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दुनिया के इस देश में इंसानों से भी ज्यादा सूअर! 42 करोड़ से ज्यादा की संख्या, आंकड़ा सामने आते ही मचा हड़कंप



दुनिया में पशुपालन केवल गाय, भैंस, बकरी या भेड़ तक सीमित नहीं है। कई देशों में सूअर पालन भी कृषि और पशुधन अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा है। कुछ देशों में सूअरों को मुख्य रूप से मांस उत्पादन के लिए पाला जाता है, जबकि कई ग्रामीण इलाकों में इनका पालन स्थानीय अर्थव्यवस्था और किसानों की आय से जुड़ा हुआ है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में सबसे ज्यादा सूअर किस देश में हैं?

सूअरों की आबादी के मामले में दुनिया के कुछ देश बाकी देशों से काफी आगे हैं। 2024 के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक चीन इस मामले में सबसे ऊपर है। चीन में सूअरों की संख्या 42 करोड़ से भी अधिक बताई गई है। इसके बाद अमेरिका, ब्राजील और यूरोप के कई बड़े देश इस सूची में शामिल हैं।

इन आंकड़ों को देखकर एक बात साफ होती है कि सूअर पालन का वैश्विक बाजार बेहद बड़ा है। खासकर उन देशों में जहां पोर्क की मांग अधिक है, वहां बड़े स्तर पर व्यावसायिक सूअर पालन किया जाता है।

चीन में सबसे ज्यादा सूअर

दुनिया में सूअरों की सबसे बड़ी आबादी चीन में है। 2024 के आंकड़ों के अनुसार चीन में लगभग 427.4 मिलियन यानी 42.74 करोड़ सूअर दर्ज किए गए थे।

यह संख्या इतनी बड़ी है कि इसे समझने के लिए सिर्फ इतना कहना काफी है कि चीन में सूअरों की आबादी दुनिया के कई देशों की पूरी मानव आबादी से भी ज्यादा है। चीन में पोर्क की खपत काफी अधिक है और वहां सूअर का मांस खाद्य बाजार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

चीन में बड़े पैमाने पर पोर्क उत्पादन के लिए आधुनिक पशुपालन व्यवस्था विकसित हुई है। मांग अधिक होने के कारण किसानों और बड़ी कंपनियों दोनों के स्तर पर सूअर पालन किया जाता है।

चीन की विशाल आबादी और मांस की घरेलू मांग सूअर पालन के इस बड़े नेटवर्क के पीछे प्रमुख कारणों में शामिल है। हालांकि बीमारी, पशु स्वास्थ्य और बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव इस उद्योग के सामने बड़ी चुनौतियां भी पैदा करते हैं।

अमेरिका दूसरे नंबर पर

सूअरों की आबादी के मामले में अमेरिका यानी संयुक्त राज्य अमेरिका दूसरे स्थान पर आता है। 2024 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वहां लगभग 74.9 मिलियन यानी 7.49 करोड़ सूअर थे।

अमेरिका में सूअर पालन बड़े और आधुनिक कृषि व्यवसाय का हिस्सा है। यहां कई क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पशुधन फार्म संचालित किए जाते हैं। आधुनिक तकनीक, पशु पोषण, स्वास्थ्य प्रबंधन और वैज्ञानिक तरीके से प्रजनन के कारण अमेरिका का पोर्क उद्योग दुनिया के प्रमुख उद्योगों में गिना जाता है।

अमेरिका में सूअर पालन केवल घरेलू खपत तक सीमित नहीं है। पोर्क और उससे जुड़े उत्पादों का उत्पादन और व्यापार भी कृषि अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ब्राजील भी बड़ी ताकत

इस सूची में ब्राजील तीसरे स्थान पर है। 2024 में ब्राजील में लगभग 43.9 मिलियन यानी 4.39 करोड़ सूअर दर्ज किए गए थे।

दक्षिण अमेरिका में ब्राजील कृषि उत्पादन के लिए पहले से ही जाना जाता है। देश में सोयाबीन और मक्का जैसे पशु चारे से जुड़े उत्पादों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। यही वजह है कि वहां पशुपालन के कई क्षेत्रों को खाद्य आपूर्ति और कृषि उत्पादन से जोड़कर देखा जाता है।

ब्राजील में पोर्क उद्योग घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भी महत्वपूर्ण है। आधुनिक फार्मिंग सिस्टम और बड़े कृषि क्षेत्र ने यहां सूअर पालन को विस्तार देने में भूमिका निभाई है।

यूरोप में स्पेन का दबदबा

यूरोप की बात करें तो स्पेन सूअरों की बड़ी आबादी वाले देशों में सबसे प्रमुख नामों में शामिल है। 2024 के आंकड़ों के अनुसार स्पेन में लगभग 34.6 मिलियन यानी 3.46 करोड़ सूअर थे।

स्पेन में पोर्क उद्योग कृषि क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वहां सूअर पालन से जुड़े फार्म, प्रसंस्करण उद्योग और खाद्य कारोबार बड़े स्तर पर संचालित होते हैं।

