बाइक के पास बेहोश मिला पति, पत्नी की कहानी पर हुआ शक… 10 दिन बाद सामने आया चौंकाने वाला सुराग
जयपुर। पिंक सिटी जयपुर के विश्वकर्मा इलाके से पति-पत्नी और प्रेमी के रिश्ते से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है। आरोप है कि एक महिला ने अपने कथित प्रेमी और उसके साथियों के साथ मिलकर अपने पति को जहर देकर मौत के घाट उतारने की साजिश रची। मृतक की मौत के करीब 12 दिन बाद परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और अब कथित प्रेम संबंध, CCTV फुटेज और सोशल मीडिया पर मिले फोटो-वीडियो ने जांच को एक नई दिशा दे दी है।
पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी कविता मीणा, उसके कथित प्रेमी गणेश और एक अन्य आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि महेश को कथित तौर पर जहर कब और किस तरह दिया गया, इस साजिश में कौन-कौन शामिल था और घटना के पीछे असली वजह क्या थी।
मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि परिवार के अनुसार कविता और गणेश के बीच शादी से पहले से ही करीब नौ साल से प्रेम संबंध थे। वर्ष 2024 में कविता की शादी महेश मीणा से हुई, लेकिन आरोप है कि शादी के बाद भी गणेश के साथ उसका संपर्क बना रहा।
दवाई दिलाने के नाम पर घर से निकला था महेश
घटना की शुरुआत 5 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे हुई। महेश मीणा विश्वकर्मा इलाके की एक लोहे-चद्दर कंपनी में काम करता था। बताया गया कि उस दिन वह अपनी पत्नी कविता को दवाई दिलाने के लिए बाइक से घर से निकला था।
परिवार के अनुसार, दोनों बगरू के बोराज इलाके में दवाई लेने गए थे। इसके बाद महेश देर शाम तक घर नहीं लौटा। जब काफी समय बीत गया और परिवार को महेश की कोई जानकारी नहीं मिली तो उसके छोटे भाई मनीष ने शाम करीब 5 बजे कविता को फोन किया।
बताया जाता है कि उस समय कविता ने मनीष से कहा कि महेश रास्ते में है। परिवार को लगा कि शायद दवाई लेने या किसी अन्य काम में समय लग गया होगा। लेकिन कुछ देर बाद परिस्थितियां अचानक बदल गईं।
कविता ने ही मनीष को फोन करके बताया कि महेश की तबीयत खराब हो गई है और उसे विश्वकर्मा की 14 नंबर पुलिया के पास बुलाया।
मनीष अपनी बहन संतोष के साथ बताए गए स्थान पर पहुंचा तो वहां महेश बाइक के पास सड़क किनारे बेहोशी की हालत में मिला। परिवार के लोग घबराकर उसे अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद महेश को मृत घोषित कर दिया।
पत्नी की कहानी पर क्यों हुआ शक?
महेश की मौत के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यह था कि आखिर कुछ ही घंटों में उसकी तबीयत इतनी खराब कैसे हो गई कि उसकी मौत हो गई।
कविता ने परिवार को बताया कि श्याम नगर के 200 फीट चौराहे के पास अचानक महेश की तबीयत बिगड़ गई थी। उसके मुताबिक, वह महेश को बाइक पर बैठाकर घर लाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन रास्ते में उसकी हालत और ज्यादा खराब हो गई। इसके बाद उसने 14 नंबर पुलिया के पास महेश को नीचे उतार दिया।
परिवार को यह कहानी शुरू से ही पूरी तरह सही नहीं लगी। महेश के पिता और दूसरे परिजनों को घटनाक्रम में कई बातें संदिग्ध नजर आईं।
यही शक धीरे-धीरे जांच की वजह बन गया।
परिवार ने खुद जुटाने शुरू किए सबूत
मृतक के परिवार ने करीब 10 दिनों तक लगातार घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज तलाशने की कोशिश की। परिवार का दावा है कि अलग-अलग स्थानों से मिली CCTV फुटेज में ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जिनसे घटना को लेकर उनका शक और गहरा गया।
परिजनों के मुताबिक, एक CCTV फुटेज में महेश को अजय मीणा और गोलू प्रजापत के साथ गंभीर हालत में बाइक पर ले जाते हुए देखा गया।
इसके बाद परिवार ने अन्य CCTV फुटेज भी खंगालीं। दावा किया गया कि दूसरी फुटेज में कविता अपने कथित प्रेमी गणेश के साथ नजर आई।
यहीं से परिवार का शक सीधे कथित प्रेम संबंध की ओर चला गया।
