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विजय केडिया के इस शेयर में अचानक आया उछाल… एक्सपर्ट ने 90% तेजी का दिया संकेत, क्या ₹366 तक पहुंचेगा भाव?



शेयर बाजार में कुछ स्मॉलकैप कंपनियां ऐसी होती हैं, जिन पर निवेशकों की नजर अचानक तेजी से बढ़ जाती है। इन कंपनियों में अगर किसी दिग्गज निवेशक की हिस्सेदारी भी हो और साथ ही कारोबार से जुड़े मजबूत संकेत सामने आएं, तो स्टॉक को लेकर बाजार में चर्चा और तेज हो जाती है। ऐसा ही कुछ SPML Infra के शेयरों के साथ देखने को मिल रहा है।

दिग्गज निवेशक विजय केडिया के पोर्टफोलियो में शामिल SPML Infra हाल के दिनों में निवेशकों के रडार पर है। कंपनी के शेयर में तेजी की वजहों में ब्रोकरेज की सकारात्मक राय, कंपनी के बढ़ते ऑर्डर बुक, वित्तीय स्थिति में सुधार और केडिया परिवार की कंपनी में बढ़ती हिस्सेदारी को प्रमुख कारण माना जा रहा है। कंपनी की ओर से भी हाल के महीनों में नए ऑर्डर और पूंजी जुटाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण अपडेट सामने आए हैं।

शेयर में तेजी के पीछे क्या है वजह?

SPML Infra के शेयर में हालिया तेजी को लेकर बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा ब्रोकरेज हाउस Arihant Capital की रिपोर्ट और उसके दिए गए संभावित टारगेट को लेकर है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर के लिए 366 रुपये का टारगेट प्राइस बताया है।

अगर शेयर की तुलना करीब 195 रुपये के आसपास के स्तर से की जाए तो 366 रुपये का टारगेट मौजूदा स्तर से लगभग 88-90 प्रतिशत तक की संभावित तेजी को दर्शाता है। हालांकि, यह केवल ब्रोकरेज का अनुमान है और शेयर बाजार में किसी भी टारगेट की गारंटी नहीं होती।

Arihant Capital की उपलब्ध कंपनी जानकारी में SPML Infra का बाजार पूंजीकरण करीब 1,690 करोड़ रुपये और बुक वैल्यू लगभग 151 रुपये बताई गई है।

यानी जिस शेयर को लेकर अभी निवेशकों में दिलचस्पी बढ़ी है, उसके पीछे सिर्फ एक दिन की तेजी नहीं बल्कि कंपनी के कारोबार और वित्तीय स्थिति से जुड़े कई फैक्टर हैं।

5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का काम

SPML Infra के लिए सबसे महत्वपूर्ण सकारात्मक संकेतों में उसका बढ़ता ऑर्डर बुक माना जा रहा है। कंपनी पानी, बिजली, सैनिटेशन और ऊर्जा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में काम करती है।

कंपनी की वेबसाइट के अनुसार SPML Infra को इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में चार दशक से ज्यादा का अनुभव है और कंपनी ने पानी, बिजली, सैनिटेशन तथा ऊर्जा भंडारण जैसे क्षेत्रों में काम किया है।

कंपनी के पास वर्तमान में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के काम का उल्लेख किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के जल जीवन मिशन से जुड़े सरकारी आंकड़ों में भी SPML Infra के लिए विभिन्न परियोजनाओं और कुल 5,369 करोड़ रुपये के आंकड़े दिखाई देते हैं।

यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के लिए मजबूत ऑर्डर बुक भविष्य के राजस्व और काम की दृश्यता बढ़ा सकती है। हालांकि, ऑर्डर बुक का बड़ा होना अपने आप में मुनाफे की गारंटी नहीं है। परियोजनाओं की समय पर पूर्ति, लागत नियंत्रण, भुगतान प्राप्ति और मार्जिन भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं।

चार दशक का अनुभव कंपनी की बड़ी ताकत

SPML Infra का कारोबार मुख्य रूप से ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों से जुड़ा है जिनमें सरकार और सार्वजनिक संस्थानों की ओर से लंबे समय तक निवेश की जरूरत बनी रहती है।

