सोना-चांदी की कीमतों ने मचाई खलबली! Gold ₹1.59 लाख के करीब, Silver ₹2.40 लाख पार… अब अगला नंबर किसका?
भारतीय सर्राफा और कमोडिटी बाजार में गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार हलचल देखने को मिली। महंगी धातुओं की कीमतों में तेजी ने निवेशकों से लेकर आम खरीदारों तक का ध्यान खींच लिया है। घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1.58 लाख से ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया, जबकि चांदी ने भी ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार किया। कुछ बाजार आंकड़ों में चांदी का भाव ₹2.41 लाख प्रति किलोग्राम से ऊपर भी पहुंचा।
सोने-चांदी की इस तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की चाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बदलाव, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और वैश्विक अनिश्चितता जैसे कई कारण बताए जा रहे हैं। हालांकि दिन के कारोबार में अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों में मुनाफावसूली भी देखने को मिली, जिससे यह साफ है कि बाजार में तेजी के साथ उतार-चढ़ाव भी बना हुआ है।
सोना ₹1.59 लाख के करीब, बाजार में मची हलचल
20 अगस्त को भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,58,390 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। वहीं कुछ शहरों के बाजारों में 24 कैरेट सोने का भाव करीब ₹1,59,270 प्रति 10 ग्राम तक बताया गया। यानी अलग-अलग बाजारों, स्रोतों और कीमत तय करने के तरीकों के कारण सोने के भाव में थोड़ा अंतर दिखाई दे सकता है।
MCX पर भी सोने के वायदा भाव में मजबूती रही। एक बाजार रिपोर्ट के अनुसार MCX अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स करीब ₹1,58,084 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। सुबह के कारोबार में यह ₹1,58,500 के ऊपर भी पहुंचा था।
सोने की कीमत का यह स्तर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के दिनों में इसमें काफी तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। एक दिन पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में 4 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई थी। इसके बाद 20 अगस्त को कुछ मुनाफावसूली हुई और अंतरराष्ट्रीय स्पॉट गोल्ड करीब 0.8 प्रतिशत नीचे आया।
इससे संकेत मिलता है कि बाजार में खरीदार मौजूद हैं, लेकिन ऊंचे स्तर पर कुछ निवेशक मुनाफा भी बुक कर रहे हैं।
चांदी ने भी पकड़ी रफ्तार
सोने के साथ-साथ चांदी में भी जोरदार तेजी देखने को मिली। MCX पर सितंबर चांदी वायदा करीब ₹2.39 लाख से ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करता नजर आया। कुछ कारोबारी आंकड़ों में चांदी ₹2.41 लाख प्रति किलोग्राम के ऊपर भी पहुंची।
चांदी की कीमत में तेजी ने निवेशकों का ध्यान खास तौर पर अपनी ओर खींचा है। सोने के मुकाबले चांदी की कीमत कम होने के बावजूद इसमें हाल के समय में काफी तेज मूवमेंट देखने को मिल रहा है।
चांदी को केवल कीमती धातु के रूप में नहीं देखा जाता। इसका इस्तेमाल उद्योगों में भी होता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और कई अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में चांदी की मांग रहती है। इसलिए चांदी की कीमत पर निवेश मांग के साथ-साथ औद्योगिक मांग का भी असर पड़ता है।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
सोने और चांदी की कीमतों में हालिया तेजी के पीछे सबसे महत्वपूर्ण कारणों में अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में बदलाव शामिल हैं। जब अमेरिकी डॉलर कमजोर होता है तो डॉलर में कीमत तय होने वाला सोना दूसरे देशों के खरीदारों के लिए अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है। इससे इसकी मांग को समर्थन मिल सकता है।
इसी तरह अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आने पर बिना ब्याज देने वाली संपत्ति यानी सोने की आकर्षकता बढ़ सकती है। 20 अगस्त की बाजार रिपोर्टों में भी सोने की तेजी को कमजोर डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से जोड़ा गया।
हालांकि दूसरी तरफ महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स में कई अधिकारियों की महंगाई को लेकर चिंता सामने आई है। अगर ब्याज दरें ऊंची रहती हैं या आगे बढ़ती हैं तो सोने पर दबाव आ सकता है।
यही वजह है कि सोने में तेजी के बावजूद बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
पश्चिम एशिया का तनाव भी बढ़ा रहा चिंता
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव भी सोने की कीमतों के लिए महत्वपूर्ण कारक है। जब दुनिया में युद्ध, तनाव या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है तो निवेशक अक्सर सुरक्षित मानी जाने वाली संपत्तियों की ओर रुख करते हैं।
सोने को लंबे समय से ऐसी ही सुरक्षित संपत्ति माना जाता है। पश्चिम एशिया में तनाव और ईरान से जुड़ी घटनाओं के बीच तेल की कीमतों में भी हलचल रही है। इससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी है, जिसका असर सोने और चांदी जैसी कमोडिटीज पर भी पड़ रहा है।
अगर भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता है तो सोने की सुरक्षित निवेश के रूप में मांग को और समर्थन मिल सकता है। हालांकि अगर तनाव कम होता है और निवेशक जोखिम वाली संपत्तियों की ओर लौटते हैं तो सोने में मुनाफावसूली बढ़ सकती है।
क्या सोना ₹1.60 लाख के पार जा सकता है?