हालांकि CCTV फुटेज में दिखाई देने वाले लोगों की भूमिका क्या थी और वे उस समय वहां क्यों मौजूद थे, यह पुलिस जांच का विषय है। केवल किसी व्यक्ति का किसी के साथ दिखाई देना अपराध में शामिल होने का अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता।
सोशल मीडिया से सामने आई रिश्ते की कड़ी
CCTV फुटेज के बाद परिवार ने कथित तौर पर गणेश की सोशल मीडिया प्रोफाइल को भी खंगालना शुरू किया।
परिवार का दावा है कि गणेश की सोशल मीडिया प्रोफाइल पर कविता और गणेश के साथ जन्मदिन और अन्य निजी कार्यक्रमों के फोटो-वीडियो मौजूद थे। इन तस्वीरों और वीडियो को देखकर परिवार को दोनों के बीच पुराने संबंध का शक और मजबूत हुआ।
परिजनों का आरोप है कि कविता और गणेश के बीच करीब नौ साल से प्रेम संबंध था। वर्ष 2024 में कविता की शादी महेश से हुई, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद दोनों का संपर्क बना रहा।
अब पुलिस इसी कथित रिश्ते की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
क्या शादी के बाद भी जारी था संपर्क?
जांच में सबसे अहम सवाल यही है कि क्या कविता और गणेश के बीच शादी के बाद भी लगातार संपर्क था और यदि था तो उसकी प्रकृति क्या थी।
परिवार का आरोप है कि दोनों के बीच संपर्क जारी रहा। इसी आधार पर परिजनों ने आशंका जताई कि महेश को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
पुलिस अब कॉल डिटेल, मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया गतिविधियों और CCTV फुटेज जैसे डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। इन सबूतों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना से पहले कविता और गणेश के बीच कितनी बातचीत हुई थी और घटना वाले दिन दोनों की गतिविधियां क्या थीं।
20 मिनट तक तड़पने का दावा
परिवार ने आरोप लगाया है कि महेश को कथित तौर पर जहर दिया गया था और वह करीब 20 मिनट तक तड़पता रहा।
हालांकि यह दावा परिवार की ओर से किया गया है। पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि वास्तव में महेश की मौत किस वजह से हुई और क्या उसके शरीर में किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी के वैज्ञानिक प्रमाण मिले हैं।
जहर की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम और आवश्यक फोरेंसिक जांच बेहद महत्वपूर्ण होगी। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत वास्तव में विषाक्त पदार्थ के कारण हुई या किसी अन्य वजह से।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अगर जहर दिया गया था तो उसे कब, कहां और किस तरीके से दिया गया।
किसने रची पूरी साजिश?
जांचकर्ताओं के सामने अब सबसे बड़ा सवाल कथित साजिश का है।
यदि पुलिस जांच में जहर देने की पुष्टि होती है तो यह पता लगाना जरूरी होगा कि इसकी योजना कब बनाई गई थी। क्या घटना अचानक हुई या पहले से इसकी तैयारी की गई थी? महेश को दवाई दिलाने के बहाने घर से बाहर ले जाने की योजना थी या यह महज संयोग था?
इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अजय मीणा और गोलू प्रजापत की भूमिका क्या थी। CCTV में उनके महेश के साथ होने का परिवार ने दावा किया है, लेकिन उनकी वास्तविक भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया
परिवार की शिकायत और उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच तेज की। पुलिस ने मृतक की पत्नी कविता, उसके कथित प्रेमी गणेश और एक अन्य आरोपी को हिरासत में लिया है।
वहीं एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है।
पुलिस अब हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांचकर्ताओं की कोशिश है कि घटना से पहले और बाद की पूरी गतिविधियों को समय के हिसाब से जोड़ा जाए।
CCTV फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल, सोशल मीडिया सामग्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के जरिए घटनाक्रम की पुष्टि की जा रही है।
12 दिन बाद क्यों सामने आई शिकायत?
