'पहले संबंध बनाओ, पैसे दे दूंगा'... प्रेमी के झांसे में जंगल पहुंची इमराना, फिर सरिया से हमले ने खोल दिया हत्या का खौफनाक राज
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से सामने आया इमराना हत्याकांड कई सवालों के बाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के नांगल अहीर गांव के जंगल में 14 अगस्त को मिले महिला के शव की पहचान इमराना के रूप में हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और अब इस मामले में उसके पड़ोसी तथा कथित प्रेमी शमशाद जोगी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे पैसों को लेकर विवाद, इमराना के दूसरे व्यक्ति से कथित संबंध और आरोपी का खुद को बचाने के लिए रची गई साजिश सामने आई है।
मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि पुलिस के अनुसार आरोपी ने हत्या के बाद शक किसी दूसरे व्यक्ति पर डालने की कोशिश की थी। वह मृतका के पति के साथ उसकी तलाश करने का दिखावा भी करता रहा, ताकि जांच की दिशा उससे दूर रहे। लेकिन घटनास्थल और रास्तों के CCTV फुटेज ने पुलिस को धीरे-धीरे उस तक पहुंचा दिया।
खेत और नाले के पास मिला था महिला का शव
14 अगस्त को गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के नांगल अहीर गांव के जंगल में महिला का शव मिलने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव की पहचान कराने की कोशिश शुरू की। अगले दिन मृतका की पहचान मवी खेड़ा खुर्द निवासी इमराना के रूप में हुई।
इमराना भगवानपुर क्षेत्र की एक दवा कंपनी में काम करती थी और रोजाना नौकरी के लिए घर से आती-जाती थी। रिपोर्टों के मुताबिक, वह 13 अगस्त की शाम कंपनी से वापस लौटते समय लापता हुई थी। इसके बाद परिवार की चिंता बढ़ी और तलाश शुरू हुई। बाद में उसका शव मिलने के बाद मामला हत्या में बदल गया।
शुरुआत में पुलिस ने मृतका के पति की शिकायत के आधार पर केसर नाम के व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। यही वह बिंदु था जहां से मामले की जांच ने एक अलग दिशा पकड़ी। लेकिन बाद की पुलिस जांच में तस्वीर बदलती चली गई।
जांच में सामने आया शमशाद का नाम
पुलिस ने इमराना के आने-जाने वाले रास्तों और घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। साथ ही मृतका से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई गई।
जांच के दौरान पुलिस को शमशाद की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पुलिस के अनुसार शमशाद और इमराना के बीच पिछले करीब सात से आठ महीने से कथित प्रेम संबंध थे। शमशाद कई बार इमराना को उसकी नौकरी पर छोड़ने और वहां से वापस लाने जाता था। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
पुलिस का दावा है कि समय के साथ दोनों के बीच पैसों और इमराना के दूसरे व्यक्ति से संपर्क को लेकर विवाद बढ़ने लगा था। यही विवाद बाद में हत्या की वजह बना।
बेटी की शादी के लिए पैसे मांगने का दावा
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि इमराना की बेटी आफरीन की शादी की बात चल रही थी। शादी के खर्च के लिए इमराना उससे पैसे मांग रही थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी का दावा था कि लगातार पैसों की मांग को लेकर दोनों के बीच विवाद होता था।
पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी ने पूछताछ में इमराना द्वारा उसके खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराने की कथित धमकी का जिक्र किया। हालांकि यह बात आरोपी के पुलिस को दिए कथित बयान का हिस्सा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे आरोपों को अंतिम सत्य मानने के बजाय जांच और अदालत की प्रक्रिया के संदर्भ में देखना जरूरी है।
पैसों के विवाद के साथ एक और बात ने कथित तौर पर शमशाद को परेशान किया। पुलिस के मुताबिक, इमराना की पहले केसर उर्फ केशव नाम के व्यक्ति से भी पहचान और कथित संबंध थे। शमशाद चाहता था कि इमराना उससे बातचीत बंद कर दे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे दोनों के बीच तनाव बढ़ता गया।
हत्या की योजना पहले से बनाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, शमशाद ने हत्या की योजना पहले ही बना ली थी। 13 अगस्त को वह इमराना को नौकरी से लेने पहुंचा। पुलिस का दावा है कि उसने अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए अपना मोबाइल फोन घर पर छोड़ दिया था।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने अपनी बाइक में बदलाव किए थे, ताकि CCTV कैमरों से उसकी पहचान मुश्किल हो। हालांकि जांच में CCTV फुटेज ही बाद में उसके खिलाफ महत्वपूर्ण सुराग साबित हुई।
