17 साल के किशोर की हत्या के पीछे 2 करोड़ का खेल? गायब अंग ने खोला ऐसा राज, 13 संदिग्धों से पूछताछ!
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले ने पुलिस के सामने कई गंभीर और चौंकाने वाले सवाल खड़े कर दिए हैं। किशोर 6 अगस्त को अचानक लापता हुआ था और करीब पांच दिन बाद उसका शव छोटे तालाब के पास मिला। शव की पहचान 14 अगस्त को परिजनों ने कपड़ों और चप्पलों के आधार पर की। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या के एंगल से जांचना शुरू किया।
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर एक ऐसा सुराग मिला, जिसने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया। पुलिस को शक है कि किशोर को करीब दो करोड़ रुपये के लालच में निशाना बनाया गया। जांच में यह भी आशंका सामने आई है कि किशोर के शरीर के एक हिस्से को अलग कर उसे विदेश भेजने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, इस दावे की पुलिस अभी जांच कर रही है और इस कथित साजिश की पूरी पुष्टि होना बाकी है। करीब 13 संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल बताया जा रहा है।
6 अगस्त को अचानक गायब हुआ था किशोर
बताया जा रहा है कि 17 वर्षीय किशोर अपने परिवार का इकलौता बेटा था। वह भोपाल के मोती मस्जिद, इकबाल मैदान और आसपास के इलाकों में घूम-घूमकर पेन और कॉपी बेचता था। उसकी कमाई से परिवार के खर्च में मदद मिलती थी।
6 अगस्त को वह रोज की तरह घर से निकला था, लेकिन इकबाल मैदान इलाके के आसपास से अचानक लापता हो गया। शाम तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिवार वालों को चिंता हुई। उन्होंने आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू की।
परिजनों ने परिचितों से संपर्क किया और उन जगहों पर भी खोजबीन की, जहां वह आमतौर पर पेन और कॉपियां बेचने जाता था। लेकिन काफी तलाश के बावजूद किशोर का कोई पता नहीं चला।
इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भी उसकी तलाश शुरू की और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों तथा संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई।
पांच दिन बाद छोटे तालाब के पास मिला शव
किशोर के गायब होने के करीब पांच दिन बाद 11 अगस्त को छोटे तालाब के पास एक शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। शव की स्थिति ऐसी थी कि तत्काल उसकी पहचान करना आसान नहीं था।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान की प्रक्रिया शुरू की। परिवार को भी जानकारी दी गई। कई स्तर पर पहचान की कोशिश के बाद 14 अगस्त को परिजनों ने कपड़ों और चप्पलों के आधार पर शव की पहचान अपने लापता बेटे के रूप में की।
अपने इकलौते बेटे का शव मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती थी कि किशोर की मौत कैसे हुई और वह आखिरी बार किन लोगों के संपर्क में था।
शव की पहचान के बाद जांच का दायरा तेजी से बढ़ाया गया।
शरीर के एक हिस्से के गायब होने से बढ़ा रहस्य
मामले की जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि किशोर के शरीर का एक हिस्सा गायब है। इसी के बाद जांच में एक बेहद गंभीर एंगल जुड़ गया।
पुलिस इस संभावना की जांच कर रही है कि क्या किशोर के शरीर के एक हिस्से को अलग कर उसे विदेश भेजने की योजना बनाई गई थी। कथित तौर पर कुछ लोगों को इसके बदले करोड़ों रुपये मिलने का लालच दिया गया था।
हालांकि, पुलिस अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह कहानी कितनी वास्तविक है। क्या वास्तव में कोई अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क इसमें शामिल था या फिर स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने पैसे के लालच में यह साजिश रची, इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल पुलिस ने इस संभावना को नजरअंदाज नहीं किया है और इसी दिशा में भी पूछताछ की जा रही है।
दो करोड़ रुपये के लालच की कहानी क्या है?
