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Viral Video: मौत के बाद खुला घर का ऐसा राज, बोरियां खुलीं तो निकले नोटों के ढेर… गिनती शुरू हुई तो सब रह गए दंग!



कर्नाटक के मांड्या जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया। यहां भीख मांगकर जीवन गुजारने वाली एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उसके घर में रखी बोरियों ने उसकी जिंदगी का ऐसा राज खोल दिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। घर की तलाशी के दौरान 30 से ज्यादा बोरियां मिलीं और इनमें सिक्कों के साथ बड़ी संख्या में नोट भरे हुए थे।

महिला की पहचान हूर उन्निसा के रूप में हुई है। अलग-अलग रिपोर्टों में उनकी उम्र 68 और 69 वर्ष बताई गई है। वह मांड्या के गुथालू इलाके में रहती थीं और लंबे समय से भीख मांगकर अपना गुजारा करती थीं। उनकी मौत के बाद जब घर में रखे सामान को देखा गया, तब बोरियों में जमा उनकी बचत सामने आई।

छोटी-छोटी रकम जोड़कर जमा की बड़ी बचत

हूर उन्निसा की जिंदगी आर्थिक संघर्ष के बीच गुजरी। वह शहर की सड़कों और ट्रैफिक चौराहों पर भीख मांगती थीं। बताया गया है कि भीख में मिलने वाले सिक्कों और छोटे नोटों को वह खर्च करने के बजाय धीरे-धीरे जमा करती रहीं।

उनके घर से बरामद रकम में मुख्य रूप से 10, 20 और 50 रुपये के नोट बताए गए हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में सिक्के भी मिले। इतने ज्यादा सिक्के और नोट जमा थे कि सामान्य तरीके से उनकी गिनती करना मुश्किल हो गया और मशीन की मदद लेनी पड़ी।

बहन की मौत के बाद अकेली रह रही थीं

रिपोर्टों के मुताबिक हूर उन्निसा अपनी बहन के साथ रहती थीं। दोनों बहनों की शादी नहीं हुई थी। करीब दो साल पहले उनकी बहन की भी मौत हो गई थी, जिसके बाद हूर घर में अकेली रह रही थीं।

उम्र बढ़ने के साथ उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होने लगी थीं। रविवार को उम्र संबंधी बीमारी के चलते उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की।

इसके बाद जब घर में रखा सामान देखा गया तो वहां मौजूद बोरियों ने सभी को चौंका दिया।

एक-एक बोरी खुली तो निकलते गए नोट और सिक्के

घर में रखी बोरियों को जब खोला गया तो उनमें नोट और सिक्के भरे मिले। शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि एक महिला, जो अपना जीवन भीख मांगकर चला रही थी, इतने वर्षों में इतनी रकम जमा कर चुकी होगी।

स्थानीय लोगों ने पैसे निकालकर उनकी गिनती शुरू की। कई घंटों तक चली गिनती के बाद 8.40 लाख रुपये की बचत सामने आने की जानकारी है। इसमें घर में रखी नकदी और सिक्कों के साथ बैंक में जमा रकम को भी शामिल किए जाने की बात रिपोर्टों में कही गई है।

यानी जिस महिला को लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूसरों से पैसे मांगते देखते थे, उसने अपनी मामूली कमाई में से बड़ी रकम भविष्य के लिए बचाकर रखी थी।

30 से ज्यादा बोरियां देखकर हर कोई रह गया हैरान

इस मामले का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा बोरियों की संख्या है। रिपोर्टों के अनुसार घर में 30 से ज्यादा बोरियां थीं, जिनमें नकदी और सिक्के रखे हुए थे।

कुछ शुरुआती रिपोर्टों में यह अनुमान लगाया गया कि सभी बोरियों की गिनती पूरी होने पर रकम इससे अधिक भी हो सकती है। हालांकि, बाद की रिपोर्टों में कुल बचत 8.40 लाख रुपये बताई गई है। इसलिए अंतिम रकम को लेकर अलग-अलग दावों के बजाय उपलब्ध गिनी गई राशि को ही ज्यादा भरोसेमंद माना जा रहा है।

पैसे देखकर लोगों के मन में उठा बड़ा सवाल

हूर उन्निसा के घर से मिली रकम ने लोगों के सामने एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर दिया है—आखिर उन्होंने इतने सालों तक पैसे क्यों जमा किए और उन्हें खर्च क्यों नहीं किया?

