समुद्र में गायब हुआ हथियारों से लदा जहाज! 6 भारतीय समेत 10 लोग बंधक, फिर खाट लेकर पहुंची नाव और अचानक हुआ हवाई हमला… 4 की मौत से गहराया रहस्य
सोमालिया के पंटलैंड तट के पास एक कार्गो जहाज के हाईजैक होने की खबर ने समुद्री सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि कैमरून के झंडे वाला कार्गो जहाज M/V LUTUF समुद्री लुटेरों के कब्जे में चला गया। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि जहाज पर हथियारों के साथ-साथ संचार और उपग्रह से जुड़े उपकरण भी मौजूद थे। इन हथियारों को कथित तौर पर मोगादिशु में मौजूद तुर्किए के सैन्य प्रशिक्षण केंद्र तक पहुंचाया जाना था।
इस घटना ने इसलिए भी चिंता बढ़ा दी है क्योंकि जहाज पर सवार कुल 10 लोगों में छह भारतीय नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा एक तुर्किए का नागरिक, एक जॉर्जियाई नागरिक और दो सर्बियाई सुरक्षा गार्ड भी जहाज पर मौजूद थे। फिलहाल चालक दल के सदस्यों की स्थिति को लेकर विस्तृत और स्वतंत्र आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
सोमवार को समुद्री लुटेरों ने जहाज पर किया कब्जा
सोमाली अधिकारी के मुताबिक, M/V LUTUF को सोमवार को पंटलैंड के ईल जिले में मर्राया से लगभग साढ़े तीन समुद्री मील की दूरी पर कब्जे में लिया गया। अधिकारी ने पहचान सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर घटना से जुड़ी जानकारी साझा की। उनका कहना था कि मामला संवेदनशील होने के कारण उन्हें सार्वजनिक रूप से बोलने की अनुमति नहीं थी।
बताया गया है कि M/V LUTUF का स्वामित्व पोलर मूवमेंट शिपिंग के पास है। जहाज कैमरून के झंडे के तहत समुद्र में चल रहा था। समुद्री लुटेरों ने कब्जे के बाद जहाज को पंटलैंड के नुगाल तट की दिशा में ले जाना शुरू कर दिया।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां बढ़ गईं। जहाज पर मौजूद सामान की प्रकृति ने भी इस पूरे मामले को सामान्य समुद्री डकैती की घटना से कहीं अधिक गंभीर बना दिया है।
जहाज में हथियार और संवेदनशील उपकरण होने का दावा
मिली जानकारी के अनुसार, M/V LUTUF पर ऐसे हथियार मौजूद थे जिन्हें मोगादिशु स्थित तुर्किए के एक सैन्य प्रशिक्षण केंद्र के लिए भेजा जा रहा था। हथियारों के अलावा जहाज में संचार उपकरण और उपग्रह से जुड़े उपकरण भी लदे होने की बात कही गई है।
यही वजह है कि जहाज के हाईजैक होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई। किसी समुद्री लुटेरे गिरोह के हाथ संवेदनशील सैन्य या संचार उपकरण लगना क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय माना जा सकता है।
हालांकि, जहाज पर मौजूद हथियारों और उपकरणों की सटीक मात्रा, प्रकृति तथा उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में इस मामले से जुड़ी कई जानकारियां अभी अधिकारियों के शुरुआती दावों पर आधारित हैं।
छह भारतीयों के कारण बढ़ी चिंता
इस घटना का सबसे संवेदनशील पहलू जहाज पर सवार छह भारतीय नागरिकों की मौजूदगी है। कुल 10 क्रू सदस्यों में छह भारतीय, एक तुर्किए का नागरिक, एक जॉर्जियाई नागरिक और दो सर्बियाई सुरक्षा गार्ड बताए जा रहे हैं।
समुद्री लुटेरों के कब्जे में जाने के बाद इन सभी लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि सभी क्रू सदस्य किस स्थिति में हैं और क्या लुटेरों ने उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर रखा है या जहाज पर ही बंधक बनाया हुआ है।
भारतीय नागरिकों के शामिल होने की वजह से इस घटना पर भारत की नजर भी स्वाभाविक रूप से बनी हुई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटना के शुरुआती चरण में तुर्किए की ओर से तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
क्या वही गिरोह फिर सक्रिय हुआ?