अब निवेशकों और खरीदारों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सोना जल्द ही ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर सकता है।
इस सवाल का निश्चित जवाब देना संभव नहीं है क्योंकि सोने की कीमत कई वैश्विक और घरेलू कारकों पर निर्भर करती है। अमेरिकी ब्याज दरें, डॉलर इंडेक्स, बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की कीमत, भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी जैसे कारक इसकी दिशा तय कर सकते हैं।
हालांकि मौजूदा कीमतों को देखते हुए ₹1.60 लाख का स्तर बाजार के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है। अगर सोने में लगातार खरीदारी बनी रहती है और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी जारी रहती है तो घरेलू बाजार में भी नए उच्च स्तर देखने को मिल सकते हैं।
लेकिन अगर डॉलर मजबूत होता है या अमेरिकी बॉन्ड यील्ड फिर बढ़ती है तो सोने में मुनाफावसूली का दबाव आ सकता है।
चांदी में तेजी के पीछे अलग कहानी
चांदी को लेकर तस्वीर थोड़ी अलग है। इसमें निवेश मांग के अलावा औद्योगिक मांग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दुनिया भर में सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और आधुनिक तकनीक से जुड़े उद्योगों में चांदी का इस्तेमाल होता है।
इसलिए वैश्विक औद्योगिक गतिविधियों में तेजी चांदी की मांग को बढ़ा सकती है। वहीं अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था में कमजोरी आती है तो औद्योगिक मांग प्रभावित होने का जोखिम भी रहता है।
20 अगस्त को चांदी की कीमतों में तेज उछाल ने यह संकेत दिया कि फिलहाल बाजार में इसकी मांग मजबूत बनी हुई है। हालांकि इतने ऊंचे स्तरों पर तेज मुनाफावसूली भी संभव है।
सोने के ETF और चांदी के फंड में भी तेजी
कीमती धातुओं की तेजी का असर केवल फिजिकल गोल्ड और सिल्वर तक सीमित नहीं रहा। भारतीय बाजार में गोल्ड और सिल्वर ETF में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। एक रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को कुछ सिल्वर ETF में 4 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी रही, जबकि गोल्ड ETF भी 2 प्रतिशत से अधिक ऊपर रहे।
इससे पता चलता है कि निवेशक सीधे सोना या चांदी खरीदने के अलावा बाजार आधारित विकल्पों के जरिए भी कीमती धातुओं में निवेश कर रहे हैं।
ETF में निवेश करने वाले लोगों को फिजिकल गोल्ड की तरह लॉकर, मेकिंग चार्ज या शुद्धता से जुड़ी कुछ समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता, लेकिन ETF की अपनी लागत और बाजार जोखिम होते हैं। इसलिए निवेश से पहले उत्पाद की संरचना और जोखिम को समझना जरूरी है।
आम खरीदारों के लिए क्या मायने रखता है?
सोने की कीमत ₹1.59 लाख के करीब पहुंचने का सीधा असर शादी और अन्य पारंपरिक खरीदारी करने वाले परिवारों पर पड़ सकता है। सोना महंगा होने पर समान बजट में कम मात्रा खरीदना पड़ सकती है।
अगर किसी परिवार को शादी या किसी अन्य अवसर के लिए सोना खरीदना है तो केवल एक दिन की कीमत देखकर फैसला करने के बजाय अपनी जरूरत और बजट के अनुसार खरीदारी की योजना बनाना बेहतर हो सकता है।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि ज्वेलरी की अंतिम कीमत केवल सोने के बाजार भाव पर निर्भर नहीं करती। इसमें मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए दुकान पर मिलने वाला अंतिम बिल बाजार में बताए गए प्रति 10 ग्राम भाव से अलग हो सकता है।
क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही है?
यह सवाल हर निवेशक और खरीदार के लिए अलग हो सकता है। मौजूदा स्तरों पर सोना और चांदी दोनों काफी ऊंचे स्तरों पर हैं, इसलिए केवल तेजी देखकर अचानक बड़ी रकम निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
अगर निवेश का उद्देश्य लंबी अवधि का है तो निवेशक अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय लक्ष्य के अनुसार रणनीति बना सकते हैं। वहीं अल्पकालिक ट्रेडिंग में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव से नुकसान का जोखिम ज्यादा रहता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सोने या चांदी में निवेश को पूरी तरह सुरक्षित मानना सही नहीं है। कीमती धातुओं की कीमतें भी तेजी से ऊपर-नीचे हो सकती हैं।
आगे किस पर रहेगी नजर?
आने वाले दिनों में सोने और चांदी के बाजार के लिए अमेरिकी फेड की ब्याज दर संबंधी उम्मीदें, डॉलर की चाल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की कीमत और पश्चिम एशिया का तनाव सबसे महत्वपूर्ण संकेतक रहेंगे।
इसके अलावा वैश्विक केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीदारी और ETF में निवेश का रुझान भी बाजार को प्रभावित कर सकता है। अगर सुरक्षित निवेश की मांग मजबूत रहती है तो सोने को आगे भी समर्थन मिल सकता है।
दूसरी ओर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका बढ़ी या डॉलर मजबूत हुआ तो सोने-चांदी में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है।
20 अगस्त 2026 को सोना और चांदी एक बार फिर सुर्खियों में रहे। घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोना करीब ₹1.58-₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब ₹2.40 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास रही। MCX पर भी दोनों धातुओं में मजबूत कारोबार देखा गया।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में एक दिन की तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली भी हुई है। इसलिए मौजूदा तेजी के बीच सावधानी जरूरी है। सोने का ₹1.60 लाख का स्तर और चांदी का ₹2.40 लाख के आसपास का स्तर आने वाले दिनों में बाजार के लिए खास महत्व रख सकता है।
सोने और चांदी के भाव शहर, शुद्धता, टैक्स, मेकिंग चार्ज और बाजार के समय के अनुसार बदल सकते हैं। यह खबर केवल सामान्य बाजार जानकारी के लिए है। इसे निवेश की व्यक्तिगत सलाह न माना जाए।

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