दुर्गा पूजा से पहले सरकार ने खोला खजाना! अचानक ₹5,000 बढ़ी सैलरी, लेकिन बाघों को लेकर हुआ एक और बड़ा ऐलान
पश्चिम बंगाल के वन विभाग में काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दुर्गा पूजा से ठीक पहले राज्य सरकार ने वन विभाग से जुड़े कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को कोलकाता के मोहरकुंज में आयोजित पर्यावरण कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के कर्मचारियों के लिए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि अक्टूबर से रेंजर्स, बीट अधिकारियों और फॉरेस्ट गार्ड्स के वेतन में बढ़ोतरी लागू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में वन विभाग के कर्मचारियों के काम और उनके सामने आने वाली चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा करना आसान काम नहीं है। वन विभाग के कर्मचारी कई बार कठिन और जोखिम भरे इलाकों में काम करते हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारियों को देखते हुए वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी जरूरी है।
सरकार के इस फैसले को दुर्गा पूजा से पहले वन विभाग के कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा माना जा रहा है। खास तौर पर उन कर्मचारियों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है, जिनका काम जंगलों और वन क्षेत्रों में लगातार निगरानी से जुड़ा हुआ है।
रेंजर्स और फॉरेस्ट गार्ड्स की सैलरी में ₹5,000 की बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि अक्टूबर से वन विभाग के कई पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि रेंजर्स की सैलरी में 5,000 रुपये की बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा बीट अधिकारियों के वेतन में भी 5,000 रुपये की वृद्धि की जाएगी।
फॉरेस्ट गार्ड्स के लिए भी इसी तरह 5,000 रुपये की वेतन बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगलों की सुरक्षा और वन्यजीवों की निगरानी में फॉरेस्ट गार्ड्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। कई बार उन्हें दूरदराज के जंगलों में कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है।
इस घोषणा के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। लंबे समय से वन क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए वेतन में बढ़ोतरी आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फॉरेस्ट असिस्टेंट्स को भी मिलेगा फायदा
सरकार की घोषणा का लाभ केवल रेंजर्स और फॉरेस्ट गार्ड्स तक सीमित नहीं रहेगा। फॉरेस्ट असिस्टेंट्स के वेतन में भी बढ़ोतरी की जाएगी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, फॉरेस्ट असिस्टेंट्स को अब तक 12,000 रुपये वेतन मिलता था। अक्टूबर से उनके वेतन में 2,000 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी। यानी उनका वेतन बढ़कर 14,000 रुपये हो जाएगा।
सरकार का कहना है कि वन विभाग के अलग-अलग स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारियां महत्वपूर्ण हैं। इसलिए उनके काम के अनुरूप वेतन और सुविधाओं को बेहतर करना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के जोखिम भरे काम का किया जिक्र
मोहरकुंज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वन विभाग के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे कई स्थानों पर जोखिम उठाकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। जंगलों में काम करने वाले कर्मचारियों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
जंगलों में वन्यजीवों की मौजूदगी, खराब मौसम, दुर्गम रास्ते और कई बार लंबे समय तक परिवार से दूर रहकर काम करना वन कर्मचारियों की दिनचर्या का हिस्सा होता है। इसके अलावा अवैध शिकार और जंगलों में होने वाली अन्य गतिविधियों पर नजर रखना भी उनकी जिम्मेदारी में शामिल है।
ऐसे में वेतन बढ़ोतरी को कर्मचारियों के मनोबल से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार की ओर से उम्मीद जताई जा रही है कि इससे कर्मचारियों को बेहतर तरीके से काम करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
बंगाल में 10 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य
वन विभाग के कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी के ऐलान के साथ मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई बड़े लक्ष्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस साल 10 करोड़ पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें बचाना और उनकी देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है। सरकार ने लगाए गए पौधों की देखभाल के लिए दो साल तक विशेष प्रयास करने की बात कही है।
उन्होंने बताया कि राज्य में बड़े स्तर पर पौधरोपण का काम तेजी से चल रहा है। अलग-अलग क्षेत्रों में पौधे लगाए जा रहे हैं और पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है।
भवानीपुर में लगाए जाएंगे एक लाख पेड़
मुख्यमंत्री ने कोलकाता के भवानीपुर इलाके को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि भवानीपुर में एक लाख पेड़ लगाए जाएंगे।
शहरी इलाकों में बढ़ते प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र के बीच इस तरह का पौधरोपण अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शहरों में पेड़ों की संख्या बढ़ने से पर्यावरण को बेहतर बनाने के साथ-साथ गर्मी और प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है।
सरकार का जोर केवल जंगलों तक सीमित न रहकर शहरी क्षेत्रों में भी हरित क्षेत्र बढ़ाने पर दिखाई दे रहा है।
बक्सा जंगल में बाघ छोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर भी एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर को उत्तर बंगाल के बक्सा जंगल में बाघ छोड़े जाएंगे।
बक्सा क्षेत्र वन्यजीवों और जैव विविधता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। बाघों की मौजूदगी जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए भी महत्वपूर्ण होती है। सरकार की ओर से बाघों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
बाघों को जंगल में छोड़ने की योजना के साथ वन विभाग के कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। उन्हें बाघों की निगरानी, सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी।
कोलकाता में बनेगा नया एक्वेरियम
पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के अलावा मुख्यमंत्री ने कोलकाता में नए एक्वेरियम की योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अलीपुर में एक नया एक्वेरियम बनाया जाएगा।
एक्वेरियम के माध्यम से लोगों को जलीय जीवों और उनके संरक्षण के बारे में जानकारी देने की योजना है। बच्चों और युवाओं के लिए भी यह पर्यावरण और जैव विविधता को समझने का एक माध्यम बन सकता है।
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का संदेश
मोहरकुंज में आयोजित कार्यक्रम 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से जुड़ा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ना है। इस पहल के तहत लोगों से अपनी मां के नाम पर पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने की अपील की गई है।
कार्यक्रम के दौरान पौधरोपण के साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। मुख्यमंत्री ने भी बड़े पैमाने पर पेड़ लगाने और उन्हें बचाने पर जोर दिया।
कर्मचारियों की सैलरी बढ़ोतरी और पर्यावरण अभियान साथ-साथ
पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से वन विभाग के कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी और बड़े पैमाने पर पौधरोपण की घोषणा को एक साथ देखा जा रहा है। एक तरफ सरकार वन कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने की दिशा में कदम उठा रही है, वहीं दूसरी तरफ राज्य में हरित क्षेत्र बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
दुर्गा पूजा से पहले हुई वेतन बढ़ोतरी की घोषणा कर्मचारियों के लिए निश्चित रूप से राहत लेकर आई है। रेंजर्स, बीट अधिकारियों और फॉरेस्ट गार्ड्स के वेतन में 5,000 रुपये की वृद्धि तथा फॉरेस्ट असिस्टेंट्स के वेतन में 2,000 रुपये की बढ़ोतरी से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
अब देखना यह होगा कि अक्टूबर से वेतन बढ़ोतरी लागू होने के बाद वन विभाग के कर्मचारियों के कामकाज और मनोबल पर इसका क्या असर पड़ता है। वहीं 10 करोड़ पौधे लगाने और दो साल तक उनकी देखभाल करने का लक्ष्य पश्चिम बंगाल के पर्यावरण संरक्षण अभियान के लिए भी एक बड़ी परीक्षा होगी। यदि लगाए गए पौधों की सही तरीके से देखभाल की जाती है, तो आने वाले वर्षों में राज्य के हरित क्षेत्र को बढ़ाने में इसका बड़ा योगदान हो सकता है।

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