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सीमा पर अचानक मचा हड़कंप! आत्मसमर्पण के बजाय चली गोलियां, तलाशी में मिले AK-47 और 17 किलो नशीले पदार्थ

 


दुशांबे: अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान की सीमा पर एक बार फिर तनावपूर्ण स्थिति सामने आई है। ताजिकिस्तान के अधिकारियों के अनुसार, सीमा को अवैध रूप से पार कर देश में दाखिल हुए दो अफगान नागरिकों की सुरक्षा बलों के साथ हुई सशस्त्र मुठभेड़ में मौत हो गई। घटनास्थल से 17 किलोग्राम गांजा, एक AK-47 राइफल, एक मकारोव पिस्तौल और दो बैग बरामद किए जाने का दावा किया गया है।

ताजिकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी राज्य समिति के मुताबिक, दोनों अफगान नागरिकों ने अवैध तरीके से सीमा पार कर ताजिक क्षेत्र में प्रवेश किया था। सुरक्षा बलों ने उन्हें रोककर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया, लेकिन अधिकारियों के अनुसार उन्होंने कथित तौर पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों संदिग्ध मारे गए।

सीमा पार करते ही सुरक्षा बलों ने घेरा

ताजिक अधिकारियों के अनुसार, घटना खाटलोन क्षेत्र के जयहून जिले के फतहोबोद इलाके में हुई। दोनों मृतक अफगानिस्तान के कुंदुज प्रांत के इमाम साहिब जिले के बरजांगी गांव के निवासी बताए गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा बलों को उनके अवैध तरीके से सीमा पार करने की जानकारी मिली थी। इसके बाद उन्हें रोकने की कोशिश की गई। अधिकारियों का कहना है कि आत्मसमर्पण करने के बजाय दोनों ने हथियारों का इस्तेमाल किया।

इसके बाद हुई गोलीबारी में दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया।

बैग में मिला 17 किलो नशीला पदार्थ

घटनास्थल की तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को दो बैग मिले। अधिकारियों के मुताबिक, इन बैगों में कुल 17 किलोग्राम गांजा रखा हुआ था।

इसके अलावा एक AK-47 राइफल और मकारोव पिस्तौल भी बरामद होने की बात कही गई है। हथियार और नशीले पदार्थ जांच के लिए कब्जे में ले लिए गए हैं।

ताजिक अधिकारियों को आशंका है कि दोनों व्यक्ति सीमा पार मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले उनके नेटवर्क या भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

कई गंभीर आरोपों में जांच शुरू

ताजिक सुरक्षा एजेंसियों ने घटना के संबंध में जांच शुरू कर दी है। मामले में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध रूप से सीमा पार करना, गैरकानूनी तरीके से सामान की आवाजाही और अवैध हथियार रखने जैसे पहलुओं की जांच की जा रही है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दोनों व्यक्ति अकेले सीमा पार कर रहे थे या उनके पीछे कोई संगठित तस्करी नेटवर्क काम कर रहा था।

बरामद हथियारों और नशीले पदार्थों का स्रोत और संभावित गंतव्य भी जांच का हिस्सा है।

2026 में अब तक 7 मुठभेड़

अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान के बीच सीमा पर इस साल ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के पहले छह महीनों में अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा पर सात मुठभेड़ हुईं।

इन घटनाओं में कुल 17 अफगान नागरिकों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है। इसी अवधि में ताजिक सुरक्षा बलों ने अफगानिस्तान से लगी सीमा पर करीब 1,513 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए।

इन आंकड़ों से पता चलता है कि सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी रोकना ताजिक सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

अप्रैल में भी हुआ था ऐसा मामला

अप्रैल में भी ताजिकिस्तान के खाटलोन क्षेत्र में अफगान नागरिकों से जुड़ी एक ऐसी ही घटना सामने आई थी। अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोग कथित तौर पर अवैध तरीके से सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे।

सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में दो अफगान नागरिक मारे गए थे। उनके पास से करीब 25 किलोग्राम नशीला पदार्थ बरामद होने की बात सामने आई थी।

ताजा घटना के बाद एक बार फिर अफगानिस्तान से लगी ताजिक सीमा की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

सीमा पर क्यों बढ़ी है चिंता?

अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान के बीच सीमा लंबे समय से सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील रही है। मादक पदार्थों की तस्करी के अलावा अवैध सीमा पार करना और हथियारों की आवाजाही भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है।

ताजिकिस्तान अपनी सीमा पर निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती करता है। दूसरी ओर, अफगानिस्तान से आने वाले अवैध नशीले पदार्थों को लेकर क्षेत्रीय स्तर पर भी लंबे समय से चिंता बनी हुई है।

जांच में सामने आएगा असली नेटवर्क

ताजा मुठभेड़ के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 17 किलो नशीला पदार्थ आखिर कहां पहुंचाया जाना था और इसके पीछे कौन लोग थे?

सुरक्षा एजेंसियां बरामद हथियारों और नशीले पदार्थों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि जांच से सीमा पार सक्रिय तस्करी नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

फिलहाल ताजिक अधिकारियों ने घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई है।

अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा पर इस साल सामने आई लगातार मुठभेड़ें और बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की बरामदगी यह संकेत देती है कि सीमा पार तस्करी और सुरक्षा दोनों देशों के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है।

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