आसमान में बना खतरनाक सिस्टम! 19-20 अगस्त को जमकर बरसेगी आफत, इन इलाकों में अलर्ट जारी
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। रविवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर देखने को मिला, जिसके चलते दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कुछ इलाकों में तेज बारिश हुई तो कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहा। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ने की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में बारिश का प्रभाव ज्यादा रह सकता है। वहीं मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बादल छाए रहने तथा कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। हालिया मौसम अपडेट में 17 अगस्त से 19 अगस्त के बीच प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना बताई गई है।
दतिया में सबसे ज्यादा बारिश
रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बारिश ने लोगों को उमस और गर्मी से राहत दी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार शाम साढ़े पांच बजे तक दतिया में सबसे ज्यादा 45 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा जबलपुर में 13 मिलीमीटर, दमोह में 7 मिलीमीटर और गुना में 4 मिलीमीटर बारिश हुई।
मंडला में करीब 2 मिलीमीटर, टीकमगढ़ में 1 मिलीमीटर, भोपाल में 0.9 मिलीमीटर, बैतूल में 0.6 मिलीमीटर और नर्मदापुरम में 0.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। हालांकि बारिश का वितरण पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं रहा। कुछ इलाकों में तेज बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर केवल बूंदाबांदी या हल्की वर्षा दर्ज की गई।
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। दमोह, गुना और जबलपुर में अधिकतम तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में भी दिन का तापमान सामान्य से लगभग 1.6 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा।
सीधी और डिंडोरी में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए सीधी और डिंडोरी में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट की स्थिति बताई गई है। इसका मतलब है कि कई इलाकों में मौसम अचानक खराब हो सकता है और लोगों को बारिश, तेज हवा तथा गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
हालिया पूर्वानुमान के अनुसार सीधी, डिंडोरी के साथ सतना, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना और दमोह जैसे जिलों में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।
बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम बढ़ा सकता है बारिश
मौसम में बदलाव के पीछे कई मौसमी प्रणालियों का प्रभाव माना जा रहा है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से उत्तरी ओडिशा तक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके मजबूत होने की स्थिति में मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
इसके अलावा दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। मानसून ट्रफ भी मध्य प्रदेश के आसपास से गुजर रही है। इन प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में बारिश तेज होने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जब एक से अधिक मौसमी प्रणालियां सक्रिय रहती हैं तो बारिश का वितरण तेजी से बदल सकता है। ऐसे में कुछ जिलों में कम समय में भारी बारिश हो सकती है, जबकि आसपास के क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम बारिश देखने को मिल सकती है।
19 और 20 अगस्त को बढ़ सकती है बारिश
मध्य प्रदेश के लिए अगले कुछ दिन मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। मौसम केंद्र के अनुसार 19 और 20 अगस्त को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना बन रही है।
इस दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के साथ-साथ उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा होने, नदी-नालों में पानी बढ़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
मौसम विभाग की ओर से लगातार जारी चेतावनियों को देखते हुए लोगों को बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की सलाह दी जाती है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और जलभराव वाले स्थानों पर खड़े होने से भी बचना चाहिए।
उत्तरी और पूर्वी मध्य प्रदेश पर ज्यादा असर
यूपी की तरफ बने चक्रवाती परिसंचरण का प्रभाव प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी इलाकों में ज्यादा दिखाई दे सकता है। इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत तेज रहने का अनुमान है।
वहीं मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
प्रदेश में मानसून के सक्रिय रहने से किसानों को भी राहत मिल सकती है, लेकिन बहुत अधिक बारिश फसलों के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकती है। खेतों में पानी जमा होने की स्थिति में फसल प्रभावित हो सकती है। इसलिए किसानों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।
चार बड़े शहरों का तापमान
रविवार को प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी तापमान में गिरावट देखने को मिली। भोपाल में अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इंदौर में अधिकतम तापमान 29.3 और न्यूनतम 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
ग्वालियर में अधिकतम तापमान 31.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबलपुर में अधिकतम तापमान केवल 26.0 डिग्री सेल्सियस रहा और न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
चार बड़े शहरों का तापमान
| शहर | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान |
|---|---|---|
| भोपाल | 26.8°C | 22.8°C |
| इंदौर | 29.3°C | 22.4°C |
| ग्वालियर | 31.3°C | 26.3°C |
| जबलपुर | 26.0°C | 24.2°C |
लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक मध्य प्रदेश के लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। नदी, नाले और बांध के आसपास जाने से बचना जरूरी है।
बारिश के साथ बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर न रहें और संभव हो तो सुरक्षित भवन के अंदर रहें।
कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में मानसून अभी सक्रिय स्थिति में है और आने वाले दिनों में बारिश का दौर और तेज हो सकता है। खासकर 19 और 20 अगस्त प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं। सीधी और डिंडोरी में भारी बारिश के अलर्ट के बीच अन्य जिलों में भी मौसम पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।

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