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'मुख्यमंत्री सेहत योजना' के तहत युवा वयस्कों ने करवाया सबसे अधिक कैशलेस हृदय उपचार; 135 मरीजों को 2.71 करोड़ रुपये के उपचार का लाभ

 


भारत में हृदय रोग तेजी से एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनते जा रहे हैं। पहले जहां हार्ट अटैक और हृदय संबंधी बीमारियों को केवल अधिक उम्र के लोगों की समस्या माना जाता था, वहीं अब युवा भी बड़ी संख्या में इसकी चपेट में आ रहे हैं। बदलती जीवनशैली, तनाव, अनियमित खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और मधुमेह व उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं ने इस खतरे को और बढ़ा दिया है।

इसी बीच पंजाब के फाजिल्का जिले से सामने आया एक मामला यह बताता है कि यदि सीने में लगातार दर्द, सांस फूलना या असामान्य थकान जैसे लक्षणों को समय रहते गंभीरता से लिया जाए तो बड़ी से बड़ी हृदय समस्या का सफल इलाज संभव है। 58 वर्षीय मनजीत सिंह की कहानी न केवल समय पर इलाज की अहमियत बताती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि आर्थिक सहायता योजनाएं गंभीर बीमारियों के इलाज में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

कई सप्ताह तक सीने के दर्द को समझते रहे सामान्य थकान

फाजिल्का निवासी 58 वर्षीय मनजीत सिंह पिछले कई सप्ताह से सीने में हल्का दर्द और बेचैनी महसूस कर रहे थे। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य थकान या बढ़ती उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर दिया। लेकिन समय बीतने के साथ दर्द बढ़ने लगा और थोड़ी दूर पैदल चलने पर भी सांस फूलने लगी।

जब समस्या लगातार बनी रही तो उन्होंने चिकित्सकीय जांच कराने का निर्णय लिया। जांच रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों ने पाया कि उनके हृदय की एक प्रमुख कोरोनरी धमनी में गंभीर रुकावट है, जिसके कारण हृदय तक रक्त का प्रवाह प्रभावित हो रहा था। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते इलाज नहीं किया गया तो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता था।

कुछ ही घंटों में हुई एंजियोप्लास्टी, स्टेंट डालकर बचाई गई जान

जांच के तुरंत बाद मनजीत सिंह को कैथेटराइजेशन लैब में ले जाया गया। वहां विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट की टीम ने एंजियोप्लास्टी की प्रक्रिया अपनाई और अवरुद्ध धमनी में स्टेंट डालकर रक्त प्रवाह को सामान्य कर दिया।

डॉक्टरों के अनुसार यदि इलाज में और देरी होती तो स्थिति जानलेवा हो सकती थी। सफल उपचार के बाद मनजीत सिंह की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और अब वे सामान्य जीवन जी रहे हैं।

युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है हृदय रोग की समस्या

मनजीत सिंह का मामला केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है। आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि हृदय संबंधी बीमारियां अब युवाओं को भी तेजी से प्रभावित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत कैशलेस हृदय उपचार प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में 17 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की हिस्सेदारी सबसे अधिक दर्ज की गई है। यह संकेत देता है कि बदलती जीवनशैली के कारण कम उम्र में भी गंभीर हृदय रोग सामने आ रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि युवा वर्ग में धूम्रपान, तनाव, जंक फूड, मोटापा और व्यायाम की कमी जैसे कारण इस समस्या को बढ़ा रहे हैं।

इन लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज

हृदय रोग अक्सर अचानक नहीं होता बल्कि शरीर पहले से कई संकेत देता है। डॉक्टरों के अनुसार निम्न लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए—

  • लगातार या बार-बार सीने में दर्द

  • थोड़ी मेहनत करने पर सांस फूलना

  • असामान्य थकान

  • सीने का दर्द हाथ, कंधे, पीठ या जबड़े तक फैलना

  • अत्यधिक पसीना आना

  • बेचैनी या घबराहट महसूस होना

यदि इनमें से कोई भी लक्षण लगातार दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। कई बार समय पर उपचार ही मरीज की जान बचा सकता है।