पुलिस जांच में सामने आए कथित सुरागों के मुताबिक, कुछ लोगों ने नाबालिगों को यह भरोसा दिलाया था कि किशोर के शरीर के एक हिस्से को विदेश भेजने पर करीब दो करोड़ रुपये मिल सकते हैं।
बताया जा रहा है कि इस कथित रकम में शामिल लोगों को हिस्सा देने का लालच दिया गया था। इसी लालच में किशोर को मदद करने के बहाने अपने साथ ले जाने और बाद में उसकी हत्या करने की आशंका जताई जा रही है।
लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर वास्तव में दो करोड़ रुपये का कोई सौदा था तो उसके पीछे कौन लोग थे?
क्या आरोपियों का किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क था?
क्या किसी ने उन्हें इस तरह की जानकारी दी थी?
क्या विदेश भेजने की योजना वास्तव में तैयार हो चुकी थी?
या फिर दो करोड़ रुपये का लालच केवल किशोरों को अपने साथ जोड़ने के लिए इस्तेमाल की गई एक झूठी कहानी थी?
पुलिस फिलहाल इन्हीं सवालों के जवाब तलाश रही है।
13 संदिग्धों से पूछताछ
इस मामले में पुलिस ने करीब 13 लोगों से पूछताछ की है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल बताया जा रहा है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है।
जांच अधिकारियों की कोशिश है कि अलग-अलग संदिग्धों से मिली जानकारी को आपस में मिलाकर घटनाक्रम की पूरी कड़ी तैयार की जाए।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किशोर आखिरी बार किसके साथ देखा गया था, उसे किसने बुलाया था और वह छोटे तालाब के पास कैसे पहुंचा।
इसके अलावा उस जगह की भी जांच की जा रही है जहां किशोर की हत्या की आशंका है। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश देकर लापता हिस्से की तलाश भी कर रही है।
अब तक पुलिस को कथित तौर पर वह हिस्सा बरामद नहीं हुआ है। यही वजह है कि जांच का यह पहलू सबसे महत्वपूर्ण बन गया है।
एक और 17 वर्षीय किशोर ने लगाया गंभीर आरोप
इस मामले को और गंभीर बना देने वाली बात यह है कि एक अन्य 17 वर्षीय किशोर भी पुलिस के पास पहुंचा है। उसने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उसे भी निशाना बनाने की कोशिश की थी।
बताया गया है कि किशोर ने कुछ लोगों पर उसे पकड़ने और गला दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उसने यह भी दावा किया कि उसे हथियार दिखाए गए थे और किसी तरह वह वहां से बचकर निकल गया।
इस किशोर के आरोपों को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है।
अगर दोनों घटनाओं में शामिल लोगों की पहचान एक जैसी निकलती है तो पुलिस के सामने किसी बड़े नेटवर्क का सुराग सामने आ सकता है।
क्या एक ही गिरोह दोनों घटनाओं के पीछे है?
जांच का एक अहम सवाल यही है कि क्या मृत किशोर और दूसरे किशोर से जुड़ी घटनाओं के पीछे एक ही समूह है।
अगर दोनों मामलों में समान लोगों, समान स्थानों या समान तरीके की जानकारी मिलती है तो पुलिस की जांच एक बड़े नेटवर्क की ओर बढ़ सकती है।
दूसरी ओर, अगर दोनों घटनाएं अलग-अलग निकलती हैं तो पुलिस को दोनों मामलों की अलग-अलग जांच करनी होगी।
फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस के सामने कई बड़ी चुनौतियां
इस केस में पुलिस के सामने कई चुनौतियां हैं। सबसे पहली चुनौती किशोर के शरीर के लापता हिस्से को बरामद करना है। इसके अलावा पुलिस को यह भी पता लगाना है कि किशोर की हत्या वास्तव में किस स्थान पर हुई और उसे वहां कौन लेकर गया था।
पुलिस मोबाइल फोन की गतिविधियों, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों के संपर्कों की जांच कर सकती है। इनसे किशोर की आखिरी गतिविधियों का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
साथ ही पुलिस यह भी जानना चाहती है कि कथित दो करोड़ रुपये की बात कहां से आई और इसके पीछे कोई वास्तविक आर्थिक लेनदेन था या सिर्फ लालच देने के लिए यह कहानी बनाई गई थी।
परिवार का इकलौता सहारा था किशोर
इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृत किशोर अपने माता-पिता का इकलौता बेटा बताया जा रहा है। वह छोटी उम्र में ही परिवार की आर्थिक मदद कर रहा था।
पेन और कॉपी बेचकर होने वाली उसकी कमाई भले ही बहुत ज्यादा नहीं रही होगी, लेकिन परिवार के लिए उसका योगदान महत्वपूर्ण था। जिस उम्र में बच्चे स्कूल और भविष्य की तैयारी में व्यस्त रहते हैं, उस उम्र में वह परिवार की जिम्मेदारी उठाने में मदद कर रहा था।
ऐसे किशोर का अचानक लापता होना और कुछ दिनों बाद उसका शव मिलना परिवार के लिए किसी भयावह सदमे से कम नहीं है।
क्या किसी ने जानबूझकर किशोर को निशाना बनाया?
