एक महिला के दो रिश्ते! पति ने प्रेमी को ही दे दी घर में जगह, फिर पुलिस तक पहुंचा मामला… अब एक छत के नीचे रहेंगे चारों?
सीतापुर/मुरादाबाद: पति-पत्नी के रिश्ते में विश्वास, प्रेम और परिवार की भूमिका को लेकर अक्सर कई तरह के मामले सामने आते हैं। कभी प्रेम संबंध की वजह से परिवार टूट जाता है तो कभी मामला पुलिस और अदालत तक पहुंच जाता है। लेकिन उत्तर प्रदेश के सीतापुर से सामने आया एक मामला इसलिए चर्चा में है, क्योंकि यहां एक शादीशुदा महिला अपने पति के साथ-साथ अपने प्रेमी के साथ भी रहने की इच्छा जता रही है। हैरानी की बात यह है कि महिला के पति को भी कथित तौर पर इस रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं है।
मामला इतना बढ़ा कि परिवार के अन्य सदस्यों के विरोध के बाद तीनों को पुलिस के सामने पहुंचना पड़ा। पुलिस ने सभी पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई स्पष्ट समाधान नहीं निकल सका। वहीं, इसी खबर के साथ मुरादाबाद से भी एक अलग मामला सामने आया है, जहां तीन बच्चों की मां ने छह बच्चों के पिता के साथ नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया है। दोनों घटनाओं ने रिश्तों और पारिवारिक फैसलों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
एक महिला और दो रिश्ते, पति ने प्रेमी को अपनाया
पहला मामला सीतापुर जिले के महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, एक शादीशुदा महिला का किसी अन्य युवक के साथ प्रेम संबंध था। जब इस रिश्ते की जानकारी महिला के पति को हुई तो सामान्य तौर पर जिस तरह पति-पत्नी के बीच विवाद की स्थिति बनती है, वैसा यहां देखने को नहीं मिला।
महिला के पति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी के प्रेम संबंध का विरोध करने के बजाय उसके प्रेमी को स्वीकार करने की बात कही। महिला भी अपने पति और प्रेमी दोनों के साथ रहने की इच्छा पर अड़ी रही।
यही बात परिवार के दूसरे सदस्यों को मंजूर नहीं थी। परिवार में इस रिश्ते को लेकर विरोध शुरू हुआ और मामला आखिरकार पुलिस तक पहुंच गया।
दो बच्चों की मां है महिला
बताया गया है कि महिला और उसके पति के दो बच्चे भी हैं। बच्चों को लेकर भी परिवार में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, महिला अपने बच्चों के साथ पति और प्रेमी दोनों के साथ रहने की इच्छा जता रही थी।
इस मामले में पति की सहमति होने की बात ने पूरे घटनाक्रम को और असामान्य बना दिया। आमतौर पर विवाहेतर संबंध की जानकारी सामने आने के बाद परिवार में विवाद बढ़ जाता है, लेकिन यहां पति द्वारा पत्नी के प्रेमी को स्वीकार करने की बात सामने आई।
हालांकि, इस तरह के किसी भी रिश्ते की कानूनी स्थिति अलग विषय है और केवल आपसी सहमति के आधार पर इसे वैवाहिक संबंध का दर्जा नहीं माना जा सकता। मामले में आगे की स्थिति संबंधित कानून और अधिकारियों की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
परिवार के विरोध के बाद पुलिस तक पहुंचा मामला
जब महिला ने अपने पति और प्रेमी दोनों के साथ रहने की इच्छा जाहिर की तो परिवार के कुछ सदस्यों ने इसका विरोध किया। विवाद बढ़ने के बाद मामला महमूदाबाद कोतवाली पहुंचा।
पुलिस ने तीनों पक्षों को बुलाकर बातचीत के जरिए मामले को समझने की कोशिश की। हालांकि, बातचीत के बाद भी कोई स्पष्ट सहमति नहीं बन सकी।
पुलिस की भूमिका को लेकर भी स्थिति साफ है कि किसी वयस्क व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी के साथ रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। वहीं, यदि किसी पक्ष की ओर से कोई आपराधिक शिकायत या कानूनी विवाद सामने आता है तो पुलिस उपलब्ध तथ्यों और कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकती है।
मामले में पुलिस की ओर से जबरन किसी पक्ष को कहीं भेजने का अधिकार नहीं होने की बात भी सामने आई है।
अब एक छत के नीचे रहने की चर्चा
महिला की इच्छा के मुताबिक यदि सभी पक्ष अपनी सहमति पर कायम रहते हैं तो वह अपने पति, प्रेमी और बच्चों के साथ रहने की कोशिश कर सकती है। हालांकि, यह व्यवस्था सामाजिक और कानूनी दोनों स्तरों पर कई सवाल खड़े करती है।