स्पेन की खाद्य संस्कृति और पोर्क उत्पादों की मांग ने भी इस उद्योग को मजबूत बनाया है। यूरोप के बाजार में स्पेन का पोर्क उत्पादन काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

रूस में भी करोड़ों सूअर

रूस इस सूची में पांचवें स्थान पर बताया गया है। 2024 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार रूस में करीब 28.2 मिलियन यानी 2.82 करोड़ सूअर थे।

रूस का विशाल भौगोलिक क्षेत्र और कृषि अर्थव्यवस्था पशुपालन के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है। देश में सूअर पालन कई क्षेत्रों में व्यावसायिक स्तर पर किया जाता है।

रूस के बाद जर्मनी का स्थान आता है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जर्मनी में लगभग 21.3 मिलियन यानी 2.13 करोड़ सूअर थे।

जर्मनी समेत यूरोप के कई देश सूची में

जर्मनी लंबे समय से यूरोप के महत्वपूर्ण कृषि और पशुपालन देशों में शामिल रहा है। यहां सूअर पालन और पोर्क प्रसंस्करण का बड़ा उद्योग मौजूद है।

हालांकि यूरोप में पशुपालन से जुड़े नियम काफी सख्त हैं। पशु कल्याण, पर्यावरण, फार्मिंग मानकों और खाद्य सुरक्षा को लेकर कई तरह के नियम लागू होते हैं। इन नियमों का असर उत्पादन की लागत और बाजार की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

आखिर इन देशों में इतनी बड़ी संख्या क्यों?

दुनिया में सूअरों की आबादी कुछ चुनिंदा देशों में अधिक होने के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण पोर्क की मांग है। जिन देशों में सूअर का मांस बड़े पैमाने पर खाया जाता है, वहां इसका उत्पादन भी अधिक होता है।

दूसरा महत्वपूर्ण कारण आधुनिक पशुपालन व्यवस्था है। बड़े फार्मों में बड़ी संख्या में सूअर पाले जाते हैं और उनके लिए भोजन, स्वास्थ्य, प्रजनन तथा उत्पादन का वैज्ञानिक प्रबंधन किया जाता है।

तीसरा कारण निर्यात बाजार है। कुछ देशों में घरेलू मांग के अलावा दूसरे देशों को पोर्क और पोर्क उत्पादों का निर्यात भी किया जाता है। इससे व्यावसायिक स्तर पर सूअर पालन को बढ़ावा मिलता है।

बीमारी और बाजार की कीमतें भी बड़ी चुनौती

हालांकि करोड़ों सूअरों का पालन करना आसान काम नहीं है। पशुओं में फैलने वाली बीमारियां इस उद्योग को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। किसी बड़े क्षेत्र में बीमारी फैलने पर किसानों और मांस उद्योग दोनों को आर्थिक नुकसान हो सकता है।

इसके अलावा चारे की कीमत, ऊर्जा खर्च, परिवहन और बाजार में मांस की कीमत भी सूअर पालन की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है।

इसलिए बड़ी संख्या में सूअर होना अपने आप में पर्याप्त नहीं है। उनके स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षित पालन के लिए मजबूत व्यवस्था भी जरूरी होती है।

आंकड़ों से क्या पता चलता है?

2024 के उपलब्ध आंकड़ों से यह तस्वीर सामने आती है कि चीन दुनिया में सूअरों की आबादी के मामले में सबसे आगे है, जबकि अमेरिका दूसरे और ब्राजील तीसरे स्थान पर है। इसके बाद स्पेन और रूस जैसे देश आते हैं। जर्मनी भी बड़ी संख्या वाले देशों में शामिल है।

यह आंकड़े यह भी बताते हैं कि सूअर पालन का वैश्विक केंद्र केवल एक महाद्वीप तक सीमित नहीं है। एशिया, उत्तर और दक्षिण अमेरिका तथा यूरोप—सभी जगह इसका बड़ा व्यावसायिक नेटवर्क मौजूद है।

हालांकि पशुधन की संख्या समय के साथ बदलती रहती है। उत्पादन, बीमारी, मांग, कीमतों और सरकारी नीतियों के कारण किसी देश में सूअरों की संख्या एक साल से दूसरे साल अलग हो सकती है। अलग-अलग स्रोतों में गणना की तारीख या पद्धति अलग होने के कारण मामूली अंतर भी देखने को मिल सकता है।

फिर भी इन आंकड़ों से एक दिलचस्प तस्वीर सामने आती है—दुनिया में सबसे ज्यादा सूअर चीन में पाले जाते हैं और उनकी संख्या 42 करोड़ से भी अधिक है। इसके बाद अमेरिका और ब्राजील जैसे देश आते हैं। यह पूरी तस्वीर बताती है कि वैश्विक पशुपालन और खाद्य उद्योग में सूअर पालन कितने बड़े स्तर पर फैला हुआ है।

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