तिरंगा यात्रा से लौटते ही एक-एक कर गिरने लगीं छात्राएं, 80 की तबीयत बिगड़ी… मेडिकल कॉलेज में मचा हड़कंप
देवरिया: उत्तर प्रदेश के देवरिया में तिरंगा यात्रा के दौरान भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच शामिल हुई छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। पीएमश्री कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कॉलेज की छात्राएं तिरंगा यात्रा में शामिल हुई थीं। यात्रा के दौरान कई छात्राओं ने चक्कर आने, कमजोरी और बेचैनी की शिकायत की। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई, जब स्कूल लौटने के बाद कुछ छात्राएं जमीन पर गिर पड़ीं।
इसके बाद स्कूल प्रशासन और संबंधित लोगों ने बिना देर किए छात्राओं को इलाज के लिए महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। एक साथ बड़ी संख्या में छात्राओं के अस्पताल पहुंचने से वहां भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। उपलब्ध स्थानीय रिपोर्टों में अस्पताल पहुंचने वाली छात्राओं की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं; कुछ रिपोर्टों में 25 से अधिक छात्राओं के अस्पताल में भर्ती होने की बात कही गई है।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर करीब 80 छात्राओं की तबीयत प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। छात्राओं की हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया। प्राथमिक तौर पर घटना का संबंध तेज गर्मी, धूप और यात्रा के दौरान शरीर में पानी की कमी से माना जा रहा है, हालांकि प्रत्येक छात्रा की चिकित्सकीय स्थिति अलग-अलग हो सकती है।
भीषण गर्मी के बीच निकली तिरंगा यात्रा
देशभक्ति के माहौल में आयोजित तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में छात्राओं ने हिस्सा लिया। छात्राएं हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुईं और देशभक्ति के नारों के बीच आगे बढ़ रही थीं। लेकिन मौसम की परिस्थितियां छात्राओं के लिए मुश्किल साबित हुईं।
अगस्त में उमस और गर्मी के बीच लंबे समय तक खुले में पैदल चलना शरीर पर असर डाल सकता है। खासकर बच्चों और किशोरियों के लिए तेज धूप में पर्याप्त पानी और आराम की व्यवस्था नहीं होने पर कमजोरी, चक्कर और बेहोशी जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
यात्रा के दौरान कई छात्राओं ने असहज महसूस करने की बात कही। शुरुआत में इसे सामान्य थकान समझा गया, लेकिन जब छात्राओं की संख्या बढ़ने लगी और कुछ छात्राएं स्कूल पहुंचने के बाद जमीन पर गिर गईं तो स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हुआ।
स्कूल लौटते ही कई छात्राएं जमीन पर गिरीं
तिरंगा यात्रा पूरी होने के बाद जब छात्राएं वापस स्कूल पहुंचीं, तब कई छात्राओं की तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। कुछ छात्राओं को चक्कर आने लगे, जबकि कुछ कमजोरी के कारण ठीक से खड़ी नहीं हो पा रही थीं।
इसके बाद स्कूल में मौजूद शिक्षकों और कर्मचारियों ने तत्काल मदद शुरू की। जिन छात्राओं की हालत ज्यादा खराब दिखाई दी, उन्हें अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की गई। एक साथ बड़ी संख्या में छात्राओं को मेडिकल कॉलेज भेजे जाने के बाद स्कूल और प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई।
यूपी के देवरिया में तिरंगा यात्रा के बाद करीब 80 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। पीएमश्री कस्तूरबा गांधी बालिका इंटर कॉलेज की छात्राएं भीषण गर्मी और धूप में तिरंगा यात्रा में शामिल हुई थीं। यात्रा के दौरान कई छात्राओं को चक्कर और कमजोरी की शिकायत हुई, स्कूल लौटने के बाद कुछ छात्राएं… pic.twitter.com/zdFuIOm1FN
— Tushar Rai (@tusharcrai) August 13, 2026
मेडिकल कॉलेज में छात्राओं को पहुंचाने के बाद डॉक्टरों ने उनकी जांच शुरू की। अस्पताल में अचानक बड़ी संख्या में छात्राओं के आने से चिकित्सकीय टीम को भी तत्काल व्यवस्था करनी पड़ी।
