सुबह गांव में घुसा 15 हाथियों का झुंड… फिर झाड़ियों से निकला ऐसा खौफ कि दो महिलाओं की चली गई जान
रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र से सोमवार की अहले सुबह एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई। बड़कीपोना गांव में करीब 15 जंगली हाथियों का झुंड घुस आया। झुंड में छोटे-छोटे शावक भी शामिल बताए जा रहे हैं। गांव में पहुंचते ही हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। इसी दौरान हाथियों की चपेट में आने से दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक महिला और एक पुरुष के घायल होने की सूचना है।
मृतकों में डाड़ीटुंगरी निवासी भानो देवी (50 वर्ष), पत्नी फुलेश्वर महतो और सबीना खातून शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को घरों से बाहर निकलने में डर लग रहा है। कई लोग हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अपने घरों की छतों पर चढ़ गए।
हाथियों के गांव में घुसने की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी। प्रशासन और वन विभाग की ओर से लगातार लोगों से हाथियों के पास नहीं जाने की अपील की जा रही है।
खेत में काम कर रही महिला का हाथियों से हुआ सामना
बताया जाता है कि हाथियों का झुंड सोमवार की सुबह बड़कीपोना बघलता की ओर से गांव की तरफ पहुंचा। इसी दौरान डाड़ीटुंगरी इलाके में भानो देवी अपनी बारी में कृषि कार्य कर रही थीं। अचानक उनका सामना हाथियों के झुंड से हो गया।
हाथियों को सामने देखकर उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। झुंड ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया और कुचल दिया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की खबर जैसे ही आसपास के लोगों को मिली, इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तुरंत दूसरे लोगों को सतर्क करना शुरू किया। इसके बाद हाथियों का झुंड गांव के दूसरे हिस्सों की ओर बढ़ने लगा।
रेलवे स्टेशन और ईदगाह मैदान की ओर बढ़ा झुंड
भानो देवी की मौत के बाद हाथियों का झुंड बड़कीपोना रेलवे स्टेशन और ईदगाह मैदान की तरफ बढ़ गया। हाथियों के गांव के बीच पहुंचने की खबर से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ भागने लगे। कुछ ग्रामीण अपने घरों में चले गए, जबकि कई लोगों ने छतों पर चढ़कर हाथियों की गतिविधियों को देखना शुरू कर दिया।
हाथियों का झुंड जहां से गुजर रहा था, वहां लोगों में भय का माहौल बन जा रहा था। ग्रामीणों को आशंका थी कि यदि हाथियों को छेड़ा गया या उनके रास्ते में कोई बाधा आई तो वे दोबारा आक्रामक हो सकते हैं।
इसी वजह से पुलिस और वन विभाग ने लोगों को हाथियों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की चेतावनी दी।
झाड़ियों में छिपे हाथियों ने बढ़ाई चिंता
बाद में हाथियों का झुंड बड़कीपोना रेलवे ओवरब्रिज के समीप झाड़ियों की ओर चला गया। कुछ समय तक हाथी झाड़ियों के आसपास रहे। इसके बाद झुंड लारी रोड होते हुए मायल स्टेशन की ओर बढ़ने लगा।
झाड़ियों में हाथियों के मौजूद होने के कारण ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई। हाथियों के अचानक बाहर निकलने की हर हलचल के साथ गांव में भगदड़ जैसी स्थिति बन रही थी।
लोग अपने घरों की छतों पर खड़े होकर झाड़ियों की तरफ देखते रहे। हालांकि, वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी।
हाथियों के झुंड में शावकों के होने की बात भी सामने आई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, हाथियों के झुंड में छोटे बच्चे होने पर वयस्क हाथी उन्हें लेकर अधिक संवेदनशील और आक्रामक व्यवहार कर सकते हैं। ऐसे में उनके करीब जाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
दो महिलाओं की मौत से गांव में मातम
इस घटना में भानो देवी और सबीना खातून की मौत की सूचना से गांव में मातम छा गया। दोनों परिवारों के लिए यह घटना बेहद दर्दनाक है।
भानो देवी की मौत उनके परिवार के लिए बड़ा सदमा है। बताया जाता है कि वह खेत में कृषि कार्य कर रही थीं, तभी अचानक हाथियों के झुंड से उनका सामना हो गया।