भारत में बढ़ रही है हृदय रोग की चुनौती

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के अनुसार पिछले तीन दशकों में हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी रोग भारत में बीमारी और मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल हो चुके हैं।

विशेषज्ञ बताते हैं कि तेजी से शहरीकरण, शारीरिक श्रम में कमी, तंबाकू सेवन, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और खराब खानपान जैसी आदतों ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है।

हालांकि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों जैसे एंजियोप्लास्टी, बाईपास सर्जरी और अत्याधुनिक दवाओं के कारण मरीजों के बचने की संभावना पहले की तुलना में काफी बढ़ी है, लेकिन इलाज की लागत आज भी कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

आर्थिक मदद बनी जीवनरक्षक

मनजीत सिंह के लिए सबसे बड़ी चिंता केवल बीमारी नहीं थी, बल्कि इलाज का खर्च भी था।

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत उन्हें कैशलेस इलाज की सुविधा मिली, जिससे महंगे उपचार का पूरा खर्च योजना के माध्यम से वहन किया गया। इससे परिवार पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ा और समय पर उपचार संभव हो सका।

विशेषज्ञ मानते हैं कि कई बार आर्थिक परेशानी के कारण मरीज इलाज में देरी कर देते हैं, जिससे बीमारी और गंभीर हो जाती है। ऐसी योजनाएं इस समस्या को काफी हद तक कम करती हैं।

135 मरीजों को मिल चुका है कैशलेस हृदय उपचार

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA), पंजाब के अनुसार 15 जुलाई 2026 तक मुख्यमंत्री सेहत योजना के अंतर्गत 135 मरीजों को कैशलेस हृदय उपचार उपलब्ध कराया जा चुका है।

इन मरीजों के इलाज पर लगभग 2.71 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है।

इन उपचारों में शामिल हैं—

  • जन्मजात हृदय दोष का इलाज

  • हृदय वाल्व संबंधी सर्जरी

  • एंजियोप्लास्टी

  • जटिल हृदय रोगों का उपचार

  • अन्य उन्नत कार्डियक प्रक्रियाएं

ये आंकड़े बताते हैं कि राज्य में हृदय रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और समय पर उपचार उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।

स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से की अपील

पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि हृदय रोग आज सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक बन चुका है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि लगातार सीने में दर्द, सांस फूलना, असामान्य थकान या अन्य चेतावनी संकेत दिखाई दें तो उन्हें कभी भी नजरअंदाज न करें।

उन्होंने कहा कि समय पर जांच और उपचार से अनेक लोगों की जान बचाई जा सकती है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक कारण किसी भी मरीज के इलाज में बाधा न बनें।

डॉक्टरों ने बताया कैसे रखें दिल को स्वस्थ

माय हॉस्पिटल, मोहाली के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख एवं कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. करनदीप सिंह सयाल के अनुसार हृदय रोग आज भी देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है।

उन्होंने बताया कि समय पर जांच, सही उपचार और आर्थिक सुरक्षा मिलने से मरीज बिना देरी इलाज करवा पाते हैं, जिससे बेहतर परिणाम मिलते हैं।

डॉक्टरों ने दिल को स्वस्थ रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए—

  • प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।

  • संतुलित और कम वसा वाला भोजन लें।

  • धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाएं।

  • ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की नियमित जांच करवाएं।

  • तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान करें।

  • वजन नियंत्रित रखें।

  • नियमित हेल्थ चेकअप कराते रहें।

समय पर जांच से बच सकती है जिंदगी

मनजीत सिंह आज पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उनका कहना है कि सबसे बड़ी राहत इस बात की है कि समय पर इलाज मिलने से उनका चिकित्सकीय संकट आर्थिक संकट में नहीं बदला।

उनकी कहानी उन हजारों लोगों के लिए प्रेरणा है जो सीने के दर्द या अन्य शुरुआती लक्षणों को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हृदय रोग का सबसे प्रभावी उपचार उसकी समय पर पहचान है। यदि शुरुआती संकेतों को गंभीरता से लिया जाए, नियमित स्वास्थ्य जांच करवाई जाए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज कराया जाए, तो न केवल हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थितियों से बचा जा सकता है बल्कि लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय जीवन भी जिया जा सकता है।

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