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सोना-चांदी में फिर आया तूफानी उछाल! 23 अगस्त के बाद कीमतों में होगा बड़ा खेल, ₹1.70 लाख का आंकड़ा छूने की तैयारी?



नई दिल्ली: सोने और चांदी की कीमतों को लेकर बाजार में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। अगस्त के दौरान दोनों कीमती धातुओं में मजबूत तेजी देखने को मिली है और निवेशकों की नजर अब आगे की चाल पर बनी हुई है। ताजा बाजार आंकड़ों के मुताबिक 23 अगस्त की सुबह भारत के MCX बाजार में सोना करीब ₹1.62 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब ₹2.46 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रही थी। उपलब्ध लाइव आंकड़ों में सोने का स्तर करीब ₹1,62,440 और चांदी का करीब ₹2,46,360 दर्ज किया गया।

सोने की कीमतों में अगस्त के दौरान दोबारा मजबूती आने के पीछे कमजोर अमेरिकी डॉलर, सुरक्षित निवेश की मांग, केंद्रीय बैंकों की खरीद और वैश्विक अनिश्चितताओं जैसे कई कारण बताए जा रहे हैं। इसके अलावा भारत में आने वाले त्योहारी और शादी के सीजन की मांग भी सोने के बाजार को सपोर्ट दे सकती है।

सोना फिर पहुंचा ₹1.62 लाख के करीब

सोने के घरेलू बाजार में अगस्त के तीसरे सप्ताह में अच्छी तेजी देखने को मिली। 21 अगस्त को MCX गोल्ड के ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार करने की खबर सामने आई थी। इसी दौरान चांदी भी ₹2.45 लाख प्रति किलोग्राम के ऊपर पहुंच गई थी।

23 अगस्त की उपलब्ध लाइव जानकारी में MCX सोना लगभग ₹1,62,440 प्रति 10 ग्राम और चांदी लगभग ₹2,46,360 प्रति किलोग्राम पर दिखाई दे रही थी। चांदी में पिछले स्तर के मुकाबले करीब 1.28 प्रतिशत की बढ़त दर्ज थी।

इस तेजी ने उन लोगों का ध्यान भी खींचा है जो आने वाले त्योहारी और शादी के सीजन से पहले सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं।

चांदी ने भी पकड़ी रफ्तार

चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में तेजी ने बाजार को खास तौर पर आकर्षित किया है। चांदी केवल निवेश की धातु नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और कई औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है।

21 अगस्त को बाजार रिपोर्टों में MCX चांदी के ₹2.45 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर को पार करने की जानकारी सामने आई थी।

23 अगस्त की उपलब्ध लाइव जानकारी में चांदी करीब ₹2,46,360 प्रति किलोग्राम पर थी। इससे पता चलता है कि इस समय चांदी में भी खरीदारी का रुझान मजबूत बना हुआ है।

आखिर क्यों बढ़ रही हैं सोने की कीमतें?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की तेजी के पीछे कई कारक काम कर रहे हैं। ताजा बाजार विश्लेषण के अनुसार अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, सुरक्षित निवेश की मांग और केंद्रीय बैंकों की खरीद सोने को समर्थन दे रही है।

इसके अलावा वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के समय निवेशक अक्सर सोने को अपेक्षाकृत सुरक्षित संपत्ति के रूप में देखते हैं। अगस्त में अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों में मजबूत उछाल दर्ज होने की बात भी सामने आई है।

हालांकि बाजार हमेशा एक दिशा में नहीं चलता। इससे पहले अगस्त में बॉन्ड यील्ड बढ़ने के कारण सोने में गिरावट भी दर्ज की गई थी। 18 अगस्त की रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमत में गिरावट और चांदी में करीब 2.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज होने की जानकारी दी गई थी।

यानी आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

क्या ₹1.70 लाख तक पहुंच सकता है सोना?

