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6 साल तक शादी का भरोसा… फिर अचानक आया 8 लाख का खेल! निजी वीडियो ने खोला ऐसा राज कि युवती पहुंची SSP के पास

बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में एक युवती ने अपने परिचित युवक पर शादी का भरोसा देकर लंबे समय तक संबंध बनाने, निजी फोटो और वीडियो तैयार करने, बाद में शादी से इनकार करने और कथित तौर पर उन्हीं निजी तस्वीरों व वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि आरोपी करीब छह साल तक उसे शादी का भरोसा देता रहा, लेकिन अब शादी से पीछे हट गया है। मामला सामने आने के बाद युवती ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि निजी फोटो और वीडियो को लेकर उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देकर कथित तौर पर 8 लाख रुपये की मांग की जा रही है। युवती का यह भी दावा है कि वह पहले से ही आरोपी को आर्थिक रूप से करीब 5 लाख रुपये दे चुकी है। इनमें लगभग दो लाख रुपये नकद और करीब तीन लाख रुपये बैंक खाते के माध्यम से ट्रांसफर किए जाने की बात कही गई है।

हालांकि, इस पूरे मामले में अभी पुलिस जांच और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है। युवती की ओर से लगाए गए आरोपों को जांच के बाद ही तथ्यात्मक रूप से स्थापित किया जा सकेगा।

छह साल तक शादी का भरोसा देने का आरोप

पीड़िता के मुताबिक, वह इज्जतनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली है और उसकी पहचान बारादरी थाना क्षेत्र के जगतपुर निवासी मोहित कुमार कन्नौजिया से थी। युवती का आरोप है कि दोनों के बीच परिचय धीरे-धीरे नजदीकी रिश्ते में बदल गया।

शिकायत के अनुसार, आरोपी युवक ने कथित तौर पर उसे शादी का भरोसा दिया और इसी भरोसे के कारण दोनों के बीच लंबे समय तक संबंध बने रहे। युवती का दावा है कि करीब छह साल तक वह इस उम्मीद में रिश्ते में रही कि आखिरकार दोनों की शादी हो जाएगी।

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान आरोपी ने उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो भी तैयार किए। युवती का कहना है कि लंबे समय तक उसे शादी का भरोसा मिलता रहा, इसलिए उसने इस रिश्ते को लेकर गंभीरता से विरोध नहीं किया।

लेकिन बाद में परिस्थितियां बदलने लगीं।

5 अप्रैल की रात फोन पर क्या हुआ?

युवती ने अपनी शिकायत में एक महत्वपूर्ण तारीख का भी जिक्र किया है। उसके मुताबिक, 5 अप्रैल की रात आरोपी ने फोन पर उससे कथित तौर पर गाली-गलौज की और शादी करने से साफ इनकार कर दिया।

छह साल तक शादी की उम्मीद लगाए बैठी युवती के लिए यह कथित तौर पर बड़ा झटका था। शिकायत के अनुसार, जब उसने शादी को लेकर युवक से सवाल किया तो विवाद बढ़ गया।

युवती का आरोप है कि शादी से इनकार करने के बाद मामला यहीं खत्म नहीं हुआ, बल्कि उसके निजी फोटो और वीडियो को लेकर उसे कथित तौर पर धमकाया जाने लगा।

यहीं से यह मामला और गंभीर हो गया।

निजी वीडियो वायरल करने की धमकी का आरोप

शिकायत का सबसे संवेदनशील हिस्सा निजी फोटो और वीडियो से जुड़ा है। युवती का आरोप है कि आरोपी के पास उसकी कुछ निजी तस्वीरें और वीडियो हैं और इन्हें सार्वजनिक करने की धमकी दी जा रही है।

पीड़िता के मुताबिक, उसे डर है कि अगर ये सामग्री सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से सार्वजनिक कर दी गई तो उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा और निजी जीवन पर गंभीर असर पड़ सकता है।

आरोप है कि इसी डर का फायदा उठाकर उससे 8 लाख रुपये की कथित मांग की जा रही है। युवती का कहना है कि वह इस वजह से मानसिक रूप से बेहद परेशान है।

उसने पुलिस से मांग की है कि मामले की जांच कर निजी सामग्री के दुरुपयोग और कथित धमकियों की सच्चाई सामने लाई जाए।

पहले ही दिए करीब 5 लाख रुपये देने का दावा

शिकायत में युवती ने आर्थिक लेनदेन से जुड़े आरोप भी लगाए हैं। उसके मुताबिक, आरोपी युवक ने उससे करीब दो लाख रुपये नकद लिए थे।

इसके अलावा युवती का दावा है कि उसके बैंक खाते से लगभग तीन लाख रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर किए गए।

इस तरह शिकायतकर्ता के मुताबिक करीब पांच लाख रुपये पहले ही दिए जा चुके हैं। अब आरोप है कि निजी फोटो और वीडियो डिलीट करने के नाम पर कथित तौर पर आठ लाख रुपये और मांगे जा रहे हैं।

