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सोना-चांदी के भाव में फिर बड़ा उलटफेर! एक दिन में बदला बाजार का रुख, खरीदारी से पहले जान लें आज का अपडेट

 


नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी के बाद घरेलू बाजार में भी सोने-चांदी की चाल पर निवेशकों और खरीदारों की नजर बनी हुई है। 19 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 3 फीसदी से ज्यादा उछलकर 4,500 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गई, जबकि चांदी में भी करीब 4 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।

हालांकि, घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं रही। हाल के कारोबारी सत्रों में एमसीएक्स पर सोने और चांदी में तेज गिरावट के बाद फिर खरीदारी का रुख देखने को मिला है। यही वजह है कि बाजार में अब सवाल उठ रहा है कि आने वाले दिनों में सोना और चांदी किस दिशा में जाएंगे।

सोने की कीमत में क्यों आया इतना उतार-चढ़ाव?

सोने को आमतौर पर सुरक्षित निवेश माना जाता है। जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बढ़ती है या ब्याज दरों को लेकर बाजार में बदलाव की उम्मीद बनती है, तो निवेशक सोने की ओर रुख कर सकते हैं।

हाल ही में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की घोषणा के बाद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और डॉलर में कमजोरी देखने को मिली। इसका असर अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमत पर पड़ा और स्पॉट गोल्ड करीब 4,499 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।

यह तेजी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले सोने की कीमतों में दबाव देखा गया था। घरेलू एमसीएक्स बाजार में सोना करीब 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक फिसल गया था।

चांदी ने भी दिखाई तेज चाल

सोने के साथ-साथ चांदी में भी जोरदार हलचल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 19 अगस्त को स्पॉट सिल्वर करीब 4 फीसदी उछलकर 65.80 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई।

भारत में भी चांदी की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। 19 अगस्त को कुछ बाजार आंकड़ों के अनुसार चांदी करीब 2.45 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी, जबकि लखनऊ में 19 अगस्त को 1 किलो चांदी का भाव करीब 2,38,562 रुपये दर्ज किया गया।

चांदी की खासियत यह है कि इसका इस्तेमाल केवल आभूषण और निवेश में नहीं होता, बल्कि उद्योगों में भी इसकी बड़ी मांग है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में चांदी की जरूरत इसे सोने से अलग बनाती है।

क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?

सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच खरीदारों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि अभी खरीदारी की जाए या कुछ समय इंतजार किया जाए।

अगर खरीदारी शादी या किसी जरूरी व्यक्तिगत जरूरत के लिए है तो केवल एक दिन की कीमत देखकर फैसला करना उचित नहीं होगा। सोने के भाव में रोजाना बदलाव हो सकता है। इसके अलावा आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज, जीएसटी और शुद्धता का भी ध्यान रखना जरूरी है।

निवेश के नजरिए से भी एक साथ पूरी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध खरीदारी का विकल्प कुछ निवेशकों के लिए जोखिम को फैलाने में मदद कर सकता है। हालांकि, निवेश का फैसला व्यक्ति की आर्थिक स्थिति और जोखिम उठाने की क्षमता के अनुसार होना चाहिए।

चांदी खरीदने वालों के लिए भी बड़ा सवाल

चांदी ने हाल के महीनों में निवेशकों का ध्यान काफी आकर्षित किया है। इसकी कीमत सोने की तुलना में कम होने के कारण छोटे निवेशकों के बीच भी इसकी मांग रहती है।

लेकिन चांदी में भी कीमतों का उतार-चढ़ाव काफी तेज हो सकता है। इसलिए केवल तेजी देखकर खरीदारी करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। बाजार में अंतरराष्ट्रीय कीमत, डॉलर-रुपया विनिमय दर, औद्योगिक मांग और घरेलू मांग जैसे कई कारक चांदी की कीमत को प्रभावित करते हैं।

अगस्त में सोने ने दिखाया बड़ा उतार-चढ़ाव

अगस्त 2026 में सोने की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार अगस्त में सोने का निचला स्तर करीब 1,40,977 रुपये प्रति 10 ग्राम और ऊपरी स्तर करीब 1,58,203 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।

इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कुछ ही दिनों के अंतर में सोने की कीमत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। यही वजह है कि सर्राफा बाजार के साथ-साथ निवेशकों की नजर भी लगातार अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और अमेरिकी मौद्रिक नीति पर बनी हुई है।

आगे क्या हो सकता है?

आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा कई अंतरराष्ट्रीय कारकों पर निर्भर करेगी। अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर संकेत, डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड, वैश्विक तनाव और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जैसे कारक बाजार को प्रभावित कर सकते हैं।

अगर डॉलर कमजोर रहता है और बॉन्ड यील्ड में दबाव बना रहता है तो सोने को समर्थन मिल सकता है। वहीं, अगर ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीद बदलती है और डॉलर मजबूत होता है तो कीमती धातुओं पर फिर दबाव आ सकता है।

चांदी के मामले में औद्योगिक मांग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यदि औद्योगिक मांग मजबूत बनी रहती है तो चांदी को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।

खरीदारों के लिए जरूरी सलाह

सोना या चांदी खरीदने से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार का ताजा भाव जरूर जांचना चाहिए। अलग-अलग शहरों में कीमत में थोड़ा अंतर हो सकता है। आभूषण खरीदते समय हॉलमार्क, शुद्धता, बिल और मेकिंग चार्ज की जानकारी जरूर लें।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आज का भाव देखकर भविष्य की कीमत निश्चित नहीं की जा सकती। सोने और चांदी दोनों में तेजी के साथ-साथ तेज गिरावट भी संभव है।

फिलहाल बाजार में दोनों कीमती धातुओं में जबरदस्त हलचल है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की जोरदार वापसी और चांदी की तेजी ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में इन धातुओं पर निवेशकों की नजर और भी ज्यादा रहने वाली है। ऐसे में खरीदारी करने वालों के लिए जल्दबाजी के बजाय ताजा भाव और बाजार के रुख को समझकर फैसला लेना बेहतर होगा।

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