सोमाली अधिकारी ने आशंका जताई है कि जहाज को हाईजैक करने वाला गिरोह वही हो सकता है, जिसके सदस्यों पर पहले भी एक अन्य जहाज को कब्जे में लेने का शक रहा है।
अधिकारी के अनुसार, इसी गिरोह के सदस्यों ने 26 अप्रैल को M/V Sward नामक जहाज को हाईजैक किया था। अगर दोनों घटनाओं के बीच संबंध की पुष्टि होती है तो यह संकेत हो सकता है कि सोमालिया के समुद्री इलाके में सक्रिय समुद्री लुटेरों के गिरोह एक बार फिर संगठित होकर बड़े जहाजों को निशाना बना रहे हैं।
सोमालिया के तट के आसपास समुद्री डकैती का इतिहास काफी पुराना रहा है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा अभियानों और निगरानी के कारण ऐसी घटनाओं में कमी आई थी, लेकिन हालिया घटनाएं बताती हैं कि समुद्री लुटेरों का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
तुर्किए के जहाज और निगरानी में जुटे हेलिकॉप्टर-ड्रोन
हाईजैक किए गए जहाज को पंटलैंड के डांगोरोयो जिले में गरमाल के पास समुद्र तट की दिशा में ले जाने की बात सामने आई है। घटनाक्रम पर नजर रखने के लिए तुर्किए के स्वामित्व वाले दो जहाज भी इलाके में पहुंचे।
इसके अलावा तुर्किए के हेलिकॉप्टर और ड्रोन के जरिए भी क्षेत्र की निगरानी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जहाज और उसके भीतर मौजूद संवेदनशील सामान को लेकर सुरक्षा एजेंसियां कितनी सतर्क हैं।
हालांकि, निगरानी अभियान का वास्तविक उद्देश्य और उसमें शामिल सुरक्षा बलों की सटीक भूमिका को लेकर अभी पूरी तस्वीर सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि जहाज को छुड़ाने के लिए कोई विशेष अभियान शुरू किया गया है या नहीं।
छोटी नाव में पहुंचे दो लोग, लेकर आए खाट
मंगलवार को इस मामले में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। अधिकारी के मुताबिक, एक छोटी नाव में सवार दो लोग हाईजैक किए गए जहाज के पास पहुंचे।
बताया गया कि दोनों लोग जहाज पर खाट लेकर पहुंचे थे। खाट सोमालिया और आसपास के कुछ इलाकों में इस्तेमाल किया जाने वाला उत्तेजक पौधा है, जिसे आमतौर पर चबाया जाता है।
छोटी नाव के वापस तट की ओर लौटने के बाद इलाके में हवाई हमला हुआ। अधिकारी के अनुसार इस हमले में चार लोगों की मौत हुई और दो अन्य लोग घायल हुए।
यहीं से पूरा मामला और रहस्यमय हो गया है, क्योंकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि हवाई हमला किसने किया था और इसमें मारे गए लोग वास्तव में हाईजैकिंग में शामिल समुद्री लुटेरे थे या कोई अन्य लोग।
हवाई हमले ने खड़े किए कई बड़े सवाल
चार लोगों की मौत और दो लोगों के घायल होने की खबर सामने आने के बावजूद इस घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल अभी अनुत्तरित हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि हवाई हमला किसने किया? क्या यह हमला समुद्री लुटेरों को निशाना बनाकर किया गया था या फिर किसी अन्य सुरक्षा अभियान का हिस्सा था? दूसरा सवाल यह है कि हमले में मारे गए लोगों का M/V LUTUF के हाईजैक से वास्तव में क्या संबंध था।
इसके अलावा यह भी पता नहीं चल पाया है कि हमले के बाद जहाज पर मौजूद चालक दल के सदस्य किस स्थिति में हैं। क्या छह भारतीयों समेत सभी 10 लोगों को सुरक्षित रखा गया है या उन्हें किसी अन्य स्थान पर ले जाया गया है, इस बारे में भी अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है।
इसी तरह जहाज में मौजूद हथियारों, संचार उपकरणों और उपग्रह उपकरणों की वर्तमान स्थिति भी रहस्य बनी हुई है।
स्वतंत्र पुष्टि नहीं होने से बढ़ी अनिश्चितता
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सामने आई कई जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, संबंधित अधिकारी ने संवेदनशील मामले के कारण अपनी पहचान सार्वजनिक नहीं की।
इसलिए जहाज की वर्तमान लोकेशन, चालक दल की स्थिति, हाईजैक करने वाले लोगों की संख्या और हवाई हमले में मारे गए लोगों की पहचान जैसे मुद्दों पर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
एसोसिएटेड प्रेस भी अधिकारी की ओर से बताए गए सभी विवरणों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है। ऐसे में घटना से जुड़ी नई आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
भारतीय क्रू की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल
M/V LUTUF पर सवार छह भारतीय नागरिकों के कारण इस घटना पर भारत में भी चिंता बढ़ सकती है। समुद्री लुटेरों के कब्जे में किसी जहाज के चालक दल का जाना हमेशा गंभीर सुरक्षा चुनौती होती है, लेकिन जब जहाज पर हथियार और संवेदनशील संचार उपकरण भी मौजूद हों तो स्थिति और जटिल हो जाती है।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि छह भारतीय नागरिकों समेत सभी 10 क्रू सदस्य सुरक्षित हैं या नहीं। साथ ही यह भी देखना होगा कि सुरक्षा एजेंसियां जहाज और उसके चालक दल को सुरक्षित निकालने के लिए आगे क्या कदम उठाती हैं।
सोमालिया के पंटलैंड तट के पास हुई यह घटना समुद्री डकैती के पुराने खतरे की याद दिलाती है। एक ओर जहाज पर मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा चिंता का विषय है, वहीं दूसरी ओर हथियारों और संवेदनशील उपकरणों की मौजूदगी ने इस हाईजैकिंग को और गंभीर बना दिया है। हवाई हमले में चार लोगों की मौत के बाद घटनाक्रम में नया मोड़ जरूर आया है, लेकिन असली तस्वीर तब साफ होगी जब जहाज, उसके चालक दल और हाईजैक करने वाले गिरोह के बारे में आधिकारिक एवं स्वतंत्र जानकारी सामने आएगी।

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