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Viral Video - आश्रम की उस रात का राज क्या है? महिला के आरोप और महामंडलेश्वर के दावों से मचा हड़कंप



उज्जैन में एक धार्मिक आश्रम से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। एक महिला ने आश्रम के महामंडलेश्वर पर दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि उसे आश्रम में नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। वहीं दूसरी ओर महामंडलेश्वर ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि उन्हें ब्लैकमेल करने और बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में फिलहाल किसी भी पक्ष के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दी शिकायत

जानकारी के अनुसार, मामला उज्जैन के महाकाल थाना क्षेत्र स्थित सदावल रोड के दादूराम आश्रम से जुड़ा है। महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन देकर आरोप लगाया कि वर्ष 2025 की गुरु पूर्णिमा के दौरान वह आश्रम में सेवा करने पहुंची थी।

महिला का कहना है कि सेवा समाप्त होने के बाद महामंडलेश्वर ज्ञानदास ने उसे आश्रम में ही रुकने के लिए कहा। आरोप है कि रात के समय उसे खीर खिलाई गई, जिसके बाद वह बेहोश हो गई। महिला का दावा है कि बेहोशी की अवस्था में उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

महिला ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने शुरू की जांच

महिला की शिकायत मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मामले को संबंधित थाना पुलिस के पास जांच के लिए भेजा गया।

महाकाल थाना पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त होने के बाद नियमानुसार जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि मामले की वास्तविकता सामने आ सके।

महामंडलेश्वर ने आरोपों को बताया झूठा

दूसरी ओर महामंडलेश्वर ज्ञानदास ने महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

उनका कहना है कि महिला से उनकी पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। महिला अपने एक कथित भाई के साथ आश्रम में आती-जाती थी और स्वयं को हिंदुत्व से जुड़े सामाजिक कार्यों में सक्रिय बताती थी।

ज्ञानदास के अनुसार, धीरे-धीरे दोनों के बीच व्हाट्सएप कॉल पर बातचीत होने लगी। उनका दावा है कि महिला ने कई बार आर्थिक परेशानी का हवाला देकर उनसे रुपये उधार लिए थे।

ब्लैकमेलिंग का लगाया आरोप

महामंडलेश्वर ने अपने आवेदन में दावा किया है कि एक समय महिला और उसके साथ आए युवक ने उन्हें भोजन के लिए अपने घर बुलाया।

उनके अनुसार, भोजन करने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसी दौरान कथित रूप से उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें खींच ली गईं।

ज्ञानदास का आरोप है कि बाद में इन्हीं तस्वीरों के आधार पर उन्हें ब्लैकमेल किया जाने लगा और पैसे की मांग की गई। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को पूर्व नियोजित साजिश बताया है।

पुलिस के पास दोनों पक्षों के आवेदन

महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि पुलिस को महिला और महामंडलेश्वर दोनों की ओर से अलग-अलग आवेदन प्राप्त हुए हैं।

पुलिस के अनुसार महिला ने सबसे पहले पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दी थी। इसके बाद बयान दर्ज कराने के लिए उसे थाने बुलाया गया था, लेकिन वह निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं हुई।

वहीं दूसरी ओर महामंडलेश्वर स्वयं थाने पहुंचे और उन्होंने पुलिस को कुछ दस्तावेज तथा कथित तौर पर विवाह और पैसों के लेनदेन से जुड़े साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं।

दस्तावेजों की हो रही जांच

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महामंडलेश्वर द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों और महिला की शिकायत में लगाए गए आरोपों की अलग-अलग जांच की जा रही है।

यदि आवश्यकता पड़ी तो इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, मोबाइल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल, बैंक लेनदेन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दोनों पक्षों के बीच पूर्व में किस प्रकार का संपर्क था और उनके दावों में कितनी सच्चाई है।

दोनों पक्षों के बयान होंगे अहम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों के विस्तृत बयान दर्ज किए जाएंगे।

यदि जांच के दौरान कोई अतिरिक्त साक्ष्य सामने आते हैं तो उन्हें भी रिकॉर्ड का हिस्सा बनाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही यह तय होगा कि मामले में किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज

मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग महिला के आरोपों को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग महामंडलेश्वर के पक्ष में भी अपनी राय रख रहे हैं।

हालांकि पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर विश्वास न करें और सोशल मीडिया पर भ्रामक सामग्री साझा करने से बचें।

कानून क्या कहता है?

भारतीय कानून के अनुसार, दुष्कर्म जैसे मामलों में लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जाती है। साथ ही, आरोपी को भी निष्पक्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया का पूरा अधिकार प्राप्त होता है। किसी भी व्यक्ति को केवल आरोप लगने भर से दोषी नहीं माना जाता। अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही सामने आता है।

इसी प्रकार यदि किसी व्यक्ति द्वारा झूठी शिकायत, ब्लैकमेलिंग या जबरन वसूली का आरोप लगाया जाता है, तो उसकी भी स्वतंत्र जांच की जाती है और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाती है।

जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और पुलिस दोनों पक्षों के दावों की सत्यता परखने में जुटी हुई है। महिला ने जहां नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया है, वहीं महामंडलेश्वर ने पूरे मामले को ब्लैकमेलिंग और साजिश का हिस्सा बताया है।

समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने किसी भी पक्ष के आरोपों की पुष्टि नहीं की है और न ही किसी के खिलाफ अंतिम कार्रवाई की घोषणा की है। ऐसे में इस मामले की वास्तविक तस्वीर जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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