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न फोन, न टैबलेट… OpenAI बना रहा है ऐसा रहस्यमयी डिवाइस! सामने आया राज तो टेक दुनिया में मच जाएगा तहलका

 


नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में अब तक सबसे ज्यादा चर्चा AI मॉडल, चैटबॉट और एजेंट्स को लेकर होती रही है, लेकिन अब OpenAI की नजर सीधे हार्डवेयर बाजार पर दिखाई दे रही है। कंपनी एक ऐसे रहस्यमयी AI डिवाइस पर काम कर रही है, जो पारंपरिक स्मार्टफोन, टैबलेट या स्मार्ट स्पीकर से बिल्कुल अलग हो सकता है।

पिछले कुछ दिनों में सामने आई रिपोर्टों ने इस डिवाइस को लेकर टेक दुनिया में उत्सुकता और बढ़ा दी है। जानकारी के मुताबिक OpenAI का पहला बड़ा कंज्यूमर हार्डवेयर प्रोडक्ट एक स्क्रीन-लेस, पोर्टेबल AI डिवाइस हो सकता है। इसकी कीमत करीब 300 से 400 डॉलर के बीच बताई जा रही है और इसका डिजाइन भी मौजूदा स्मार्ट डिवाइसों से काफी अलग होने की चर्चा है।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह डिवाइस सिर्फ आवाज सुनकर जवाब देने वाला सामान्य स्मार्ट स्पीकर नहीं होगा। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इसमें कैमरा, माइक्रोफोन, स्पीकर और कुछ ऐसे मूविंग पार्ट्स हो सकते हैं जो डिवाइस को एक अलग तरह का इंटरैक्टिव अनुभव दे सकते हैं।

यानी OpenAI जिस दिशा में बढ़ रहा है, उसमें AI सिर्फ स्क्रीन के अंदर मौजूद सॉफ्टवेयर नहीं रहेगा, बल्कि वह एक वास्तविक भौतिक डिवाइस के रूप में यूजर के आसपास मौजूद हो सकता है।

आखिर कैसी होगी OpenAI की रहस्यमयी डिवाइस?

रिपोर्टों के अनुसार OpenAI का यह डिवाइस आकार में लगभग हॉकी पक के आसपास हो सकता है और इसका डिजाइन डोनट जैसा बताया जा रहा है। हालांकि कंपनी ने अभी तक इस प्रोडक्ट का आधिकारिक डिजाइन सार्वजनिक नहीं किया है, इसलिए सामने आई जानकारियों को फिलहाल रिपोर्ट्स और लीक के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत यह बताई जा रही है कि इसमें पारंपरिक स्क्रीन नहीं होगी। यानी यूजर को मोबाइल फोन की तरह स्क्रीन पर जाकर ऐप खोलने और बटन दबाने की जरूरत नहीं पड़ सकती।

इसके बजाय बातचीत और दूसरे इंटरैक्शन के जरिए AI से काम कराया जा सकता है।

यह विचार सुनने में सरल लगता है, लेकिन अगर OpenAI इसे सफलतापूर्वक लागू करता है तो इसका असर स्मार्टफोन और स्मार्ट स्पीकर बाजार दोनों पर पड़ सकता है।

Jony Ive की मौजूदगी ने बढ़ाया रहस्य

इस प्रोजेक्ट को लेकर एक और वजह से टेक दुनिया की नजरें OpenAI पर टिकी हुई हैं। कंपनी इस हार्डवेयर विजन पर मशहूर डिजाइनर Jony Ive के साथ काम कर रही है।

Ive का नाम Apple के कई चर्चित उत्पादों के डिजाइन से जुड़ा रहा है। इसलिए OpenAI और Ive की साझेदारी को टेक इंडस्ट्री में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

OpenAI अगर AI को ऐसे हार्डवेयर में बदलने की कोशिश कर रहा है जिसमें पारंपरिक स्क्रीन की भूमिका कम हो, तो डिजाइन यहां बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। डिवाइस को छोटा, आसान और प्राकृतिक तरीके से इस्तेमाल करने योग्य बनाना होगा।

यही वजह है कि इस प्रोडक्ट को लेकर सिर्फ तकनीकी क्षमता नहीं बल्कि इसके डिजाइन को लेकर भी काफी चर्चा है।

स्मार्टफोन के बाद अब AI डिवाइस की नई दौड़?