पानी की सप्लाई, वाटर ट्रीटमेंट, सीवरेज, पाइपलाइन, पावर ट्रांसमिशन और ऊर्जा भंडारण जैसे क्षेत्रों में देश में लगातार नए प्रोजेक्ट सामने आ रहे हैं।

कंपनी के हालिया अपडेट्स में राजस्थान में 400 kV ग्रिड सबस्टेशन और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा करीब 165.4 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल है। कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को 24 महीने में पूरा करने की जानकारी दी थी।

इसके अलावा मई 2026 में कंपनी ने NTPC से 1 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम से जुड़ा बड़ा ऑर्डर हासिल करने की जानकारी भी दी थी।

इस तरह कंपनी के कारोबार में सिर्फ पारंपरिक वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि पावर और ऊर्जा भंडारण जैसे क्षेत्रों का भी योगदान बढ़ता दिखाई दे रहा है।

वित्तीय स्थिति में भी आया सुधार

निवेशकों के लिए कंपनी की वित्तीय स्थिति में आया सुधार भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 के अंत में SPML Infra की नेटवर्थ करीब 948.16 करोड़ रुपये रही, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह करीब 770.14 करोड़ रुपये थी।

वहीं कुल कर्ज के आंकड़ों में भी पिछले वर्षों की तुलना में बड़ी कमी दिखाई देती है। उपलब्ध बैलेंस शीट आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में कुल उधारी करीब 346.4 करोड़ रुपये थी, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह करीब 368.6 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024 में करीब 548.8 करोड़ रुपये थी।

इसका मतलब है कि कंपनी पिछले कुछ वर्षों में अपने बैलेंस शीट को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

हालांकि, निवेशकों को सिर्फ कर्ज घटने के आंकड़े पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। कंपनी की नकदी स्थिति, ऑपरेटिंग कैश फ्लो, मुनाफा, ब्याज लागत और भविष्य के प्रोजेक्ट्स की लाभप्रदता को भी साथ में देखना जरूरी है।

विजय केडिया की कितनी हिस्सेदारी है?

SPML Infra को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी का एक बड़ा कारण विजय केडिया का नाम भी है।

जून 2026 की शेयरहोल्डिंग जानकारी में Kedia Securities Private Limited की SPML Infra में करीब 1.78 प्रतिशत हिस्सेदारी दिखाई देती है।

इसके अलावा जुलाई 2026 में विजय केडिया की पत्नी मंजू विजय केडिया ने कंपनी के प्रेफरेंशियल इश्यू में 13.45 लाख कन्वर्टिबल वारंट के लिए सब्सक्राइब किया। कंपनी के आधिकारिक दस्तावेज में मंजू विजय केडिया के नाम पर 13,45,000 वारंट प्रस्तावित किए जाने की जानकारी दी गई है।

इस प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए कंपनी ने करीब 190 करोड़ रुपये जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। रिपोर्टों के मुताबिक विजय केडिया ने इससे पहले जनवरी 2026 में अपनी फर्म Kedia Securities के जरिए 14,98,107 शेयर खरीदे थे। वारंट शेयरों में बदलने के बाद केडिया परिवार की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 3 प्रतिशत के आसपास पहुंच सकती है।

यही वजह है कि स्टॉक को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ गई है।

पांच साल में जोरदार रिटर्न, लेकिन हालिया प्रदर्शन कमजोर

SPML Infra का शेयर लंबी अवधि में मल्टीबैगर रिटर्न देने वाले शेयरों में गिना जाता है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक पांच साल की अवधि में स्टॉक ने 1,700 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दिया है।

हालांकि, इस तस्वीर का दूसरा पहलू भी है।

पिछले एक साल में शेयर में गिरावट देखने को मिली है और दो साल की अवधि में भी प्रदर्शन बहुत मजबूत नहीं रहा। इसका मतलब यह है कि लंबी अवधि के शानदार रिटर्न को देखकर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि शेयर हमेशा ऊपर ही जाएगा।

स्मॉलकैप शेयरों में उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा हो सकता है। इसलिए निवेशकों को सिर्फ पिछले पांच साल के रिटर्न या किसी बड़े निवेशक की हिस्सेदारी देखकर फैसला नहीं लेना चाहिए।

कंपनी के लिए पानी और ऊर्जा क्षेत्र क्यों अहम?

