Breaking News

TikTok Live पर किया Kiss, फिर मिली सबके सामने बेंत की सजा! इंडोनेशिया की इस घटना ने दुनिया को चौंकाया



इंडोनेशिया के आचेह (Aceh) प्रांत से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने दुनिया भर में मानवाधिकार, कानून और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। यहां एक अविवाहित युवक और युवती को सार्वजनिक रूप से किस (Kiss) करने के आरोप में अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद सबके सामने बेंत (Caning) की सजा दी गई। बताया गया कि दोनों को यह सजा इसलिए मिली क्योंकि वे कथित तौर पर एक कार में बैठकर एक-दूसरे को किस कर रहे थे और उसी दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक पर लाइवस्ट्रीम भी कर रहे थे।

इस पूरी घटना का वीडियो और इससे जुड़ी खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कुछ लोग इसे स्थानीय कानून के पालन का मामला बता रहे हैं, वहीं कई लोग इसे बेहद कठोर सजा करार दे रहे हैं।

टिकटॉक लाइव के दौरान सामने आया मामला

रिपोर्टों के अनुसार यह घटना फरवरी में हुई थी। आरोप है कि 22 वर्षीय युवक और 25 वर्षीय युवती एक कार के अंदर थे और टिकटॉक पर लाइवस्ट्रीम कर रहे थे। इसी दौरान दोनों एक-दूसरे को किस करते हुए दिखाई दिए।

बताया गया कि लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत शरिया अधिकारियों से की। शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की और बाद में दोनों को हिरासत में ले लिया।

अप्रैल में हुई गिरफ्तारी

रिपोर्टों के अनुसार वायरल वीडियो के आधार पर अप्रैल में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

स्थानीय अधिकारियों का कहना था कि दोनों ने आचेह प्रांत में लागू इस्लामी शरिया कानून का उल्लंघन किया है।

जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत पहुंचा, जहां दोनों पर मुकदमा चलाया गया।

अदालत ने सुनाई 25-25 कोड़ों की सजा

मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने युवक और युवती दोनों को दोषी ठहराया।

रिपोर्ट के अनुसार अदालत ने दोनों को 25-25 बेंत (कोड़ों) की सजा सुनाई थी।

हालांकि अदालत ने यह भी माना कि दोनों पहले ही लगभग चार महीने जेल में रह चुके थे।

इसी आधार पर उनकी सजा में कुछ कमी की गई और अंततः दोनों को 21-21 बेंत मारने का आदेश दिया गया।

सार्वजनिक स्थान पर दी गई सजा

सजा का क्रियान्वयन आचेह की राजधानी बांदा आचेह के बुस्तानुस्सलातिन सिटी पार्क में किया गया।

बताया गया कि बड़ी संख्या में लोग इस सार्वजनिक दंड को देखने के लिए वहां मौजूद थे।

रिपोर्टों के अनुसार लगभग 100 लोगों ने इस पूरी प्रक्रिया को देखा।

कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के बारे में यह भी कहा गया कि उन्होंने और अधिक कठोर सजा देने की मांग की।

वीडियो वाले उपकरण भी जब्त

अदालत ने केवल शारीरिक दंड ही नहीं दिया बल्कि उस वीडियो से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त करने का आदेश दिया।

रिपोर्टों के अनुसार जिस मोबाइल फोन और यूएसबी ड्राइव में संबंधित वीडियो मौजूद था, उन्हें भी अधिकारियों ने जब्त कर लिया।

अदालत ने उन डिजिटल साक्ष्यों को नष्ट करने का भी निर्देश दिया।

आचेह में क्यों लागू हैं अलग कानून?

इंडोनेशिया का अधिकांश हिस्सा राष्ट्रीय कानूनों के अनुसार संचालित होता है, लेकिन आचेह देश का एकमात्र ऐसा प्रांत है जहां विशेष स्वायत्तता के तहत इस्लामी शरिया कानून लागू है।

इसी विशेष कानूनी व्यवस्था के कारण यहां कुछ ऐसे अपराधों के लिए सार्वजनिक बेंत मारने की सजा दी जाती है, जिनके लिए देश के अन्य हिस्सों में अलग कानूनी प्रावधान लागू होते हैं।

किन मामलों में दी जाती है बेंत की सजा?

रिपोर्टों के अनुसार आचेह में लागू शरिया कानून के तहत कई प्रकार के मामलों में सार्वजनिक दंड का प्रावधान है।

इनमें शामिल हो सकते हैं—

  • जुआ खेलना

  • शराब पीना, बनाना या बेचना

  • विवाह के बाहर कुछ प्रकार के अंतरंग संबंध

  • यौन उत्पीड़न

  • बलात्कार से जुड़े कुछ मामलों में निर्धारित प्रावधान

  • कुछ समलैंगिक गतिविधियां

हालांकि प्रत्येक मामले में सजा अदालत के निर्णय और स्थानीय कानूनों के अनुसार तय की जाती है।

सोशल मीडिया ने बढ़ाई मुश्किल

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह घटना केवल निजी स्तर तक सीमित रहती तो शायद इतनी चर्चा नहीं होती।

लेकिन टिकटॉक पर लाइवस्ट्रीम होने के कारण वीडियो तेजी से वायरल हो गया और मामला सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया।

आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया पर साझा किया गया कोई भी वीडियो कुछ ही मिनटों में लाखों लोगों तक पहुंच सकता है, जिससे कानूनी और सामाजिक परिणाम भी तेजी से सामने आते हैं।

मानवाधिकार संगठनों की चिंता

आचेह में सार्वजनिक बेंत मारने की सजा को लेकर पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन चिंता जता चुके हैं।

इन संगठनों का कहना है कि सार्वजनिक शारीरिक दंड मानव गरिमा और आधुनिक मानवाधिकार मानकों के अनुरूप नहीं माना जाता।

वहीं स्थानीय प्रशासन का तर्क है कि यह दंड वहां लागू कानूनों और न्यायिक प्रक्रिया के तहत दिया जाता है।

कानून और स्थानीय परंपरा का सवाल

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक दंपति या एक वीडियो तक सीमित नहीं है।

यह इस बात का भी उदाहरण है कि अलग-अलग देशों और क्षेत्रों में सामाजिक मान्यताएं, धार्मिक परंपराएं और कानूनी व्यवस्थाएं एक-दूसरे से काफी भिन्न हो सकती हैं।

इसी कारण किसी भी अंतरराष्ट्रीय घटना को समझते समय उसके स्थानीय कानूनी और सांस्कृतिक संदर्भ को भी ध्यान में रखना आवश्यक होता है।

सोशल मीडिया पर बंटी राय

घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं दो हिस्सों में बंटी दिखाई दीं।

कुछ लोगों ने कहा कि स्थानीय कानूनों का सम्मान करना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।

वहीं दूसरी ओर कई लोगों ने इतनी कठोर सार्वजनिक सजा पर सवाल उठाए और इसे अत्यधिक दंडात्मक बताया।

इंडोनेशिया के आचेह प्रांत में टिकटॉक लाइव के दौरान कथित रूप से किस करते पाए गए एक अविवाहित युवक और युवती को स्थानीय शरिया कानून के तहत सार्वजनिक रूप से 21-21 बेंत मारने की सजा दी गई। अदालत ने पहले 25 बेंत की सजा सुनाई थी, लेकिन चार महीने की न्यायिक हिरासत को ध्यान में रखते हुए इसे घटा दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय कानून, व्यक्तिगत स्वतंत्रता, सोशल मीडिया की भूमिका और मानवाधिकारों को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा को तेज कर दिया है।

कोई टिप्पणी नहीं