आसमान से आया मौत का सैलाब! रूस पर यूक्रेन का सबसे बड़ा ड्रोन हमला, 822 ड्रोन से मचा कोहराम
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। रविवार, 16 अगस्त 2026 को यूक्रेन ने रूस के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए। रूस के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, रातभर में देशभर में 822 यूक्रेनी ड्रोन को नष्ट किया गया। इनमें बड़ी संख्या में ड्रोन मॉस्को की दिशा में बढ़ रहे थे। इस हमले में रूस के अलग-अलग इलाकों में कम से कम छह लोगों की मौत की खबर है।
रूस की राजधानी मॉस्को और उसके आसपास का इलाका इस हमले का प्रमुख केंद्र रहा। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन के अनुसार, करीब 600 ड्रोन राजधानी की दिशा में आते हुए देखे गए। इनमें से 201 ड्रोन को मॉस्को क्षेत्र के ऊपर ही मार गिराया गया। इस बड़े हमले ने एक बार फिर दिखा दिया है कि युद्ध अब केवल रूस-यूक्रेन की सीमा या मोर्चे तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि हजारों किलोमीटर दूर स्थित शहर और औद्योगिक इलाके भी निशाने पर आ रहे हैं।
मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे सैकड़ों ड्रोन
रूसी अधिकारियों के अनुसार, शनिवार रात से रविवार सुबह तक यूक्रेन की ओर से बड़े पैमाने पर ड्रोन लॉन्च किए गए। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने देश के अलग-अलग हिस्सों में कुल 822 यूक्रेनी ड्रोन को नष्ट कर दिया।
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि करीब 600 ड्रोन राजधानी की ओर बढ़ रहे थे। इनमें से 201 ड्रोन को मॉस्को क्षेत्र में ही नष्ट कर दिया गया। यह हमला रूस की राजधानी के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद हुए सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक माना जा रहा है।
हमले के दौरान कई इलाकों में आग लगने और इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आईं। मॉस्को क्षेत्र के अधिकारियों के मुताबिक, एक यूक्रेनी ड्रोन के निजी मकान पर गिरने से 83 वर्षीय एक बुजुर्ग की मौत हो गई।
यह घटना इस बात का संकेत है कि ड्रोन युद्ध अब बेहद बड़े पैमाने पर पहुंच चुका है। आधुनिक ड्रोन तकनीक के कारण हजारों किलोमीटर दूर बैठे पक्ष भी दुश्मन के सैन्य, औद्योगिक और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाने की क्षमता रखते हैं।
रोस्तोव में सबसे ज्यादा नुकसान
दक्षिण-पश्चिमी रूस के रोस्तोव क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला हुआ। क्षेत्रीय गवर्नर यूरी स्ल्यूसर के अनुसार, तीन शहरों में हुए हमलों में पांच लोगों की मौत हुई। अधिकारियों के मुताबिक, हमले में 150 से ज्यादा ड्रोन शामिल थे।
ड्रोन हमलों के कारण कई घरों और एक रेलवे स्टेशन को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा जंगल में भी आग लगने की खबर सामने आई। इस हमले ने रूस के उन इलाकों में भी चिंता बढ़ा दी है, जो युद्ध के मुख्य मोर्चे से काफी दूर हैं।
रूसी अधिकारियों ने बताया कि हमले के बाद कई जगहों पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। हालांकि, हमले से हुए कुल नुकसान का आकलन अभी जारी है।
मॉस्को में जल उठा Wildberries का बड़ा गोदाम
यूक्रेनी ड्रोन हमले के दौरान मॉस्को क्षेत्र के पोडॉल्स्क में रूस की बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी Wildberries के एक विशाल लॉजिस्टिक्स परिसर में आग लग गई। घटनास्थल से आसमान में उठता काला धुआं काफी दूर तक दिखाई दिया।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, गोदाम में लगी आग के बाद कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आग बुझाने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद भी ली गई। यह गोदाम कंपनी के बड़े लॉजिस्टिक केंद्रों में शामिल बताया जा रहा है।
इसके अलावा डोमोडेदोवो इलाके में एक अन्य गोदाम में भी आग लगने की खबर सामने आई। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूस की सैन्य और आर्थिक क्षमता से जुड़े कई लॉजिस्टिक और औद्योगिक ठिकानों को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया है।
रूस ने किया जोरदार पलटवार
रूस पर हुए बड़े ड्रोन हमले के दौरान रूस ने भी यूक्रेन के कई हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, क्रिवी रिह में रूसी मिसाइल हमले में दो लोगों की मौत हो गई और 14 लोग घायल हुए।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हमलों की जानकारी देते हुए कहा कि रूस लगातार बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए उन इलाकों को निशाना बना रहा है जहां नागरिक बुनियादी ढांचा मौजूद है।
सुमी में भी रूसी हमले में एक व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई। वहीं दक्षिणी जापोरिज्जिया क्षेत्र में एक घर को निशाना बनाए जाने के बाद एक पुरुष और एक महिला की मौत हो गई। इस तरह यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार रूस के ताजा हमलों में कम से कम पांच लोगों की जान गई।
