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रोज सिर्फ 20 मिनट की ये आदत बदल सकती है आपकी जिंदगी! शरीर में होंगे ऐसे बदलाव, जिनका आपको अंदाजा भी नहीं



अगर आपको जिम जाने, भारी-भरकम एक्सरसाइज करने या लंबे वर्कआउट सेशन के लिए समय निकालना मुश्किल लगता है, तो रोजाना की 20 मिनट की तेज चाल वाली वॉक एक आसान शुरुआत हो सकती है। पैदल चलना भले ही सामान्य गतिविधि लगे, लेकिन इसे नियमित रूप से करने पर शारीरिक सक्रियता बढ़ाने और फिटनेस बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, शारीरिक गतिविधि में सिर्फ जिम या खेल ही शामिल नहीं हैं, बल्कि पैदल चलना, साइकिल चलाना, सीढ़ियां चढ़ना और रोजमर्रा के दूसरे सक्रिय काम भी इसमें आते हैं। WHO वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 से 300 मिनट की मध्यम-तीव्रता वाली एरोबिक गतिविधि करने की सलाह देता है।

इस हिसाब से रोज 20 मिनट की वॉक सप्ताह में 140 मिनट बनती है। यानी यह अनुशंसित साप्ताहिक स्तर के काफी करीब पहुंचा सकती है। अगर इसके साथ रोजमर्रा की दूसरी शारीरिक गतिविधियां भी शामिल हों, तो कुल सक्रियता और बढ़ सकती है।

20 मिनट की वॉक क्यों हो सकती है खास?

तेज गति से चलने पर शरीर की गतिविधि सामान्य चलने की तुलना में बढ़ जाती है। सांस लेने की गति और दिल की धड़कन भी कुछ तेज हो सकती है। WHO के अनुसार, तेज चाल से चलना मध्यम-तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि का उदाहरण हो सकता है, हालांकि वास्तविक तीव्रता व्यक्ति की फिटनेस और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है।

वॉकिंग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे शुरू करने के लिए महंगे उपकरण या जिम की सदस्यता जरूरी नहीं है। पार्क, घर के आसपास की सड़क, ऑफिस के आसपास का क्षेत्र या किसी सुरक्षित स्थान पर इसे अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।

जो लोग लंबे समय से शारीरिक रूप से कम सक्रिय हैं, उनके लिए छोटी अवधि से शुरुआत करना और धीरे-धीरे समय व गति बढ़ाना बेहतर तरीका माना जाता है। WHO भी निष्क्रिय लोगों को कम मात्रा से शुरुआत करके धीरे-धीरे अवधि, आवृत्ति और तीव्रता बढ़ाने की सलाह देता है।

दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकती है वॉक

नियमित शारीरिक गतिविधि हृदय और संपूर्ण कार्डियोरेस्पिरेटरी फिटनेस के लिए फायदेमंद मानी जाती है। WHO के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधि हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज और कुछ अन्य गैर-संचारी रोगों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है।

तेज चाल से चलना उन लोगों के लिए भी उपयोगी हो सकता है जो दिन का बड़ा हिस्सा बैठकर बिताते हैं। लगातार लंबे समय तक बैठे रहने के बीच थोड़ी-थोड़ी देर पर उठकर चलना शरीर को सक्रिय रखने का आसान तरीका है।

हालांकि, केवल 20 मिनट की वॉक को हृदय रोगों से बचाव की गारंटी समझना सही नहीं होगा। स्वास्थ्य लाभ व्यक्ति की उम्र, फिटनेस, खानपान, नींद, वजन और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों सहित कई कारकों पर निर्भर करते हैं।

वजन नियंत्रित रखने में मिल सकती है मदद

पैदल चलने जैसी शारीरिक गतिविधि शरीर को ऊर्जा खर्च करने में मदद करती है। अगर नियमित वॉक के साथ संतुलित खानपान भी रखा जाए, तो यह वजन को नियंत्रित रखने की कोशिश का हिस्सा बन सकती है।

यह बात भी ध्यान रखने वाली है कि सिर्फ 20 मिनट चलने से हर व्यक्ति का वजन एक जैसा कम नहीं होगा। वजन में बदलाव कुल कैलोरी सेवन, शारीरिक गतिविधि, मेटाबॉलिज्म, नींद और कई अन्य व्यक्तिगत कारकों पर निर्भर करता है।

इसलिए अगर लक्ष्य वजन कम करना है तो वॉक के साथ खानपान और पूरी दिनचर्या पर ध्यान देना जरूरी है।

ब्लड शुगर को लेकर भी हो सकती है उपयोगी

शारीरिक गतिविधि शरीर को ग्लूकोज का इस्तेमाल करने में मदद करती है। नियमित रूप से सक्रिय रहना टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने और स्वास्थ्य प्रबंधन का हिस्सा हो सकता है। WHO भी नियमित शारीरिक गतिविधि को टाइप-2 डायबिटीज सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम से जोड़ता है।

खासकर जो लोग लंबे समय तक बैठे रहते हैं, उनके लिए दिनभर में चलने-फिरने के छोटे अवसर बढ़ाना उपयोगी हो सकता है।

हालांकि, डायबिटीज से पीड़ित लोगों को अपनी दवाओं, भोजन और व्यायाम की दिनचर्या में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद

वॉकिंग का फायदा केवल शरीर तक सीमित नहीं माना जाता। नियमित शारीरिक गतिविधि मानसिक स्वास्थ्य और सामान्य स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में योगदान दे सकती है।

