Breaking News

रात में अचानक बिना कपड़ों के मंदिर पहुंची सॉफ्टवेयर इंजीनियर! फिर देवी की मूर्ति लेकर तालाब में कूदी, मौत के बाद भी रहस्य बरकरार



हैदराबाद के पीरजादीगुड़ा इलाके में 25 वर्षीय पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर तेजस्विनी की मौत ने पुलिस को भी उलझा दिया है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, लेकिन मौत से पहले युवती की गतिविधियों ने इस पूरे घटनाक्रम को रहस्यमय बना दिया है। पुलिस के मुताबिक, तेजस्विनी देर रात घर से निकलीं, पड़ोस के एक मंदिर तक पहुंचीं और वहां से देवी की मूर्ति लेकर तालाब की ओर चली गईं। बाद में उनका शव तालाब से बरामद किया गया। मंदिर से गायब मूर्ति की तलाश भी की गई।

इस घटना से जुड़े CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस तेजस्विनी के आखिरी घंटों की पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही है। जांचकर्ताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थिति बनी, जिसके बाद उन्होंने आधी रात को घर से निकलकर मंदिर का रुख किया और फिर तालाब में पहुंच गईं।

रात करीब ढाई बजे घर से निकलीं

पुलिस के अनुसार, तेजस्विनी अपनी मां अरुणा के साथ पीरजादीगुड़ा के शंकरनगर इलाके में किराए के मकान में रह रही थीं। वह करीब छह महीने पहले बेंगलुरु की अपनी IT नौकरी छोड़कर हैदराबाद वापस आई थीं। परिवार से जुड़ी परिस्थितियों और मानसिक तनाव को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।

घटना वाली रात दोनों ने खाना खाने के बाद अपने-अपने कमरे में आराम किया था। पुलिस के अनुसार, रात करीब 2:30 बजे तेजस्विनी घर से बाहर निकलीं। उनकी मां ने बाद में पाया कि उनके कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था और पड़ोसियों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया।

इसके बाद CCTV कैमरों ने तेजस्विनी की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया। पुलिस इन्हीं फुटेज की मदद से उनके घर से तालाब तक पहुंचने की पूरी कहानी समझने की कोशिश कर रही है।

CCTV में दिखा हैरान करने वाला घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, CCTV फुटेज में तेजस्विनी को बिना कपड़ों के इलाके में जाते हुए देखा गया। इसके बाद वह एक स्थानीय मंदिर में पहुंचीं। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, वहां उन्होंने देवी की मूर्ति या मूर्ति पर रखा वस्त्र उठाया और फिर तालाब की ओर बढ़ गईं।

कुछ अन्य रिपोर्टों में मंदिर से देवी अम्मावारु की मूर्ति उठाकर ले जाने की बात कही गई है। पुलिस इस हिस्से की भी जांच कर रही है और इसी वजह से मंदिर की लापता मूर्ति को तलाशने के लिए तालाब में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

यही घटनाक्रम इस मामले को सामान्य आत्महत्या के मामलों से अलग बनाता है और पुलिस के सामने कई सवाल खड़े करता है।

तालाब से मिला शव, मूर्ति की तलाश जारी

तेजस्विनी के घर से निकलने के कुछ समय बाद उनकी तलाश शुरू हुई। बाद में स्थानीय लोगों और पुलिस को तालाब में एक शव दिखाई दिया। DRF और अन्य बचाव दल की मदद से शव को पानी से बाहर निकाला गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

पुलिस ने तालाब में कथित तौर पर गायब हुई मंदिर की मूर्ति तलाशने के लिए भी अभियान चलाया। नावों और अन्य उपकरणों की मदद से पानी की तलाशी ली गई। जांचकर्ताओं का मानना था कि मूर्ति मिलना घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में मदद कर सकता है।

हालांकि, मूर्ति के मिलने और उसकी बरामदगी को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में एक समान स्थिति नहीं है। इसलिए इस पहलू पर आधिकारिक पुलिस अपडेट महत्वपूर्ण होगा।

एक लाख रुपये महीने के किराए वाला फ्लैट भी जांच के दायरे में

जांच के दौरान पुलिस को तेजस्विनी के रहने की जगह से जुड़ी एक और जानकारी मिली। रिपोर्टों के अनुसार, वह जिस किराए के फ्लैट में रह रही थीं, उसका किराया करीब 3,500 रुपये प्रतिदिन बताया गया है। यानी महीने का किराया लगभग एक लाख रुपये के आसपास बैठता है।

पुलिस को यह भी पता चला कि जिस इमारत में वह रह रही थीं, उसकी ऊपरी दो मंजिलों का इस्तेमाल कथित तौर पर लॉज की तरह किया जा रहा था। अब जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस इमारत या वहां आने-जाने वाले लोगों का घटना से कोई संबंध था या नहीं।

हालांकि, केवल इन परिस्थितियों के आधार पर किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठान को घटना के लिए जिम्मेदार मानना उचित नहीं होगा। पुलिस को इसके लिए ठोस साक्ष्य जुटाने होंगे।

बेंगलुरु की नौकरी क्यों छोड़ी थी?

जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा तेजस्विनी की पिछली जिंदगी और मानसिक स्थिति से भी जुड़ा है। वह पहले बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करती थीं, लेकिन करीब छह महीने पहले नौकरी छोड़कर हैदराबाद लौट आई थीं।

पुलिस के अनुसार, उनकी मां ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का भी जिक्र किया है। कुछ रिपोर्टों में तेजस्विनी के तनाव, घबराहट और बुरे सपनों जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया है। पुलिस इन्हीं परिस्थितियों को उनके अंतिम व्यवहार से जोड़कर देख रही है।

हालांकि, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी स्थिति को लेकर अंतिम निष्कर्ष केवल चिकित्सकीय और जांच संबंधी प्रमाणों के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।

मां से भी पुलिस ने की पूछताछ

मामले की जांच के तहत पुलिस ने तेजस्विनी की मां अरुणा से पूछताछ की है। पुलिस यह जानना चाहती है कि घटना से पहले तेजस्विनी के व्यवहार में कोई असामान्य बदलाव आया था या नहीं।

इसके अलावा परिवार के भीतर के हालात, नौकरी छोड़ने की वजह, पिछले कुछ दिनों की गतिविधियां और घटना वाली रात की परिस्थितियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस ने कथित डेथ डिक्लेरेशन, बैंक लेन-देन, फोन रिकॉर्ड और CCTV फुटेज जैसे साक्ष्यों की जांच शुरू की है।

पुलिस को किस बात का जवाब चाहिए?

इस पूरे मामले में कई सवाल ऐसे हैं जिनके जवाब जांच के आगे बढ़ने के बाद ही मिल सकते हैं।

सबसे पहला सवाल है कि तेजस्विनी आधी रात को घर से क्यों निकलीं? दूसरा, वह मंदिर तक क्यों गईं? मंदिर में उनके व्यवहार के पीछे क्या वजह थी? तीसरा, वह तालाब तक कैसे पहुंचीं और वहां वास्तव में क्या हुआ?

पुलिस CCTV फुटेज की मदद से इन सवालों के जवाब तलाश रही है। आसपास के अन्य कैमरों की फुटेज भी महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि इससे घर से मंदिर और मंदिर से तालाब तक की पूरी गतिविधि स्पष्ट हो सकती है।

क्या यह आत्महत्या थी?

पुलिस की शुरुआती जांच इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। लेकिन अधिकारियों ने घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की बात कही है। मौत के कारण और परिस्थितियों की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम तथा अन्य जांच महत्वपूर्ण हैं।

इसलिए अभी यह कहना उचित नहीं होगा कि घटना के पीछे केवल एक ही वजह थी। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, गवाहों के बयान और पारिवारिक जानकारी को मिलाकर पूरी तस्वीर तैयार कर रही है।

घटना ने मानसिक स्वास्थ्य पर भी उठाए सवाल

तेजस्विनी की मौत ने मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संकट को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यदि कोई व्यक्ति अचानक अपने व्यवहार में बड़ा बदलाव दिखा रहा हो, लगातार डर, घबराहट, तनाव या असामान्य व्यवहार का सामना कर रहा हो, तो परिवार और आसपास के लोगों के लिए ऐसे संकेतों को गंभीरता से लेना जरूरी है।

मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों को लेकर शर्म या डर के बजाय समय पर विशेषज्ञ की मदद लेना महत्वपूर्ण है। हालांकि, इस घटना में तेजस्विनी की मानसिक स्थिति और मौत के बीच वास्तविक संबंध क्या था, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल पुलिस की जांच कई दिशाओं में चल रही है। CCTV फुटेज, फोन रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन, परिवार के बयान और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। तालाब और मंदिर से जुड़े पहलुओं की भी जांच जारी है।

इस घटना का सबसे रहस्यमय हिस्सा तेजस्विनी की मौत से ठीक पहले की गतिविधियां हैं। रात के अंधेरे में घर से निकलना, मंदिर तक पहुंचना और फिर तालाब में जाना—इन घटनाओं की पूरी कड़ी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उस रात वास्तव में क्या हुआ था।

फिलहाल पुलिस इसे आत्महत्या मानकर जांच कर रही है, लेकिन मौत से पहले के असामान्य घटनाक्रम और मंदिर की मूर्ति से जुड़ा सवाल इस मामले को अब भी रहस्यमय बनाए हुए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वास्तविक परिस्थितियों और उसके पीछे की वजह का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

कोई टिप्पणी नहीं