पुलिस के अनुसार, इमराना को रास्ते में पहले रायपुर क्षेत्र में उतरना पड़ा था। इसके बाद वह दोबारा शमशाद के संपर्क में आई और दोनों गागलहेड़ी की ओर गए। पुलिस का आरोप है कि शमशाद ने उसे पैसे देने और निजी मुलाकात का भरोसा देकर नांगल अहीर के सुनसान इलाके की ओर ले गया।
सुनसान जगह पर पहुंचते ही बदल गया सबकुछ
पुलिस की जांच के मुताबिक, नांगल अहीर के जंगल में पहुंचने के बाद दोनों एक सुनसान स्थान पर गए। यहीं आरोपी ने कथित तौर पर इमराना पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया।
पुलिस के अनुसार, सिर और चेहरे पर गंभीर चोट लगने के कारण इमराना की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने शव को नाले में फेंक दिया। उसने मृतका के मोबाइल फोन को भी तोड़ दिया और सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल सरिया, बाइक और मृतका का टूटा मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
यह घटनाक्रम जांच में सामने आए पुलिस के दावे हैं। हत्या के पूरे घटनाक्रम और आरोपी की भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
पहले प्रेमी को फंसाने की थी कथित साजिश
इस मामले का सबसे बड़ा ट्विस्ट यही बताया जा रहा है कि शमशाद ने कथित तौर पर हत्या का शक इमराना के पहले प्रेमी केसर उर्फ केशव पर डालने की योजना बनाई थी।
पुलिस के मुताबिक, वारदात की जगह और आसपास का इलाका ऐसा चुना गया था जिससे जांच की दिशा केसर की तरफ जा सके। इतना ही नहीं, हत्या के बाद शमशाद इमराना के पति के साथ उसकी तलाश करने का नाटक भी करता रहा।
शुरुआती जांच में केसर के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना इस बात को और गंभीर बनाता है। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस ने CCTV फुटेज और दूसरे सुरागों को जोड़ा, शक का दायरा बदल गया।
CCTV ने खोल दिया राज
किसी भी अपराध में CCTV फुटेज अक्सर जांच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन जाती है और इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। पुलिस ने इमराना के आने-जाने वाले रास्तों के अलावा घटनास्थल के आसपास के कैमरों की फुटेज को खंगाला।
जांच के दौरान शमशाद की गतिविधियां पुलिस को संदिग्ध लगीं। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की और उसकी गतिविधियों से जुड़े अन्य सुराग जुटाए। धीरे-धीरे पुलिस का शक मजबूत होता गया।
आखिरकार 22 अगस्त 2026 को शमशाद को हरौड़ा कट के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार की। इसके बाद उसकी निशानदेही पर कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल सामान बरामद किया गया।
पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में किया पेश
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अब मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, CCTV फुटेज, बरामद सामान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
जांच एजेंसियों के सामने अब यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा कि घटनाक्रम से जुड़े सभी साक्ष्यों को कानूनी प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखा जाए और मामले में शामिल हर तथ्य की स्वतंत्र रूप से जांच की जाए।
परिवार के सामने कई सवाल
इमराना की मौत के बाद परिवार के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर वह आखिरी बार किसके साथ थी? वह नांगल अहीर के जंगल तक कैसे पहुंची? हत्या की योजना कब बनाई गई? और क्या आरोपी ने वास्तव में जांच को किसी दूसरे व्यक्ति की ओर मोड़ने की कोशिश की?
पुलिस की जांच में इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस का दावा है कि CCTV फुटेज, पूछताछ और बरामद सामान ने मामले की दिशा स्पष्ट करने में अहम भूमिका निभाई।
इस हत्याकांड से क्या सामने आया?
सहारनपुर का यह मामला कई स्तरों पर चौंकाने वाला है। पुलिस के अनुसार, एक ओर पैसों को लेकर विवाद चल रहा था, दूसरी ओर रिश्तों को लेकर तनाव था। इसी बीच आरोपी ने कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई और जांच को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश की।
लेकिन CCTV कैमरों और अन्य साक्ष्यों ने उस योजना को कमजोर कर दिया। जिस व्यक्ति पर शुरुआत में सीधे तौर पर संदेह नहीं किया जा रहा था, वही पुलिस जांच में मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया।
फिलहाल शमशाद पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पुलिस के दावों और बरामद साक्ष्यों की वास्तविक कानूनी पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में होगी। इतना जरूर है कि नांगल अहीर के जंगल में मिले इमराना के शव से शुरू हुई जांच ने अब उस व्यक्ति तक पहुंच बना ली है, जिस पर पुलिस हत्या का आरोप लगा रही है।

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