जांच के दौरान यह भी पता लगाना जरूरी होगा कि किशोर को ही क्यों चुना गया।
क्या आरोपी उसे पहले से जानते थे?
क्या उसे किसी बहाने से बुलाया गया था?
क्या आरोपियों को उसके बारे में पहले से जानकारी थी?
क्या उसे पैसे या किसी काम का लालच देकर अपने साथ ले जाया गया?
या फिर वह अचानक ऐसे लोगों के संपर्क में आ गया, जिन्होंने उसे अपना शिकार बना लिया?
इन सवालों के जवाब पुलिस को घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने में मदद कर सकते हैं।
पुलिस कई संभावित ठिकानों पर कर रही तलाश
संदिग्धों से पूछताछ के बाद पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी है। छोटे तालाब और आसपास के क्षेत्रों में भी तलाश की गई।
पुलिस की कोशिश है कि घटनास्थल से अधिक से अधिक सबूत जुटाए जाएं। अगर लापता हिस्सा बरामद होता है तो वह जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है।
इसके साथ ही पुलिस उन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है जो कथित तौर पर इस योजना के पीछे हो सकते हैं।
अभी कई दावे जांच के दायरे में
इस मामले में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि दो करोड़ रुपये, विदेश भेजने की कथित योजना और शरीर के हिस्से से जुड़े कई तथ्य फिलहाल पुलिस की जांच और सामने आए आरोपों का हिस्सा हैं। इन्हें अंतिम रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
पुलिस खुद इस पूरे एंगल की जांच कर रही है। इसलिए जब तक पर्याप्त सबूत और आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने नहीं आते, तब तक किसी व्यक्ति या कथित गिरोह को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
भोपाल में 17 वर्षीय किशोर की हत्या ने राजधानी में सनसनी फैला दी है। 6 अगस्त को लापता हुए किशोर का शव 11 अगस्त को छोटे तालाब के पास मिला और 14 अगस्त को परिजनों ने कपड़ों तथा चप्पलों से उसकी पहचान की।
इसके बाद जांच में कथित तौर पर दो करोड़ रुपये के लालच और शरीर के एक हिस्से को विदेश भेजने की साजिश का एंगल सामने आया। करीब 13 संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस कई संभावित ठिकानों पर तलाश कर चुकी है। इसी बीच एक अन्य 17 वर्षीय किशोर द्वारा हत्या की कोशिश के लगाए गए आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दो करोड़ रुपये का लालच किसी बड़े नेटवर्क की तरफ इशारा कर रहा है, या फिर इसके पीछे कुछ स्थानीय लोगों की खतरनाक साजिश थी? पुलिस के सामने इस रहस्य की हर कड़ी जोड़ने और लापता हिस्से को बरामद करने की बड़ी चुनौती है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस सनसनीखेज मामले में और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आने की संभावना है।

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