पति की सहमति, महिला की इच्छा और परिवार के विरोध के बीच अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आगे मामला किस दिशा में जाता है। क्या परिवार इस रिश्ते को स्वीकार करेगा या फिर विवाद किसी कानूनी प्रक्रिया में बदल जाएगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
फिलहाल यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
मुरादाबाद में भी शादी बनी चर्चा का विषय
इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से भी एक अलग वैवाहिक मामला सामने आया है, जिसमें तीन बच्चों की मां ने छह बच्चों के पिता के साथ नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया है।
रानीनागल गांव की रहने वाली तबस्सुम के पहले पति रियाजुल की करीब पांच वर्ष पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद वह अपने तीन बच्चों के साथ ससुराल में रहकर उनका पालन-पोषण कर रही थीं।
समय बीतने के बाद उन्होंने मोहम्मद उमर के साथ नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया। उमर पहले से छह बच्चों के पिता बताए जा रहे हैं।
बातचीत के बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया
जानकारी के अनुसार, तबस्सुम की मुलाकात कोरबांकू निवासी मोहम्मद उमर से हुई थी। उमर मैकेनिक का काम करते हैं। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और धीरे-धीरे दोनों ने एक-दूसरे को समझने के बाद साथ रहने का फैसला किया।
बताया गया है कि दोनों ने परिवार की जानकारी के बिना कलियर शरीफ जाकर निकाह किया। इसके बाद उन्होंने कोर्ट मैरिज भी की।
जब परिवार और रिश्तेदारों को इस शादी की जानकारी हुई तो विरोध शुरू हो गया। हालांकि, दोनों अपने फैसले पर कायम रहे।
नई गृहस्थी में नौ बच्चों की जिम्मेदारी
तबस्सुम के तीन बच्चे हैं, जबकि मोहम्मद उमर छह बच्चों के पिता हैं। इस तरह दोनों के साथ आने के बाद उनकी नई गृहस्थी में कुल नौ बच्चों की जिम्मेदारी जुड़ गई है।
यह पहलू भी इस शादी को खास बनाता है। दोनों ने अपनी निजी जिंदगी को आगे बढ़ाने का फैसला किया है, लेकिन इतने बड़े परिवार की जिम्मेदारी भी उनके सामने है।
ऐसे मामलों में केवल शादी का फैसला ही महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि बच्चों की शिक्षा, पालन-पोषण, आर्थिक जिम्मेदारियां और परिवार के बीच आपसी संबंध भी बड़ी भूमिका निभाते हैं।
दोनों मामलों में अलग है कहानी
सीतापुर और मुरादाबाद के दोनों मामले एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। सीतापुर में एक शादीशुदा महिला अपने पति और प्रेमी दोनों के साथ रहने की इच्छा जता रही है, जबकि मुरादाबाद में एक विधवा महिला ने दूसरी शादी कर नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया है।
सीतापुर मामले में सबसे ज्यादा चर्चा पति द्वारा पत्नी के प्रेमी को स्वीकार किए जाने की बात को लेकर है। वहीं मुरादाबाद में तीन बच्चों की मां और छह बच्चों के पिता की नई शादी इसलिए चर्चा में है क्योंकि दोनों के परिवार में कुल नौ बच्चों की जिम्मेदारी आ गई है।
दोनों घटनाएं यह भी दिखाती हैं कि आज के समय में पारिवारिक रिश्तों को लेकर फैसले पहले की तुलना में अलग-अलग परिस्थितियों में लिए जा रहे हैं। हालांकि, हर मामले में संबंधित लोगों की सहमति, बच्चों के हित और कानूनी स्थिति को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।
आखिर सीतापुर वाले मामले में आगे क्या होगा?
सीतापुर के मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि महिला अपने पति और प्रेमी दोनों के साथ रहने की इच्छा पर कितने समय तक कायम रहती है और परिवार इस फैसले को स्वीकार करता है या नहीं। पुलिस के सामने मामला आने के बावजूद फिलहाल किसी पक्ष को जबरन अलग करने की स्थिति नहीं बताई गई है।
वहीं, यदि भविष्य में किसी पक्ष की ओर से कोई कानूनी शिकायत आती है तो पुलिस उस शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है।
फिलहाल एक महिला, उसके पति और उसके प्रेमी से जुड़ा यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। दूसरी तरफ मुरादाबाद में तीन बच्चों की मां और छह बच्चों के पिता की शादी भी लोगों के बीच चर्चा का कारण बनी हुई है। दोनों मामलों में आगे क्या मोड़ आता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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