यूपी में मौसम का अजीब खेल! कहीं 38 डिग्री की तपिश तो कहीं 23 डिग्री की ठंड, मौसम विभाग के आंकड़ों ने चौंकाया
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर गर्म होता दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि कुछ जिलों में रात का मौसम अपेक्षाकृत राहत देने वाला रहा। 21 अगस्त 2026 को जारी पिछले 24 घंटे के तापमान आंकड़ों के मुताबिक, बस्ती में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान के मामले में हरदोई सबसे ठंडा रहा, जहां रात का पारा 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम के इन आंकड़ों से साफ है कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में काफी अंतर बना हुआ है। कहीं दिन में गर्मी सामान्य से कई डिग्री ज्यादा महसूस हुई, तो कहीं रात के तापमान में गिरावट ने लोगों को राहत दी। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई बड़े शहरों में भी दिन और रात के तापमान के बीच अंतर देखने को मिला।
बस्ती में सबसे ज्यादा गर्मी, 38 डिग्री पहुंचा पारा
पिछले 24 घंटे के दौरान बस्ती में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान सामान्य से करीब 3.7 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। अगस्त के दौरान जब कई इलाकों में बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट की उम्मीद रहती है, ऐसे समय में बस्ती का 38 डिग्री तक पहुंचना लोगों के लिए गर्मी का अहसास बढ़ाने वाला रहा।
दिन के समय तापमान बढ़ने के साथ उमस भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। बारिश के बाद वातावरण में नमी बनी रहने पर अपेक्षाकृत कम तापमान में भी गर्मी ज्यादा महसूस हो सकती है।
बस्ती के बाद बहराइच में 34.6 डिग्री, आगरा में 34.5 डिग्री, गोरखपुर में 34.3 डिग्री और बरेली में 34.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि प्रदेश के कई जिलों में दिन का तापमान 34 डिग्री के आसपास या उससे ऊपर रहा।
लखनऊ में दिन का तापमान 33.5 डिग्री
राजधानी लखनऊ में पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि यह बस्ती के मुकाबले कम रहा, लेकिन नमी के कारण राजधानी में लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है।
लखनऊ में रात का तापमान भी अपेक्षाकृत ज्यादा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब 2.2 डिग्री अधिक रहा।
इसका मतलब है कि राजधानी में दिन के साथ-साथ रात में भी मौसम पूरी तरह ठंडा नहीं हुआ। उमस भरी रातों में लोगों को पंखे और कूलिंग उपकरणों का अधिक इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
हरदोई में सबसे ठंडी रात
जहां बस्ती में दिन का तापमान सबसे ज्यादा रहा, वहीं हरदोई में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हरदोई का न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 3.1 डिग्री कम रहा। यानी रात के समय यहां मौसम सामान्य की तुलना में काफी सुहावना रहा।
इसके बाद नजीबाबाद में 23.6 डिग्री और बाराबंकी में 23.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
इस तरह प्रदेश के कुछ इलाकों में रात के तापमान में अच्छी गिरावट देखने को मिली, जिससे लोगों को दिन की गर्मी के बाद राहत मिली।
कानपुर और प्रयागराज में कैसा रहा मौसम?
कानपुर में भी दिन और रात के तापमान में अंतर देखने को मिला। कानपुर आईएएफ में न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कानपुर नगर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा।
वहीं प्रयागराज में अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री रहा।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि प्रदेश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में भी मौसम एक जैसा नहीं रहा। कहीं दिन गर्म रहा तो कहीं रात के तापमान में कमी दर्ज की गई।
आगरा और गोरखपुर में भी सामान्य से ज्यादा गर्मी
आगरा में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 0.9 डिग्री अधिक है। आगरा जैसे शहर में अगस्त के दौरान नमी के साथ तापमान बढ़ने पर उमस का असर भी महसूस किया जा सकता है।
गोरखपुर में अधिकतम तापमान 34.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री अधिक रहा।
गोरखपुर और आसपास के इलाकों में मानसूनी गतिविधियों के बावजूद तापमान का इस स्तर पर रहना यह संकेत देता है कि मौसम में स्थानीय स्तर पर काफी बदलाव देखने को मिल रहा है।
कुछ जिलों में सामान्य से नीचे रहा तापमान
जहां कई जिलों में तापमान सामान्य से ऊपर रहा, वहीं कुछ स्थानों पर पारा सामान्य से नीचे भी रिकॉर्ड किया गया।
झांसी में अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 1.4 डिग्री कम था। वहीं बांदा में अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 3 डिग्री कम रहा।
इस तरह प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान का अंतर काफी ज्यादा रहा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में जहां कुछ स्थानों पर दिन का तापमान ऊपर गया, वहीं बुंदेलखंड के कुछ इलाकों में तापमान सामान्य से कम रिकॉर्ड किया गया।
आखिर क्यों बदल रहा है यूपी का मौसम?