WHO के अनुसार, नियमित शारीरिक गतिविधि चिंता और अवसाद के लक्षणों को कम करने तथा मानसिक स्वास्थ्य और समग्र स्वास्थ्य में सुधार से जुड़ी है।

सुबह या शाम की वॉक के दौरान कुछ समय खुली हवा में बिताना और रोजमर्रा की भागदौड़ से थोड़ा ब्रेक लेना भी कई लोगों को मानसिक रूप से बेहतर महसूस करा सकता है।

लंबे समय तक बैठने वालों के लिए जरूरी

आजकल ऑफिस का काम, मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी की वजह से कई लोग दिन का बड़ा हिस्सा बैठे हुए बिताते हैं। लंबे समय तक निष्क्रिय रहने की आदत स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं मानी जाती।

WHO के अनुसार ज्यादा sedentary behaviour यानी लंबे समय तक निष्क्रिय रहना हृदय रोग, कैंसर और टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम से जुड़ा हो सकता है। इसलिए बैठने के समय को कम करना और दिनभर में शारीरिक गतिविधि बढ़ाना महत्वपूर्ण है।

ऐसे में 20 मिनट की वॉक रोजमर्रा की सक्रियता बढ़ाने की एक सरल शुरुआत हो सकती है।

कैसे करें 20 मिनट की तेज वॉक?

अगर आपने हाल ही में वॉक शुरू की है, तो पहले कुछ मिनट सामान्य गति से चलें। इसके बाद धीरे-धीरे अपनी गति बढ़ाएं।

आपकी चाल इतनी तेज हो सकती है कि सांस सामान्य से थोड़ी तेज चले, लेकिन आप बातचीत कर सकें। अगर शुरुआत में 20 मिनट लगातार चलना मुश्किल लगे तो इसे छोटे हिस्सों में बांटा जा सकता है।

उदाहरण के लिए:

  • 5 मिनट हल्की चाल

  • 10 मिनट तेज चाल

  • 5 मिनट सामान्य चाल

समय के साथ अपनी क्षमता के अनुसार तेज चाल वाले हिस्से को बढ़ाया जा सकता है।

क्या रोज 20 मिनट ही काफी हैं?

यह सबसे महत्वपूर्ण सवाल है। 20 मिनट की वॉक अच्छी शुरुआत हो सकती है, लेकिन इसे शारीरिक गतिविधि की अंतिम सीमा नहीं माना जाना चाहिए।

अगर कोई व्यक्ति रोज 20 मिनट तेज चलता है तो सप्ताह में लगभग 140 मिनट की गतिविधि हो जाती है। WHO वयस्कों के लिए सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम-तीव्रता वाली एरोबिक गतिविधि की सलाह देता है। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ के लिए 300 मिनट तक मध्यम-तीव्रता वाली गतिविधि करने की सलाह दी जाती है।

इसके अलावा WHO वयस्कों को सप्ताह में कम से कम दो दिन प्रमुख मांसपेशी समूहों के लिए muscle-strengthening activities करने की सलाह भी देता है।

इसलिए बेहतर लक्ष्य यह है कि धीरे-धीरे अपनी कुल शारीरिक गतिविधि बढ़ाई जाए।

क्या 20 मिनट की वॉक असमय मौत का खतरा कम करती है?

शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य जोखिमों के बीच संबंध पर काफी शोध हुआ है। WHO के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधि कई स्वास्थ्य परिणामों में लाभ से जुड़ी है और अधिक सक्रिय रहने से कई स्वास्थ्य जोखिम कम हो सकते हैं।

लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि हर व्यक्ति के लिए रोज 20 मिनट चलने से असमय मृत्यु का जोखिम किसी निश्चित प्रतिशत तक कम हो जाएगा। किसी व्यक्ति का स्वास्थ्य कई चीजों पर निर्भर करता है और एक ही व्यायाम का प्रभाव सभी लोगों में समान नहीं होता।

इसलिए वॉक को स्वस्थ जीवनशैली का एक हिस्सा समझना बेहतर है, न कि किसी बीमारी या मृत्यु से सुरक्षा की गारंटी।

किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी बीमारी, गंभीर सांस की समस्या, चलने में परेशानी या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, उन्हें अपनी व्यायाम दिनचर्या शुरू करने या बढ़ाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

वहीं, लंबे समय से निष्क्रिय लोगों के लिए अचानक बहुत तेज चलने के बजाय धीरे-धीरे शुरुआत करना बेहतर है। किसी भी गतिविधि के दौरान सीने में दर्द, गंभीर सांस फूलना, चक्कर या असामान्य परेशानी महसूस हो तो व्यायाम रोककर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

जिम जाने का समय नहीं मिल रहा है तो इसका मतलब यह नहीं कि आप शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं रह सकते। रोज 20 मिनट की तेज वॉक एक सरल और कम खर्च वाली शुरुआत हो सकती है। इससे शरीर को सक्रिय रखने, कार्डियो फिटनेस सुधारने और नियमित शारीरिक गतिविधि की आदत बनाने में मदद मिल सकती है।

लेकिन सबसे जरूरी बात नियमितता है। 20 मिनट से शुरुआत करें, फिर अपनी क्षमता के अनुसार समय और गतिविधि बढ़ाएं। संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और अन्य स्वस्थ आदतों के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि को जीवनशैली का हिस्सा बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है, व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह नहीं। किसी बीमारी, चोट, गर्भावस्था या अन्य स्वास्थ्य स्थिति की स्थिति में व्यायाम शुरू करने या उसकी तीव्रता बढ़ाने से पहले योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।

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