पिछले कई वर्षों से स्मार्टफोन टेक्नोलॉजी का सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तिगत डिवाइस रहा है। यूजर लगभग हर काम के लिए फोन का इस्तेमाल करता है—कॉल, मैसेज, बैंकिंग, सोशल मीडिया, वीडियो, फोटो, इंटरनेट और अब AI तक।

लेकिन OpenAI का नया प्रयोग एक अलग सवाल खड़ा करता है।

क्या भविष्य में AI का इस्तेमाल करने के लिए स्मार्टफोन की जरूरत ही कम हो जाएगी?

अगर कोई छोटा डिवाइस यूजर की आवाज सुनकर सवालों के जवाब दे सके, जानकारी खोज सके, याददाश्त की तरह काम कर सके और अलग-अलग डिजिटल कार्यों में सहायता कर सके, तो फोन पर बार-बार स्क्रीन देखने की जरूरत कम हो सकती है।

यही AI hardware की सबसे बड़ी संभावनाओं में से एक मानी जा रही है।

डिवाइस में कैमरा क्यों होगा?

रिपोर्टों के अनुसार इस डिवाइस में कैमरा भी शामिल हो सकता है। अगर यह जानकारी सही साबित होती है तो डिवाइस केवल आवाज आधारित AI सिस्टम नहीं रहेगा।

कैमरे की मदद से AI आसपास के वातावरण को समझने की क्षमता हासिल कर सकता है।

उदाहरण के लिए यूजर किसी वस्तु की ओर कैमरा करके उसके बारे में जानकारी पूछ सकता है। किसी दस्तावेज को दिखाकर उसका सारांश मांगा जा सकता है या किसी जगह के बारे में सवाल किया जा सकता है।

लेकिन कैमरे की मौजूदगी के साथ सबसे बड़ा सवाल प्राइवेसी का भी होगा।

अगर कोई AI डिवाइस घर में लगातार मौजूद रहता है और उसमें कैमरा तथा माइक्रोफोन दोनों हैं, तो यूजर्स यह जरूर जानना चाहेंगे कि डिवाइस कब सुनता है, क्या रिकॉर्ड करता है और डेटा कहां जाता है।

इसलिए OpenAI के लिए हार्डवेयर की सफलता केवल AI की क्षमता पर निर्भर नहीं करेगी। प्राइवेसी और भरोसा भी उतने ही महत्वपूर्ण होंगे।

सबसे ज्यादा चर्चा मूविंग पार्ट्स की

इस डिवाइस को लेकर सबसे दिलचस्प जानकारी इसके संभावित moving parts को लेकर सामने आई है।

रिपोर्टों के अनुसार डिवाइस में कुछ ऐसे भौतिक हिस्से हो सकते हैं जो AI के साथ बातचीत के दौरान मूव कर सकें। इसका उद्देश्य शायद डिवाइस को अधिक मानवीय और इंटरैक्टिव अनुभव देना हो सकता है।

आज ज्यादातर स्मार्ट स्पीकर स्थिर रहते हैं। वे आवाज सुनते हैं और आवाज में जवाब देते हैं। लेकिन अगर OpenAI का डिवाइस अपनी प्रतिक्रिया के दौरान किसी तरह की भौतिक गतिविधि करता है तो इससे AI के साथ बातचीत का अनुभव काफी अलग हो सकता है।

यही छोटी-सी बात इस प्रोडक्ट को सामान्य स्मार्ट स्पीकर से अलग बना सकती है।

कीमत सुनकर चौंक सकते हैं यूजर्स

रिपोर्टों में इस डिवाइस की संभावित कीमत 300 से 400 डॉलर के आसपास बताई गई है।

भारतीय बाजार के हिसाब से देखें तो टैक्स और दूसरे खर्चों के कारण इसकी अंतिम कीमत इससे काफी अलग हो सकती है।

अगर OpenAI वास्तव में इतनी कीमत वाला डिवाइस बाजार में उतारती है तो कंपनी को यूजर्स को यह समझाना होगा कि आखिर वे स्मार्टफोन या मौजूदा स्मार्ट स्पीकर के बजाय इस डिवाइस पर इतना पैसा क्यों खर्च करें।

सिर्फ ChatGPT का इस्तेमाल कराने के लिए यूजर नया हार्डवेयर खरीदना शायद पर्याप्त कारण नहीं होगा। डिवाइस को ऐसी सुविधाएं देनी होंगी जो फोन और सामान्य स्मार्ट स्पीकर आसानी से नहीं दे सकते।

लॉन्च कब हो सकता है?