मानसून के दौरान उत्तर प्रदेश में मौसम तेजी से बदल सकता है। किसी जिले में बारिश होने पर तापमान गिर जाता है, जबकि कुछ दूरी पर बारिश नहीं होने की स्थिति में तेज धूप निकलने से तापमान तेजी से बढ़ सकता है।
इसके अलावा वातावरण में मौजूद नमी भी गर्मी की अनुभूति को प्रभावित करती है। बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ जाती है। ऐसे में तापमान बहुत अधिक नहीं होने के बावजूद लोगों को उमस और चिपचिपाहट ज्यादा महसूस हो सकती है।
इसी वजह से एक ही दिन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में मौसम का मिजाज काफी अलग दिखाई दे सकता है।
दिन गर्म, रात में राहत का क्या मतलब?
मौसम के आंकड़ों में एक दिलचस्प बात सामने आई है। बस्ती में अधिकतम तापमान 38 डिग्री तक पहुंच गया, लेकिन हरदोई में न्यूनतम तापमान सिर्फ 23 डिग्री रहा।
इस तरह दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिला। आम लोगों के लिए इसका मतलब यह है कि दिन में बाहर निकलते समय गर्मी से बचाव जरूरी है, जबकि रात के समय कई इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत आरामदायक रह सकता है।
हालांकि, जिन लोगों को उमस की समस्या होती है, उन्हें रात में भी परेशानी हो सकती है, खासकर तब जब हवा की गति कम हो और वातावरण में नमी अधिक हो।
किसानों के लिए भी मौसम महत्वपूर्ण
उत्तर प्रदेश में बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। ऐसे में मौसम में होने वाला बदलाव किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। बारिश, धूप, तापमान और नमी का सीधा असर फसलों पर पड़ता है।
लगातार बारिश वाले इलाकों में खेतों में पानी भरने की समस्या हो सकती है, जबकि बारिश के बीच अचानक तेज धूप निकलने से उमस और तापमान बढ़ सकता है।
किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की जरूरत होती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां अगले कुछ दिनों में बारिश की संभावना हो।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
दिन के समय तापमान 35 डिग्री या उससे ऊपर पहुंचने वाले इलाकों में लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से तेज धूप में निकलने से बचना चाहिए। पर्याप्त पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और धूप में सिर को ढककर निकलना उपयोगी हो सकता है।
बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उमस अधिक होने पर शरीर से पसीना निकलता है और लगातार गर्म वातावरण में काम करने से थकान महसूस हो सकती है।
बारिश और धूप के बीच बदलते मौसम में मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए साफ पानी और स्वच्छ भोजन का ध्यान रखना भी जरूरी है।
आगे भी बदलता रहेगा मौसम
21 अगस्त के तापमान आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में मौसम अभी पूरी तरह राहत देने वाले दौर में नहीं पहुंचा है। एक तरफ कुछ जिलों में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर है, वहीं दूसरी तरफ कुछ क्षेत्रों में रात का तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया है।
बस्ती का 38 डिग्री तापमान इस समय प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा, जबकि हरदोई का 23 डिग्री न्यूनतम तापमान सबसे कम रिकॉर्ड किया गया। लखनऊ में दिन का पारा 33.5 डिग्री और रात का तापमान 27.6 डिग्री रहा।
आने वाले दिनों में बारिश, बादल, हवा और नमी के स्थानीय बदलाव तापमान को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए केवल किसी एक शहर के तापमान के आधार पर पूरे प्रदेश के मौसम का अनुमान लगाना सही नहीं होगा।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट बदलने के संकेत दिए हैं। कहीं दिन में गर्मी परेशान कर रही है तो कहीं रात का तापमान राहत दे रहा है। बस्ती में 38 डिग्री की गर्मी और हरदोई में 23 डिग्री की ठंडी रात ने प्रदेश के मौसम की दो बिल्कुल अलग तस्वीरें सामने रख दी हैं। आने वाले दिनों में तापमान और बारिश में होने वाले बदलाव पर लोगों और किसानों दोनों की नजर बनी रहेगी।

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