनीतिक और सार्वजनिक व्यक्तियों की सुरक्षा किस तरह और कितनी सख्ती से सुनिश्चित की जाए। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और जांच जारी है। आने वाले समय में पूछताछ से यह स्पष्ट हो सकता है कि नांदेड़ के गुरुद्वारे में हुआ यह हमला अचानक गुस्से का परिणाम था या इसके पीछे कोई बड़ी वजह छिपी हुई थी।

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