SPML Infra के कारोबार को देखते हुए देश में पानी और ऊर्जा से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता खर्च कंपनी के लिए लंबी अवधि का अवसर बन सकता है।

भारत में शहरीकरण, औद्योगिक विस्तार, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज और जल उपचार की जरूरत लगातार बढ़ रही है। इसी तरह बिजली की बढ़ती मांग के साथ ट्रांसमिशन और स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश की जरूरत है।

कंपनी के पुराने रिसर्च नोट में भी पानी के क्षेत्र में बड़े अवसर और कंपनी की प्री-क्वालिफिकेशन क्षमता का उल्लेख किया गया था।

हालांकि, सरकारी और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में ऑर्डर मिलने और उससे वास्तविक मुनाफा बनने के बीच काफी समय लग सकता है। इसलिए निवेशकों को ऑर्डर बुक के साथ-साथ प्रोजेक्ट निष्पादन पर भी नजर रखनी चाहिए।

क्या 366 रुपये तक पहुंच सकता है शेयर?

ब्रोकरेज का 366 रुपये का टारगेट निवेशकों के लिए आकर्षक दिखाई देता है क्योंकि यह मौजूदा स्तर की तुलना में करीब 90 प्रतिशत तक की संभावित तेजी का संकेत देता है।

लेकिन यहां सबसे जरूरी बात यह है कि 366 रुपये कोई निश्चित भविष्य की कीमत नहीं है। यह ब्रोकरेज के अनुमान पर आधारित संभावित टारगेट है। बाजार की स्थिति, कंपनी के नतीजे, ऑर्डर मिलने की गति, मार्जिन, कर्ज, नकदी प्रवाह और व्यापक बाजार का रुख शेयर की कीमत को प्रभावित कर सकता है।

इसलिए सिर्फ टारगेट प्राइस देखकर निवेश करना जोखिमपूर्ण हो सकता है।

निवेशकों को किन जोखिमों पर नजर रखनी चाहिए?

SPML Infra में सकारात्मक संकेतों के साथ कुछ जोखिम भी मौजूद हैं। स्मॉलकैप कंपनियों में शेयर की कीमत में तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है। इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को प्रोजेक्ट पूरा करने में देरी, भुगतान में देरी, लागत बढ़ने और कार्यशील पूंजी से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

इसके अलावा कंपनी की प्रोजेक्ट पाइपलाइन बड़ी होने के बावजूद वास्तविक कमाई इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी इन ऑर्डर्स को कितनी तेजी और लाभप्रदता के साथ पूरा करती है।

इसीलिए निवेशकों के लिए कंपनी के आगामी तिमाही नतीजे, ऑर्डर इनफ्लो, कर्ज, कैश फ्लो और मार्जिन पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

SPML Infra के शेयर में हालिया तेजी ने एक बार फिर इस स्मॉलकैप इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को निवेशकों के बीच चर्चा में ला दिया है। विजय केडिया परिवार की बढ़ती हिस्सेदारी, 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऑर्डर बुक, वित्तीय स्थिति में सुधार और पानी-पावर-एनर्जी स्टोरेज सेक्टर में मौजूद अवसर कंपनी के पक्ष में दिखाई देने वाले प्रमुख पहलू हैं।

ब्रोकरेज हाउस Arihant Capital की ओर से 366 रुपये का टारगेट दिए जाने की खबर ने भी निवेशकों का ध्यान खींचा है। मौजूदा स्तरों की तुलना में यह लगभग 90 प्रतिशत तक की संभावित तेजी का संकेत देता है।

लेकिन शेयर बाजार में संभावित रिटर्न के साथ जोखिम भी जुड़ा होता है। SPML Infra का पिछला लंबी अवधि का प्रदर्शन शानदार रहा है, मगर हालिया एक-दो साल का प्रदर्शन उतना मजबूत नहीं रहा। इसलिए निवेशकों को सिर्फ विजय केडिया की हिस्सेदारी या ब्रोकरेज टारगेट देखकर फैसला लेने के बजाय कंपनी के वित्तीय नतीजों, ऑर्डर निष्पादन, कर्ज और कैश फ्लो का स्वतंत्र विश्लेषण करना चाहिए।

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