रिपोर्टों के मुताबिक OpenAI का यह हार्डवेयर प्रोजेक्ट आने वाले समय में बाजार में पहुंच सकता है और कुछ रिपोर्टें 2027 की संभावित समयसीमा की ओर इशारा करती हैं। हालांकि कंपनी की ओर से अंतिम लॉन्च तारीख की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इसका मतलब है कि अभी डिजाइन, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में बदलाव की काफी संभावना है।

इसलिए वर्तमान में सामने आई तस्वीर को अंतिम प्रोडक्ट मानना सही नहीं होगा।

Apple के साथ बढ़ता तनाव भी चर्चा में

OpenAI के हार्डवेयर विस्तार के बीच Apple के साथ कंपनी के संबंधों को लेकर भी खबरें सामने आई हैं। दोनों कंपनियों के बीच डिवाइस और कथित ट्रेड सीक्रेट्स को लेकर कानूनी विवाद की रिपोर्टें सामने आई हैं।

यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि OpenAI का हार्डवेयर बाजार में प्रवेश सीधे उन कंपनियों को चुनौती दे सकता है जो लंबे समय से व्यक्तिगत कंप्यूटिंग और मोबाइल डिवाइस पर मजबूत पकड़ रखती हैं।

अगर OpenAI एक नया AI-centric device तैयार करता है, तो कंपनी का लक्ष्य केवल स्मार्ट स्पीकर बाजार नहीं बल्कि व्यक्तिगत कंप्यूटिंग के तरीके को बदलना भी हो सकता है।

असली खेल डिवाइस का नहीं, AI का है

OpenAI के इस पूरे प्रयोग को केवल एक नए गैजेट के तौर पर देखना शायद सही नहीं होगा।

कंपनी का बड़ा लक्ष्य AI को ज्यादा प्राकृतिक तरीके से इंसान के जीवन का हिस्सा बनाना हो सकता है। आज यूजर AI का इस्तेमाल करने के लिए ऐप खोलता है, टाइप करता है या स्क्रीन पर क्लिक करता है।

भविष्य में AI खुद यूजर के आसपास मौजूद रह सकता है।

यानी स्क्रीन के सामने बैठकर AI इस्तेमाल करने के बजाय AI आपके साथ बातचीत कर सकता है और जरूरत के अनुसार आपकी मदद कर सकता है।

यही वह बदलाव है जो इस डिवाइस को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता पैदा कर रहा है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल अभी भी बाकी है

OpenAI की रहस्यमयी डिवाइस को लेकर जितनी भी जानकारी सामने आई है, उसका बड़ा हिस्सा अभी रिपोर्ट्स और लीक पर आधारित है। कंपनी ने इसके सभी फीचर्स, कीमत, डिजाइन और लॉन्च की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

लेकिन अगर सामने आ रही जानकारियां सही साबित होती हैं तो यह डिवाइस AI हार्डवेयर की दुनिया में एक नया अध्याय शुरू कर सकती है।

न फोन जैसा स्क्रीन, न सामान्य स्मार्ट स्पीकर जैसा डिजाइन और न ही पारंपरिक गैजेट जैसा इस्तेमाल—OpenAI जिस डिवाइस पर काम कर रही है, वह AI को इंसान के और करीब लाने की कोशिश हो सकती है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या लोग अपने स्मार्टफोन को छोड़कर एक ऐसे छोटे AI डिवाइस को अपनाएंगे, जो हर वक्त उनके आसपास रहकर उनसे बात करेगा?

अगर OpenAI इसका जवाब ढूंढ लेती है, तो आने वाले वर्षों में स्मार्टफोन के बाद अगली बड़ी टेक्नोलॉजी क्रांति शायद हमारी हथेली में नहीं, बल्कि हमारे आसपास मौजूद किसी छोटे AI डिवाइस में छिपी हो सकती है।

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