दूसरी ओर सबीना खातून की मौत की खबर ने भी इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया। घटना में एक महिला और एक पुरुष के घायल होने की भी सूचना है। घायलों को लेकर स्थानीय स्तर पर उपचार की व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस और वन विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा
हाथियों के गांव में घुसने की सूचना मिलते ही रजरप्पा थाना पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रजरप्पा थाना के एसआई संजय कुमार रजक समेत वन विभाग के कर्मी हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखते रहे।
प्रशासन की प्राथमिकता ग्रामीणों को हाथियों से दूर रखना है, ताकि जानमाल का और नुकसान न हो। ग्रामीणों को लगातार चेतावनी दी जा रही है कि वे हाथियों के झुंड के आसपास न जाएं।
गांव के मुखिया अरविंद सिंह की ओर से भी लगातार एनाउंसमेंट कराया गया और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई।
सुरक्षा को देखते हुए उत्क्रमित मध्य विद्यालय बड़कीपोना को भी बंद करा दिया गया, ताकि बच्चों और शिक्षकों को किसी तरह का खतरा न हो।
हाथियों का वीडियो बनाने के लिए भीड़ पहुंची
घटना के बीच सबसे चिंताजनक तस्वीर यह सामने आई कि कुछ लोग हाथियों का वीडियो बनाने के लिए उनके काफी करीब पहुंचने लगे। हाथियों के झुंड के आसपास युवाओं और अन्य लोगों की भीड़ देखी गई।
पुलिस और वन विभाग ने लोगों को बार-बार चेतावनी दी कि वे हाथियों से दूरी बनाए रखें। इसके बावजूद कुछ लोग मोबाइल फोन से वीडियो बनाने के लिए झाड़ियों के पास तक पहुंचते नजर आए।
जंगली हाथियों के इतने करीब जाकर वीडियो बनाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। हाथी अचानक दिशा बदल सकते हैं और कुछ ही सेकंड में किसी व्यक्ति तक पहुंच सकते हैं। खासतौर पर शावकों के आसपास मौजूद हाथी खतरा महसूस करने पर हमला कर सकते हैं।
इसी वजह से वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों की गतिविधियों को देखने या रिकॉर्ड करने के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें।
ट्रेन के गुजरने के दौरान भी बनी रही दहशत
हाथियों के झुंड के ठिकाने के समीप से आद्रा-बरकाकाना पैसेंजर ट्रेन के गुजरने की भी जानकारी सामने आई है। इस दौरान भी हाथियों की मौजूदगी को लेकर सुरक्षा चिंता बनी रही।
पुलिस और वन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर रखती रही, ताकि हाथियों और लोगों के बीच किसी तरह की टकराव की स्थिति पैदा न हो।
वन विभाग की कोशिश है कि हाथियों को सुरक्षित तरीके से आबादी वाले इलाके से दूर किया जाए और ग्रामीणों को नुकसान से बचाया जा सके।
परिवार से मिलने पहुंचे आजसू नेता
घटना की जानकारी मिलने के बाद आजसू के केंद्रीय सचिव अमृत लाल मुंडा मृतका भानो देवी के घर पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।
दो महिलाओं की मौत के बाद स्थानीय लोगों में चिंता के साथ-साथ वन्यजीवों और मानव आबादी के बीच बढ़ते संघर्ष को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
मानव-हाथी संघर्ष ने बढ़ाई चिंता
बड़कीपोना की यह घटना एक बार फिर मानव और जंगली हाथियों के बीच बढ़ते संघर्ष की गंभीर तस्वीर सामने लाती है। जंगलों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों के लिए हाथियों का आबादी वाले क्षेत्रों में आ जाना बड़ा खतरा बन जाता है।
वहीं, हाथियों के प्राकृतिक आवास और उनके आवागमन के रास्तों में बदलाव से भी ऐसे टकराव की स्थितियां पैदा हो सकती हैं। ऐसी परिस्थितियों में ग्रामीणों को सतर्क रहना और वन विभाग की चेतावनियों का पालन करना बेहद जरूरी है।
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यह है कि हाथियों का झुंड आबादी वाले इलाके से पूरी तरह दूर जाए और आगे कोई जनहानि न हो। पुलिस और वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और झुंड के पास नहीं जाने की अपील की गई है।
बड़कीपोना में सुबह-सुबह शुरू हुआ यह खौफनाक घटनाक्रम दो परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दर्द छोड़ गया है। एक तरफ दो महिलाओं की जान चली गई, वहीं दूसरी तरफ हाथियों के झुंड की मौजूदगी ने पूरे गांव को घंटों भय के साये में रखा।

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