रक्षाबंधन से पहले गाजियाबाद में बड़ा खेल बेनकाब! 10 कुंतल रसगुल्ले देखकर अफसरों के उड़े होश, मिठाई में केमिकल के आरोप से मचा हड़कंप
रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्यार और मिठास का प्रतीक माना जाता है। इस मौके पर घरों में मिठाइयों की खरीदारी बढ़ जाती है। लेकिन उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से सामने आई एक कार्रवाई ने मिठाई की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विजयनगर क्षेत्र के बिहारीपुरा में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी कर करीब 10 कुंतल छेना रसगुल्ले बरामद किए। अधिकारियों के मुताबिक, मिठाई तैयार करने वाली जगह पर स्वच्छता की स्थिति बेहद खराब मिली और वहां खाद्य पदार्थों की तैयारी को लेकर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
बताया जा रहा है कि रक्षाबंधन से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग को क्षेत्र में बड़े स्तर पर मिलावटी या मानकों के विपरीत मिठाई तैयार किए जाने की शिकायत मिली थी। इसके बाद टीम ने बिहारीपुरा में कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार छेना रसगुल्ले मिले। अधिकारियों ने जब निर्माण स्थल की स्थिति देखी तो वहां साफ-सफाई की कमी और खाद्य पदार्थों के आसपास मक्खियां तथा कीड़े दिखाई दिए।
गंदगी के बीच तैयार हो रही थी मिठाई
खाद्य विभाग की कार्रवाई के दौरान जिस जगह पर रसगुल्ले तैयार किए जा रहे थे, वहां स्वच्छता को लेकर सवाल उठे। आरोप है कि मिठाई को ऐसे वातावरण में तैयार किया जा रहा था, जहां साफ-सफाई के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। खाद्य पदार्थों के आसपास मक्खियां और कीड़े होने की बात भी सामने आई है।
मिठाई बनाने के दौरान स्वच्छता बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि खुले में रखे खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया और अन्य दूषित तत्व पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में त्योहार से पहले इतनी बड़ी मात्रा में मिठाई का इस तरह तैयार होना उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गया।
पनीर में स्टार्च मिलाने का आरोप
जांच के दौरान अधिकारियों को मिठाई तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर भी संदेह हुआ। आरोप है कि पनीर को मैश करने के बाद उसमें स्टार्च मिलाया जा रहा था। स्टार्च का इस्तेमाल कई बार खाद्य पदार्थों की बनावट या मात्रा बढ़ाने के लिए किया जाता है, लेकिन किसी खाद्य उत्पाद में उसका इस्तेमाल निर्धारित मानकों के अनुरूप होना जरूरी है।
हालांकि, किसी पदार्थ में वास्तव में किस मात्रा में स्टार्च या अन्य सामग्री का इस्तेमाल हुआ था, इसका अंतिम पता लैब जांच के बाद ही चलेगा। खाद्य विभाग ने मौके से नमूने लिए हैं और इन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
केमिकल के इस्तेमाल की भी जांच
मामले में फॉर्मेल्डिहाइड सल्फोक्सिलेट नामक रसायन के कथित इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। आरोप है कि इसका इस्तेमाल मिठाई को सफेद और लंबे समय तक सुरक्षित रखने के उद्देश्य से किया जा रहा था।
हालांकि, इस रसायन के इस्तेमाल की अंतिम पुष्टि आधिकारिक प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद ही मानी जाएगी। इसलिए फिलहाल इसे जांच का विषय माना जा रहा है। खाद्य विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद मिठाइयों में प्रतिबंधित या मानकों के विपरीत किसी रसायन की मौजूदगी थी या नहीं।
10 कुंतल रसगुल्लों को नष्ट कराने की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मौके से बरामद करीब 10 कुंतल तैयार रसगुल्लों को नष्ट कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इतनी बड़ी मात्रा में मिठाई बरामद होने के बाद विभाग की कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि रक्षाबंधन के दौरान इन मिठाइयों की बिक्री होने की आशंका थी।
रक्षाबंधन की मिठास में मिलावट का कड़वा सच! 10 कुंतल बनावटी रसगुल्ले मिले..
— TRUE STORY (@TrueStoryUP) August 25, 2026
UP क़े गाजियाबाद में रक्षाबंधन से पहले खाद्य विभाग ने ऐसा छापा मारा कि मिठाई का पूरा खेल ही बिगड़ गया। विजयनगर के बिहारीपुरा में करीब 10 कुंतल छेना रसगुल्ला बरामद हुआ—लेकिन जिस हालत में ये मिठाइयां बन… pic.twitter.com/gehx3LzjBv
अगर यही मिठाई बाजार में पहुंच जाती तो बड़ी संख्या में लोग इसे खरीदकर अपने परिवार और रिश्तेदारों को खिला सकते थे। ऐसे में कार्रवाई के जरिए विभाग ने संभावित रूप से इन मिठाइयों की बिक्री पर रोक लगाने की कोशिश की है।
लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू
मामले में मिठाई तैयार करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। खाद्य विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर तय की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा लिए गए नमूनों की रिपोर्ट इस मामले में अहम होगी। अगर जांच में मिलावट या प्रतिबंधित रसायनों के इस्तेमाल की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
त्योहार पर मिठाई खरीदते समय रहें सावधान
रक्षाबंधन के दौरान मिठाइयों की मांग अचानक बढ़ जाती है। ऐसे समय में उपभोक्ताओं को भी थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत होती है। बहुत ज्यादा चमकदार, असामान्य रूप से सफेद या संदिग्ध तरीके से रखी गई मिठाई खरीदने से बचना बेहतर है। मिठाई हमेशा साफ-सुथरी और भरोसेमंद दुकान से खरीदनी चाहिए।
हालांकि केवल रंग, चमक या स्वाद के आधार पर किसी मिठाई को मिलावटी घोषित नहीं किया जा सकता। किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट की वास्तविक पुष्टि जांच और प्रयोगशाला परीक्षण के आधार पर ही होती है।
गाजियाबाद की इस कार्रवाई ने एक बार फिर त्योहारों के दौरान बिकने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर राखी बांधते समय बहन मिठाई का डिब्बा जरूर दे, लेकिन मिठाई खरीदते वक्त उसकी गुणवत्ता और दुकान की साफ-सफाई पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है। आखिर त्योहार की मिठास तभी अच्छी लगती है, जब वह सेहत के लिए सुरक्षित भी हो।

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