मेडिकल कॉलेज में शुरू हुआ इलाज
छात्राओं को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों ने छात्राओं की जांच कर उपचार शुरू किया। मेडिकल कॉलेज देवरिया का प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थान है।
अस्पताल में भर्ती छात्राओं की निगरानी की जा रही है। डॉक्टरों की प्राथमिकता छात्राओं की स्थिति को स्थिर करना और जिन छात्राओं को अधिक परेशानी हो रही है, उन्हें आवश्यक उपचार देना है।
तेज गर्मी में लंबे समय तक रहने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। इससे कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द और बेहोशी जैसी शिकायतें हो सकती हैं। हालांकि, किसी मरीज की वास्तविक स्थिति का पता चिकित्सकीय जांच के बाद ही लगाया जा सकता है।
एक साथ इतनी छात्राओं के अस्पताल पहुंचने से मचा हड़कंप
मेडिकल कॉलेज में जब एक साथ बड़ी संख्या में छात्राओं को लाया गया तो अस्पताल परिसर में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजन और स्कूल से जुड़े लोग छात्राओं की स्थिति जानने के लिए चिंतित नजर आए।
अस्पताल में छात्राओं के उपचार के लिए चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को सक्रिय किया गया। जिन छात्राओं की स्थिति अपेक्षाकृत सामान्य थी, उन्हें भी निगरानी में रखा गया, ताकि उनकी तबीयत में किसी तरह की और गिरावट होने पर तुरंत उपचार दिया जा सके।
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। खास तौर पर यह देखा जा रहा है कि तिरंगा यात्रा के दौरान छात्राओं के लिए पेयजल, विश्राम और प्राथमिक चिकित्सा की पर्याप्त व्यवस्था थी या नहीं।
गर्मी में कार्यक्रमों के दौरान जरूरी है सावधानी
इस घटना ने खुले में आयोजित होने वाले स्कूल कार्यक्रमों के दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम और तिरंगा यात्रा बच्चों में उत्साह पैदा करते हैं, लेकिन ऐसे आयोजनों में मौसम का ध्यान रखना भी जरूरी है।
तेज धूप और उमस के बीच लंबे समय तक पैदल यात्रा करने से पहले बच्चों के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था होनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर बीच में आराम के लिए स्थान निर्धारित किए जाने चाहिए। साथ ही प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था और आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचाने की तैयारी भी जरूरी होती है।
विशेषज्ञ आमतौर पर गर्म मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने, लंबे समय तक सीधी धूप से बचने और कमजोरी महसूस होने पर तुरंत आराम करने की सलाह देते हैं। बच्चों में अगर चक्कर, उलझन, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
छात्राओं की हालत पर नजर
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात छात्राओं का स्वास्थ्य है। मेडिकल कॉलेज में उनका उपचार और निगरानी जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना के पीछे भीषण गर्मी और धूप को प्रमुख वजह माना जा रहा है, लेकिन चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि बड़े सामूहिक आयोजनों में बच्चों की सुरक्षा के लिए कितनी तैयारियां की गई थीं। तिरंगा यात्रा देशभक्ति की भावना से जुड़ा आयोजन था, लेकिन छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के बाद अब प्रशासन और स्कूल प्रबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनके स्वास्थ्य की पूरी निगरानी करना है।
देवरिया की इस घटना में छात्राओं की अचानक बिगड़ी तबीयत ने सभी को चिंता में डाल दिया है। यात्रा के दौरान चक्कर और कमजोरी से शुरू हुई परेशानी स्कूल पहुंचने के बाद गंभीर होती चली गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में छात्राओं को अस्पताल ले जाना पड़ा। अब चिकित्सकों की निगरानी और आगे की जांच से यह स्पष्ट होगा कि कितनी छात्राओं की हालत कितनी गंभीर थी और उन्हें पूरी तरह स्वस्थ होने में कितना समय लगेगा।

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