अगर जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला केवल शादी से इनकार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कथित आर्थिक लेनदेन, धमकी और निजी डिजिटल सामग्री के दुरुपयोग के पहलू भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।

कचहरी में हुआ था नोटरी समझौता

इस मामले में एक और बात सामने आई है, जिसने शिकायत को और गंभीर बना दिया है। युवती का कहना है कि शादी को लेकर दोनों पक्षों के बीच 13 जुलाई 2026 को कचहरी में नोटरी समझौतानामा भी हुआ था।

पीड़िता के मुताबिक, इस समझौते के बावजूद आरोपी अब शादी करने से पीछे हट रहा है।

युवती ने पुलिस को दिए अपने शिकायती पत्र में इस समझौते का उल्लेख करते हुए इसे मामले की जांच में महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया है। अब पुलिस यदि मामले की जांच शुरू करती है तो समझौतानामे की वास्तविकता, उसकी शर्तों और दोनों पक्षों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

हालांकि, केवल नोटरी समझौता होने से किसी आरोप की सत्यता अपने आप साबित नहीं होती। पुलिस जांच में दस्तावेज और उससे जुड़े अन्य साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

आरोपी के परिवार के लोगों पर भी लगाए आरोप

युवती ने अपनी शिकायत में आरोपी के परिवार के कुछ सदस्यों का भी जिक्र किया है। उसने मोहित की मां बिरजा देवी, मामा लक्ष्मी नारायण और बहन शशि कन्नौजिया के नाम शिकायत में शामिल किए हैं।

पीड़िता का आरोप है कि परिवार के कुछ लोग भी मामले में आरोपी युवक का साथ दे रहे हैं। उसने दावा किया है कि उसे और उसके परिवार को खतरा बना हुआ है।

इसी वजह से उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के सामने शिकायत रखते हुए पूरे मामले की जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

छह साल के रिश्ते के बाद अचानक क्यों बदला मामला?

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर छह साल तक चलने वाले रिश्ते में ऐसा क्या हुआ कि मामला शादी के भरोसे से कथित धमकी और पैसे की मांग तक पहुंच गया?

युवती के आरोपों के मुताबिक, वह लंबे समय तक शादी की उम्मीद में रिश्ते में रही। बाद में जब युवक ने कथित तौर पर शादी से इनकार किया तो विवाद बढ़ता चला गया।

अब जांच का एक अहम पहलू यह भी होगा कि दोनों के बीच वास्तव में किस तरह का संबंध था, शादी को लेकर क्या बातचीत या समझौता हुआ था, पैसों का लेनदेन किन परिस्थितियों में हुआ और निजी फोटो-वीडियो किस तरह बनाए गए।

इन सभी सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।

डिजिटल सबूत बन सकते हैं अहम कड़ी

ऐसे मामलों में मोबाइल फोन, चैट, कॉल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजेक्शन, फोटो-वीडियो और सोशल मीडिया से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

यदि युवती के पास आरोपी के साथ हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट, बैंक ट्रांसफर की जानकारी, कथित धमकियों के संदेश या समझौतानामे की प्रति मौजूद है, तो जांच एजेंसियां इनका परीक्षण कर सकती हैं।

खास तौर पर यदि निजी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देने के आरोप की जांच होती है तो डिजिटल साक्ष्य यह पता लगाने में मदद कर सकते हैं कि कथित धमकी किस माध्यम से दी गई और इसके पीछे कौन व्यक्ति था।

पुलिस जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल इस मामले में युवती ने SSP से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। इसलिए आरोपी पक्ष का बयान और पुलिस की जांच इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण होगी।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है या मामले की प्रारंभिक जांच चल रही है। उपलब्ध शिकायत संबंधी जानकारी के आधार पर फिलहाल इतना कहा जा सकता है कि युवती ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।

मामले की सच्चाई जांच के बाद ही पूरी तरह सामने आएगी।

निजी तस्वीरों और वीडियो के नाम पर धमकी बेहद गंभीर मुद्दा

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि निजी फोटो और वीडियो को लेकर लोगों को कितना सतर्क रहना चाहिए। किसी व्यक्ति की निजी सामग्री को उसकी अनुमति के बिना साझा करना या उसे सार्वजनिक करने की धमकी देना गंभीर मामला हो सकता है।

ऐसे मामलों में पीड़ित व्यक्ति को डरकर चुप रहने के बजाय पुलिस और साइबर अपराध से जुड़े आधिकारिक माध्यमों से शिकायत करनी चाहिए। साथ ही कथित धमकी देने वाले व्यक्ति को पैसे देने के बजाय उपलब्ध डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखना जांच के लिए ज्यादा उपयोगी हो सकता है।

फिलहाल बरेली का यह मामला आरोपों और शिकायत के स्तर पर है। छह साल का रिश्ता, शादी का कथित भरोसा, कचहरी का समझौता, लाखों रुपये के लेनदेन और अब निजी वीडियो वायरल करने की कथित धमकी—इन सभी कड़ियों ने मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस जांच में इन आरोपों के पीछे की वास्तविक कहानी क्या निकलकर सामने आती है। (livehindustan.com)

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