सोने में तेजी के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसकी कीमत आगे कहां तक जा सकती है।

कुछ बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अगर डॉलर कमजोर रहता है, वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है और केंद्रीय बैंकों की खरीद जारी रहती है तो सोने को आगे भी समर्थन मिल सकता है। ताजा अंतरराष्ट्रीय बाजार रिपोर्ट में सोने की कीमत के तीन महीने के उच्च स्तर तक पहुंचने और आगे नए रिकॉर्ड की संभावनाओं पर चर्चा की गई है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सोना लगातार बढ़ता ही रहेगा। ब्याज दरों, डॉलर, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक घटनाक्रम में बदलाव होने पर कीमतों में अचानक गिरावट भी आ सकती है।

भारत में त्योहारी सीजन से बढ़ सकती है मांग

भारत में सोने की मांग का त्योहारी और शादी के सीजन से गहरा संबंध है। अगस्त 2026 में भारतीय बाजार में सोने की खरीदारी दोबारा बढ़ने की खबर सामने आई है।

बाजार रिपोर्टों के मुताबिक जून में कीमतों में आई गिरावट के बाद अब ज्वेलरी की मांग में सुधार देखा जा रहा है। आने वाले त्योहारी और शादी के सीजन को देखते हुए खुदरा खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ रही है। सोने के आयात में भी सुधार की जानकारी सामने आई है।

अगर यह मांग आगे भी मजबूत रहती है तो घरेलू कीमतों को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।

चांदी में तेजी के पीछे क्या है कारण?

चांदी की कीमतों पर निवेश मांग के साथ-साथ औद्योगिक मांग का भी असर पड़ता है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में चांदी के इस्तेमाल के कारण इसकी मांग को लंबे समय में महत्वपूर्ण माना जाता है।

इसी वजह से जब निवेशकों की खरीदारी बढ़ती है और औद्योगिक मांग मजबूत रहती है, तो चांदी में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

हाल के बाजार आंकड़ों में चांदी ने भी मजबूत रफ्तार दिखाई है और 23 अगस्त की उपलब्ध जानकारी में यह ₹2.46 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई थी।

क्या अभी सोना-चांदी खरीदना चाहिए?

यह सवाल हर खरीदार के लिए अलग हो सकता है। अगर जरूरत शादी या किसी अन्य व्यक्तिगत उद्देश्य के लिए है तो केवल कीमत के अनुमान के आधार पर पूरा खरीद निर्णय टालना जरूरी नहीं है।

वहीं निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वालों को एक साथ पूरी रकम लगाने के बजाय जोखिम, समय अवधि और अपने वित्तीय लक्ष्य को ध्यान में रखना चाहिए।

सोने और चांदी की कीमतें तेजी से बदल सकती हैं। इसलिए किसी भी निवेश से पहले बाजार की ताजा कीमत, मेकिंग चार्ज, GST और संबंधित शुल्क को ध्यान में रखना जरूरी है।

आगे क्या देखना होगा?

आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरों, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर रहेगी। इसके साथ ही भारत में त्योहारी और शादी के सीजन की मांग भी महत्वपूर्ण होगी।

अगर वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश की मांग मजबूत रहती है और भारत में खरीदारी बढ़ती है तो सोने-चांदी दोनों को समर्थन मिल सकता है। लेकिन अगर डॉलर मजबूत होता है या बॉन्ड यील्ड में तेजी आती है तो कीमतों पर दबाव भी बन सकता है। हालिया बाजार गतिविधियां दिखाती हैं कि दोनों धातुओं में तेजी के साथ तेज गिरावट की संभावना भी बनी रहती है।

23 अगस्त 2026 को उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार सोना करीब ₹1.62 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब ₹2.46 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर थी।

अगस्त में सोने ने दोबारा मजबूत रफ्तार पकड़ी है और चांदी भी ऊंचे स्तरों पर बनी हुई है। कमजोर डॉलर, सुरक्षित निवेश की मांग और भारत में आगामी त्योहारी व शादी के सीजन की मांग बाजार के लिए सकारात्मक कारक हो सकते हैं।

हालांकि कीमती धातुओं में कीमतें तेजी से बदल सकती हैं। इसलिए खरीदारी या निवेश का फैसला केवल एक दिन की कीमत देखकर नहीं, बल्कि अपने उद्देश्य, बजट और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखकर करना बेहतर होगा।

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