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण सवाल यह है कि महेश की मौत के तुरंत बाद परिवार ने हत्या की शिकायत क्यों नहीं की।
परिवार के अनुसार, उन्हें शुरुआत से ही कविता की कहानी पर संदेह था, लेकिन उन्होंने पहले घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज जुटाने की कोशिश की। करीब 10 दिनों तक सबूत इकट्ठा करने के बाद परिवार पुलिस के पास पहुंचा।
मृतक की मौत के करीब 12 दिन बाद शिकायत दर्ज होने की बात सामने आई है।
परिवार का कहना है कि उन्होंने बिना ठोस जानकारी के आरोप लगाने के बजाय पहले खुद घटना से जुड़े तथ्यों को समझने की कोशिश की। इसके बाद CCTV और अन्य सामग्री पुलिस को दी गई।
पुलिस के सामने कई सवाल
अब इस मामले में पुलिस के सामने कई सवाल हैं। महेश की तबीयत अचानक कहां खराब हुई? क्या उसे रास्ते में कुछ खिलाया या पिलाया गया था? क्या वह खुद किसी दवा या खाद्य पदार्थ का सेवन कर रहा था? क्या CCTV में दिखाई देने वाले लोगों को घटना की जानकारी थी? कविता और गणेश के बीच घटना वाले दिन कितनी बातचीत हुई?
इन सवालों के जवाब जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होंगे।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि महेश के अंतिम घंटों में उसके साथ कौन-कौन लोग संपर्क में थे।
डिजिटल सबूत बन सकते हैं अहम कड़ी
आज के समय में ऐसे मामलों में मोबाइल फोन और CCTV फुटेज जांच की अहम कड़ी बन सकते हैं। कॉल रिकॉर्ड से यह पता चल सकता है कि आरोपियों ने घटना से पहले और बाद में किससे बातचीत की।
इसी तरह मोबाइल लोकेशन से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि संबंधित लोग घटना के समय किस क्षेत्र में थे।
सोशल मीडिया पर मौजूद फोटो और वीडियो पुराने संबंधों की पुष्टि कर सकते हैं, लेकिन उन्हें अपराध की साजिश का प्रत्यक्ष प्रमाण तभी माना जा सकता है जब अन्य साक्ष्यों से भी उनकी कड़ी जुड़ती हो।
परिवार को इंसाफ की उम्मीद
महेश की मौत के बाद उसके परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिवार का आरोप है कि अगर उनकी ओर से जुटाए गए CCTV और अन्य सबूतों को गंभीरता से देखा जाए तो पूरे घटनाक्रम की तस्वीर साफ हो सकती है।
परिवार अब पुलिस की जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
जयपुर के विश्वकर्मा इलाके का यह मामला कई सवालों के बीच पुलिस जांच के केंद्र में है। दवाई दिलाने के लिए पत्नी के साथ घर से निकले महेश की कुछ घंटों बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पत्नी ने उसकी अचानक तबीयत बिगड़ने की बात कही, लेकिन परिवार को कहानी पर शक हुआ।
इसके बाद करीब 10 दिनों तक CCTV फुटेज तलाशने के बाद परिजनों ने पुलिस को कथित तौर पर ऐसे सुराग दिए, जिनमें महेश के साथ कुछ लोगों की मौजूदगी और कविता के कथित प्रेम संबंधों से जुड़े डिजिटल सबूत शामिल थे।
परिवार ने आरोप लगाया कि कविता और उसके कथित प्रेमी गणेश के बीच शादी से पहले से संबंध थे और महेश को रास्ते से हटाने के लिए साजिश रची गई। पुलिस ने पत्नी, उसके कथित प्रेमी और एक अन्य आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि एक आरोपी की तलाश जारी है।
हालांकि अभी हत्या की पूरी कहानी और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच, पोस्टमार्टम, फोरेंसिक रिपोर्ट तथा अन्य कानूनी साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
दवाई लेने के बहाने घर से निकला महेश आखिर कुछ घंटों बाद सड़क किनारे बेहोश कैसे मिला? पत्नी की कहानी पर परिवार को शक क्यों हुआ? और CCTV में दिखाई देने वाले लोगों की असली भूमिका क्या थी? इन सवालों के जवाब अब पुलिस जांच से सामने आने बाकी हैं।

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