क्या वह अपनी जिंदगी के आखिरी दौर के लिए यह पैसा बचा रही थीं? क्या वह इसे किसी जरूरत के लिए सुरक्षित रखना चाहती थीं? या फिर यह उनकी आदत बन चुकी थी कि भीख में मिलने वाले छोटे-छोटे सिक्कों और नोटों को खर्च करने के बजाय जमा करती रहें?

इन सवालों का स्पष्ट जवाब फिलहाल सामने नहीं आया है।

घर में पैसे रखने के पीछे क्या थी वजह?

रिपोर्टों के मुताबिक हूर उन्निसा के पास बैंक में भी रकम थी। घर में मिली नकदी और बैंक जमा को मिलाकर उनकी कुल बचत 8.40 लाख रुपये बताई गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि वह सिर्फ घर में ही पैसा नहीं रखती थीं, बल्कि अपनी छोटी आय से बचत करने की कोशिश भी करती थीं।

उनके घर में इतनी बड़ी संख्या में छोटे नोट और सिक्के देखकर स्थानीय लोग भी हैरान थे। यह घटना बताती है कि बहुत कम आय वाला व्यक्ति भी अगर लंबे समय तक थोड़ी-थोड़ी रकम बचाता रहे तो समय के साथ अच्छी-खासी राशि जमा हो सकती है।

मौत के बाद रिश्तेदारों को सौंपी गई रकम

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार गिनी गई 8.40 लाख रुपये की रकम हूर उन्निसा के भाइयों को सौंप दी गई। एक भाई को 6 लाख रुपये और दूसरे भाई को 2.40 लाख रुपये मिले। रिपोर्टों में बताया गया है कि दूसरे भाई ने मिली रकम मस्जिद को दान कर दी।

इस तरह जिस रकम को हूर उन्निसा ने अपनी जिंदगी में धीरे-धीरे जमा किया था, वह उनकी मौत के बाद उनके परिवार तक पहुंच गई।

पुलिस ने दर्ज नहीं किया मामला

मामले को लेकर पुलिस कार्रवाई की बात भी सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक महिला की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई थी और इस संबंध में कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया।

घर से मिली रकम को लेकर भी स्थानीय स्तर पर लोगों की मौजूदगी में गिनती की गई। इतनी बड़ी मात्रा में छोटे नोट और सिक्के होने के कारण पैसे को व्यवस्थित करने और गिनने में काफी समय लगा।

सोशल मीडिया पर वीडियो ने बढ़ाई चर्चा

घर से बरामद बोरियों और नोट-सिक्कों की गिनती का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में लोग बोरियों को खोलते और उनमें रखी रकम को निकालते दिखाई देते हैं।

वीडियो सामने आने के बाद लोग इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग महिला की बचत करने की आदत की चर्चा कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने वर्षों तक वह अपनी कमाई को किस उद्देश्य से जमा करती रहीं।

एक साधारण जिंदगी, लेकिन बचत की असाधारण कहानी

हूर उन्निसा की कहानी कई मायनों में अलग है। उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बेहद साधारण थी। वह भीख मांगकर अपना गुजारा करती थीं, लेकिन उन्होंने अपनी कमाई का एक हिस्सा लगातार बचाया।

उनकी मौत के बाद घर में मिली 30 से ज्यादा बोरियों ने आसपास के लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को केवल उसके बाहरी जीवन को देखकर समझना हमेशा संभव नहीं होता।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उनकी कुल बचत 8.40 लाख रुपये सामने आई है। यह रकम उनके लिए शायद वर्षों की मेहनत और छोटी-छोटी बचत का परिणाम थी। मौत के बाद सामने आई यह बचत अब उनके जीवन की सबसे चौंकाने वाली यादों में से एक बन गई है।

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