कीव के बुक मार्केट में लगी आग
रूसी हमलों का असर यूक्रेन की राजधानी कीव में भी दिखाई दिया। यहां कई जगहों पर आग लग गई और कम से कम छह लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई।
कीव में पोचैना मेट्रो स्टेशन के पास स्थित एक बड़े बुक मार्केट में भी आग लग गई। घटना के बाद इलाके में काले धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया। कई कियोस्क और पवेलियन क्षतिग्रस्त हुए।
यह बाजार स्थानीय लोगों के बीच काफी लोकप्रिय बताया जाता है। आग और नुकसान की तस्वीरों ने एक बार फिर युद्ध के उन प्रभावों को सामने ला दिया, जिनका सामना आम नागरिकों को करना पड़ रहा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूस जहां तक पहुंच सकता है, वहां बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहा है। दूसरी ओर रूस का रक्षा मंत्रालय दावा कर रहा है कि उसके हमलों का निशाना यूक्रेन के सैन्य और सैन्य-औद्योगिक ठिकाने थे।
रूस का दावा- सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसके हमलों में क्रिवी रिह के धातुकर्म संयंत्र और कीव के कई सैन्य-औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।
रूसी पक्ष ने यह भी दावा किया कि कीव में यूक्रेन की लंबी दूरी की Flamingo मिसाइलों से जुड़े उत्पादन प्रतिष्ठान को निशाना बनाया गया। हालांकि युद्ध के दौरान दोनों पक्षों की ओर से किए जाने वाले सैन्य दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना कई बार मुश्किल होता है।
क्रिवी रिह में यूक्रेन के सबसे बड़े स्टील उत्पादकों में से एक ArcelorMittal के परिसर को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। कंपनी ने उत्पादन के कुछ हिस्सों के प्रभावित होने की जानकारी दी।
रोमानिया में घुसा ड्रोन, NATO के F-18 ने मार गिराया
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रविवार को एक और घटना ने यूरोप की चिंता बढ़ा दी। एक ड्रोन रोमानिया के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गया। इसके बाद स्पेनिश वायुसेना के F-18 लड़ाकू विमान ने उसे मार गिराया।
रोमानिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, निगरानी प्रणाली ने सुबह करीब 4:44 बजे मोल्दोवा की सीमा के पास ड्रोन का पता लगाया। यह स्थान गलाती से लगभग 24 किलोमीटर उत्तर में था।
इसके बाद स्पेनिश F-18 ने करीब 5:01 बजे ड्रोन को नष्ट कर दिया। बाद में काला सागर में कॉन्स्टांता से लगभग 1.5 किलोमीटर दूर उसके मलबे के मिलने की जानकारी सामने आई।
यह घटना इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि रोमानिया NATO का सदस्य देश है। ऐसे में किसी ड्रोन का उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश करना क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीर घटना माना जाता है। हाल के वर्षों में यूक्रेन के आसपास के इलाकों में ड्रोन गतिविधियां बढ़ने के साथ रोमानिया के हवाई क्षेत्र में भी ऐसी घटनाएं चिंता का विषय बनी हैं।
क्या युद्ध अब और खतरनाक दिशा में बढ़ रहा है?
रूस और यूक्रेन के बीच हालिया हमलों को देखकर यह साफ है कि दोनों पक्ष लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रहे हैं। यूक्रेन इस साल रूस के भीतर सैन्य उद्योग, ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स से जुड़े ठिकानों पर हमले बढ़ाता रहा है।
रूस भी जवाब में यूक्रेन के शहरों और सैन्य-औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर मिसाइल तथा ड्रोन हमले कर रहा है। इस वजह से युद्ध का दायरा केवल अग्रिम मोर्चों तक सीमित नहीं रह गया है।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि जब हमले राजधानी मॉस्को और NATO सदस्य रोमानिया जैसे क्षेत्रों के हवाई क्षेत्र के करीब पहुंचने लगते हैं, तो किसी छोटी घटना के बड़े क्षेत्रीय संकट में बदलने का खतरा बढ़ जाता है।
दोनों देशों के आम लोगों पर बढ़ता संकट
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा नुकसान आम नागरिकों को उठाना पड़ रहा है। रूस में ड्रोन हमलों के कारण लोगों की मौत हुई और घरों तथा औद्योगिक परिसरों को नुकसान पहुंचा। दूसरी ओर यूक्रेन में रूसी मिसाइल हमलों में भी नागरिकों की जान गई और बाजार तथा औद्योगिक प्रतिष्ठान प्रभावित हुए।
ताजा घटनाक्रम बताता है कि दोनों देशों के बीच हवाई हमलों की तीव्रता लगातार बढ़ रही है। 822 ड्रोन को नष्ट करने का रूसी दावा और मॉस्को की ओर बढ़ते सैकड़ों ड्रोन इस बात का संकेत हैं कि ड्रोन युद्ध अब संघर्ष का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर है कि इन हमलों के बाद रूस और यूक्रेन की ओर से अगला कदम क्या होता है। अगर लंबी दूरी के ड्रोन और मिसाइल हमले इसी तरह बढ़ते रहे, तो आने वाले दिनों में युद्ध का असर यूक्रेन और रूस से बाहर आसपास के देशों की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।

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